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Prime Minister and Council of Ministers - 50 MCQs with detailed explanations for UPSC, SSC, State PCS and other competitive exams
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💡 व्याख्या
प्रधानमंत्री एवं मंत्रिपरिषद - संपूर्ण अध्ययन गाइड
प्रधानमंत्री भारत सरकार का वास्तविक कार्यकारी प्रमुख होता है। इसका प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 74 और 75 में किया गया है। राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख होता है जबकि प्रधानमंत्री वास्तविक प्रमुख होता है। प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है अनुच्छेद 75(3)। 91वें संशोधन 2003 के अनुसार प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती; वर्तमान 543 सदस्यीय लोकसभा के आधार पर अधिकतम संख्या 81 है। संवैधानिक प्रावधान अनुच्छेद 74 75, नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा, कार्यकाल निश्चित नहीं लोकसभा में बहुमत पर निर्भर, शपथ राष्ट्रपति द्वारा, वेतन संसद द्वारा निर्धारित, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) नई दिल्ली, पहला प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू 1947-1964। प्रधानमंत्री राज्यसभा सदस्य भी हो सकता है जैसे डॉ मनमोहन सिंह। प्रधानमंत्री को कानूनी उन्मुक्ति प्राप्त नहीं है राष्ट्रपति को अनुच्छेद 361 में है। कैबिनेट सचिवालय प्रधानमंत्री के अधीन कार्य करता है।
प्रधानमंत्री मूल जानकारी - नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 75(1), सामान्यतः लोकसभा में बहुमत दल नेता को, यदि स्पष्ट बहुमत नहीं तो राष्ट्रपति विवेक से नियुक्ति कर बहुमत सिद्ध करने को कहता है। मंत्री बनने के लिए संसद के किसी सदन का सदस्य होना सामान्यतः आवश्यक है; लेकिन Article 75(5) के तहत कोई व्यक्ति 6 लगातार महीने तक बिना सदस्य हुए मंत्री रह सकता है, इसके बाद सदस्य न बनने पर मंत्री पद समाप्त हो जाता है। मंत्री नियुक्ति प्रधानमंत्री सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा। शपथ राष्ट्रपति दिलाता है पद और गोपनीयता की। मंत्री पद से हटना राष्ट्रपति के pleasure के अधीन होता है; व्यवहार में मंत्री का त्यागपत्र प्रधानमंत्री के माध्यम से राष्ट्रपति को दिया जाता है। प्रधानमंत्री के पद रिक्त होने पर नई राजनीतिक व्यवस्था के अनुसार नए प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के गठन की आवश्यकता होती है नई मंत्रिपरिषद बनती है। मंत्रिपरिषद का गठन प्रधानमंत्री करता है राष्ट्रपति औपचारिक नियुक्ति। मंत्रिपरिषद बिना प्रधानमंत्री नहीं बन सकती प्रधानमंत्री मंत्रिपरिषद का प्रमुख। पद संवैधानिक है अनुच्छेद 74 75। वेतन संसद तय करती है। तुलना ब्रिटिश प्रधानमंत्री से। अविश्वास प्रस्ताव प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के विरुद्ध लोकसभा में लाया जा सकता है। कार्यकाल निश्चित नहीं।
मंत्रिपरिषद की संरचना और महत्वपूर्ण अनुच्छेद
मंत्रिपरिषद की संरचना तीन श्रेणियां - कैबिनेट मंत्री सबसे वरिष्ठ महत्वपूर्ण मंत्रालय प्रमुख कैबिनेट बैठक में शामिल नीति निर्णय, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार स्वतंत्र रूप से मंत्रालय प्रभार कैबिनेट में विशेष आमंत्रित होने पर शामिल, राज्य मंत्री कैबिनेट मंत्री के अधीन कार्य सहायता। कैबिनेट और मंत्रिपरिषद अंतर - मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री सहित सभी मंत्री शामिल होते हैं, जबकि कैबिनेट मंत्रिपरिषद का छोटा और प्रमुख निर्णयकारी समूह है। कैबिनेट का कोई निश्चित संवैधानिक आकार निर्धारित नहीं है। राज्य मंत्री कैबिनेट बैठक में सामान्यतः शामिल नहीं होता विशेष आमंत्रित पर ही। कैबिनेट मंत्री प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करता है। राज्य मंत्री अपने मंत्रालय से संबंधित कार्यों में सहायता करता है। मंत्रिपरिषद में कितनी श्रेणियां 3। कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री मुख्य अंतर कैबिनेट स्वतंत्र निर्णय महत्वपूर्ण मंत्रालय राज्य मंत्री अधीन या छोटा मंत्रालय। बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करता है। बैठक बुलाता प्रधानमंत्री। निर्णय मंत्रिपरिषद के नाम से नहीं कैबिनेट निर्णय सरकार के नाम से पर सामूहिक उत्तरदायित्व। बैठकें आवश्यकता के अनुसार होती हैं। रिकॉर्ड कैबिनेट सचिव रखता है।
शक्तियां कार्य और उत्तरदायित्व
महत्वपूर्ण अनुच्छेद - अनुच्छेद 74 राष्ट्रपति को सलाह देने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद राष्ट्रपति सलाह मानने को बाध्य 42वां संशोधन 1976 बाध्य 44वां 1978 एक बार पुनर्विचार अधिकार। अनुच्छेद 75 प्रधानमंत्री नियुक्ति मंत्रिपरिषद संरचना आकार 15 प्रतिशत 91वां 2003, 75(1A) के अनुसार लोकसभा की कुल सदस्य संख्या का 15 प्रतिशत से अधिक नहीं, 75(3) के अनुसार मंत्रिपरिषद लोकसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी है; लोकसभा का अविश्वास होने पर मंत्रिपरिषद को पद छोड़ना पड़ता है। अनुच्छेद 78 प्रधानमंत्री का राष्ट्रपति को सूचित करना प्रशासन और विधायी प्रस्तावों के बारे में मंत्रिपरिषद निर्णयों के बारे में। प्रधानमंत्री मुख्य कार्य - मंत्रिपरिषद बनाना हटाना, कैबिनेट अध्यक्षता, लोकसभा नेता, नीति निर्धारण, राष्ट्रपति को सलाह विदेश यात्रा संसद भंग सलाह, मंत्रियों में विभाग बांटना, समन्वय। मंत्री को हटा सकता है प्रधानमंत्री राष्ट्रपति से कहकर। राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद सलाह मानने को बाध्य 42वां और 44वां। प्रधानमंत्री किसी मंत्रालय का प्रभार ले सकता है सामान्यतः लेता है। प्रधानमंत्री की विदेश यात्राएं सरकारी समन्वय और प्रोटोकॉल के अनुसार होती हैं। मुख्य सलाहकार प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव कैबिनेट सचिव राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार। संसद भंग सलाह दे सकता है लोकसभा कार्यकाल से पहले।
UPSC SSC परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बिंदु
प्रधानमंत्री देश का वास्तविक प्रमुख राष्ट्रपति नाममात्र, राज्यसभा सदस्य भी हो सकता है मनमोहन सिंह उदाहरण, मंत्रिपरिषद का आकार लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता; वर्तमान 543 सदस्यीय लोकसभा के संदर्भ में अधिकतम 81 मंत्री, प्रधानमंत्री के पद रिक्त होने पर नई राजनीतिक व्यवस्था के अनुसार नए प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के गठन की आवश्यकता होती है, 42वां संशोधन 1976 राष्ट्रपति सलाह मानने बाध्य, 44वां 1978 एक बार पुनर्विचार अधिकार, कैबिनेट सचिवालय प्रधानमंत्री के अधीन कार्य करता है, प्रधानमंत्री को कानूनी उन्मुक्ति नहीं, पहला प्रधानमंत्री नेहरू, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नियुक्ति राष्ट्रपति, कार्यकाल निश्चित नहीं बहुमत पर, शपथ राष्ट्रपति, वेतन संसद निर्धारित, कैबिनेट मंत्री वरिष्ठ महत्वपूर्ण मंत्रालय, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार स्वतंत्र मंत्रालय, राज्य मंत्री अधीन कार्य, मंत्रिपरिषद लोकसभा प्रति उत्तरदायी, कोई व्यक्ति संसद के किसी सदन का सदस्य न होते हुए भी 6 लगातार महीने तक मंत्री रह सकता है; इसके बाद सदस्य न बनने पर मंत्री पद समाप्त हो जाता है, शपथ आवश्यक राष्ट्रपति दिलाता, मंत्री का त्यागपत्र प्रधानमंत्री के माध्यम से राष्ट्रपति को दिया जाता है, बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करता है, कैबिनेट सचिव रिकॉर्ड रखता, राज्य मंत्री अपने मंत्रालय से संबंधित कार्यों में सहायता करता है, अविश्वास लाया जा सकता, विदेश यात्रा से संबंधित सरकारी समन्वय और प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है।
- मूल जानकारी - प्रावधान 74 75, नियुक्ति राष्ट्रपति, कार्यकाल निश्चित नहीं लोकसभा बहुमत पर, शपथ राष्ट्रपति, वेतन संसद, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), पहला नेहरू 1947-1964, वास्तविक प्रमुख प्रधानमंत्री संवैधानिक राष्ट्रपति, राज्यसभा सदस्य हो सकता है मनमोहन सिंह, कानूनी उन्मुक्ति नहीं, कैबिनेट सचिवालय PM के अधीन, मंत्रिपरिषद PM बिना नहीं बन सकती, पद संवैधानिक
- संरचना - 3 श्रेणी कैबिनेट मंत्री वरिष्ठ महत्वपूर्ण मंत्रालय नीति निर्णय, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार स्वतंत्र मंत्रालय विशेष आमंत्रित पर कैबिनेट में, राज्य मंत्री अधीन कार्य, मंत्रिपरिषद के आकार पर 15 प्रतिशत की संवैधानिक सीमा लागू होती है; कैबिनेट का कोई निश्चित संवैधानिक आकार निर्धारित नहीं है। कैबिनेट मंत्री PM को रिपोर्ट, राज्य मंत्री अपने मंत्रालय से संबंधित कार्यों में सहायता करता है, बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करता है, बुलाता PM, बैठकें आवश्यकता के अनुसार, रिकॉर्ड कैबिनेट सचिव
- अनुच्छेद - 74 मंत्रिपरिषद राष्ट्रपति सलाह बाध्य 42वां 1976 बाध्य 44वां 1978 पुनर्विचार, 75 नियुक्ति संरचना 75(1A) के अनुसार प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती; वर्तमान 543 सदस्यीय लोकसभा के आधार पर यह अधिकतम 81 है, 75(3) सामूहिक उत्तरदायित्व लोकसभा के प्रति, 78 PM राष्ट्रपति को सूचित प्रशासन विधायी प्रस्ताव निर्णय, Article 75(5) के अनुसार 6 लगातार महीने तक संसद के किसी सदन का सदस्य न रहने पर मंत्री पद समाप्त हो जाता है, शपथ आवश्यक राष्ट्रपति दिलाता, त्यागपत्र प्रधानमंत्री के माध्यम से राष्ट्रपति को
- कार्य - PM मुख्य कार्य मंत्रिपरिषद बनाना हटाना विभाग बांटना कैबिनेट अध्यक्षता लोकसभा नेता नीति राष्ट्रपति सलाह संसद भंग सलाह विदेश यात्रा मंत्रालय प्रभार, मंत्री हटा सकता है PM राष्ट्रपति से, राष्ट्रपति सलाह मानने बाध्य, PM पद रिक्त होने पर नए प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के गठन की आवश्यकता, अविश्वास PM परिषद विरुद्ध लोकसभा, मंत्रालय प्रभार ले सकता है, विदेश यात्रा से संबंधित सरकारी समन्वय और प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है, मुख्य सलाहकार प्रधान सचिव कैबिनेट सचिव NSA, संसद भंग सलाह दे सकता, बैठक निर्णय सरकार नाम से
| विषय | विवरण |
|---|---|
| प्रावधान | अनुच्छेद 74 75, नियुक्ति राष्ट्रपति, कार्यकाल निश्चित नहीं बहुमत पर, शपथ राष्ट्रपति, वेतन संसद, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), पहला नेहरू, वास्तविक प्रमुख PM संवैधानिक राष्ट्रपति, राज्यसभा सदस्य हो सकता है |
| मंत्रिपरिषद आकार | लोकसभा का 15 प्रतिशत 91वां 2003 अधिकतम 81, सामूहिक उत्तरदायित्व लोकसभा प्रति 75(3), मंत्रिपरिषद का आकार 15 प्रतिशत की संवैधानिक सीमा के अधीन है; कैबिनेट प्रमुख निर्णयकारी समूह है और उसका निश्चित संवैधानिक आकार नहीं है। Article 75(5) के अनुसार 6 लगातार महीने तक संसद के किसी सदन का सदस्य न रहने पर मंत्री पद समाप्त हो जाता है |
| संरचना | कैबिनेट मंत्री वरिष्ठ महत्वपूर्ण मंत्रालय, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार स्वतंत्र मंत्रालय, राज्य मंत्री अधीन कार्य, कैबिनेट मंत्री PM को रिपोर्ट, राज्य मंत्री अपने मंत्रालय से संबंधित कार्यों में सहायता करता है, राज्य मंत्री सामान्यतः कैबिनेट का सदस्य नहीं होता |
| अनुच्छेद | 74 सलाह बाध्य 42वां 1976 44वां 1978 पुनर्विचार, 75 नियुक्ति आकार 15 प्रतिशत, 75(3) लोकसभा उत्तरदायी, 78 PM राष्ट्रपति को सूचित प्रशासन विधायी प्रस्ताव |
| कार्य | PM मुख्य कार्य परिषद बनाना हटाना विभाग बांटना अध्यक्षता लोकसभा नेता नीति राष्ट्रपति सलाह, मंत्री हटाना, PM पद रिक्त होने पर नए प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के गठन की आवश्यकता, अविश्वास लाया जा सकता, मंत्रालय प्रभार ले सकता, विदेश यात्रा से संबंधित सरकारी समन्वय और प्रोटोकॉल, सलाहकार प्रधान सचिव कैबिनेट सचिव NSA |
| बैठक | अध्यक्ष प्रधानमंत्री, बुलाता PM, बैठकें आवश्यकता के अनुसार, रिकॉर्ड कैबिनेट सचिव, निर्णय सरकार नाम से, उन्मुक्ति PM को नहीं, कैबिनेट सचिवालय PM के अधीन |
प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद से संबंधित अनुच्छेद, आकार, संरचना और उत्तरदायित्व परीक्षा में बार बार पूछे जाते हैं।