भारत में बायोस्फीयर रिजर्व, यूनेस्को MAB कार्यक्रम, नीलगिरि सुंदरबन बायोस्फीयर और जोन महत्व

⌄
-- Questions Environment

भारत में बायोस्फीयर रिजर्व, यूनेस्को MAB कार्यक्रम, नीलगिरि सुंदरबन बायोस्फीयर और जोन महत्व - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़

भारत में बायोस्फीयर रिजर्व, यूनेस्को MAB कार्यक्रम, नीलगिरि बायोस्फीयर, सुंदरबन बायोस्फीयर, बायोस्फीयर रिजर्व का महत्व, कोर बफर ट्रांजिशन जोन और राष्ट्रीय उद्यान में अंतर पर 600+ शब्दों में जानकारी।

प्रश्न 1 / --
00:00
2%
प्रश्न 1

लोडिंग...

💡 व्याख्या

📚 विस्तृत जानकारी

भारत में बायोस्फीयर रिजर्व भारत में 18 बायोस्फीयर रिजर्व हैं जो देश की जैव विविधता संरक्षण की सबसे बड़ी इकाई हैं। बायोस्फीयर रिजर्व एक ऐसा क्षेत्र है जहां जैव विविधता संरक्षण के साथ-साथ सतत विकास, अनुसंधान और शिक्षा भी होता है। भारत में बायोस्फीयर रिजर्व कार्यक्रम 1986 में शुरू हुआ था और पहला बायोस्फीयर रिजर्व नीलगिरि 1986 में बना था। भारत में 18 बायोस्फीयर रिजर्व कुल 1,01,000 वर्ग किमी क्षेत्र पर हैं जो भारत के 3.07% क्षेत्र पर हैं। भारत के 18 बायोस्फीयर रिजर्व हैं - नीलगिरि, नंदा देवी, नोकरेक, ग्रेट निकोबार, मन्नार की खाड़ी, मानस, सुंदरबन, सिमलीपाल, डिब्रू सैखोवा, दिहांग दिबांग, पंचमढ़ी, कंचनजंगा, अगस्त्यमलाई, अचानकमार अमरकंटक, कच्छ का रण, ठंडा रेगिस्तान, शेषाचलम और पन्ना। इनमें से 12 यूनेस्को की विश्व बायोस्फीयर रिजर्व सूची में हैं। भारत में बायोस्फीयर रिजर्व 10 जैवभौगोलिक क्षेत्रों को कवर करते हैं। यूनेस्को MAB कार्यक्रम MAB का अर्थ है Man and Biosphere Programme जो यूनेस्को ने 1971 में शुरू किया था। MAB कार्यक्रम का उद्देश्य मानव और पर्यावरण के बीच संतुलित संबंध बनाना है। यूनेस्को MAB कार्यक्रम के तहत दुनिया में 134 देशों में 748 बायोस्फीयर रिजर्व हैं 2024 तक। MAB कार्यक्रम के 3 मुख्य उद्देश्य हैं - जैव विविधता संरक्षण, सतत विकास और अनुसंधान व शिक्षा व लॉजिस्टिक सपोर्ट। MAB कार्यक्रम के तहत हर बायोस्फीयर रिजर्व में 3 जोन होते हैं - कोर, बफर और ट्रांजिशन। यूनेस्को हर 10 साल में बायोस्फीयर रिजर्व की समीक्षा करता है। भारत में MAB कार्यक्रम के लिए पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय MoEFCC नोडल मंत्रालय है। MAB का मुख्यालय पेरिस में है। भारत ने 2000 में नीलगिरि को पहला यूनेस्को बायोस्फीयर रिजर्व घोषित करवाया था। MAB कार्यक्रम CBD, SDG 13, 14, 15 से जुड़ा है। नीलगिरि बायोस्फीयर नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व भारत का पहला और सबसे बड़ा बायोस्फीयर रिजर्व है। यह 1986 में बना था और 5520 वर्ग किमी क्षेत्र पर तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में फैला है। नीलगिरि का अर्थ है नीले पहाड़ जो कुरिंजी फूल से नीले दिखते हैं। नीलगिरि में 3 राष्ट्रीय उद्यान - बांदीपुर, मुदुमलाई और नागरहोल और 3 वन्यजीव अभयारण्य - वायनाड, मुकुर्थी और साइलेंट वैली हैं। नीलगिरि में 3500 पौधे, 100 स्तनधारी और 350 पक्षी प्रजातियां हैं। नीलगिरि में शेर पूंछ बंदर और नीलगिरि तहर स्थानिक हैं। नीलगिरि में टोडा, कोटा और कुरुम्बा जनजातियां रहती हैं। नीलगिरि यूनेस्को सूची में 2000 में शामिल हुआ। नीलगिरि में शोला वन और ग्रासलैंड हैं। सुंदरबन बायोस्फीयर सुंदरबन बायोस्फीयर रिजर्व 1989 में बना था और 9630 वर्ग किमी क्षेत्र पर पश्चिम बंगाल में है। सुंदरबन दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन और डेल्टा है जो गंगा ब्रह्मपुत्र मेघना का डेल्टा है। सुंदरबन का नाम सुंदरी पेड़ से आया है। सुंदरबन में 64 मैंग्रोव पौधे, 40 स्तनधारी और 250 पक्षी हैं। सुंदरबन में रॉयल बंगाल टाइगर प्रसिद्ध है जो 100 से अधिक हैं और खारे पानी में तैरता है। सुंदरबन यूनेस्को विश्व धरोहर 1987 और यूनेस्को बायोस्फीयर 2001 में है। सुंदरबन में 4.5 मिलियन लोग रहते हैं और मछली व शहद पर निर्भर हैं। सुंदरबन में जलवायु परिवर्तन से समुद्र स्तर बढ़ना और चक्रवात सबसे बड़ा खतरा है। बायोस्फीयर रिजर्व का महत्व बायोस्फीयर रिजर्व का महत्व संरक्षण, विकास और अनुसंधान तीनों के लिए है। बायोस्फीयर रिजर्व जैव विविधता का जीन बैंक है जहां दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजातियां संरक्षित हैं। बायोस्फीयर रिजर्व जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करता है और कार्बन सिंक है। बायोस्फीयर रिजर्व से स्थानीय लोगों को सतत आजीविका मिलती है जैसे इको टूरिज्म, शहद और मत्स्य। बायोस्फीयर रिजर्व अनुसंधान और शिक्षा के लिए प्रयोगशाला है। बायोस्फीयर रिजर्व से जल स्रोत सुरक्षित रहते हैं। भारत में बायोस्फीयर रिजर्व से 30% औषधीय पौधे मिलते हैं। कोर बफर ट्रांजिशन जोन बायोस्फीयर रिजर्व में 3 जोन होते हैं। कोर जोन सबसे अंदर का क्षेत्र है जहां कोई मानवीय गतिविधि नहीं होती और पूर्ण संरक्षण होता है। कोर जोन में केवल अनुसंधान होता है। बफर जोन कोर के चारों ओर होता है जहां सीमित गतिविधि जैसे शिक्षा, अनुसंधान और इको टूरिज्म होता है। ट्रांजिशन जोन सबसे बाहर का क्षेत्र है जहां मानव बस्ती, कृषि और सतत विकास होता है। बायोस्फीयर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यान में अंतर बायोस्फीयर रिजर्व बड़ा क्षेत्र है 5000 वर्ग किमी औसत जबकि राष्ट्रीय उद्यान छोटा 100-500 वर्ग किमी। बायोस्फीयर रिजर्व में 3 जोन और मानव बस्ती होती है जबकि राष्ट्रीय उद्यान में एक ही जोन और मानव बस्ती नहीं होती। बायोस्फीयर रिजर्व में सतत विकास मुख्य है जबकि राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटन मुख्य है। भारत में 18 बायोस्फीयर रिजर्व और 106 राष्ट्रीय उद्यान हैं।

⚡ Quick Revision - मुख्य बिंदु

  • ✅ भारत में 18 बायोस्फीयर रिजर्व 101000 वर्ग किमी 3.07% कार्यक्रम 1986 पहला नीलगिरि 12 यूनेस्को।
  • ✅ यूनेस्को MAB 1971 पेरिस 748 रिजर्व 134 देश 3 उद्देश्य संरक्षण विकास अनुसंधान।
  • ✅ नीलगिरि पहला सबसे बड़ा 5520 वर्ग किमी 3 उद्यान शेर पूंछ बंदर टोडा जनजाति यूनेस्को 2000।
  • ✅ सुंदरबन 9630 वर्ग किमी सबसे बड़ा मैंग्रोव रॉयल बंगाल टाइगर धरोहर 1987 बायोस्फीयर 2001।
  • ✅ महत्व जीन बैंक कार्बन सिंक आजीविका इको टूरिज्म अनुसंधान 30% औषधीय पौधे।
  • ✅ 3 जोन कोर पूर्ण संरक्षण बफर सीमित शिक्षा ट्रांजिशन मानव कृषि विकास।
  • ✅ बायोस्फीयर vs उद्यान बड़ा 5000 वर्ग किमी 3 जोन मानव बस्ती vs छोटा 100-500 एक जोन मानव नहीं 18 vs 106।

📊 Important Facts Table

TopicFact
भारत में बायोस्फीयर रिजर्व18 रिजर्व 101000 वर्ग किमी 3.07% क्षेत्र कार्यक्रम 1986 पहला नीलगिरि 1986 12 यूनेस्को सूची में 10 जैवभौगोलिक क्षेत्र।
यूनेस्को MAB कार्यक्रमMAB Man and Biosphere 1971 पेरिस 134 देश 748 रिजर्व 2024 तक 3 उद्देश्य संरक्षण विकास अनुसंधान MoEFCC नोडल।
नीलगिरि बायोस्फीयरपहला सबसे बड़ा 1986 5520 वर्ग किमी तमिलनाडु केरल कर्नाटक 3 उद्यान बांदीपुर मुदुमलाई नागरहोल 3500 पौधे शेर पूंछ बंदर टोडा जनजाति यूनेस्को 2000।
सुंदरबन बायोस्फीयर1989 9630 वर्ग किमी पश्चिम बंगाल सबसे बड़ा मैंग्रोव डेल्टा सुंदरी पेड़ रॉयल बंगाल टाइगर 100+ धरोहर 1987 बायोस्फीयर 2001 4.5 मिलियन लोग।
बायोस्फीयर रिजर्व का महत्वजीन बैंक दुर्लभ प्रजाति जलवायु कार्बन सिंक आजीविका इको टूरिज्म अनुसंधान प्रयोगशाला जल स्रोत 30% औषधीय पौधे।
कोर बफर ट्रांजिशन जोन3 जोन कोर अंदर पूर्ण संरक्षण कोई मानव नहीं केवल अनुसंधान बफर सीमित शिक्षा टूरिज्म ट्रांजिशन बाहर मानव कृषि विकास।
बायोस्फीयर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यान में अंतरबायोस्फीयर बड़ा 5000 वर्ग किमी 3 जोन मानव बस्ती विकास कानून 1986 यूनेस्को vs उद्यान छोटा 100-500 एक जोन मानव नहीं पर्यटन 1972 18 vs 106।
भारत के यूनेस्को बायोस्फीयर12 सूची में नीलगिरि 2000 मन्नार 2001 सुंदरबन 2001 नंदा देवी 2004 नोकरेक 2009 पंचमढ़ी 2009 सिमलीपाल 2009 ग्रेट निकोबार 2013 अचानकमार 2012 अगस्त्यमलाई 2016 कंचनजंगा 2018 पन्ना 2020।
मन्नार की खाड़ी बायोस्फीयर1989 10500 वर्ग किमी तमिलनाडु समुद्री बायोस्फीयर प्रवाल भित्ति समुद्री गाय डुगोंग कछुए यूनेस्को 2001।
पन्ना बायोस्फीयरनवीनतम यूनेस्को 2020 मध्य प्रदेश 2998 वर्ग किमी पन्ना टाइगर रिजर्व केन नदी हीरा खदान बाघ घड़ियाल।