Political Parties - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़

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Political Parties in India - 50 MCQs

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राजनीतिक दल (Political Parties) - संपूर्ण अध्ययन गाइड

राजनीतिक दल लोकतंत्र की आधारशिला है। इनका पंजीकरण जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29A के तहत चुनाव आयोग करता है। चुनाव चिन्ह आदेश 1968 दलों को चुनाव चिन्ह आवंटित करता है। 10वीं अनुसूची के तहत दल-बदल विरोधी कानून 52वां संशोधन 1985 लागू होता है। राष्ट्रीय दल की मान्यता के लिए ECI के अनुसार इनमें से कोई एक शर्त पूरी होनी चाहिए: 4 या अधिक राज्यों में प्रत्येक में कम से कम 6 प्रतिशत वैध मत और लोकसभा में कम से कम 4 सदस्य; या लोकसभा की कुल सीटों का कम से कम 2 प्रतिशत जीतना और ये सदस्य कम से कम 3 राज्यों से निर्वाचित होना; या कम से कम 4 राज्यों में राज्य दल के रूप में मान्यता प्राप्त होना। राज्य दल की मान्यता के लिए ECI के अनुसार इनमें से कोई एक शर्त पूरी होनी चाहिए: विधानसभा चुनाव में कम से कम 6 प्रतिशत वैध मत और कम से कम 2 विधानसभा सीटें; या लोकसभा चुनाव में राज्य में कम से कम 6 प्रतिशत वैध मत और कम से कम 1 लोकसभा सीट; या विधानसभा की कम से कम 3 प्रतिशत सीटें अथवा कम से कम 3 सीटें, जो अधिक हो; या राज्य को आवंटित प्रत्येक 25 लोकसभा सीटों पर कम से कम 1 सदस्य; या विधानसभा अथवा लोकसभा चुनाव में राज्य में कम से कम 8 प्रतिशत वैध मत। भारत में बहुदलीय प्रणाली है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई थी। ECI की 2024 सूची में 6 राष्ट्रीय दल थे - भाजपा, कांग्रेस, बसपा, CPI(M), NPP और आप। राजनीतिक दलों का पंजीकरण RPA 1951 की धारा 29A के तहत होता है; स्वतंत्र उम्मीदवार भी चुनाव लड़ सकते हैं। राजनीतिक दल का गठन संघ बनने के अधिकार अनुच्छेद 19(1)(c) से।

राजनीतिक दल मूल जानकारी - पंजीकरण चुनाव आयोग धारा 29A RPA 1951 1989 में जोड़ी गई, चुनाव चिन्ह चुनाव चिन्ह आदेश 1968 Election Symbols Reservation and Allotment Order, दल-बदल कानून 10वीं अनुसूची 52वां संशोधन 1985। राष्ट्रीय दल मानदंड: 4 या अधिक राज्यों में प्रत्येक में 6 प्रतिशत वैध मत और कम से कम 4 लोकसभा सदस्य; या लोकसभा की कम से कम 2 प्रतिशत सीटें जीतना और सदस्य कम से कम 3 राज्यों से होना; या कम से कम 4 राज्यों में राज्य दल की मान्यता। राज्य दल की मान्यता के लिए ECI के अनुसार इनमें से कोई एक शर्त पूरी होनी चाहिए: विधानसभा चुनाव में कम से कम 6 प्रतिशत वैध मत और कम से कम 2 विधानसभा सीटें; या लोकसभा चुनाव में राज्य में कम से कम 6 प्रतिशत वैध मत और कम से कम 1 लोकसभा सीट; या विधानसभा की कम से कम 3 प्रतिशत सीटें अथवा कम से कम 3 सीटें, जो अधिक हो; या राज्य को आवंटित प्रत्येक 25 लोकसभा सीटों पर कम से कम 1 सदस्य; या विधानसभा अथवा लोकसभा चुनाव में राज्य में कम से कम 8 प्रतिशत वैध मत। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई थी। ECI की 2024 सूची में 6 राष्ट्रीय दल थे। राष्ट्रीय दल दर्जा चुनाव आयोग देता है, राज्य दल दर्जा भी चुनाव आयोग। राजनीतिक दलों का मुख्य कार्य चुनाव लड़ना सरकार बनाना नीतियां बनाना जनमत बनाना। चुनाव घोषणा पत्र जारी करते हैं। गठबंधन कर सकते हैं। दल के नाम में परिवर्तन ECI के लागू नियमों और प्रक्रिया के अनुसार होता है। चुनाव चिन्ह का आरक्षण और आवंटन Election Symbols (Reservation and Allotment) Order, 1968 तथा ECI के लागू आदेशों के अनुसार होता है। दल की मान्यता चुनावी प्रदर्शन और ECI द्वारा निर्धारित मानदंडों के आधार पर होती है।

पंजीकरण मान्यता और चुनाव चिन्ह

पंजीकरण अधिनियम RPA 1951 धारा 29A, पंजीकरण 1989 से शुरू जब 29A जोड़ा गया। राजनीतिक दलों का पंजीकरण RPA 1951 की धारा 29A के तहत होता है। धारा 13A के तहत आयकर छूट निर्धारित वैधानिक शर्तों और अनुपालन के अधीन होती है। राजनीतिक दलों की संगठनात्मक कार्यप्रणाली उनके संविधान और लागू नियमों के अनुसार होती है। ECI मान्यता प्राप्त दलों से निर्धारित अंतराल पर संगठनात्मक चुनाव कराने पर जोर देता है। राजनीतिक दल अपना संविधान बना सकते हैं। दल का संगठनात्मक ढांचा और कार्यालय संबंधी व्यवस्था उसके संविधान तथा लागू नियमों के अनुसार होती है। राजनीतिक दल का सबसे महत्वपूर्ण योगदान लोकतंत्र को प्रतिनिधित्व देना, सरकार और विपक्ष भूमिका। विपक्ष भूमिका निभाते हैं लोकतांत्रिक सिद्धांत रक्षा जवाबदेही। निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़ सकता है बिना दल के। राजनीतिक दल को चंदा कोई भी व्यक्ति कंपनी दे सकता है पर FCRA के तहत राजनीतिक दलों द्वारा विदेशी अंशदान स्वीकार करना प्रतिबंधित है। ₹20,000 से अधिक के योगदान की रिपोर्ट धारा 29C के अनुसार चुनाव आयोग को देनी होती है। राजनीतिक दलों को उपलब्ध सुविधाएँ लागू सरकारी नियमों और पात्रता के अनुसार होती हैं। राजनीतिक दल की मान्यता या चुनाव चिन्ह संबंधी कार्रवाई ECI के लागू नियमों के अनुसार हो सकती है; गैरकानूनी गतिविधियों पर अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई हो सकती है।

दल प्रणाली और कार्य

भारत में बहुदलीय प्रणाली। राजनीतिक दलों का मुख्य कार्य लोकतंत्र के लिए आवश्यक जनता को जोड़ना सत्ता के लिए चुनाव लड़ना नीतियां बनाना। गठन अधिकार अनुच्छेद 19(1)(c) संघ बनाने का अधिकार। दल लोकतंत्र के लिए आवश्यक। दल शिक्षा स्वास्थ्य पर काम करते हैं घोषणा पत्र में। चुनाव चिन्ह दल या उम्मीदवार की पहचान में सहायता करता है। युवा और महिला को जोड़ते हैं आरक्षण आंतरिक। समाज परिवर्तन लाते हैं सामाजिक न्याय। समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करने का प्रयास पर आलोचना भ्रष्टाचार वंशवाद की। सुधार आवश्यक आंतरिक लोकतंत्र पारदर्शी चंदा। मुख्य उद्देश्य सत्ता प्राप्त कर नीति लागू करना। दायित्व जनता प्रति जवाबदेह। सबसे बड़ा योगदान लोकतंत्र को स्थिरता और प्रतिनिधित्व। भविष्य लोकतंत्र में बने रहेंगे पर सुधार के साथ। भ्रष्टाचार होता है आलोचना। सुधार आंतरिक चुनाव RTI जैसे मुद्दे।

महत्वपूर्ण तथ्य और परीक्षा बिंदु

पंजीकरण चुनाव आयोग, चुनाव चिन्ह चुनाव चिन्ह आदेश 1968, दल-बदल 10वीं अनुसूची 52वां संशोधन, राष्ट्रीय दल: 4 या अधिक राज्यों में 6 प्रतिशत वैध मत + कम से कम 4 लोकसभा सदस्य; या लोकसभा की कम से कम 2 प्रतिशत सीटें और कम से कम 3 राज्यों से निर्वाचित सदस्य; या कम से कम 4 राज्यों में राज्य दल की मान्यता, राज्य दल: 6% वैध मत + 2 विधानसभा सीटें / 6% वैध मत + 1 लोकसभा सीट / विधानसभा में 3% या 3 सीटें, जो अधिक हो / राज्य को आवंटित प्रत्येक 25 लोकसभा सीटों पर 1 सदस्य / 8% वैध मत, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई थी, ECI की 2024 सूची में 6 राष्ट्रीय दल: भाजपा, कांग्रेस, बसपा, माकपा, NPP और आप, पंजीकरण धारा 29A RPA 1951 1989 से शुरू, चिन्ह आवंटन चुनाव आयोग, मान्यता चुनावी प्रदर्शन और ECI के निर्धारित मानदंडों के आधार पर, दल के नाम में परिवर्तन ECI के लागू नियमों और प्रक्रिया के अनुसार होता है, चुनाव चिन्ह का आरक्षण और आवंटन ECI के लागू आदेशों के अनुसार होता है, सरकारी सुविधाएँ लागू नियमों और पात्रता के अनुसार, धारा 13A के तहत आयकर छूट निर्धारित शर्तों के अधीन, FCRA के तहत राजनीतिक दलों द्वारा विदेशी अंशदान स्वीकार करना प्रतिबंधित है; ₹20,000 से अधिक योगदान की रिपोर्ट धारा 29C के अनुसार ECI को, गैरकानूनी गतिविधियों पर लागू कानूनों के अनुसार कार्रवाई हो सकती है, मान्यता या चुनाव चिन्ह संबंधी कार्रवाई लागू नियमों के अनुसार है, संविधान बना सकते हैं, संगठनात्मक कार्यप्रणाली दल के संविधान और लागू नियमों के अनुसार, घोषणा पत्र जारी, गठबंधन कर सकते हैं, विपक्ष भूमिका, नीतियां बनाते हैं, बहुदलीय प्रणाली, संघ अधिकार 19(1)(c) से गठन।

  • मूल - बहुदलीय प्रणाली, पंजीकरण चुनाव आयोग धारा 29A RPA 1951 1989 शुरू, चिन्ह आदेश 1968 चुनाव आयोग देता, दल-बदल 10वीं अनुसूची 52वां 1985, राष्ट्रीय और राज्य दल की मान्यता चुनाव आयोग द्वारा दी जाती है, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई थी, ECI की 2024 सूची में 6 राष्ट्रीय दल, निर्दलीय लड़ सकता, पंजीकरण धारा 29A के तहत होता है और पंजीकृत दलों पर ECI के संबंधित नियम लागू होते हैं, मुख्य कार्य चुनाव लड़ना सरकार बनाना नीति जनमत
  • मानदंड - राष्ट्रीय: 4 या अधिक राज्यों में 6 प्रतिशत वैध मत + कम से कम 4 लोकसभा सीटें; या लोकसभा की कम से कम 2 प्रतिशत सीटें और कम से कम 3 राज्यों से निर्वाचित सदस्य; या कम से कम 4 राज्यों में राज्य दल की मान्यता, राज्य दल: 6% वैध मत + 2 विधानसभा सीटें / 6% वैध मत + 1 लोकसभा सीट / विधानसभा में 3% या 3 सीटें, जो अधिक हो / राज्य को आवंटित प्रत्येक 25 लोकसभा सीटों पर 1 सदस्य / 8% वैध मत, मान्यता चुनावी प्रदर्शन और ECI के निर्धारित मानदंडों के आधार पर, दल के नाम में परिवर्तन ECI के लागू नियमों और प्रक्रिया के अनुसार होता है, चुनाव चिन्ह का आरक्षण और आवंटन ECI के लागू आदेशों के अनुसार होता है, कार्यालय संबंधी व्यवस्था लागू नियमों के अनुसार
  • वित्त कानूनी - धारा 13A के तहत आयकर छूट निर्धारित शर्तों के अधीन, ₹20,000 से अधिक के योगदान की रिपोर्ट धारा 29C के अनुसार ECI को देनी होती है; योगदान स्वीकार करने पर लागू वैधानिक शर्तों और प्रतिबंधों का पालन आवश्यक है, FCRA के तहत राजनीतिक दलों द्वारा विदेशी अंशदान स्वीकार करना प्रतिबंधित है, सरकारी सुविधाएँ लागू नियमों और पात्रता के अनुसार, मान्यता या चुनाव चिन्ह संबंधी कार्रवाई नियमों के अनुसार, तथा गैरकानूनी गतिविधियों पर लागू कानूनों के अनुसार कार्रवाई, अपना संविधान बना सकते संगठनात्मक कार्यप्रणाली दल के संविधान और लागू नियमों के अनुसार, ECI मान्यता प्राप्त दलों से निर्धारित अंतराल पर संगठनात्मक चुनाव कराने पर जोर देता है, गठन अधिकार 19(1)(c) संघ बनाना, लोकतंत्र आवश्यक, लोकतांत्रिक सिद्धांत रक्षा
  • कार्य - घोषणा पत्र जारी, गठबंधन कर सकते, विपक्ष भूमिका, नीतियां बनाते, शिक्षा स्वास्थ्य घोषणा पत्र, चुनाव चिन्ह दल या उम्मीदवार की पहचान में सहायता करता है, युवा महिला जोड़ते, समाज परिवर्तन सामाजिक न्याय, सभी वर्ग प्रतिनिधित्व प्रयास, सबसे महत्वपूर्ण योगदान लोकतंत्र प्रतिनिधित्व सरकार विपक्ष, मुख्य उद्देश्य सत्ता नीति लागू, दायित्व जनता जवाबदेह, भविष्य सुधार के साथ बने रहेंगे, भ्रष्टाचार आलोचना, सुधार आवश्यक पारदर्शी चंदा आंतरिक चुनाव
विषयविवरण
प्रणालीबहुदलीय, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई थी, ECI की 2024 सूची में 6 राष्ट्रीय दल: भाजपा, कांग्रेस, बसपा, CPI(M), NPP और आप
पंजीकरणचुनाव आयोग के समक्ष RPA 1951 की धारा 29A के तहत पंजीकरण; संगठनात्मक कार्यप्रणाली दल के संविधान और लागू नियमों के अनुसार; अनुच्छेद 19(1)(c) संघ बनाने के अधिकार से संबंधित
चिन्ह मान्यताचुनाव चिन्ह आदेश 1968 चुनाव आयोग देता, राष्ट्रीय दर्जा चुनाव आयोग राज्य दर्जा भी, मानदंड राष्ट्रीय: 4 या अधिक राज्यों में 6% वैध मत + कम से कम 4 लोकसभा सीटें / लोकसभा की कम से कम 2% सीटें और कम से कम 3 राज्यों से निर्वाचित सदस्य / 4 राज्यों में राज्य दल मान्यता; राज्य दल के लिए ECI की वैकल्पिक शर्तें लागू होती हैं, नाम और चुनाव चिन्ह संबंधी परिवर्तन ECI के लागू नियमों और आदेशों के अनुसार होते हैं
दल-बदल10वीं अनुसूची 52वां 1985 दल-बदल विरोधी
वित्तधारा 13A के तहत आयकर छूट निर्धारित शर्तों के अधीन; ₹20,000 से अधिक योगदान की रिपोर्ट धारा 29C के अनुसार ECI को, FCRA के तहत राजनीतिक दलों द्वारा विदेशी अंशदान स्वीकार करना प्रतिबंधित है, सरकारी सुविधाएँ लागू नियमों और पात्रता के अनुसार
कानूनीमान्यता या चुनाव चिन्ह संबंधी कार्रवाई ECI के लागू नियमों के अनुसार तथा गैरकानूनी गतिविधियों पर लागू कानूनों के अनुसार कार्रवाई, अपना संविधान, आंतरिक कार्यप्रणाली दल संविधान, ECI मान्यता प्राप्त दलों से निर्धारित अंतराल पर संगठनात्मक चुनाव कराने पर जोर देता है
कार्यमुख्य कार्य चुनाव सरकार नीति जनमत, घोषणा पत्र जारी, गठबंधन कर सकते, विपक्ष भूमिका, नीतियां बनाते, चुनाव चिन्ह दल या उम्मीदवार की पहचान में सहायता, युवा महिला जोड़ते, समाज परिवर्तन

राजनीतिक दल से संबंधित पंजीकरण, राष्ट्रीय दल मानदंड और दल-बदल कानून परीक्षा में महत्वपूर्ण हैं।