जैव विविधता की परिभाषा, प्रकार और महत्व | Environment Quiz

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जैव विविधता की परिभाषा, प्रकार और महत्व | Environment Quiz - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़

जैव विविधता की परिभाषा, प्रकार और महत्व पर आधारित 50 MCQs। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए हिंदी में Quiz खेलें।

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प्रश्न 1

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💡 व्याख्या

📚 विस्तृत जानकारी

जैव विविधता (Biodiversity) शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है - Bio का अर्थ जीव और Diversity का अर्थ विविधता। जैव विविधता का अर्थ है पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी जीवों में विविधता। जैव विविधता शब्द का प्रयोग सबसे पहले 1985 में डब्ल्यू जी रोजन ने किया था और 1986 में एडवर्ड ओ विल्सन ने इसे लोकप्रिय बनाया था। विल्सन को जैव विविधता का जनक कहा जाता है। जैव विविधता में सभी प्रकार के पौधे, जानवर, सूक्ष्मजीव और उनके जीन तथा उनके द्वारा निर्मित पारिस्थितिकी तंत्र शामिल हैं। पृथ्वी पर लगभग 87 लाख प्रजातियाँ हैं जिनमें से केवल 15 लाख की पहचान हो पाई है। जैव विविधता पृथ्वी पर जीवन का आधार है और यह पारिस्थितिकी तंत्र को स्थिरता प्रदान करती है।

जैव विविधता के प्रकार (Types of Biodiversity) को तीन स्तरों पर समझा जाता है - आनुवंशिक विविधता, प्रजातीय विविधता और पारिस्थितिक विविधता। आनुवंशिक विविधता (Genetic Diversity) एक ही प्रजाति के व्यक्तियों के जीन में विविधता है। जैसे भारत में धान की 50000 से अधिक किस्में और आम की 1000 से अधिक किस्में पाई जाती हैं। मनुष्यों में भी आनुवंशिक विविधता के कारण ही सभी व्यक्ति एक दूसरे से अलग दिखते हैं। आनुवंशिक विविधता प्रजाति को पर्यावरण के अनुसार अनुकूलन में मदद करती है और विलुप्त होने से बचाती है। प्रजातीय विविधता (Species Diversity) एक क्षेत्र में पाए जाने वाले प्रजातियों की विविधता है। यह प्रजातियों की संख्या और उनकी बहुतायत से मापी जाती है। उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में प्रजातीय विविधता सबसे अधिक होती है क्योंकि वहाँ अनुकूल जलवायु होती है। भारत में प्रजातीय विविधता बहुत अधिक है, यहाँ विश्व की 7-8 प्रतिशत प्रजातियाँ पाई जाती हैं जबकि क्षेत्रफल केवल 2.4 प्रतिशत है। पारिस्थितिक विविधता (Ecosystem Diversity) एक क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न पारिस्थितिकी तंत्रों की विविधता है। जैसे भारत में मरुस्थल, वर्षावन, मैंग्रोव, प्रवाल भित्ति, घासभूमि, आर्द्रभूमि सभी प्रकार के पारिस्थितिकी तंत्र पाए जाते हैं इसलिए भारत में पारिस्थितिक विविधता बहुत अधिक है।

जैव विविधता के अन्य प्रकार भी हैं - अल्फा, बीटा और गामा विविधता। अल्फा विविधता एक ही समुदाय या आवास में प्रजातियों की विविधता है। बीटा विविधता दो समुदायों के बीच प्रजातियों की विविधता में अंतर है। गामा विविधता एक बड़े क्षेत्र के सभी आवासों की कुल विविधता है।

जैव विविधता का महत्व (Importance of Biodiversity) बहुत अधिक है। पारिस्थितिक महत्व - जैव विविधता पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखती है, पोषक चक्रण, जल चक्र, जलवायु नियंत्रण और परागण में मदद करती है। आर्थिक महत्व - भोजन, लकड़ी, दवाइयाँ, रेशे सभी जैव विविधता से मिलते हैं। विश्व की 80 प्रतिशत खाद्य आपूर्ति केवल 20 पौधों की प्रजातियों से आती है। औषधीय महत्व - विश्व की 50 प्रतिशत से अधिक दवाइयाँ प्राकृतिक स्रोतों से बनती हैं। सांस्कृतिक और नैतिक महत्व - कई पौधे और जानवर हमारी संस्कृति और धर्म से जुड़े हैं। भारत में तुलसी, पीपल, गाय का विशेष महत्व है। वैज्ञानिक महत्व - जैव विविधता अनुसंधान और शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

भारत एक महा विविधता वाला देश (Megadiverse Country) है। विश्व में 17 महा विविधता वाले देश हैं जिनमें भारत भी शामिल है। भारत में 4 जैव विविधता हॉटस्पॉट में से 2 पूरी तरह स्थित हैं - पश्चिमी घाट और हिमालय। जैव विविधता को खतरा मानवीय गतिविधियों से है जैसे आवास विनाश, अति शोषण, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन। इसे बचाना आवश्यक है क्योंकि यह हमारे अस्तित्व का आधार है और UPSC, NEET, SSC जैसी परीक्षाओं का महत्वपूर्ण टॉपिक है। भारत में जैव विविधता 17 मेगा विविध देशों में शामिल है और 4 हॉटस्पॉट हैं - हिमालय, पश्चिमी घाट, इंडो-बर्मा और सुंडालैंड। भारत में 89 रामसर स्थल, 106 राष्ट्रीय उद्यान और 18 बायोस्फीयर रिजर्व हैं जो 8 प्रतिशत जैव विविधता संरक्षित करते हैं। भारत संरक्षण में अग्रणी है।

⚡ Quick Revision - मुख्य बिंदु

  • ✅ जैव विविधता शब्द 1985 में रोजन ने दिया और विल्सन को जैव विविधता का जनक कहते हैं।
  • ✅ जैव विविधता के 3 मुख्य स्तर हैं - आनुवंशिक, प्रजातीय और पारिस्थितिक विविधता।
  • ✅ आनुवंशिक विविधता एक प्रजाति के अंदर जीन की विविधता है, जैसे धान की 50000 किस्में।
  • ✅ भारत महा विविधता वाला देश है - 2.4% क्षेत्र में 7-8% प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
  • ✅ अल्फा एक समुदाय में, बीटा दो समुदायों के बीच और गामा बड़े क्षेत्र की कुल विविधता है।
  • ✅ जैव विविधता पारिस्थितिक संतुलन, भोजन, दवा और जलवायु नियंत्रण के लिए आवश्यक है।
  • ✅ विश्व में 17 महा विविधता वाले देश हैं और भारत में 4 में से 2 हॉटस्पॉट स्थित हैं।

📊 Important Facts Table

TopicFact
जैव विविधता शब्द के जनकडब्ल्यू जी रोजन ने 1985 में प्रयोग किया, एडवर्ड विल्सन ने 1986 में लोकप्रिय बनाया, विल्सन को जनक कहते हैं
पृथ्वी पर प्रजातियों की संख्यालगभग 87 लाख प्रजातियाँ, केवल 15 लाख की पहचान हुई है
जैव विविधता के 3 मुख्य स्तरआनुवंशिक विविधता, प्रजातीय विविधता और पारिस्थितिक विविधता
आनुवंशिक विविधता उदाहरणभारत में धान की 50000+ किस्में, आम की 1000+ किस्में
प्रजातीय विविधता सबसे अधिक कहाँउष्णकटिबंधीय वर्षावन में, भूमध्य रेखा के पास
भारत में जैव विविधताविश्व का 2.4% क्षेत्रफल लेकिन 7-8% प्रजातियाँ, महा विविधता वाला देश
अल्फा, बीटा, गामा विविधताअल्फा - एक समुदाय में, बीटा - दो समुदायों के बीच, गामा - बड़े क्षेत्र की कुल विविधता
विश्व में महा विविधता वाले देश17 देश, भारत उनमें से एक है
जैव विविधता का आर्थिक महत्व80% खाद्य आपूर्ति 20 पौधों से, 50% दवाइयाँ प्राकृतिक स्रोतों से
भारत में हॉटस्पॉट4 में से 2 हॉटस्पॉट पूरी तरह भारत में - पश्चिमी घाट और हिमालय