Election Commission - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़

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Election Commission - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़

Election Commission of India - 50 MCQs with detailed explanations for UPSC, SSC, State PCS and other competitive exams

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💡 व्याख्या

भारत निर्वाचन आयोग - Election Commission of India अनुच्छेद 324

भारत निर्वाचन आयोग भारतीय लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक निकाय है। इसका उल्लेख संविधान के भाग 15 अनुच्छेद 324 से 329 में है। आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 को हुई। यह भारत में लोकसभा, राज्यसभा, राज्य विधानसभाओं, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव कराता है। पंचायत और नगरपालिका चुनाव नहीं कराता, वे राज्य निर्वाचन आयोग कराते हैं। इसे स्वतंत्र निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 25 जनवरी को 2011 से राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है।

संरचना और नियुक्ति प्रक्रिया में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्त होते हैं। वर्तमान में यह 3 सदस्यीय आयोग है। 1993 से पहले एक सदस्यीय था, 1989 में 2 सदस्यीय बनाया गया था फिर 1990 में एक सदस्यीय और 1993 से 3 सदस्यीय। मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। 2023 के मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त नियुक्ति अधिनियम के तहत चयन समिति में प्रधानमंत्री अध्यक्ष, लोकसभा में विपक्ष के नेता और PM द्वारा नामित केंद्रीय मंत्री होते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अनूप बरनवाल मामले 2023 में कहा था नियुक्ति PM LoP CJI की समिति द्वारा होनी चाहिए। मुख्य निर्वाचन आयुक्त को केवल महाभियोग के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश के समान हटाया जा सकता है, अन्य आयुक्तों को CEC की सिफारिश पर राष्ट्रपति हटा सकते हैं। कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष आयु तक जो पहले हो। नियुक्ति के बाद वे संसद के प्रति उत्तरदायी नहीं होते स्वतंत्र होते हैं। निर्णय बहुमत से होता है।

मुख्य कार्य और शक्तियां

निर्वाचन आयोग के मुख्य कार्य मतदाता सूची तैयार करना और अद्यतन रखना, राजनीतिक दलों का पंजीकरण और मान्यता और चुनाव चिह्न आवंटन, आचार संहिता लागू करना, चुनाव तारीखें घोषित करना अधिसूचना जारी करना, चुनाव कार्यक्रम तय करना, मतदान केंद्र स्थापित करना, EVMs का प्रयोग पहली बार 1982 केरल में और व्यापक 1999 से, VVPAT 2013 से, NOTA विकल्प 2013 सुप्रीम कोर्ट आदेश से, चुनाव खर्च सीमा तय करना और निगरानी, चुनाव स्थगित या रद्द करना, परिणाम घोषित करना, पर्यवेक्षक नियुक्त करना, उपचुनाव कराना, मतदाता जागरूकता कार्यक्रम SVEEP चलाना, ऑनलाइन मतदाता सूची उपलब्ध कराना। आयोग पर्यवेक्षण और निगरानी करता है, मतगणना की निगरानी करता है। चुनाव याचिका नहीं सुनता, वह उच्च न्यायालय में जाती है अनुच्छेद 329 के अनुसार चुनाव विवाद न्यायालय में अपील योग्य नहीं सीधे चुनाव याचिका से।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और महत्वपूर्ण तथ्य

निर्वाचन आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950, पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुकुमार सेन 1950-1958, 1952 में पहले आम चुनाव, टी एन शेषन 1990-96 चुनाव सुधारक, 2011 से मतदाता दिवस। स्वतंत्रता लोकतंत्र की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण क्योंकि स्वतंत्र निकाय निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करता है। सिद्धांत स्वतंत्रता निष्पक्षता पारदर्शिता। बजट कार्मिक मंत्रालय नहीं बल्कि स्वतंत्र बजट लेकिन व्यय भारत की संचित निधि पर भारित नहीं सामान्य बजट से, प्रशासनिक व्यय केंद्र सरकार देती है। मुख्यालय नई दिल्ली निर्वाचन सदन। चुनाव किस प्रकार का होता है अप्रत्यक्ष नहीं प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों कराता है लेकिन राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति अप्रत्यक्ष। NOTA नन ऑफ द अबव 2013 से लागू।

संवैधानिक आधार Quick Revision

अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग, 325 धर्म जाति लिंग के आधार पर अयोग्यता नहीं एक मतदाता सूची, 326 वयस्क मताधिकार 18 वर्ष 61वां संशोधन 1988 द्वारा 21 से 18, 327 संसद की चुनाव विधि बनाने की शक्ति जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 1951 इसी के तहत, 328 राज्य विधानमंडल की शक्ति, 329 चुनाव विवादों पर न्यायालय हस्तक्षेप वर्जित। निर्वाचन आयोग स्वतंत्र है, चुनाव स्थगित कर सकता है, तारीख बदल सकता है, चुनाव रद्द कर सकता है असाधारण परिस्थिति में, अधिसूचना जारी करता है, चुनाव चिह्न आवंटित करता है चुनाव चिह्न आदेश 1968 के तहत, चुनाव खर्च सीमा तय करता है केंद्र सरकार अधिसूचना द्वारा लेकिन आयोग सिफारिश करता है। निर्णय अंतिम नहीं न्यायिक समीक्षा में जा सकता है लेकिन चुनाव प्रक्रिया के दौरान हस्तक्षेप नहीं। आयोग चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति नहीं करता राष्ट्रपति करता है। मुख्य कार्य स्वतंत्र निष्पक्ष चुनाव। लोकतांत्रिक मूल्य स्वतंत्रता समानता भागीदारी की रक्षा।

  • स्थापना 25 जनवरी 1950, संवैधानिक आधार अनुच्छेद 324 भाग 15 324-329, संरचना 3 सदस्यीय CEC+2 EC 1993 से पहले 1 सदस्यीय 1989 में 2 सदस्यीय, पहला CEC सुकुमार सेन 1950-58, सुधारक टी एन शेषन 1990-96
  • नियुक्ति कार्यकाल - नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा, चयन समिति 2023 अधिनियम PM अध्यक्ष LoP सदस्य PM नामित मंत्री, कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष, हटाना CEC महाभियोग सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश समान, EC को CEC सिफारिश पर राष्ट्रपति, स्वतंत्र निकाय
  • कार्य शक्तियां - मतदाता सूची तैयार अद्यतन ऑनलाइन, दल पंजीकरण मान्यता चिह्न आवंटन, आचार संहिता लागू, तारीख घोषित कार्यक्रम तय अधिसूचना जारी, मतदान केंद्र स्थापित, पर्यवेक्षक नियुक्त, EVM 1982 पहली बार VVPAT NOTA 2013 से, खर्च सीमा निगरानी, परिणाम घोषित, उपचुनाव, जागरूकता SVEEP, चुनाव स्थगित रद्द तारीख बदल सकता है
  • क्या नहीं कराता - पंचायत नगरपालिका नहीं, चुनाव याचिका नहीं सुनता अनुच्छेद 329, चुनाव आयुक्त नियुक्ति नहीं, संसद प्रति उत्तरदायी नहीं
  • महत्वपूर्ण अनुच्छेद - 324 आयोग, 325 धर्म जाति आधार पर अयोग्यता नहीं, 326 वयस्क मताधिकार 18 वर्ष 61वां संशोधन, 327 संसद शक्ति RPA 1950 1951, 328 राज्य शक्ति, 329 न्यायालय हस्तक्षेप वर्जित, निर्णय बहुमत से, मुख्यालय नई दिल्ली, सिद्धांत स्वतंत्र निष्पक्ष पारदर्शी, 25 जनवरी मतदाता दिवस 2011 से
विषयविवरण
स्थापना25 जनवरी 1950 राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी 2011 से
संवैधानिक आधारभाग 15 अनुच्छेद 324 आयोग, 325 एक मतदाता सूची, 326 वयस्क मताधिकार 18 वर्ष, 327 संसद विधि, 328 राज्य विधि, 329 चुनाव विवाद
संरचना3 सदस्यीय CEC+2 EC, 1993 से 3 सदस्यीय, पहला CEC सुकुमार सेन, सुधारक टी एन शेषन
नियुक्ति कार्यकाल हटानाराष्ट्रपति द्वारा, चयन समिति PM LoP PM नामित मंत्री 2023 अधिनियम, कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष, CEC हटाना महाभियोग, निर्णय बहुमत
चुनाव कराता हैलोकसभा राज्यसभा विधानसभा विधान परिषद राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति, पंचायत नगरपालिका नहीं
मुख्य कार्यमतदाता सूची, दल पंजीकरण मान्यता चिह्न आवंटन 1968 आदेश, आचार संहिता, तारीख घोषणा कार्यक्रम तय, मतदान केंद्र, पर्यवेक्षक, EVM 1982 VVPAT NOTA 2013, खर्च निगरानी, परिणाम घोषणा, स्थगित रद्द बदल सकता है, जागरूकता SVEEP
मुख्यालय स्वतंत्रतानई दिल्ली, स्वतंत्र निकाय संसद प्रति उत्तरदायी नहीं, बजट केंद्र से
न्यायिकचुनाव याचिका उच्च न्यायालय में, आयोग निर्णय न्यायिक समीक्षा योग्य लेकिन चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं

भारत निर्वाचन आयोग परीक्षा में अनुच्छेद 324, संरचना, नियुक्ति हटाने की प्रक्रिया और EVM VVPAT NOTA की तिथियों के कारण महत्वपूर्ण है।