भारत एवं विश्व के प्रमुख रिकॉर्ड: सबसे बड़े, सबसे ऊँचे और ऐतिहासिक कीर्तिमान
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प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भारत और विश्व के प्रमुख बुनियादी ढाँचे, संस्थागत उपलब्धियों, सांस्कृतिक रिकॉर्ड और विभिन्न क्षेत्रों के ऐतिहासिक कीर्तिमानों की संपूर्ण अध्ययन सामग्री।
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💡 व्याख्या
भारत एवं विश्व के प्रमुख रिकॉर्ड का परिचय
कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड, रक्षा सेवाओं, बैंकिंग और राज्य स्तरीय लोक सेवा आयोगों की परीक्षाओं में भारत और विश्व के प्रमुख रिकॉर्ड तथा उपलब्धियों से जुड़े प्रश्न निरंतर पूछे जाते हैं। विविध सामान्य ज्ञान का यह खंड मानव निर्मित संरचनाओं, आधुनिक बुनियादी ढाँचे, ऐतिहासिक संस्थानों, परिवहन नेटवर्क और संस्कृति के क्षेत्रों में स्थापित अद्वितीय कीर्तिमानों पर केंद्रित रहता है। इस अध्ययन सामग्री में प्राकृतिक भूगोल की पारंपरिक सीमाओं से परे जाकर उन मानव निर्मित, संस्थागत और तकनीकी उपलब्धियों को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत किया गया है जो वैश्विक तथा राष्ट्रीय पटल पर अद्वितीय स्थान रखती हैं। इन प्रामाणिक तथ्यों की स्पष्ट समझ प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए अनिवार्य है।
भारत के प्रमुख बुनियादी ढाँचा और संस्थागत कीर्तिमान
भारत ने आधुनिक काल में कई ऐसे विशाल ढाँचों और संस्थानों का निर्माण किया है जो विश्व स्तर पर अपनी भव्यता के लिए जाने जाते हैं। गुजरात के केवड़िया में नर्मदा नदी के तट पर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी 182 मीटर की ऊँचाई के साथ दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा है, जो सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को समर्पित है। वहीं परिवहन और संपर्क के क्षेत्र में असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर निर्मित भूपेन हजारिका सेतु देश का सबसे लंबा नदी पुल है, जिसकी कुल लंबाई 9.15 किलोमीटर है। इसी प्रकार हिमाचल प्रदेश में रोहतांग के पास निर्मित अटल टनल 10,000 फीट से अधिक की ऊँचाई पर स्थित दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग है, जो मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ती है।
विश्व के प्रमुख गैर-भौगोलिक एवं सांस्कृतिक रिकॉर्ड
वैश्विक स्तर पर भी अनेक ऐसे संस्थान, पुस्तकालय, भवन और परिवहन प्रणालियाँ हैं जो अपनी विशालता और प्राचीनता के लिए अद्वितीय मानी जाती हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका की वाशिंगटन डीसी स्थित लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस को संग्रह और पुस्तकों की संख्या के आधार पर विश्व का सबसे बड़ा पुस्तकालय माना जाता है। इसी तरह सुरक्षा और रक्षा प्रशासन के क्षेत्र में अमेरिका का पेंटागन भवन क्षेत्रफल के आधार पर दुनिया के सबसे बड़े कार्यालय परिसरों में गिना जाता है, जबकि गुजरात के सूरत में स्थापित सूरत डायमंड बोर्स अब विश्व का सबसे बड़ा एकल कार्यालय भवन बनकर उभरा है। चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी कई शताब्दियों पुराने विश्वविद्यालय और अनुसंधान केंद्र आज भी सक्रियता से अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
| प्रमुख कीर्तिमान / रिकॉर्ड | संबंधित संरचना / संस्थान | स्थान / देश |
|---|---|---|
| विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा | स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (182 मीटर) | केवड़िया, गुजरात, भारत |
| विश्व का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम | नरेंद्र मोदी स्टेडियम | अहमदाबाद, गुजरात, भारत |
| विश्व का सबसे बड़ा कार्यालय भवन | सूरत डायमंड बोर्स | सूरत, गुजरात, भारत |
| भारत का सबसे लंबा नदी पुल | भूपेन हजारिका सेतु (धोला-सादिया) | असम एवं अरुणाचल प्रदेश, भारत |
| विश्व का सबसे ऊँचा रेलवे आर्च पुल | चिनाब रेल ब्रिज | रियासी, जम्मू-कश्मीर, भारत |
| विश्व का सबसे बड़ा पुस्तकालय | लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस | वाशिंगटन डीसी, संयुक्त राज्य अमेरिका |
परिवहन, खेल और आधुनिक विज्ञान के प्रमुख कीर्तिमान
यातायात और खेल सुविधाओं के विकास ने भी रिकॉर्ड की एक नई शृंखला प्रस्तुत की है। भारत में सबसे तेज गति से चलने वाली सेमी-हाई-स्पीड रेलगाड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस ने आधुनिक रेल तकनीक के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। इसके अलावा दुनिया का सबसे ऊँचा मोटर वाहन योग्य दर्रा और सड़क उमलिंग ला दर्रे पर सीमा सड़क संगठन द्वारा निर्मित की गई है। खेलों की दृष्टि से देखें तो विभिन्न अंतरराष्ट्रीय आयोजनों और ओलंपिक में स्थापित रिकॉर्ड्स के साथ-साथ अत्याधुनिक सुविधाओं वाले स्टेडियमों की स्थापना से भारत का स्थान खेल मानचित्र पर सुदृढ़ हुआ है। इन सभी महत्वपूर्ण तथ्यों और रिकॉर्ड्स का क्रमबद्ध अभ्यास विविध सामान्य ज्ञान के प्रश्नों को हल करने में अत्यधिक सहायक सिद्ध होता है।