सर्वनाम की परिभाषा, भेद और उदाहरण - संपूर्ण व्याकरण

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सर्वनाम की परिभाषा, भेद और उदाहरण - संपूर्ण व्याकरण - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़

सर्वनाम किसे कहते हैं, सर्वनाम के कितने भेद होते हैं, सर्वनाम के प्रकार, नियम और उदाहरण सहित विस्तृत जानकारी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए।

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💡 व्याख्या

सर्वनाम किसे कहते हैं

हिंदी व्याकरण में जब किसी वाक्य में संज्ञा शब्द की आवृत्ति बार-बार होने लगती है तो उस वाक्य की सुंदरता और सहजता नष्ट हो जाती है। इसी पुनरावृत्ति को रोकने तथा भाषा को प्रवाहमयी बनाने के लिए संज्ञा के स्थान पर जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें सर्वनाम कहते हैं। दूसरे शब्दों में, जो शब्द संज्ञा के बदले में आकर किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव का बोध कराते हैं, उन्हें सर्वनाम कहा जाता है। जैसे राम स्कूल गया, वह बहुत परिश्रमी है। इस वाक्य में राम के लिए वह शब्द का प्रयोग हुआ है, इसलिए वह सर्वनाम है।

सर्वनाम के भेद

हिंदी व्याकरण में सर्वनाम के मुख्य रूप से छह भेद माने गए हैं, जिनका वर्णन नीचे विस्तार से किया गया है।

पुरुषवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम बोलने वाले, सुनने वाले अथवा किसी अन्य व्यक्ति का बोध कराते हैं, उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। इसके तीन रूप होते हैं - उत्तम पुरुष जैसे मैं, हम; मध्यम पुरुष जैसे तू, तुम, आप; और अन्य पुरुष जैसे वह, वे, यह, ये।

निजवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम कर्ता के स्वयं के होने का बोध कराते हैं, उन्हें निजवाचक सर्वनाम कहा जाता है। जैसे आप, स्वयं, खुद, अपने आप आदि। यह सर्वनाम कर्म और कर्ता के एक होने का संकेत देते हैं।

निश्चयवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम किसी निश्चित व्यक्ति, वस्तु या स्थान की ओर संकेत करते हैं, उन्हें निश्चयवाचक सर्वनाम कहा जाता है। इसके दो उपभेद होते हैं - निकटवर्ती जैसे यह, ये और दूरवर्ती जैसे वह, वे।

अनिश्चयवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम किसी अनिश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध कराते हैं, उन्हें अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे कोई, कुछ, कोई-कोई, किसी ने आदि शब्द वाक्य में अनिश्चय का भाव प्रकट करते हैं।

प्रश्नवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम प्रश्न पूछने के उद्देश्य से प्रयुक्त होते हैं, उन्हें प्रश्नवाचक सर्वनाम कहा जाता है। जैसे कौन, क्या, किसने, किसको आदि। ये शब्द वाक्य में जिज्ञासा प्रकट करते हैं।

संबंधवाचक सर्वनाम

जो सर्वनाम दो वाक्यों या उपवाक्यों में संबंध स्थापित करते हैं, उन्हें संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे जो-सो, जो-वह, जैसा-वैसा आदि। यह युग्म के रूप में प्रयुक्त होते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य: हिंदी में सर्वनाम का प्रयोग अनिवार्य रूप से संज्ञा के पुनरुक्त होने को रोकने के लिए किया जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पुरुष, वचन और लिंग के अनुसार सर्वनाम के सही रूप का चयन पूछा जाता है। ध्यान रखें कि आप शब्द का प्रयोग आदरसूचक के रूप में बहुवचन की तरह होता है, जबकि तुम का प्रयोग समान स्तर पर किया जाता है।

सर्वनाम के नियम और उदाहरण

सर्वनाम का प्रकारउदाहरण
पुरुषवाचक सर्वनाममैं पढ़ता हूँ, तुम खेलते हो, वह गाता है
निजवाचक सर्वनाममैंने स्वयं यह कार्य किया, उसने खुद बनाया
निश्चयवाचक सर्वनामयह पुस्तक मेरी है, वह घर बहुत बड़ा है
अनिश्चयवाचक सर्वनामकोई दरवाजे पर खड़ा है, कुछ मीठा लाओ
प्रश्नवाचक सर्वनामकौन आया है, तुमने क्या खाया
संबंधवाचक सर्वनामजो परिश्रम करता है वह सफल होता है

परीक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे यूपीपीएससी आरओ एआरओ, यूपी पुलिस, एसएससी जीडी और सीटेट में सर्वनाम से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। परीक्षा में सर्वनाम के भेदों की पहचान, सही सर्वनाम का चयन, पुरुष एवं वचन के अनुसार उसका प्रयोग और संबंधवाचक युग्मों का मिलान जैसे प्रश्न प्रमुखता से आते हैं। इसके अतिरिक्त निजवाचक और अनिश्चयवाचक सर्वनाम के बीच अंतर भी पूछा जाता है। इसलिए इस अध्याय को उदाहरण सहित कंठस्थ करना चाहिए ताकि वाक्य प्रयोग में सही सर्वनाम का चयन किया जा सके।