वनों के प्रकार, वितरण और वन आवरण | Environment Quiz
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वनों के प्रकार, वितरण और वन आवरण पर 50 MCQs। हिंदी में Quiz खेलें।
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💡 व्याख्या
📚 विस्तृत जानकारी
वन संसाधन, वनों के प्रकार, वितरण और वन आवरण पर्यावरण भूगोल का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है जो UPSC Prelims, Mains, State PSC, SSC, NDA, CDS और सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में हर साल 3-4 प्रश्नों के रूप में पूछा जाता है। वन पृथ्वी के फेफड़े कहलाते हैं और पृथ्वी पर जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र हैं। भारत में वनों का क्षेत्रफल और वन आवरण ISFR रिपोर्ट के अनुसार हर दो साल में मापा जाता है जो पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी की जाती है। नवीनतम भारत वन स्थिति रिपोर्ट ISFR 2023 के अनुसार भारत में कुल वन और वृक्ष आवरण 827357 वर्ग किलोमीटर है जो देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 25.17 प्रतिशत है। इसमें वन आवरण 713789 वर्ग किलोमीटर 21.76 प्रतिशत और वृक्ष आवरण 113708 वर्ग किलोमीटर 3.41 प्रतिशत है।
वनों के प्रकारों को समझना बहुत जरूरी है। वनों को जलवायु, वर्षा और तापमान के आधार पर 5 मुख्य प्रकारों में बांटा जाता है जो चैंपियन और सेठ वर्गीकरण 1968 के अनुसार है। पहला उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन जो 200 सेमी से अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं जैसे पश्चिमी घाट, अंडमान निकोबार और पूर्वोत्तर भारत में। इनमें महोगनी, रोजवुड, एबोनी, रबर जैसे पेड़ पाए जाते हैं और ये सबसे घने वन होते हैं। दूसरा उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन जो 70 से 200 सेमी वर्षा वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं और भारत में सबसे अधिक क्षेत्रफल 60 प्रतिशत इन्हीं वनों का है। इनमें सागौन, साल, शीशम, पीपल, नीम जैसे पेड़ पाए जाते हैं और ये मानसूनी वन भी कहलाते हैं। तीसरा शुष्क पर्णपाती और कांटेदार वन जो 50 से 70 सेमी वर्षा वाले राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश में पाए जाते हैं जिनमें बबूल, कीकर, खेजड़ी जैसे कांटेदार पेड़ होते हैं। चौथा पर्वतीय वन जो हिमालय में ऊंचाई के अनुसार बदलते हैं - 1000 से 2000 मीटर पर चीड़, ओक, 2000 से 3000 मीटर पर देवदार, फर, स्प्रूस और 3000 से ऊपर अल्पाइन वन पाए जाते हैं। पांचवां ज्वारीय या मैंग्रोव वन जो समुद्र तट पर खारे पानी में पाए जाते हैं जैसे सुंदरवन में सुंदरी पेड़ जो दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है।
वनों का वितरण भारत में बहुत असमान है जो परीक्षा में बार बार पूछा जाता है। ISFR 2023 के अनुसार सबसे अधिक वन आवरण वाले राज्य मध्य प्रदेश 77462 वर्ग किमी, अरुणाचल प्रदेश 66431 वर्ग किमी, छत्तीसगढ़ 55816 वर्ग किमी, ओडिशा 52156 वर्ग किमी और महाराष्ट्र 50865 वर्ग किमी हैं। प्रतिशत के हिसाब से सबसे अधिक वन आवरण मिजोरम 84.53 प्रतिशत, अरुणाचल 79.33 प्रतिशत, मेघालय 76 प्रतिशत, मणिपुर 74.34 प्रतिशत और नागालैंड 73.90 प्रतिशत में है। केंद्र शासित प्रदेशों में लक्षद्वीप में 91.33 प्रतिशत सबसे अधिक है। सबसे कम वन आवरण हरियाणा 3.59 प्रतिशत, पंजाब 3.67 प्रतिशत, राजस्थान 4.87 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश 6.09 प्रतिशत में है। वन आवरण में वृद्धि के मामले में मिजोरम, गुजरात, ओडिशा, अरुणाचल में सबसे अधिक वृद्धि हुई है। भारत में 18 प्रकार के वन पाए जाते हैं जिसमें उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती सबसे अधिक 37 प्रतिशत है।
वन आवरण की श्रेणियां भी महत्वपूर्ण हैं। ISFR में वन आवरण को 3 श्रेणियों में बांटा जाता है - अति सघन वन VDF 10 प्रतिशत से अधिक कैनोपी घनत्व 99278 वर्ग किमी, मध्यम सघन वन MDF 40 से 70 प्रतिशत कैनोपी 308472 वर्ग किमी और खुले वन OF 10 से 40 प्रतिशत कैनोपी 305039 वर्ग किमी। भारत का वन क्षेत्रफल 1970 में 23 प्रतिशत था जो बढ़कर 25.17 प्रतिशत हो गया है। राष्ट्रीय वन नीति 1988 के अनुसार भारत में 33 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र पर वन होने चाहिए जो मैदानी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत और पहाड़ी क्षेत्रों में 66 प्रतिशत होना चाहिए। वनों के लाभ बहुत अधिक हैं - ये कार्बन सिंक के रूप में काम करते हैं, भारत के वन 7200 मिलियन टन कार्बन स्टोर करते हैं, जैव विविधता के 80 प्रतिशत जीव वनों में रहते हैं, जल चक्र को नियंत्रित करते हैं, मिट्टी के कटाव को रोकते हैं और आदिवासियों को आजीविका देते हैं। वन संरक्षण के लिए चिपको आंदोलन 1973 सुंदरलाल बहुगुणा, अप्पिको आंदोलन कर्नाटक, साइलेंट वैली आंदोलन केरल प्रसिद्ध हैं।
⚡ Quick Revision - मुख्य बिंदु
- ✅ ISFR 2023 - कुल वन वृक्ष आवरण 827357 वर्ग किमी 25.17 प्रतिशत, वन आवरण 713789 21.76 प्रतिशत, वृक्ष 113708 3.41 प्रतिशत।
- ✅ श्रेणियां - VDF अति सघन 10 प्रतिशत से अधिक 99278, MDF मध्यम 40-70 प्रतिशत 308472, OF खुले 10-40 प्रतिशत 305039 वर्ग किमी।
- ✅ 5 प्रकार - सदाबहार 200 सेमी से अधिक पश्चिमी घाट, पर्णपाती 70-200 सेमी 60 प्रतिशत सबसे अधिक सागौन साल, शुष्क कांटेदार बबूल, पर्वतीय चीड़ देवदार, मैंग्रोव सुंदरी।
- ✅ क्षेत्रफल सबसे अधिक - मध्य प्रदेश 77462, अरुणाचल 66431, छत्तीसगढ़ 55816, ओडिशा 52156, महाराष्ट्र 50865 वर्ग किमी।
- ✅ प्रतिशत सबसे अधिक - मिजोरम 84.53, अरुणाचल 79.33, मेघालय 76, मणिपुर 74.34, सबसे कम हरियाणा 3.59 पंजाब 3.67 राजस्थान 4.87।
- ✅ राष्ट्रीय वन नीति 1988 लक्ष्य 33 प्रतिशत मैदानी 25 पहाड़ी 66, 18 प्रकार के वन उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती 37 प्रतिशत सबसे अधिक।
- ✅ लाभ - 7200 मिलियन टन कार्बन स्टोर, 80 प्रतिशत जीव वनों में, चिपको 1973 बहुगुणा, अप्पिको, साइलेंट वैली आंदोलन प्रसिद्ध।
📊 Important Facts Table
| Topic | Fact |
|---|---|
| ISFR 2023 कुल आवरण | कुल वन और वृक्ष आवरण 827357 वर्ग किमी 25.17 प्रतिशत, वन आवरण 713789 वर्ग किमी 21.76 प्रतिशत, वृक्ष आवरण 113708 वर्ग किमी 3.41 प्रतिशत |
| वन आवरण श्रेणियां | अति सघन VDF 10 प्रतिशत से अधिक कैनोपी 99278 वर्ग किमी, मध्यम सघन MDF 40-70 प्रतिशत 308472 वर्ग किमी, खुले वन OF 10-40 प्रतिशत 305039 वर्ग किमी |
| चैंपियन सेठ वर्गीकरण | 1968 में 5 मुख्य प्रकार - उष्णकटिबंधीय सदाबहार 200 सेमी से अधिक वर्षा, पर्णपाती 70-200 सेमी 60 प्रतिशत सबसे अधिक, शुष्क कांटेदार 50-70 सेमी, पर्वतीय ऊंचाई अनुसार, मैंग्रोव ज्वारीय |
| उष्णकटिबंधीय सदाबहार | 200 सेमी से अधिक वर्षा पश्चिमी घाट अंडमान पूर्वोत्तर में, महोगनी रोजवुड एबोनी रबर, सबसे घने वन, साल भर हरे भरे रहते हैं |
| उष्णकटिबंधीय पर्णपाती | 70-200 सेमी वर्षा मानसूनी वन 60 प्रतिशत क्षेत्रफल सबसे अधिक, सागौन साल शीशम पीपल नीम, पत्ते गर्मी में गिराते हैं |
| क्षेत्रफल सबसे अधिक राज्य | मध्य प्रदेश 77462 वर्ग किमी सबसे अधिक, अरुणाचल 66431, छत्तीसगढ़ 55816, ओडिशा 52156, महाराष्ट्र 50865 ISFR 2023 अनुसार |
| प्रतिशत सबसे अधिक राज्य | मिजोरम 84.53 प्रतिशत सबसे अधिक, अरुणाचल 79.33, मेघालय 76, मणिपुर 74.34, नागालैंड 73.90, लक्षद्वीप 91.33 केंद्र शासित में सबसे अधिक |
| सबसे कम वन आवरण | हरियाणा 3.59 प्रतिशत सबसे कम, पंजाब 3.67, राजस्थान 4.87, उत्तर प्रदेश 6.09, वृद्धि मिजोरम गुजरात ओडिशा में सबसे अधिक |
| राष्ट्रीय वन नीति लक्ष्य | 1988 नीति अनुसार 33 प्रतिशत क्षेत्र पर वन होना चाहिए, मैदानी 25 प्रतिशत पहाड़ी 66 प्रतिशत, वर्तमान 25.17 प्रतिशत, 1970 में 23 प्रतिशत था |
| वनों के लाभ और आंदोलन | 7200 मिलियन टन कार्बन स्टोर कार्बन सिंक, 80 प्रतिशत जैव विविधता वनों में, जल चक्र मिट्टी संरक्षण, चिपको 1973 बहुगुणा, अप्पिको कर्नाटक, साइलेंट वैली केरल |