खनिजों के प्रकार, वितरण और भारत में खनिज | Environment Quiz

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खनिजों के प्रकार, वितरण और भारत में खनिज | Environment Quiz - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़

खनिजों के प्रकार, वितरण और भारत में खनिज संसाधनों पर 50 MCQs। हिंदी में Quiz खेलें।

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प्रश्न 1

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💡 व्याख्या

📚 विस्तृत जानकारी

खनिज संसाधन, खनिजों के प्रकार, वितरण और भारत में खनिज पर्यावरण और आर्थिक भूगोल का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है जो UPSC Prelims, Mains, State PSC, SSC, NDA, CDS और सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में हर साल 3-4 प्रश्नों के रूप में पूछा जाता है। खनिज प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले अकार्बनिक पदार्थ हैं जो चट्टानों में पाए जाते हैं और आर्थिक रूप से मूल्यवान होते हैं। भारत खनिज संसाधनों के मामले में बहुत समृद्ध देश है जहाँ 100 से अधिक प्रकार के खनिज पाए जाते हैं और दुनिया के खनिज उत्पादन में भारत का 5वां स्थान है। खनिजों को समझे बिना भारत की अर्थव्यवस्था, उद्योग और पर्यावरण को समझना असंभव है क्योंकि सभी उद्योग खनिजों पर निर्भर हैं और भारत की GDP में खनिज क्षेत्र का 2 प्रतिशत योगदान है।

खनिजों के प्रकारों को समझना बहुत जरूरी है जो परीक्षा में बार बार पूछा जाता है। खनिजों को 3 मुख्य प्रकारों में बांटा जाता है। पहला धात्विक खनिज जो धातु प्रदान करते हैं और चमकदार होते हैं। इन्हें दो भागों में बांटा जाता है - लौह धात्विक खनिज जैसे लौह अयस्क, मैंगनीज, क्रोमाइट, निकेल जिसमें लोहा होता है और अलौह धात्विक खनिज जैसे सोना, चांदी, तांबा, बॉक्साइट, सीसा, जस्ता जिसमें लोहा नहीं होता। दूसरा अधात्विक खनिज जो धातु नहीं देते जैसे चूना पत्थर, अभ्रक, जिप्सम, हीरा, नमक, पोटाश, ग्रेफाइट। तीसरा ऊर्जा खनिज जो ऊर्जा देते हैं जैसे कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, यूरेनियम, थोरियम जो परमाणु ऊर्जा के लिए जरूरी हैं। एक अन्य वर्गीकरण में खनिजों को प्रमुख खनिज जैसे लौह, कोयला, बॉक्साइट, चूना पत्थर जो केंद्र सरकार के अधीन हैं और गौण खनिज जैसे बजरी, रेत, संगमरमर, ग्रेनाइट जो राज्य सरकार के अधीन हैं में बांटा जाता है। खनिजों की विशेषता है कि ये अनवीकरणीय हैं, असमान वितरण, समाप्त होने वाले हैं और इनका निर्माण लाखों वर्षों में होता है और इनकी मात्रा सीमित है।

खनिजों का वितरण भारत में बहुत असमान है जो भूगर्भिक संरचना पर निर्भर करता है। भारत में 3 प्रमुख खनिज पेटियां हैं जो UPSC में सबसे ज्यादा पूछी जाती हैं। पहली उत्तर-पूर्वी पठारी पेटी जो सबसे समृद्ध है जिसमें छोटा नागपुर पठार, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ आते हैं जहाँ 60 प्रतिशत खनिज पाए जाते हैं। यहाँ लौह अयस्क, कोयला, मैंगनीज, अभ्रक, बॉक्साइट प्रचुर मात्रा में हैं और इसे भारत का रूर कहा जाता है। दूसरी मध्यवर्ती पेटी जो मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान में फैली है जहाँ मैंगनीज, बॉक्साइट, चूना पत्थर, संगमरमर, तांबा, जस्ता पाए जाते हैं। तीसरी दक्षिणी पेटी जो कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल में है जहाँ सोना, लौह अयस्क, बॉक्साइट, क्रोमाइट, मैंगनीज मिलते हैं। भारत में लौह अयस्क का 85 प्रतिशत ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक में है। कोयला का 80 प्रतिशत झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश में है। बॉक्साइट का 50 प्रतिशत ओडिशा में है। अभ्रक का 80 प्रतिशत झारखंड, आंध्र प्रदेश, राजस्थान में है। पेट्रोलियम असम, गुजरात, बॉम्बे हाई में मिलता है।

भारत में प्रमुख खनिजों की स्थिति भी महत्वपूर्ण है। लौह अयस्क में भारत दुनिया में चौथा सबसे बड़ा उत्पादक है और ओडिशा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है जहाँ क्योंझर, मयूरभंज, सुंदरगढ़ में सबसे अधिक लौह है। भारत में हेमेटाइट और मैग्नेटाइट दो प्रकार का लौह मिलता है। कोयला में भारत दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है और झारखंड सबसे बड़ा राज्य है जहाँ झरिया, बोकारो, रानीगंज, कोरबा प्रसिद्ध कोयला खानें हैं। भारत में गोंडवाना कोयला 99 प्रतिशत है। बॉक्साइट एल्युमिनियम का अयस्क है जिसमें ओडिशा कोरापुट, कालाहांडी सबसे बड़ा उत्पादक है और भारत 5वां बड़ा उत्पादक है। तांबा में मध्य प्रदेश बालाघाट और राजस्थान खेतड़ी प्रसिद्ध हैं। सोना में कर्नाटक कोलार और हट्टी खानें प्रसिद्ध हैं जो भारत का 90 प्रतिशत सोना देती हैं। चूना पत्थर सीमेंट उद्योग के लिए जरूरी है जो मध्य प्रदेश, राजस्थान, आंध्र में बहुत है। अभ्रक में भारत दुनिया में सबसे बड़ा उत्पादक था। मैंगनीज में ओडिशा, महाराष्ट्र सबसे बड़े हैं। खनन से पर्यावरणीय समस्याएं भी होती हैं जैसे वनों की कटाई, वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, भूमि धंसना, आदिवासी विस्थापन। इसलिए सतत खनन, राष्ट्रीय खनिज नीति 2019 और जिला खनिज फाउंडेशन DMF 2015 शुरू किए गए हैं ताकि खनन से प्रभावित लोगों को लाभ मिले और पर्यावरण बचा रहे।

⚡ Quick Revision - मुख्य बिंदु

  • ✅ खनिज प्राकृतिक अकार्बनिक 100 से अधिक प्रकार भारत में 5वां स्थान दुनिया में, अनवीकरणीय असमान लाखों वर्षों में बनते, GDP में 2 प्रतिशत।
  • ✅ 3 प्रकार - धात्विक लौह अलौह लौह अयस्क सोना तांबा हेमेटाइट मैग्नेटाइट, अधात्विक चूना अभ्रक, ऊर्जा कोयला पेट्रोलियम यूरेनियम।
  • ✅ 3 पेटियां - उत्तर-पूर्वी सबसे समृद्ध 60 प्रतिशत छोटा नागपुर भारत का रूर, मध्यवर्ती मध्य प्रदेश महाराष्ट्र, दक्षिणी कर्नाटक आंध्र सोना।
  • ✅ लौह 85 प्रतिशत ओडिशा झारखंड छत्तीसगढ़ कर्नाटक, भारत चौथा बड़ा उत्पादक, ओडिशा सबसे बड़ा क्योंझर मयूरभंज सुंदरगढ़।
  • ✅ कोयला 80 प्रतिशत झारखंड ओडिशा छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश, भारत दूसरा बड़ा, झरिया बोकारो रानीगंज कोरबा गोंडवाना 99 प्रतिशत, बॉक्साइट 50 प्रतिशत ओडिशा।
  • ✅ सोना कर्नाटक कोलार हट्टी 90 प्रतिशत, तांबा बालाघाट खेतड़ी, चूना सीमेंट मध्य प्रदेश राजस्थान, अभ्रक झारखंड आंध्र पेट्रोलियम बॉम्बे हाई।
  • ✅ समस्या - वन कटाई वायु जल प्रदूषण विस्थापन, नीति 2019 सतत खनन, DMF 2015 प्रभावित लाभ, MMDR 1957 अधिनियम 2015 नीलामी।

📊 Important Facts Table

TopicFact
खनिज की परिभाषा और महत्वप्राकृतिक अकार्बनिक पदार्थ चट्टानों में, 100 से अधिक प्रकार भारत में, दुनिया में 5वां स्थान उत्पादन में, अनवीकरणीय असमान वितरण लाखों वर्षों में निर्माण, GDP में 2 प्रतिशत योगदान
धात्विक खनिजधातु देने वाले चमकदार, लौह धात्विक लौह अयस्क मैंगनीज क्रोमाइट निकेल लोहा होता, अलौह सोना चांदी तांबा बॉक्साइट सीसा जस्ता लोहा नहीं होता, हेमेटाइट मैग्नेटाइट लौह के प्रकार
अधात्विक और ऊर्जा खनिजअधात्विक धातु नहीं देते चूना पत्थर अभ्रक जिप्सम हीरा नमक ग्रेफाइट, ऊर्जा खनिज ऊर्जा देते कोयला पेट्रोलियम गैस यूरेनियम थोरियम, प्रमुख केंद्र गौण राज्य अधीन
उत्तर-पूर्वी पठारी पेटीसबसे समृद्ध 60 प्रतिशत खनिज, छोटा नागपुर ओडिशा झारखंड बंगाल छत्तीसगढ़, लौह कोयला मैंगनीज अभ्रक बॉक्साइट प्रचुर, भारत का रूर कहलाता, UPSC में सबसे ज्यादा पूछा
मध्यवर्ती और दक्षिणी पेटीमध्यवर्ती मध्य प्रदेश महाराष्ट्र गुजरात राजस्थान मैंगनीज बॉक्साइट चूना संगमरमर तांबा जस्ता, दक्षिणी कर्नाटक आंध्र तमिलनाडु सोना लौह बॉक्साइट क्रोमाइट पेट्रोलियम असम गुजरात बॉम्बे हाई
लौह अयस्क वितरणभारत चौथा सबसे बड़ा उत्पादक दुनिया में, 85 प्रतिशत ओडिशा झारखंड छत्तीसगढ़ कर्नाटक में, ओडिशा सबसे बड़ा उत्पादक क्योंझर मयूरभंज सुंदरगढ़ प्रसिद्ध खानें
कोयला और बॉक्साइटकोयला दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक दुनिया में 80 प्रतिशत झारखंड ओडिशा छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश, झरिया बोकारो रानीगंज कोरबा प्रसिद्ध गोंडवाना 99 प्रतिशत, बॉक्साइट 50 प्रतिशत ओडिशा कोरापुट कालाहांडी
सोना तांबा चूना पत्थरसोना कर्नाटक कोलार हट्टी 90 प्रतिशत उत्पादन, तांबा मध्य प्रदेश बालाघाट राजस्थान खेतड़ी, चूना पत्थर सीमेंट मध्य प्रदेश राजस्थान आंध्र, अभ्रक भारत सबसे बड़ा उत्पादक था
खनन की पर्यावरणीय समस्यावनों की कटाई हजारों हेक्टेयर झारखंड ओडिशा छत्तीसगढ़ में, वायु जल प्रदूषण भूमि धंसना, आदिवासी विस्थापन, सतत खनन जरूरी पर्यावरण बचाने के लिए
नीति और DMFराष्ट्रीय खनिज नीति 2019 सतत खनन लक्ष्य, जिला खनिज फाउंडेशन DMF 2015 प्रभावित लोगों को लाभ, खान और खनिज अधिनियम MMDR 1957, 2015 संशोधन नीलामी पारदर्शिता