IUCN और IUCN Red List क्या है? स्थापना, उद्देश्य और 9 श्रेणियां
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IUCN का पूरा नाम, स्थापना 1948, मुख्यालय, उद्देश्य और IUCN Red List की 9 श्रेणियां EX, EW, CR, EN, VU, NT, LC, DD, NE का अर्थ और threatened species की परिभाषा।
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💡 व्याख्या
📚 विस्तृत जानकारी
IUCN का पूरा नाम International Union for Conservation of Nature है, जिसे हिंदी में अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ कहा जाता है। इसकी स्थापना 5 अक्टूबर 1948 को फ्रांस के फोंटेनब्लो में हुई थी। यह विश्व का पहला वैश्विक पर्यावरण संगठन है। वर्तमान में इसका मुख्यालय ग्लैंड, स्विट्जरलैंड में स्थित है। IUCN एक सदस्यता आधारित संगठन है जिसमें 1400 से अधिक सदस्य हैं, जिनमें 90 से अधिक देशों की सरकारें, 800 से अधिक गैर-सरकारी संगठन, वैज्ञानिक और विशेषज्ञ समूह शामिल हैं। इसमें 6 प्रमुख आयोग हैं, जिनमें Species Survival Commission यानी SSC सबसे महत्वपूर्ण है जो प्रजातियों के संरक्षण पर काम करता है।
IUCN का मुख्य उद्देश्य प्रकृति की अखंडता और विविधता को बनाए रखना, प्राकृतिक संसाधनों के न्यायसंगत और सतत उपयोग को सुनिश्चित करना और मानव समाज को संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। इसने 1980 में World Conservation Strategy और 1991 में पर्यावरणीय नीतियों के लिए वैश्विक दिशा-निर्देश दिए। IUCN हर चार साल में World Conservation Congress आयोजित करता है, जिसे प्रकृति संरक्षण की संसद कहा जाता है। यह संगठन CITES, Ramsar Convention और UNESCO World Heritage जैसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों के लिए तकनीकी सलाहकार की भूमिका निभाता है।
IUCN Red List क्या है, इसे समझना आवश्यक है। इसका पूरा नाम IUCN Red List of Threatened Species है। इसकी शुरुआत 1964 में हुई थी और यह विश्व की सबसे व्यापक, वैज्ञानिक और प्रामाणिक जैव विविधता सूची है। इसका उद्देश्य प्रजातियों के विलुप्त होने के जोखिम का वैज्ञानिक आकलन करना, संरक्षण की प्राथमिकताएं तय करना और नीति निर्माताओं को डेटा उपलब्ध कराना है। 2024 तक इसमें 1,57,000 से अधिक प्रजातियों का आकलन किया जा चुका है, जिनमें स्तनधारी, पक्षी, उभयचर, मछली, पौधे और कवक शामिल हैं। यह कोई कानूनी सूची नहीं है, बल्कि एक वैज्ञानिक चेतावनी प्रणाली है।
Red List में प्रजातियों का आकलन एक निश्चित वैज्ञानिक प्रक्रिया से होता है। यह आकलन IUCN Species Survival Commission के हजारों विशेषज्ञों द्वारा Red List Criteria version 3.1 के आधार पर किया जाता है। आकलन के लिए पांच मुख्य मानदंड हैं। मानदंड A - जनसंख्या में कमी की दर, पिछले 10 वर्षों या 3 पीढ़ियों में कितनी कमी हुई। मानदंड B - भौगोलिक सीमा, जैसे Extent of Occurrence और Area of Occupancy कितनी छोटी और विखंडित है। मानदंड C - छोटी जनसंख्या का आकार और उसमें लगातार गिरावट। मानदंड D - बहुत छोटी या प्रतिबंधित जनसंख्या। मानदंड E - मात्रात्मक विश्लेषण, जैसे अगले 100 वर्षों में विलुप्त होने की कितनी संभावना है। इन मानदंडों के आधार पर ही किसी प्रजाति को किसी श्रेणी में रखा जाता है।
IUCN Red List की 9 प्रमुख श्रेणियां हैं, जिन्हें परीक्षा में उनके संक्षिप्त नामों से पूछा जाता है। पहली EX यानी Extinct, जब कोई संदेह नहीं कि अंतिम जीव भी मर चुका है, जैसे डोडो। दूसरी EW यानी Extinct in the Wild, जो केवल बंधन में या खेती में बची है, जैसे हवाईयन कौआ। तीसरी CR यानी Critically Endangered, अत्यधिक संकटग्रस्त, जो जंगल में विलुप्त होने के बेहद करीब है। चौथी EN यानी Endangered, संकटग्रस्त, जो बहुत उच्च जोखिम में है। पांचवी VU यानी Vulnerable, सुभेद्य, जो उच्च जोखिम में है। छठी NT यानी Near Threatened, निकट संकट, जो भविष्य में संकटग्रस्त हो सकती है। सातवीं LC यानी Least Concern, कम चिंताजनक, जो व्यापक और प्रचुर है। आठवीं DD यानी Data Deficient, डेटा अपर्याप्त, जिसके बारे में आकलन के लिए पर्याप्त जानकारी नहीं है। नौवीं NE यानी Not Evaluated, जिसका अभी मूल्यांकन ही नहीं हुआ है।
Threatened categories का सही अर्थ समझना सबसे महत्वपूर्ण है। IUCN के अनुसार केवल तीन श्रेणियां CR, EN और VU मिलकर Threatened species कहलाती हैं। यानी जब कहा जाता है कि कोई प्रजाति Threatened है तो इसका अर्थ है कि वह CR, EN या VU में से किसी एक में है। NT, LC, DD और NE को Threatened नहीं माना जाता। EX और EW विलुप्त श्रेणियां हैं। कई बार छात्र NT को भी Threatened मान लेते हैं, जो गलत है। यह वर्गीकरण विलुप्ति के जोखिम के स्तर को दर्शाता है, CR में जोखिम सबसे अधिक और VU में अपेक्षाकृत कम लेकिन फिर भी उच्च होता है।
Red List Category और कानूनी सुरक्षा के बीच अंतर स्पष्ट रखना आवश्यक है। IUCN Red List श्रेणी केवल वैज्ञानिक आकलन है, इसका कोई कानूनी बंधन नहीं है। जबकि किसी प्रजाति को कानूनी सुरक्षा राष्ट्रीय कानूनों जैसे भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूचियों या अंतरराष्ट्रीय समझौतों जैसे CITES के परिशिष्टों से मिलती है। उदाहरण के लिए कोई प्रजाति IUCN में LC हो सकती है लेकिन राष्ट्रीय कानून में उच्च सुरक्षा प्राप्त हो सकती है, या इसके विपरीत। Red List जागरूकता और प्राथमिकता तय करने का उपकरण है, जबकि कानून प्रवर्तन का उपकरण है।
IUCN, IUCN Red List और Red Data Book के बीच अंतर भी परीक्षा में पूछा जाता है। IUCN एक संगठन है जो संरक्षण पर काम करता है। IUCN Red List उस संगठन द्वारा जारी की जाने वाली वैश्विक सूची है जो डिजिटल और नियमित रूप से अपडेट होती है। Red Data Book इस Red List पर आधारित एक प्रकाशित दस्तावेज या किताब है, जिसमें संकटग्रस्त प्रजातियों का विस्तृत विवरण होता है। भारत में भी भारतीय प्राणी सर्वेक्षण द्वारा भारतीय जीवों के लिए Red Data Book प्रकाशित की जाती है, जो IUCN मानदंडों पर आधारित होती है लेकिन राष्ट्रीय स्तर की होती है।
⚡ Quick Revision - मुख्य बिंदु
- ✅ IUCN की स्थापना 5 अक्टूबर 1948 को हुई, मुख्यालय ग्लैंड, स्विट्जरलैंड में है और यह विश्व का पहला पर्यावरण संगठन है।
- ✅ IUCN Red List 1964 में शुरू हुई, यह 1,57,000 से अधिक प्रजातियों के विलुप्ति जोखिम का सबसे बड़ा वैज्ञानिक डेटाबेस है।
- ✅ Red List में 9 श्रेणियां हैं - EX, EW, CR, EN, VU, NT, LC, DD, NE, जो Criteria version 3.1 पर आधारित हैं।
- ✅ CR, EN और VU मिलकर Threatened species कहलाती हैं, NT को Threatened में नहीं गिना जाता।
- ✅ आकलन 5 मानदंडों पर होता है - जनसंख्या में कमी, भौगोलिक सीमा, छोटी जनसंख्या में गिरावट, बहुत छोटी जनसंख्या और मात्रात्मक विश्लेषण।
- ✅ Red List श्रेणी वैज्ञानिक चेतावनी है, इसका कोई कानूनी बंधन नहीं है, कानूनी सुरक्षा CITES और राष्ट्रीय कानूनों से मिलती है।
- ✅ IUCN संगठन है, Red List उसकी वैश्विक सूची है और Red Data Book उस सूची पर आधारित प्रकाशित दस्तावेज है।
📊 Important Facts Table
| Topic | Fact |
|---|---|
| IUCN का पूरा नाम और स्थापना | IUCN का पूरा नाम International Union for Conservation of Nature है, स्थापना 5 अक्टूबर 1948 को फोंटेनब्लो, फ्रांस में हुई। |
| मुख्यालय | IUCN का वर्तमान मुख्यालय ग्लैंड, स्विट्जरलैंड में है, यह विश्व का पहला वैश्विक पर्यावरण संगठन है। |
| Red List की शुरुआत | IUCN Red List of Threatened Species की शुरुआत 1964 में हुई, 2024 तक इसमें 1,57,000 से अधिक प्रजातियों का आकलन हो चुका है। |
| 9 श्रेणियां | Red List में 9 श्रेणियां हैं - EX, EW, CR, EN, VU, NT, LC, DD, NE, इन्हें 2001 के Criteria version 3.1 से तय किया जाता है। |
| Threatened की परिभाषा | केवल CR, EN और VU मिलकर Threatened श्रेणी बनाती हैं, NT और LC को Threatened नहीं माना जाता। |
| मूल्यांकन के 5 मानदंड | आकलन के 5 मानदंड हैं - A जनसंख्या में कमी, B भौगोलिक सीमा, C छोटी जनसंख्या में गिरावट, D बहुत छोटी जनसंख्या, E विलुप्ति की संभावना। |
| आकलन करने वाला आयोग | Red List का आकलन Species Survival Commission यानी SSC के 10,000 से अधिक विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है। |
| कानूनी दर्जा | IUCN Red List का कोई कानूनी बंधन नहीं है, यह वैज्ञानिक चेतावनी प्रणाली है, जबकि CITES और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम कानूनी सुरक्षा देते हैं। |
| Red Data Book से अंतर | IUCN संगठन है, Red List उसकी वैश्विक डिजिटल सूची है, और Red Data Book उस सूची पर आधारित प्रकाशित किताब है। |
| सदस्यता | IUCN में 1400 से अधिक सदस्य हैं जिनमें 90 देशों की सरकारें और 800 से अधिक NGO शामिल हैं। |