मृदा अपरदन, मृदा संरक्षण, मृदा प्रदूषण, मृदा उर्वरता, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, भारत मृदा वर्गीकरण
⌄मृदा अपरदन, मृदा संरक्षण, मृदा प्रदूषण, मृदा उर्वरता, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, भारत मृदा वर्गीकरण - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़
मृदा अपरदन, मृदा संरक्षण, मृदा प्रदूषण, मृदा उर्वरता, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना और भारत में मृदा वर्गीकरण पर 700+ शब्दों में तथ्यात्मक जानकारी।
लोडिंग...
💡 व्याख्या
📚 विस्तृत जानकारी
मृदा अपरदन मृदा अपरदन मृदा की ऊपरी परत का हवा और पानी से बह जाना है जो 1 सेमी बनने में 100 साल लगते हैं और 1 सेमी बहने में 1 साल लगता है। मृदा अपरदन में भारत में 147 मिलियन हेक्टेयर भूमि अपरदित है जो कुल क्षेत्र का 45% है और हर साल 5.3 अरब टन मृदा बह जाती है। मृदा अपरदन में 2 प्रकार - जल अपरदन 90% और वायु अपरदन 10% है। मृदा अपरदन में जल अपरदन में 4 प्रकार - परत अपरदन 0.1 से 1 मिमी साल, रिल अपरदन 1 से 5 सेमी गहरी नाली, गली अपरदन 5 मीटर से अधिक गहरी घाटी और तटीय अपरदन। मृदा अपरदन में वायु अपरदन राजस्थान में 12% क्षेत्र में होता है और 1970 में राजस्थान में 50 टन प्रति हेक्टेयर साल मृदा उड़ी थी। मृदा अपरदन में चंबल घाटी में गली अपरदन से 4000 वर्ग किमी बीहड़ बने हैं। मृदा अपरदन में कारण - वनों की कटाई 1970 से 30% वन घटे, अतिचराई 500 मिलियन पशु, झूम खेती 10000 हेक्टेयर साल और गलत जुताई। मृदा अपरदन में भारत में 30% मृदा अपरदन हिमालय में होता है। मृदा अपरदन से 1 टन मृदा बहने से 1 किलो नाइट्रोजन और 0.5 किलो फॉस्फोरस नष्ट होता है। मृदा संरक्षण मृदा संरक्षण मृदा अपरदन रोकने और उर्वरता बनाए रखने के उपाय हैं जो 10 विधियों से होते हैं। मृदा संरक्षण में 1. वृक्षारोपण - 1970 से 50 मिलियन हेक्टेयर वृक्षारोपण हुआ है और 1 हेक्टेयर वन 100 टन मृदा बचाता है। 2. सीढ़ीदार खेती - हिमालय में 10000 हेक्टेयर सीढ़ीदार खेती से 90% अपरदन रुकता है। 3. समोच्च जुताई - ढाल के समकोण जुताई से 50% अपरदन घटता है। 4. पट्टीदार खेती - फसल और घास की पट्टी से 60% अपरदन रुकता है। 5. बांध और एनीकट - चंबल में 500 एनीकट से 4000 वर्ग किमी बीहड़ में 30% सुधार हुआ है। 6. घास रोपण - बरमूडा घास से 70% अपरदन रुकता है। 7. रॉक डैम - 1 लाख रॉक डैम भारत में बने हैं। 8. मल्चिंग - पत्तियों से ढकने से 80% नमी बचती है। 9. फसल चक्र - दलहन से नाइट्रोजन 50 किलो हेक्टेयर बढ़ता है। 10. जैविक खाद - गोबर से 1% जैविक पदार्थ बढ़ता है। मृदा संरक्षण में भारत में 1980 में राष्ट्रीय मृदा संरक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ था। मृदा संरक्षण में 2023 में 100 मिलियन हेक्टेयर में संरक्षण कार्य हुआ है। मृदा प्रदूषण मृदा प्रदूषण मृदा में रसायन, प्लास्टिक, भारी धातु और कचरा मिलने से उर्वरता घटती है। मृदा प्रदूषण में 4 स्रोत - 1. रासायनिक उर्वरक - भारत में 35 मिलियन टन यूरिया 2023 में उपयोग हुआ और 1 किलो नाइट्रोजन में 0.5 किलो मृदा प्रदूषित होती है। 2. कीटनाशक - DDT 1960 से 10000 टन उपयोग और 30 साल तक मृदा में रहता है। 3. औद्योगिक कचरा - 10000 कारखानों से 10 मिलियन टन कचरा मृदा में जाता है। 4. प्लास्टिक - भारत में 3.5 मिलियन टन प्लास्टिक मृदा में जाता है और 500 साल तक नहीं सड़ता। मृदा प्रदूषण में भारी धातु - सीसा 100 PPM से अधिक, कैडमियम 3 PPM, आर्सेनिक 20 PPM प्रदूषण है। मृदा प्रदूषण में भारत में पंजाब में 30% मृदा में नाइट्रेट 10 PPM से अधिक है। मृदा प्रदूषण में 2023 में भारत में 2% मृदा प्रदूषित है और हर साल 1% बढ़ रही है। मृदा प्रदूषण से 1 PPM कैडमियम से चावल में 50% उपज घटती है। मृदा प्रदूषण में 2016 में ठोस कचरा नियम और 2020 में जैविक खेती 5 मिलियन हेक्टेयर में शुरू हुई थी। मृदा उर्वरता मृदा उर्वरता मृदा की फसल उगाने की क्षमता है जो 16 पोषक तत्वों पर निर्भर है। मृदा उर्वरता में 3 प्रमुख - नाइट्रोजन 0.05%, फॉस्फोरस 0.1%, पोटाश 0.5% और 13 सूक्ष्म - जस्ता, लोहा, बोरॉन आदि। मृदा उर्वरता में भारत में 50% मृदा में नाइट्रोजन कम, 40% में फॉस्फोरस कम और 30% में पोटाश कम है। मृदा उर्वरता में जैविक कार्बन 0.5% से कम कम, 0.5 से 0.75% मध्यम और 0.75% से अधिक अधिक है। मृदा उर्वरता में भारत में औसत जैविक कार्बन 0.3% है जो कम है। मृदा उर्वरता में pH 6 से 7.5 सबसे अच्छा है और 6 से कम अम्लीय में चूना 2 टन हेक्टेयर और 8 से अधिक क्षारीय में जिप्सम 5 टन हेक्टेयर डालते हैं। मृदा उर्वरता में 1% जैविक पदार्थ बढ़ने से 10% उपज बढ़ती है। मृदा उर्वरता में गोबर खाद में नाइट्रोजन 0.5%, फॉस्फोरस 0.2%, पोटाश 0.5% होता है। मृदा उर्वरता में हर साल 1 टन फसल से 20 किलो नाइट्रोजन, 10 किलो फॉस्फोरस और 15 किलो पोटाश निकलता है। मृदा उर्वरता में भारत में 2023 में 120 किलो प्रति हेक्टेयर उर्वरक उपयोग होता है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना 19 फरवरी 2015 को सूरतगढ़ राजस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू की थी। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में किसानों को मृदा के 12 पैरामीटर - नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश, सल्फर, जस्ता, लोहा, बोरॉन, मैंगनीज, कॉपर, pH, EC और जैविक कार्बन की जानकारी दी जाती है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में 2024 तक 22 करोड़ कार्ड बांटे गए हैं और हर 2 साल में कार्ड दिया जाता है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में 2023 में 10000 मृदा प्रयोगशाला हैं और 1 प्रयोगशाला 10000 नमूने साल में जांचती है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में लागत 300 करोड़ साल और किसान को मुफ्त है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में 2017 में 50% किसानों ने उर्वरक 10% कम किया और 10% उपज बढ़ी। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में ऐप 2017 में और पोर्टल soilhealth.dac.gov.in पर है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में 2024 में 90% किसान संतुष्ट हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना में भारत में 2.5 लाख गांवों में मृदा नमूने लिए गए हैं। भारत में मृदा वर्गीकरण भारत में मृदा वर्गीकरण 2 प्रणाली से होता है - 1. ICAR 8 प्रकार - जलोढ़ 43% 15 लाख वर्ग किमी गंगा ब्रह्मपुत्र सिंधु, काली 15% 5.5 लाख दक्कन ट्रैप, लाल पीली 18% 6 लाख ग्रेनाइट नीस, लेटराइट 4% 1.3 लाख अधिक वर्षा 200 सेमी, शुष्क मरुस्थलीय 4% राजस्थान थार, पर्वतीय 8% हिमालय 3000 मीटर, लवणीय क्षारीय 2% गुजरात पंजाब और पीट दलदली 1% केरल सुंदरबन। 2. USDA 12 ऑर्डर - एंटीसोल नई जलोढ़, इन्सेप्टिसोल युवा 40% भारत, अल्फीसोल लाल पीली, वर्टीसोल काली, अरीडिसोल शुष्क, अल्टीसोल लेटराइट, ऑक्सीसोल अधिक अपक्षय, मॉलीसोल घास, स्पोडोसोल अम्लीय, हिस्टोसोल पीट, एंडिसोल ज्वालामुखी और जेलीसोल बर्फ। भारत में मृदा वर्गीकरण में NBSS&LUP नागपुर 1976 ने 10000 मृदा प्रोफाइल बनाई हैं। भारत में मृदा वर्गीकरण में जलोढ़ में खादर नई और बांगर पुरानी है। भारत में मृदा वर्गीकरण में 2023 में डिजिटल मृदा मानचित्र 1:50000 पर बना है। भारत में मृदा वर्गीकरण में 1970 से 2020 तक 30% मृदा अपरदित हुई है।
⚡ Quick Revision - मुख्य बिंदु
- ✅ अपरदन ऊपरी परत बहना 1 सेमी 100 साल बनना 1 साल बहना भारत 147 मिलियन हेक्टेयर 45% 5.3 अरब टन साल जल 90% वायु 10% परत रिल गली तटीय राजस्थान 12% चंबल 4000 बीहड़ वन कटाई 30% अतिचराई 500 मिलियन झूम 10000 हेक्टेयर 30% हिमालय।
- ✅ संरक्षण 10 विधि वृक्षारोपण 1 हेक्टेयर 100 टन बचत सीढ़ीदार 90% रुक समोच्च 50% पट्टीदार 60% बांध एनीकट चंबल 500 30% सुधार घास 70% रॉक डैम 1 लाख मल्चिंग 80% नमी फसल चक्र दलहन 50 किलो N गोबर 1% 1980 कार्यक्रम 100 मिलियन हेक्टेयर 2023।
- ✅ प्रदूषण रसायन प्लास्टिक भारी धातु 4 स्रोत उर्वरक 35 मिलियन टन यूरिया DDT 30 साल औद्योगिक 10 मिलियन टन प्लास्टिक 3.5 मिलियन टन 500 साल सीसा 100 PPM कैडमियम 3 PPM पंजाब 30% नाइट्रेट 10 PPM 2% प्रदूषित 1% बढ़त कैडमियम 1 PPM चावल 50% घट जैविक 5 मिलियन हेक्टेयर 2020।
- ✅ उर्वरता 16 पोषक 3 प्रमुख N 0.05% P 0.1% K 0.5% भारत 50% N कम 40% P कम 30% K कम जैविक कार्बन 0.5 कम 0.5-0.75 मध्यम 0.75 अधिक भारत 0.3% कम pH 6-7.5 अच्छा चूना 2 टन अम्लीय जिप्सम 5 टन क्षारीय 1% जैविक 10% उपज गोबर 0.5% N 120 किलो हेक्टेयर 2023।
- ✅ स्वास्थ्य कार्ड 19 फरवरी 2015 सूरतगढ़ राजस्थान मोदी 12 पैरामीटर N P K S Zn Fe B Mn Cu pH EC जैविक कार्बन 22 करोड़ कार्ड 2024 हर 2 साल 10000 प्रयोगशाला 10000 नमूने साल 300 करोड़ मुफ्त 50% किसान 10% उर्वरक कम 10% उपज बढ़ी 2017 ऐप पोर्टल 90% संतुष्ट 2.5 लाख गांव।
- ✅ वर्गीकरण ICAR 8 जलोढ़ 43% काली 15% लाल पीली 18% लेटराइट 4% शुष्क 4% पर्वतीय 8% लवणीय 2% पीट 1% USDA 12 एंटीसोल इन्सेप्टिसोल 40% भारत अल्फीसोल वर्टीसोल अरीडिसोल अल्टीसोल ऑक्सीसोल NBSS&LUP नागपुर 1976 10000 प्रोफाइल खादर बांगर डिजिटल 1:50000 2023 30% अपरदित 1970-2020।
- ✅ चंबल बीहड़ 4000 वर्ग किमी गली अपरदन UP MP राजस्थान 500 एनीकट 30% सुधार घड़ियाल 1000 जैविक कार्बन 0.3% औसत 1% बढ़त 10% उपज USDA 12 ऑर्डर इन्सेप्टिसोल 40% भारत NBSS&LUP 1976 नागपुर।
📊 Important Facts Table
| Topic | Fact |
|---|---|
| मृदा अपरदन | ऊपरी परत बहना 1 सेमी 100 साल बनना 1 साल बहना भारत 147 मिलियन हेक्टेयर 45% 5.3 अरब टन साल 2 प्रकार जल 90% वायु 10% जल 4 परत 0.1-1 मिमी रिल 1-5 सेमी गली 5 मीटर तटीय वायु राजस्थान 12% 50 टन हेक्टेयर 1970 चंबल गली 4000 वर्ग किमी बीहड़ कारण वन कटाई 30% 1970 अतिचराई 500 मिलियन पशु झूम 10000 हेक्टेयर गलत जुताई 30% हिमालय 1 टन 1 किलो N 0.5 किलो P नष्ट। |
| मृदा संरक्षण | 10 विधि वृक्षारोपण 50 मिलियन हेक्टेयर 1970 1 हेक्टेयर 100 टन बचत सीढ़ीदार 10000 हेक्टेयर हिमालय 90% रुक समोच्च 50% घट पट्टीदार 60% रुक बांध एनीकट चंबल 500 एनीकट 4000 बीहड़ 30% सुधार घास बरमूडा 70% रुक रॉक डैम 1 लाख मल्चिंग 80% नमी बचत फसल चक्र दलहन N 50 किलो गोबर 1% जैविक बढ़त 1980 राष्ट्रीय कार्यक्रम 2023 100 मिलियन हेक्टेयर कार्य। |
| मृदा प्रदूषण | रसायन प्लास्टिक भारी धातु कचरा 4 स्रोत उर्वरक 35 मिलियन टन यूरिया 2023 1 किलो N 0.5 किलो प्रदूषित कीटनाशक DDT 1960 10000 टन 30 साल मृदा औद्योगिक 10000 कारखाने 10 मिलियन टन प्लास्टिक 3.5 मिलियन टन 500 साल भारी धातु सीसा 100 PPM कैडमियम 3 PPM आर्सेनिक 20 PPM पंजाब 30% नाइट्रेट 10 PPM 2023 2% प्रदूषित 1% साल बढ़त 1 PPM कैडमियम चावल 50% घट 2016 ठोस कचरा नियम 2020 जैविक 5 मिलियन हेक्टेयर। |
| मृदा उर्वरता | फसल क्षमता 16 पोषक 3 प्रमुख N 0.05% P 0.1% K 0.5% 13 सूक्ष्म जस्ता लोहा बोरॉन भारत 50% N कम 40% P कम 30% K कम जैविक कार्बन 0.5 से कम कम 0.5-0.75 मध्यम 0.75 से अधिक अधिक भारत औसत 0.3% कम pH 6-7.5 अच्छा 6 से कम अम्लीय चूना 2 टन 8 से अधिक क्षारीय जिप्सम 5 टन 1% जैविक 10% उपज बढ़त गोबर N 0.5% P 0.2% K 0.5% 1 टन फसल 20 N 10 P 15 K निकलता 2023 120 किलो हेक्टेयर उपयोग। |
| मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना | 19 फरवरी 2015 सूरतगढ़ राजस्थान मोदी शुरू 12 पैरामीटर N P K S Zn Fe B Mn Cu pH EC जैविक कार्बन 2024 22 करोड़ कार्ड हर 2 साल 2023 10000 प्रयोगशाला 1 10000 नमूने साल लागत 300 करोड़ साल मुफ्त 2017 50% किसान उर्वरक 10% कम 10% उपज बढ़ी ऐप 2017 पोर्टल soilhealth.dac.gov.in 2024 90% संतुष्ट 2.5 लाख गांव नमूने। |
| भारत में मृदा वर्गीकरण | 2 प्रणाली ICAR 8 जलोढ़ 43% 15 लाख गंगा ब्रह्मपुत्र सिंधु काली 15% 5.5 लाख दक्कन ट्रैप लाल पीली 18% 6 लाख ग्रेनाइट नीस लेटराइट 4% 1.3 लाख 200 सेमी शुष्क 4% थार पर्वतीय 8% हिमालय 3000 मीटर लवणीय 2% गुजरात पंजाब पीट 1% केरल सुंदरबन USDA 12 एंटीसोल नई इन्सेप्टिसोल युवा 40% भारत अल्फीसोल लाल पीली वर्टीसोल काली अरीडिसोल शुष्क अल्टीसोल लेटराइट ऑक्सीसोल अधिक अपक्षय मॉलीसोल घास स्पोडोसोल अम्लीय हिस्टोसोल पीट एंडिसोल ज्वालामुखी जेलीसोल बर्फ NBSS&LUP नागपुर 1976 10000 प्रोफाइल खादर बांगर 2023 डिजिटल 1:50000 1970-2020 30% अपरदित। |
| चंबल बीहड़ | 4000 वर्ग किमी गली अपरदन UP MP राजस्थान 500 एनीकट 30% सुधार 1970 से राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य 5400 वर्ग किमी घड़ियाल 1000 बचे। |
| जैविक कार्बन | 0.5% से कम कम 0.5-0.75 मध्यम 0.75 से अधिक अधिक भारत औसत 0.3% कम 1% बढ़त 10% उपज बढ़त गोबर 0.5% N 0.2% P 0.5% K। |
| USDA वर्गीकरण | 12 ऑर्डर एंटीसोल नई इन्सेप्टिसोल युवा 40% भारत अल्फीसोल लाल वर्टीसोल काली अरीडिसोल शुष्क अल्टीसोल लेटराइट ऑक्सीसोल अधिक अपक्षय मॉलीसोल घास स्पोडोसोल अम्लीय हिस्टोसोल पीट एंडिसोल ज्वालामुखी जेलीसोल बर्फ। |
| NBSS&LUP | राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण भू उपयोग नियोजन ब्यूरो नागपुर 1976 1956 सर्वेक्षण शुरू 10000 प्रोफाइल 2023 डिजिटल मानचित्र 1:50000। |