महासागरीय जलधाराएं - भाग 1
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गर्म-ठंडी जलधाराएं, अटलांटिक और प्रशांत महासागर की धाराओं पर आधारित 50 महत्वपूर्ण प्रश्न
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💡 व्याख्या
महासागरीय जलधाराएं: गर्म-ठंडी धाराएं, अटलांटिक और प्रशांत की प्रमुख धाराएं
महासागरीय जलधाराएं महासागर में नदी के समान प्रवाहित होने वाली जल राशियाँ हैं जो तापमान, लवणता, पवन और कोरिओलिस बल से नियंत्रित होती हैं। विषुवत से ध्रुव की ओर जाने वाली गर्म जलधाराएं उच्च अक्षांशों को गर्म और आर्द्र बनाती हैं, जबकि ध्रुव से विषुवत की ओर आने वाली ठंडी जलधाराएं तटों को ठंडा, शुष्क और कोहरे से भर देती हैं। अटलांटिक में गल्फ स्ट्रीम और लैब्राडोर तथा प्रशांत में कुरोशियो और कैलिफोर्निया धारा विश्व की सबसे शक्तिशाली और जलवायु-निर्धारक धाराएं हैं। इनके मिलन स्थल पर ग्रैंड बैंक और जापान तट पर विश्व के सबसे समृद्ध मत्स्य क्षेत्र बनते हैं। UPSC में गर्म-ठंडी का अंतर, गल्फ स्ट्रीम-लैब्राडोर मिलन और कुरोशियो-ओयाशियो का प्रभाव प्रत्येक वर्ष पूछा जाता है।
परिभाषा और कारण: महासागर की सतह पर 0-500 मीटर तक चलने वाली धारा, गति 0.5-3 मी/से (1-5 नॉट), कारण - (i) स्थायी पवनें (व्यापारिक, पछुआ), (ii) कोरिओलिस बल (NH में दायें, SH में बायें, इसलिए उपोष्ण चक्र), (iii) तापमान-लवणता अंतर (थर्मोहेलाइन), (iv) महाद्वीपीय आकार
गर्म और ठंडी में अंतर: गर्म धारा - विषुवत से ध्रुव की ओर, तापमान आसपास के जल से 5-10°C अधिक, पूर्वी तटों पर (NH में), आर्द्र, वर्षा लाती है। ठंडी धारा - ध्रुव से विषुवत की ओर, तापमान 5-10°C कम, पश्चिमी तटों पर, शुष्क, कोहरा, मरुस्थल बनाती है
अटलांटिक की प्रमुख धाराएं: उत्तरी अटलांटिक चक्र - गल्फ स्ट्रीम (गर्म, 25°C, 2 मी/से, फ्लोरिडा से), उत्तरी अटलांटिक प्रवाह (गर्म, यूरोप को गर्म रखता है), कनारी (ठंडी, सहारा तट पर), लैब्राडोर (ठंडी, -1°C, बैफिन खाड़ी से)। दक्षिणी अटलांटिक चक्र - ब्राजील (गर्म), बेंगुएला (ठंडी, नामीब मरुस्थल), फॉकलैंड (ठंडी)। सारगैसो सागर - उत्तरी अटलांटिक चक्र के मध्य शांत क्षेत्र, सारगैसम घास
प्रशांत की प्रमुख धाराएं: उत्तरी प्रशांत चक्र - कुरोशियो (गर्म, Black Current, 24°C, 2 मी/से, फिलीपींस से जापान), उत्तरी प्रशांत प्रवाह (गर्म, अलास्का की ओर), कैलिफोर्निया (ठंडी, 15°C, कैलिफोर्निया तट पर), ओयाशियो (ठंडी, -1°C, बेरिंग से)। दक्षिणी प्रशांत चक्र - पूर्वी ऑस्ट्रेलिया (गर्म), पेरू/हम्बोल्ट (ठंडी, 14°C, पेरू तट पर, मत्स्य समृद्ध), अल-नीनो (गर्म, प्रति-धारा)
महत्वपूर्ण मिलन: गल्फ स्ट्रीम + लैब्राडोर = ग्रैंड बैंक (न्यूफाउंडलैंड) पर घना कोहरा और मत्स्य क्षेत्र, कुरोशियो + ओयाशियो = जापान तट पर मत्स्य क्षेत्र, ब्राजील + फॉकलैंड = अर्जेंटीना तट पर
1. गर्म और ठंडी जलधाराएं - अंतर, कारण और जलवायु पर प्रभाव
उत्पत्ति के कारण: (i) पवन: व्यापारिक पवनें विषुवतीय धारा को पूर्व से पश्चिम धकेलती हैं, पछुआ पवनें 40° पर पूर्व की ओर। (ii) कोरिओलिस बल: Fc=2mVΩsinφ, NH में दायें मोड़ से उपोष्ण चक्र दक्षिणावर्त, SH में वामावर्त बनता है। (iii) एकमैन स्पाइरल: पवन सतह जल को 45° मोड़ती है, नीचे की परतें और मुड़ती हैं, औसत परिवहन पवन से 90° दायें (NH में)। (iv) ताप-लवणता: ठंडा, अधिक लवणीय जल भारी होकर नीचे बैठता है - थर्मोहेलाइन परिसंचरण (अटलांटिक मेरिडियनल ओवरटर्निंग - AMOC)।
गर्म जलधारा: विषुवत (28°C) से ध्रुव की ओर, तापमान आसपास के जल से 5-10°C अधिक, लवणता कम। दिशा - महाद्वीपों के पूर्वी तट पर (NH में उत्तर-पूर्व व्यापारिक से) और उच्च अक्षांश में पश्चिमी तट पर (पछुआ से)। प्रभाव - तट को गर्म रखती है, जैसे गल्फ स्ट्रीम से नॉर्वे तट 60°N पर भी जनवरी में 0°C (बर्फ रहित), जबकि लैब्राडोर तट पर -20°C। आर्द्रता अधिक होने से वर्षा लाती है - जापान में कुरोशियो से 150 सेमी वर्षा।
ठंडी जलधारा: ध्रुव (-1°C) से विषुवत की ओर, तापमान 5-10°C कम, लवणता अधिक। दिशा - महाद्वीपों के पश्चिमी तट पर (उपोष्ण उच्च से विषुवत की ओर) और उच्च अक्षांश में पूर्वी तट पर। प्रभाव - तट को ठंडा, शुष्क बनाती है, क्योंकि ठंडी धारा के ऊपर वायु स्थिर, मेघ नहीं बनते। इसलिए सभी गर्म मरुस्थल ठंडी धारा वाले पश्चिमी तटों पर - कनारी से सहारा, बेंगुएला से कालाहारी-नामीब, पेरू से अटाकामा, कैलिफोर्निया से मोजावे। ठंडी-गर्म मिलने पर घना कोहरा - ग्रैंड बैंक पर 100 दिन/वर्ष कोहरा, हवाई यातायात बाधित, पर प्लवक (Plankton) वृद्धि से मत्स्य समृद्ध - ग्रैंड बैंक, जापान तट, पेरू तट विश्व के 3 सबसे बड़े मत्स्य क्षेत्र।
2. अटलांटिक महासागर की प्रमुख जलधाराएं - गल्फ स्ट्रीम और लैब्राडोर
उत्तरी अटलांटिक चक्र (North Atlantic Gyre - दक्षिणावर्त, 20-50°N): (i) उत्तरी विषुवतीय धारा (गर्म): अफ्रीका से कैरेबियन तक, व्यापारिक पवन से, 24°C। (ii) एंटीलिज धारा (गर्म): कैरेबियन के उत्तर से। (iii) गल्फ स्ट्रीम (Gulf Stream - सबसे शक्तिशाली गर्म धारा): फ्लोरिडा जलडमरूमध्य से (25°C, लवणता 36‰, गति 2 मी/से, 80 मिलियन घन मी/से प्रवाह - अमेजन से 100 गुना अधिक), अमेरिका के पूर्वी तट के साथ उत्तर की ओर, 40°N पर 2 भाग - उत्तरी अटलांटिक प्रवाह (North Atlantic Drift, गर्म, 10°C, यूरोप को गर्म रखता है, नॉर्वे तट बर्फ रहित, लंदन 51°N पर जनवरी 4°C) और कनारी धारा की ओर दक्षिणी मोड़। खोज - बेंजामिन फ्रैंकलिन 1769 में। प्रभाव - यूरोप की जलवायु समकारी, 5°C अधिक गर्म। (iv) कनारी धारा (ठंडी): स्पेन-पुर्तगाल से सहारा तट तक, 16°C, सहारा मरुस्थल का कारण, मत्स्य समृद्ध। (v) लैब्राडोर धारा (ठंडी, सबसे ठंडी): बैफिन खाड़ी-ग्रीनलैंड से -1°C, लवणता 33‰, हिमखंड लाती है - टाइटैनिक 1912 में इसी हिमखंड से टकराया, ग्रैंड बैंक पर गल्फ स्ट्रीम से मिलकर घना कोहरा और विश्व का सबसे समृद्ध मत्स्य क्षेत्र (कॉड)। (vi) सारगैसो सागर: चक्र के मध्य 20-40°N, 35-75°W में शांत क्षेत्र, सारगैसम घास, कोई धारा नहीं, यूरोपीय ईल का प्रजनन क्षेत्र।
दक्षिणी अटलांटिक चक्र (वामावर्त, 0-40°S): (i) दक्षिणी विषुवतीय धारा (गर्म) अफ्रीका से ब्राजील तक। (ii) ब्राजील धारा (गर्म) ब्राजील तट पर दक्षिण की ओर, 26°C। (iii) फॉकलैंड धारा (ठंडी) अंटार्कटिक से अर्जेंटीना तट तक, -1°C, ब्राजील से 40°S पर मिलती है। (iv) बेंगुएला धारा (ठंडी) दक्षिण अफ्रीका के पश्चिमी तट पर उत्तर की ओर, 14°C, नामीब-कालाहारी मरुस्थल का कारण, मत्स्य समृद्ध। (v) अंटार्कटिक परिध्रुवीय धारा (ठंडी, विश्व की सबसे बड़ी) पश्चिम से पूर्व।
3. प्रशांत महासागर की प्रमुख जलधाराएं - कुरोशियो और कैलिफोर्निया
उत्तरी प्रशांत चक्र (दक्षिणावर्त, 20-60°N, विश्व का सबसे बड़ा चक्र): (i) उत्तरी विषुवतीय धारा (गर्म) मेक्सिको से फिलीपींस तक, 26°C। (ii) कुरोशियो धारा (Kuroshio - Black Current, गल्फ स्ट्रीम के समान): फिलीपींस के पूर्व से ताइवान-जापान के पूर्वी तट के साथ उत्तर की ओर, 24°C, लवणता 34.5‰, गति 2 मी/से, 50 मिलियन घन मी/से, रंग गहरा नीला-काला होने से नाम कुरोशियो (जापानी में काला)। प्रभाव - जापान तट को गर्म रखती है, टोक्यो में जनवरी 5°C जबकि समान अक्षांश पर चीन में -5°C, वर्षा 150 सेमी, मत्स्य समृद्ध। (iii) कुरोशियो विस्तार और उत्तरी प्रशांत प्रवाह (गर्म) जापान से अलास्का की ओर, 10°C। (iv) ओयाशियो धारा (ठंडी, लैब्राडोर के समान): बेरिंग सागर से -1°C, लवणता 33‰, हिमखंड और मत्स्य लाती है, कुरोशियो से होकाइडो के पास मिलकर घना कोहरा और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मत्स्य क्षेत्र (जापान तट)। (v) कैलिफोर्निया धारा (ठंडी, कनारी के समान): अलास्का से कैलिफोर्निया तट तक दक्षिण की ओर, 15°C, कैलिफोर्निया और मोजावे मरुस्थल का कारण, घना कोहरा (सैन फ्रांसिस्को का कोहरा), मत्स्य समृद्ध। (vi) अलास्का धारा (गर्म) अलास्का तट पर।
दक्षिणी प्रशांत चक्र (वामावर्त, 0-50°S): (i) दक्षिणी विषुवतीय धारा (गर्म) पेरू से ऑस्ट्रेलिया तक। (ii) पूर्वी ऑस्ट्रेलिया धारा (गर्म) ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट पर दक्षिण की ओर, 22°C, ग्रेट बैरियर रीफ को गर्म रखती है। (iii) पेरू/हम्बोल्ट धारा (ठंडी, विश्व की सबसे ठंडी और मत्स्य समृद्ध): अंटार्कटिक से पेरू-चिली तट तक उत्तर की ओर, 14°C, Upwelling से पोषक तत्व ऊपर आते हैं, एंकोवी मत्स्य विश्व का 20% यहीं, अटाकामा मरुस्थल का कारण। (iv) अल-नीनो धारा (गर्म, प्रति-धारा): 3-7 वर्ष में पेरू तट पर दक्षिण की ओर, 26°C, हम्बोल्ट को दबा देती है, मत्स्य समाप्त, पेरू में बाढ़, भारतीय मानसून कमजोर।
हिंद महासागर: मानसून से प्रभावित - शीतकाल में उत्तर-पूर्व मानसून धारा (ठंडी) और ग्रीष्म में दक्षिण-पश्चिम मानसून धारा (गर्म), सोमाली धारा ठंडी (Upwelling)।
| विशेषता | गर्म जलधारा | ठंडी जलधारा |
|---|---|---|
| दिशा / तापमान | विषुवत से ध्रुव की ओर, +5-10°C अधिक | ध्रुव से विषुवत की ओर, -5-10°C कम |
| स्थिति / उदाहरण | पूर्वी तट (NH) - गल्फ स्ट्रीम 25°C, कुरोशियो 24°C, ब्राजील 26°C | पश्चिमी तट - लैब्राडोर -1°C, कनारी 16°C, कैलिफोर्निया 15°C, पेरू 14°C |
| जलवायु प्रभाव | तट गर्म, आर्द्र, वर्षा अधिक - यूरोप, जापान गर्म | तट ठंडा, शुष्क, कोहरा, मरुस्थल - सहारा, अटाकामा, थार परोक्ष |
| अटलांटिक चक्र | गल्फ स्ट्रीम + उत्तरी अटलांटिक प्रवाह (गर्म) - यूरोप को 5°C गर्म | लैब्राडोर + कनारी + बेंगुएला + फॉकलैंड (ठंडी) - मत्स्य, कोहरा, मरुस्थल |
| प्रशांत चक्र | कुरोशियो + पूर्वी ऑस्ट्रेलिया (गर्म) - जापान, ऑस्ट्रेलिया गर्म | ओयाशियो + कैलिफोर्निया + पेरू/हम्बोल्ट (ठंडी) - मत्स्य, कोहरा, मरुस्थल |
Quick Revision - UPSC Prelims/Mains के लिए
- गर्म धारा विषुवत से ध्रुव की ओर, पूर्वी तट पर (NH), ठंडी ध्रुव से विषुवत की ओर, पश्चिमी तट पर - कोरिओलिस से उपोष्ण चक्र दक्षिणावर्त (NH)।
- गल्फ स्ट्रीम 25°C, 2 मी/से, 80 Sv प्रवाह, फ्लोरिडा से, उत्तरी अटलांटिक प्रवाह बनकर यूरोप को 5°C गर्म रखता है, नॉर्वे तट 60°N पर बर्फ रहित।
- लैब्राडोर -1°C, बैफिन से, हिमखंड लाती है, ग्रैंड बैंक पर गल्फ स्ट्रीम से मिलकर घना कोहरा और विश्व का सबसे समृद्ध मत्स्य क्षेत्र - टाइटैनिक का हिमखंड इसी का।
- कुरोशियो = Black Current, 24°C, 2 मी/से, गल्फ स्ट्रीम के समान, जापान तट गर्म, ओयाशियो -1°C ठंडी से मिलकर जापान तट पर मत्स्य क्षेत्र।
- कैलिफोर्निया ठंडी 15°C, कनारी के समान, कैलिफोर्निया-मोजावे मरुस्थल और सैन फ्रांसिस्को कोहरे का कारण। पेरू/हम्बोल्ट 14°C, सबसे मत्स्य समृद्ध, अटाकामा मरुस्थल का कारण।
- ठंडी-गर्म मिलने पर कोहरा + मत्स्य - ग्रैंड बैंक (गल्फ+लैब्राडोर), जापान (कुरोशियो+ओयाशियो), पेरू (हम्बोल्ट Upwelling) विश्व के 3 बड़े मत्स्य क्षेत्र।
- UPSC ट्रिक - गर्म धारा = आर्द्र, वर्षा; ठंडी = शुष्क, मरुस्थल, कोहरा। सभी गर्म मरुस्थल ठंडी धारा वाले पश्चिमी तटों पर - सहारा (कनारी), कालाहारी (बेंगुएला), अटाकामा (पेरू)।
FAQ - अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. गल्फ स्ट्रीम और कुरोशियो दोनों गर्म धाराएं हैं, पर यूरोप और जापान पर इनका प्रभाव अलग क्यों है?
A. दोनों 25°C, 2 मी/से, उपोष्ण चक्र की पश्चिमी सीमा धाराएं हैं। गल्फ स्ट्रीम फ्लोरिडा से 40°N तक उत्तर-पूर्व की ओर 3000 किमी चलती है, उत्तरी अटलांटिक प्रवाह बनकर 60°N तक जाती है, इसलिए नॉर्वे तट 60°N पर जनवरी में 0°C, बर्फ रहित, जबकि समान अक्षांश पर लैब्राडोर तट -20°C। कुरोशियो फिलीपींस से 35°N तक ही जाती है, फिर उत्तरी प्रशांत प्रवाह बनकर अलास्का की ओर मुड़ जाती है, जापान तट को 5°C गर्म रखती है, पर महाद्वीपीय प्रभाव से चीन तट ठंडा। गल्फ स्ट्रीम का प्रवाह 80 Sv, कुरोशियो का 50 Sv, इसलिए यूरोप पर प्रभाव अधिक। दोनों मत्स्य क्षेत्र बनाती हैं।
Q2. लैब्राडोर और ओयाशियो ठंडी धाराएं हिमखंड क्यों लाती हैं और ग्रैंड बैंक पर कोहरा क्यों बनता है?
A. लैब्राडोर बैफिन खाड़ी-ग्रीनलैंड से -1°C, लवणता 33‰, ग्रीनलैंड हिम टोपी से हिमखंड टूटकर इसी में बहते हैं - टाइटैनिक का हिमखंड लैब्राडोर का था। ओयाशियो बेरिंग सागर से -1°C, साइबेरिया से हिमखंड लाती है। जब -1°C की ठंडी धारा 25°C की गर्म गल्फ स्ट्रीम/कुरोशियो से मिलती है तो तापमान अंतर 26°C, गर्म धारा के ऊपर आर्द्र वायु ठंडी धारा के ऊपर ठंडी होकर संघनित हो जाती है - घना एडवेक्शन कोहरा, ग्रैंड बैंक पर 100 दिन/वर्ष, दृश्यता 50 मीटर। कोहरा हवाई जहाजों के लिए खतरनाक पर प्लवक वृद्धि से मत्स्य समृद्ध - कॉड, हेरिंग।
Q3. कैलिफोर्निया और कनारी ठंडी धाराएं मरुस्थल कैसे बनाती हैं?
A. ठंडी धारा के ऊपर वायु ठंडी, स्थिर, भारी हो जाती है, इसलिए ऊपर नहीं उठती, मेघ नहीं बनते, वर्षा नहीं। साथ ही ठंडी धारा के ऊपर उच्च दाब बनता है, वायु अवतलन करती है, शुष्क। कैलिफोर्निया धारा 15°C, कैलिफोर्निया तट पर सापेक्ष आर्द्रता 60% पर भी वर्षा 30 सेमी, इसलिए मोजावे-कोलोराडो मरुस्थल। कनारी 16°C, सहारा तट पर वर्षा 10 सेमी, इसलिए सहारा मरुस्थल। ठंडी धारा + उपोष्ण उच्च दाब (30°) मिलकर विश्व के सभी गर्म मरुस्थल पश्चिमी तटों पर बनाते हैं - यही कारण है कि थार को छोड़कर सभी मरुस्थल पश्चिमी तटों पर हैं।
Q4. पेरू/हम्बोल्ट धारा विश्व की सबसे मत्स्य समृद्ध क्यों है और अल-नीनो इसे कैसे नष्ट करता है?
A. पेरू धारा 14°C ठंडी, अंटार्कटिक से आती है, पेरू तट पर दक्षिण-पूर्व व्यापारिक पवनें तट से दूर जल को धकेलती हैं, नीचे से ठंडा, पोषक तत्वों (नाइट्रेट, फॉस्फेट) से भरपूर जल ऊपर आता है - Upwelling, इसलिए प्लवक वृद्धि, एंकोवी मत्स्य विश्व का 20% यहीं, ग्वानो पक्षी। अल-नीनो में व्यापारिक पवनें कमजोर, गर्म जल (26°C) पूर्व की ओर आकर Upwelling बंद कर देता है, पोषक तत्व समाप्त, प्लवक-मत्स्य समाप्त, ग्वानो पक्षी मरते हैं, पेरू में बाढ़, भारतीय मानसून कमजोर। इसलिए पेरू में अल-नीनो को मत्स्य विनाशक कहा जाता है। सामान्य में पेरू धारा ठंडी-मत्स्य समृद्ध, अल-नीनो में गर्म-मत्स्य हीन।