कार्बन चक्र और नाइट्रोजन चक्र | Environment Quiz
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कार्बन चक्र और नाइट्रोजन चक्र पर आधारित 50 MCQs। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए हिंदी में Quiz खेलें।
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💡 व्याख्या
📚 विस्तृत जानकारी
जैव भू-रासायनिक चक्र की परिभाषा जैव भू-रासायनिक चक्र वह चक्र है जिसमें रासायनिक तत्व जैविक जीव और भू-पर्यावरण वायुमंडल, जलमंडल और स्थलमंडल के बीच घूमते हैं। जैव भू-रासायनिक में जैव जीव, भू पृथ्वी और रासायनिक तत्व शामिल हैं। जैव भू-रासायनिक चक्र का उद्देश्य तत्वों का पुनर्चक्रण और पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन बनाए रखना है। जैव भू-रासायनिक चक्र में 90 से अधिक प्राकृतिक तत्वों में से 30 से 40 तत्व जीवों के लिए आवश्यक हैं। जैव भू-रासायनिक चक्र में कार्बन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, फास्फोरस और सल्फर मुख्य 6 तत्व हैं जो 95% जैवभार बनाते हैं। जैव भू-रासायनिक चक्र में सूर्य ऊर्जा स्रोत है। जैव भू-रासायनिक चक्र में 2 प्रकार - गैसीय चक्र वायुमंडल में और अवसादी चक्र स्थलमंडल में। जैव भू-रासायनिक चक्र में मानव हस्तक्षेप से 100 साल में कार्बन 50% बढ़ा है। प्रकार जैव भू-रासायनिक चक्र के 2 प्रकार हैं - गैसीय चक्र और अवसादी चक्र। गैसीय चक्र में तत्व वायुमंडल में गैस के रूप में घूमते हैं - जल चक्र, कार्बन चक्र, नाइट्रोजन चक्र और ऑक्सीजन चक्र। गैसीय चक्र तेज होता है और कुछ दिन से कुछ साल में पूरा होता है। अवसादी चक्र में तत्व चट्टान और मिट्टी में घूमते हैं - फास्फोरस चक्र और सल्फर चक्र। अवसादी चक्र धीमा होता है और हजारों से लाखों साल लगते हैं। प्रकार में जल चक्र सबसे बड़ा चक्र है जिसमें 1.38 अरब घन किमी जल पृथ्वी पर है। प्रकार में कार्बन चक्र जलवायु परिवर्तन से जुड़ा है। प्रकार में नाइट्रोजन चक्र प्रोटीन के लिए जरूरी है। प्रकार में फास्फोरस चक्र सबसे धीमा है और चट्टान से शुरू होता है। प्रकार में सभी चक्र आपस में जुड़े हैं। जल चक्र जल चक्र को हाइड्रोलॉजिकल चक्र भी कहा जाता है जो 4 चरण - वाष्पीकरण, वाष्पोत्सर्जन, संघनन और वर्षा से बनता है। जल चक्र में पृथ्वी पर 1.38 अरब घन किमी जल है जिसमें 97.5% समुद्री खारा और 2.5% मीठा है। मीठे जल में 68% बर्फ, 30% भूजल और 1% नदी झील में है। जल चक्र में समुद्र से 90% वाष्पीकरण होता है और साल में 505000 घन किमी जल वाष्प बनता है। जल चक्र में एक जल अणु वायुमंडल में 8 से 10 दिन रहता है। जल चक्र में भारत में औसत वर्षा 1183 मिमी साल है जिसमें चेरापूंजी 11430 मिमी सबसे अधिक और जैसलमेर 150 मिमी सबसे कम है। जल चक्र में मानव उपयोग से 1970 से भूजल 30% घटा है। जल चक्र में वाष्पोत्सर्जन पौधों से 10% जल वाष्प बनाता है। जल चक्र में बादल संघनन से बनते हैं और वर्षा 4 प्रकार - संवहनीय, पर्वतीय, चक्रवातीय और कृत्रिम। जल चक्र में 2023 में भारत में 20% जल संकट है। कार्बन चक्र कार्बन चक्र जीवमंडल का सबसे महत्वपूर्ण चक्र है जो जलवायु परिवर्तन से जुड़ा है। कार्बन चक्र में 4 भंडार - वायुमंडल 800 अरब टन, समुद्र 38000 अरब टन, जीवाश्म ईंधन 4000 अरब टन और जीव 550 अरब टन कार्बन है। कार्बन चक्र में 4 प्रक्रिया - प्रकाश संश्लेषण, श्वसन, अपघटन और दहन है। कार्बन चक्र में पौधे प्रकाश संश्लेषण से साल में 120 अरब टन कार्बन लेते हैं और CO2 + H2O + सूर्य प्रकाश से ग्लूकोज बनाते हैं। कार्बन चक्र में श्वसन से जीव साल में 60 अरब टन कार्बन छोड़ते हैं। कार्बन चक्र में समुद्र साल में 92 अरब टन कार्बन अवशोषित करता है। कार्बन चक्र में वायुमंडल में CO2 280 PPM 1750 में और 421 PPM 2024 में है जो 50% वृद्धि है। कार्बन चक्र में मानव दहन से साल में 9 अरब टन कार्बन निकलता है। कार्बन चक्र में भारत में साल में 2.7 अरब टन CO2 उत्सर्जन है जो विश्व का 7% है। कार्बन चक्र में कार्बन डेटिंग 5730 साल अर्ध आयु से होती है। नाइट्रोजन चक्र नाइट्रोजन चक्र प्रोटीन और DNA के लिए जरूरी है और वायुमंडल में 78% नाइट्रोजन है। नाइट्रोजन चक्र में 5 प्रक्रिया - नाइट्रोजन स्थिरीकरण, अमोनीकरण, नाइट्रीकरण, विनाइट्रीकरण और स्वांगीकरण है। नाइट्रोजन चक्र में स्थिरीकरण में राइजोबियम बैक्टीरिया और बिजली से N2 से NH3 बनता है, साल में 200 मिलियन टन प्राकृतिक स्थिरीकरण होता है। नाइट्रोजन चक्र में अमोनीकरण में बैक्टीरिया प्रोटीन से अमोनिया बनाते हैं। नाइट्रोजन चक्र में नाइट्रीकरण में नाइट्रोसोमोनास NH3 से NO2 और नाइट्रोबैक्टर NO2 से NO3 बनाता है। नाइट्रोजन चक्र में स्वांगीकरण में पौधे NO3 से प्रोटीन बनाते हैं। नाइट्रोजन चक्र में विनाइट्रीकरण में स्यूडोमोनास NO3 से N2 बनाता है। नाइट्रोजन चक्र में मानव उर्वरक से साल में 120 मिलियन टन नाइट्रोजन जोड़ता है जो प्राकृतिक से अधिक है। नाइट्रोजन चक्र में भारत में यूरिया 1947 में 1 मिलियन टन और 2023 में 35 मिलियन टन उपयोग है। नाइट्रोजन चक्र में नाइट्रस ऑक्साइड 300 गुना CO2 से अधिक ग्रीनहाउस है। ऑक्सीजन चक्र ऑक्सीजन चक्र वायुमंडल में 21% ऑक्सीजन है और जीवन के लिए जरूरी है। ऑक्सीजन चक्र में 3 भंडार - वायुमंडल 1.19 x 10^18 किलो, जैवमंडल और स्थलमंडल। ऑक्सीजन चक्र में 2 मुख्य प्रक्रिया - प्रकाश संश्लेषण से O2 बनना और श्वसन व दहन से O2 उपयोग होना। ऑक्सीजन चक्र में पौधे प्रकाश संश्लेषण से साल में 300 अरब टन O2 बनाते हैं जिसमें 50% समुद्री फाइटोप्लांकटन से आता है। ऑक्सीजन चक्र में मानव श्वसन से साल में 6 अरब टन O2 उपयोग होता है। ऑक्सीजन चक्र में O2 का अर्ध आयु वायुमंडल में 10000 साल है। ऑक्सीजन चक्र में ओजोन O3 20 से 50 किमी ऊंचाई पर है और UV किरण रोकती है। ऑक्सीजन चक्र में 2.4 अरब साल पहले सायनोबैक्टीरिया से O2 बनी थी। ऑक्सीजन चक्र में मानव प्रदूषण से O2 0.02% घटी है। ऑक्सीजन चक्र में एक व्यक्ति दिन में 550 लीटर O2 लेता है। फास्फोरस चक्र फास्फोरस चक्र सबसे धीमा अवसादी चक्र है जो DNA, RNA और ATP के लिए जरूरी है। फास्फोरस चक्र में कोई गैसीय चरण नहीं है और चट्टान से शुरू होता है। फास्फोरस चक्र में 4 प्रक्रिया - अपक्षय, अवशोषण, स्वांगीकरण और अवसादन है। फास्फोरस चक्र में चट्टान अपक्षय से फॉस्फेट मिट्टी में आता है और साल में 13 मिलियन टन फॉस्फेट नदी से समुद्र में जाता है। फास्फोरस चक्र में पौधे फॉस्फेट से ATP बनाते हैं। फास्फोरस चक्र में जानवरों में हड्डी और दांत में 80% फास्फोरस होता है। फास्फोरस चक्र में गुआनो पक्षी मल सबसे समृद्ध फॉस्फेट स्रोत है। फास्फोरस चक्र में मानव उर्वरक से साल में 20 मिलियन टन फॉस्फेट उपयोग होता है। फास्फोरस चक्र में भारत में 90% फॉस्फेट आयात होता है। फास्फोरस चक्र में समुद्र में फॉस्फेट 10000 साल में चक्र पूरा करता है। फास्फोरस चक्र में कमी से शैवाल वृद्धि रुकती है। सल्फर चक्र सल्फर चक्र प्रोटीन और विटामिन के लिए जरूरी है और गैसीय व अवसादी दोनों है। सल्फर चक्र में 5 प्रक्रिया - खनिजकरण, ऑक्सीकरण, अपचयन, स्वांगीकरण और वाष्पीकरण है। सल्फर चक्र में सल्फर भंडार - चट्टान 1.2 x 10^20 ग्राम, समुद्र 1.3 x 10^20 ग्राम और वायुमंडल 4.8 x 10^14 ग्राम। सल्फर चक्र में ज्वालामुखी से SO2 और H2S गैस निकलती है साल में 10 मिलियन टन। सल्फर चक्र में बैक्टीरिया डेसल्फोविब्रियो SO4 से H2S बनाता है। सल्फर चक्र में पौधे SO4 से प्रोटीन बनाते हैं। सल्फर चक्र में मानव कोयला दहन से साल में 70 मिलियन टन SO2 निकालता है जो अम्लीय वर्षा बनाता है। सल्फर चक्र में अम्लीय वर्षा pH 5.6 से कम होती है और 1980 में नॉर्वे स्वीडन में 90% झील अम्लीय हुई थीं। सल्फर चक्र में भारत में 2023 में SO2 उत्सर्जन 4 मिलियन टन है। सल्फर चक्र में सल्फर 10 दिन वायुमंडल में रहता है।
⚡ Quick Revision - मुख्य बिंदु
- ✅ कार्बन चक्र में प्रकाश संश्लेषण कार्बन को स्थिर करता है और श्वसन उसे वापस छोड़ता है।
- ✅ महासागर सबसे बड़ा कार्बन सिंक है और मानवीय गतिविधियों से कार्बन चक्र असंतुलित हो रहा है।
- ✅ वायुमंडल में 78% नाइट्रोजन है लेकिन पौधे केवल नाइट्रेट रूप में ही उसका उपयोग कर सकते हैं।
- ✅ राइजोबियम बैक्टीरिया फलीदार पौधों की जड़ों में गांठ बनाकर नाइट्रोजन स्थिरीकरण करता है।
- ✅ नाइट्रोजन चक्र के 5 चरण हैं - स्थिरीकरण, अमोनीकरण, नाइट्रीकरण, स्वांगीकरण और विनाइट्रीकरण।
- ✅ नाइट्रोसोमोनास और नाइट्रोबैक्टर नाइट्रीकरण करते हैं जबकि स्यूडोमोनास विनाइट्रीकरण करता है।
- ✅ कार्बन और नाइट्रोजन चक्र UPSC के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, उर्वरक उपयोग से नाइट्रोजन चक्र बिगड़ रहा है।
📊 Important Facts Table
| Topic | Fact |
|---|---|
| कार्बन चक्र क्या है | कार्बन का जैविक और अजैविक घटकों के बीच चक्रण, जीवन का आधार |
| कार्बन के मुख्य भंडार | वायुमंडल (CO2), जीवमंडल, जलमंडल (महासागर), स्थलमंडल (जीवाश्म ईंधन) |
| कार्बन चक्र की मुख्य प्रक्रियाएं | प्रकाश संश्लेषण, श्वसन, अपघटन और दहन |
| सबसे बड़ा कार्बन भंडार | महासागर, वायुमंडलीय CO2 का 30% अवशोषित करते हैं |
| नाइट्रोजन चक्र क्या है | नाइट्रोजन का विभिन्न रूपों में जैविक और अजैविक घटकों के बीच चक्रण |
| वायुमंडल में नाइट्रोजन | 78% है, लेकिन पौधे सीधे उपयोग नहीं कर सकते |
| नाइट्रोजन चक्र के 5 चरण | स्थिरीकरण, अमोनीकरण, नाइट्रीकरण, स्वांगीकरण, विनाइट्रीकरण |
| नाइट्रोजन स्थिरीकरण बैक्टीरिया | राइजोबियम (फलीदार पौधों में), एजोटोबैक्टर, नील-हरित शैवाल |
| नाइट्रीकरण के बैक्टीरिया | नाइट्रोसोमोनास - अमोनिया से नाइट्राइट, नाइट्रोबैक्टर - नाइट्राइट से नाइट्रेट |
| विनाइट्रीकरण | स्यूडोमोनास बैक्टीरिया नाइट्रेट को वापस N2 में बदलता है |