भारत के राष्ट्रीय प्रतीक एवं चिन्ह: सामान्य ज्ञान अध्ययन सामग्री
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प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों, उनके इतिहास, वैज्ञानिक नामों, संवैधानिक स्वीकृति की तिथियों और महत्वपूर्ण तथ्यों का संपूर्ण संकलन।
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💡 व्याख्या
भारत के राष्ट्रीय प्रतीक: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं परीक्षा महत्व
कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड, पुलिस भर्ती, रक्षा तथा राज्य स्तरीय सिविल सेवा परीक्षाओं में भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों से संबंधित प्रश्न अनिवार्य रूप से पूछे जाते हैं। विविध सामान्य ज्ञान के इस महत्वपूर्ण खंड में राष्ट्रीय ध्वज के आयाम, राष्ट्रीय प्रतीक के स्थापत्य, राष्ट्रगान एवं राष्ट्रीय गीत के गायन नियम, राष्ट्रीय पशु, पक्षी, पुष्प, वृक्ष, नदी, जलीय जीव तथा राष्ट्रीय मुद्रा चिह्न से जुड़े प्रामाणिक तथ्य शामिल होते हैं। इन राष्ट्रीय चिन्हों के वैज्ञानिक नाम और इन्हें संविधान सभा अथवा भारत सरकार द्वारा अंगीकार किए जाने की ऐतिहासिक तिथियों का सटीक ज्ञान वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को हल करने में अत्यंत सहायक होता है।
राष्ट्रीय ध्वज एवं राज्य प्रतीक की संरचना
भारत के राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' का वर्तमान प्रारूप पिंगली वेंकैया द्वारा तैयार किया गया था, जिसे संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को आधिकारिक रूप से अपनाया था। राष्ट्रीय ध्वज की लंबाई और चौड़ाई का अनुपात तीन अनुपात दो (3:2) निर्धारित है। इसमें शीर्ष पर केसरिया, मध्य में सफेद तथा तल में हरा रंग समान अनुपात में व्यवस्थित है। सफेद पट्टी के केंद्र में गहरे नीले रंग का 24 तीलियों वाला धर्म चक्र स्थित है, जो सारनाथ के अशोक स्तंभ से लिया गया है। भारत का राज्य प्रतीक (राष्ट्रीय प्रतीक) सारनाथ स्थित अशोक के सिंह स्तंभ के शीर्ष की अनुकृति है, जिसे 26 जनवरी 1950 को अपनाया गया था। इसके फलक के नीचे देवनागरी लिपि में भारत का राष्ट्रीय आदर्श वाक्य 'सत्यमेव जयते' अंकित है, जो मुंडकोपनिषद से लिया गया है।
राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रीय पंचांग
रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा मूल रूप से बांग्ला में रचित 'जन-गण-मन' को 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा द्वारा भारत के राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया गया था। इसके पूर्ण गायन की आधिकारिक समय अवधि 52 सेकंड निर्धारित है। बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित उनके उपन्यास आनंदमठ से संकलित 'वंदे मातरम्' को राष्ट्रीय गीत का दर्जा प्रदान किया गया है, जिसे पहली बार 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया था। भारत का आधिकारिक राष्ट्रीय पंचांग 'शक संवत' पर आधारित है, जिसे 22 मार्च 1957 को ग्रेगोरियन कैलेंडर के साथ राष्ट्रीय उपयोग हेतु अपनाया गया था। इसका प्रथम माह चैत्र तथा अंतिम माह फाल्गुन होता है।
| राष्ट्रीय प्रतीक | नाम / स्वरूप | वैज्ञानिक नाम / रचयिता | स्वीकृति / घोषणा तिथि |
|---|---|---|---|
| राष्ट्रीय ध्वज | तिरंगा (अनुपात 3:2) | पिंगली वेंकैया (डिजाइनर) | 22 जुलाई 1947 |
| राष्ट्रीय प्रतीक | अशोक सिंह स्तंभ | सत्यमेव जयते (मुंडकोपनिषद) | 26 जनवरी 1950 |
| राष्ट्रगान | जन-गण-मन | रवींद्रनाथ टैगोर | 24 जनवरी 1950 |
| राष्ट्रीय गीत | वंदे मातरम् | बंकिमचंद्र चटर्जी | 24 जनवरी 1950 |
| राष्ट्रीय पशु | बाघ (रॉयल बंगाल टाइगर) | पैंथेरा टाइग्रिस | अप्रैल 1973 |
| राष्ट्रीय पक्षी | मोर (भारतीय मोर) | पावो क्रिस्टेटस | 31 जनवरी 1963 |
| राष्ट्रीय पुष्प | कमल | नेलुम्बो न्यूसीफेरा | संवैधानिक रूप से मान्य |
| राष्ट्रीय वृक्ष | बरगद (वटवृक्ष) | फिकस बेंगालेंसिस | संवैधानिक रूप से मान्य |
प्राकृतिक राष्ट्रीय प्रतीक एवं उनकी पहचान
भारत सरकार द्वारा समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण और राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक के रूप में विशिष्ट वनस्पतियों और जीवों को राष्ट्रीय प्रतीक घोषित किया गया है। राष्ट्रीय पशु के रूप में पूर्व में सिंह को मान्यता प्राप्त थी, जिसे वर्ष 1973 में 'प्रोजेक्ट टाइगर' के आरंभ के साथ बदलकर रॉयल बंगाल टाइगर को राष्ट्रीय पशु बनाया गया। राष्ट्रीय पक्षी मोर (पावो क्रिस्टेटस) को 1963 में घोषित किया गया था। भारत का राष्ट्रीय फल आम (मैंगिफेरा इंडिका) तथा राष्ट्रीय वृक्ष बरगद (फिकस बेंगालेंसिस) है, जो अपनी दीर्घायु और विशाल छत्र के लिए अमरता का प्रतीक माना जाता है। इन सभी राष्ट्रीय प्रतीकों का व्यवस्थित अध्ययन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।