RPA - Representation of People Act - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़
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Representation of People Act - 50 MCQs with detailed explanations for UPSC, SSC, State PCS and other competitive exams
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💡 व्याख्या
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (RPA) - संपूर्ण अध्ययन गाइड
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 भारत की निर्वाचन व्यवस्था के महत्वपूर्ण वैधानिक आधार हैं। Representation of the People Act, 1950 मुख्यतः निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में सीटों के आवंटन तथा निर्वाचक नामावलियों से संबंधित प्रावधानों से जुड़ा है। Representation of the People Act, 1951 चुनावों के संचालन, उम्मीदवारों की योग्यता और अयोग्यता, भ्रष्ट आचरण, चुनाव अपराध, चुनाव याचिकाओं तथा चुनाव से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विषयों को विनियमित करता है। संविधान का अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की संवैधानिक शक्ति देता है।
RPA 1950 और RPA 1951 दोनों संसद द्वारा बनाए गए केंद्रीय कानून हैं। इनके प्रावधानों को संविधान के अनुच्छेद 324 से 329 के निर्वाचन संबंधी ढांचे के साथ पढ़ना उपयोगी है। चुनावों की स्वतंत्रता और निष्पक्षता के लिए निर्वाचन आयोग, चुनाव अधिकारियों, उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों, चुनाव व्यय, मतदान, मतगणना और चुनाव याचिका से संबंधित अलग-अलग वैधानिक व्यवस्थाएं लागू होती हैं।
RPA की ऐतिहासिक और वैधानिक पृष्ठभूमि
Representation of the People Act, 1950 और Representation of the People Act, 1951 को भारत की चुनावी व्यवस्था के अलग-अलग पहलुओं को विनियमित करने के लिए बनाया गया। RPA 1950 में निर्वाचन क्षेत्रों, सीटों के आवंटन और निर्वाचक नामावलियों से संबंधित व्यवस्थाएं हैं, जबकि RPA 1951 चुनावों के संचालन, सदस्यता की योग्यता-अयोग्यता, भ्रष्ट आचरण, चुनाव अपराध और चुनाव विवादों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधान देता है।
परिसीमन से संबंधित व्यवस्था को समझते समय RPA 1950 और अलग परिसीमन कानूनों तथा परिसीमन आयोग के आदेशों के बीच अंतर रखना आवश्यक है। इसी प्रकार चुनाव चिह्नों की मान्यता और आवंटन का प्रमुख आधार Election Symbols (Reservation and Allotment) Order, 1968 है; इसे RPA 1951 की धारा 29A का प्रावधान नहीं समझना चाहिए।
महत्वपूर्ण धाराएं और प्रावधान
धारा 8 - दोषसिद्धि पर अयोग्यता
RPA 1951 की धारा 8 दोषसिद्धि के आधार पर चुनाव लड़ने और सदस्य बने रहने की अयोग्यता से संबंधित है। धारा 8(1) और 8(2) में कुछ निर्दिष्ट अपराधों के लिए विशेष अयोग्यता प्रावधान हैं, जबकि धारा 8(3) के अंतर्गत किसी अपराध के लिए कम से कम दो वर्ष के कारावास की सजा होने पर दोषसिद्धि की तारीख से अयोग्यता लागू होती है और कानून में निर्धारित अवधि तक जारी रहती है। इसलिए धारा 8 को केवल 'हर अपराध में दो वर्ष की सजा' के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए।
धारा 8A - भ्रष्ट आचरण पर अयोग्यता
धारा 8A भ्रष्ट आचरण के आधार पर अयोग्यता से संबंधित है। चुनाव याचिका में भ्रष्ट आचरण पाए जाने की स्थिति में राष्ट्रपति, निर्वाचन आयोग की राय के अनुसार, कानून में निर्धारित अवधि के लिए अयोग्यता से संबंधित आदेश कर सकते हैं। इसलिए इसे धारा 8 की दोषसिद्धि वाली अयोग्यता से अलग समझना चाहिए।
धारा 9, 10 और 10A
धारा 9 कुछ सरकारी अनुबंधों से संबंधित अयोग्यता, धारा 10 सरकार के अधीन कंपनी में पद धारण करने से संबंधित अयोग्यता और धारा 10A चुनाव व्यय का लेखा समय और निर्धारित तरीके से प्रस्तुत न करने पर अयोग्यता से संबंधित है। धारा 10A के तहत निर्वाचन आयोग, निर्धारित परिस्थितियों में, व्यक्ति को तीन वर्ष की अवधि के लिए अयोग्य घोषित कर सकता है।
धारा 29A - राजनीतिक दलों का पंजीकरण
धारा 29A राजनीतिक दलों के निर्वाचन आयोग के साथ पंजीकरण से संबंधित है। राजनीतिक दलों के पंजीकरण और चुनाव चिह्नों के आवंटन को एक ही वैधानिक प्रावधान न समझें। चुनाव चिह्नों के आरक्षण और आवंटन के लिए Election Symbols (Reservation and Allotment) Order, 1968 महत्वपूर्ण है।
धारा 33 - नामांकन
धारा 33 नामांकन पत्र और उम्मीदवारों द्वारा निर्धारित औपचारिकताओं से संबंधित है। लोकसभा या विधानसभा चुनाव में किसी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय या राज्य दल के उम्मीदवार के नामांकन के लिए सामान्यतः एक elector proposer पर्याप्त होता है, जबकि स्वतंत्र या गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के उम्मीदवार के लिए दस electors proposers होते हैं। धारा 33(7) के अनुसार सामान्य चुनाव में कोई व्यक्ति लोकसभा या विधानसभा के लिए दो से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों से एक साथ चुनाव नहीं लड़ सकता।
धारा 123 - भ्रष्ट आचरण
धारा 123 चुनावी भ्रष्ट आचरणों की परिभाषा देती है। इसमें रिश्वत, undue influence, धर्म, नस्ल, जाति, समुदाय या भाषा के आधार पर वोट मांगने जैसे विभिन्न कृत्य तथा चुनाव परिणाम को प्रभावित करने वाले अन्य निर्धारित कृत्य शामिल हैं। उदाहरण के लिए धर्म, नस्ल, जाति, समुदाय या भाषा के आधार पर वोट मांगना धारा 123(3) के अंतर्गत corrupt practice से संबंधित है, जबकि चुनाव के संबंध में उम्मीदवार के व्यक्तिगत चरित्र या आचरण से जुड़ी कुछ false statements धारा 123(4) के अंतर्गत आती हैं।
धारा 126 और 126A
धारा 126 मतदान समाप्त होने से पहले के अंतिम 48 घंटे की अवधि में कुछ चुनावी सामग्री के प्रदर्शन तथा सार्वजनिक बैठकों और processions से संबंधित प्रतिबंधों का प्रावधान करती है। इसे सामान्य अर्थ में 'सभी प्रकार का प्रचार हर स्थिति में 48 घंटे पहले बंद' के रूप में नहीं लिखना चाहिए। धारा 126A बहु-चरणीय चुनावों में exit poll के conduct और उसके परिणाम के dissemination पर निर्धारित अवधि के दौरान प्रतिबंध से संबंधित है।
धारा 58A - बूथ कैप्चरिंग
धारा 58A बूथ कैप्चरिंग से संबंधित परिस्थितियों में निर्वाचन आयोग को poll को स्थगित या रद्द करने तथा कानून में निर्धारित परिस्थितियों के अनुसार आगे की कार्रवाई करने की शक्ति देती है। इसे सामान्य प्राकृतिक आपदा के कारण चुनाव रद्द करने की धारा के रूप में नहीं समझना चाहिए।
EVM, VVPAT और NOTA
RPA 1951 की धारा 61A निर्वाचन आयोग को निर्दिष्ट चुनावों में voting machines के उपयोग को अधिकृत करने का वैधानिक आधार देती है। भारत में EVM का प्रारंभिक प्रयोग 1982 में केरल के Parur विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के कुछ मतदान केंद्रों में हुआ था। बाद में EVM का व्यापक उपयोग हुआ।
VVPAT का उपयोग मतदाता को उसके वोट के रिकॉर्ड का दृश्य सत्यापन उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है। 2013 में नागालैंड के Noksen विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में VVPAT का प्रारंभिक प्रयोग हुआ। NOTA का विकल्प सर्वोच्च न्यायालय के 2013 के PUCL बनाम Union of India निर्णय के बाद EVM और ballot व्यवस्था में उपलब्ध कराया गया। इसलिए EVM, VVPAT और NOTA को अलग-अलग संस्थागत और तकनीकी विकास के रूप में समझना चाहिए।
चुनाव खर्च
उम्मीदवारों के चुनाव व्यय की अधिकतम सीमा Conduct of Elections Rules, 1961 के Rule 90 के अंतर्गत निर्धारित होती है और समय-समय पर संशोधित की जा सकती है। वर्तमान निर्धारित सीमा सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में समान नहीं है। उदाहरण के लिए अधिकांश बड़े राज्यों में लोकसभा उम्मीदवार के लिए अधिकतम सीमा ₹95 लाख और विधानसभा उम्मीदवार के लिए ₹40 लाख है, जबकि कुछ राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में अलग सीमाएं हैं। इसलिए ₹95 लाख और ₹40 लाख को पूरे भारत की सार्वभौमिक सीमा नहीं माना जाना चाहिए। :contentReference[oaicite:6]{index=6}
उम्मीदवार को चुनाव व्यय का निर्धारित लेखा प्रस्तुत करना होता है। धारा 10A के तहत निर्धारित समय और तरीके से चुनाव व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने पर, बिना उचित कारण के, निर्वाचन आयोग तीन वर्ष तक की अयोग्यता लगा सकता है। :contentReference[oaicite:7]{index=7}
नामांकन, मतदान और चुनाव विवाद
निर्वाचन प्रक्रिया में निर्वाचक नामावली, निर्वाचन क्षेत्र, नामांकन, scrutiny, withdrawal, मतदान, मतगणना और परिणाम की घोषणा जैसे अलग-अलग चरण होते हैं। RPA 1951 में चुनाव अधिकारियों, मतदान और मतगणना से संबंधित कई वैधानिक प्रावधान हैं। मतदान की वास्तविक तिथि और समय प्रत्येक चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचनाओं और संबंधित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार निर्धारित होते हैं; इसलिए किसी एक समय-सारणी को सभी चुनावों पर लागू नहीं मानना चाहिए।
चुनाव याचिका से संबंधित प्रावधान RPA 1951 में दिए गए हैं और चुनाव याचिका सामान्यतः संबंधित High Court के समक्ष प्रस्तुत की जाती है। चुनाव याचिका के लिए कानून में निर्धारित limitation period का पालन करना आवश्यक है। इसलिए इसे केवल सामान्य '45 दिन' नियम के रूप में लिखने के बजाय संबंधित चुनाव और वैधानिक प्रावधान के अनुसार समझना चाहिए।
Casual vacancy की स्थिति में उपचुनाव से संबंधित अलग वैधानिक प्रावधान लागू होते हैं। RPA 1951 की धारा 151A में सामान्यतः रिक्ति को भरने के लिए छह महीने के भीतर चुनाव कराने का प्रावधान है, लेकिन कानून में अपवाद भी दिए गए हैं। इसलिए हर परिस्थिति में बिना अपवाद 'छह महीने में उपचुनाव' कहना उचित नहीं है।
चुनाव प्रक्रिया और संस्थागत व्यवस्था
- RPA 1950 - निर्वाचन क्षेत्रों, सीटों के आवंटन और निर्वाचक नामावलियों से संबंधित प्रमुख वैधानिक व्यवस्था।
- RPA 1951 - चुनाव संचालन, नामांकन, योग्यता-अयोग्यता, भ्रष्ट आचरण, चुनाव अपराध और चुनाव याचिकाओं से संबंधित प्रमुख व्यवस्था।
- अनुच्छेद 324 - निर्वाचन आयोग का संवैधानिक आधार।
- धारा 8 - दोषसिद्धि पर विभिन्न परिस्थितियों में अयोग्यता।
- धारा 8A - भ्रष्ट आचरण के आधार पर अयोग्यता।
- धारा 10A - चुनाव व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने पर तीन वर्ष तक अयोग्यता।
- धारा 29A - राजनीतिक दलों का पंजीकरण।
- धारा 33 - नामांकन और proposer से संबंधित प्रावधान; अधिकतम दो निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ने की सीमा धारा 33(7) में है।
- धारा 61A - voting machines के उपयोग का वैधानिक आधार।
- धारा 123 - corrupt practices।
- धारा 126 - मतदान समाप्ति से पहले की अंतिम 48 घंटे की अवधि से संबंधित विशिष्ट प्रतिबंध।
- धारा 126A - exit polls से संबंधित प्रतिबंध।
- धारा 128 - मतदान की गोपनीयता से संबंधित प्रावधान।
- धारा 151A - casual vacancy भरने के लिए उपचुनाव से संबंधित सामान्य छह महीने की व्यवस्था और उसके अपवाद।
- धारा 58A - बूथ कैप्चरिंग से संबंधित विशेष प्रावधान।
- Election Symbols (Reservation and Allotment) Order, 1968 - चुनाव चिह्नों के आरक्षण और आवंटन के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्था।
Quick Revision - महत्वपूर्ण बिंदु
RPA 1950 और RPA 1951 को अलग-अलग समझें। RPA 1950 निर्वाचन क्षेत्रों, सीटों के आवंटन और निर्वाचक नामावलियों से संबंधित है, जबकि RPA 1951 चुनाव संचालन, नामांकन, अयोग्यता, भ्रष्ट आचरण, चुनाव अपराध और चुनाव विवादों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधान देता है। धारा 8 दोषसिद्धि पर अयोग्यता, धारा 8A भ्रष्ट आचरण पर अयोग्यता, धारा 10A चुनाव व्यय का लेखा प्रस्तुत न करने पर अयोग्यता, धारा 29A राजनीतिक दलों का पंजीकरण, धारा 33 नामांकन, धारा 61A voting machines, धारा 123 corrupt practices, धारा 126 अंतिम 48 घंटे से संबंधित विशिष्ट प्रतिबंध और धारा 126A exit polls से संबंधित है।
| विषय | सही तथ्य |
|---|---|
| RPA 1950 | निर्वाचन क्षेत्रों, सीटों के आवंटन और निर्वाचक नामावलियों से संबंधित प्रमुख प्रावधान |
| RPA 1951 | चुनाव संचालन, नामांकन, योग्यता-अयोग्यता, corrupt practices, चुनाव अपराध और चुनाव याचिका |
| धारा 8 | निर्दिष्ट दोषसिद्धियों तथा कानून में निर्धारित कारावास की सजा के आधार पर अयोग्यता |
| धारा 8A | भ्रष्ट आचरण के आधार पर अयोग्यता की व्यवस्था |
| धारा 10A | निर्धारित चुनाव व्यय लेखा प्रस्तुत न करने पर, उचित कारण न होने की स्थिति में, तीन वर्ष तक अयोग्यता |
| धारा 29A | राजनीतिक दलों का निर्वाचन आयोग के साथ पंजीकरण |
| धारा 33 | नामांकन; मान्यता प्राप्त दल के उम्मीदवार के लिए एक proposer और स्वतंत्र/गैर-मान्यता प्राप्त दल के उम्मीदवार के लिए दस proposers; धारा 33(7) में अधिकतम दो निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा |
| धारा 61A | निर्दिष्ट चुनावों में voting machines के उपयोग का वैधानिक आधार |
| धारा 123 | corrupt practices, जिनमें रिश्वत और निर्धारित आधारों पर वोट मांगना शामिल है |
| धारा 126 | मतदान समाप्त होने से पहले की अंतिम 48 घंटे की अवधि में निर्दिष्ट चुनावी सामग्री और सार्वजनिक meetings/processions से संबंधित प्रतिबंध |
| धारा 126A | निर्धारित बहु-चरणीय चुनाव अवधि में exit poll के conduct और dissemination पर प्रतिबंध |
| धारा 151A | casual vacancy भरने के लिए सामान्यतः छह महीने के भीतर उपचुनाव और कानून में निर्धारित अपवाद |
| धारा 58A | booth capturing से संबंधित poll को स्थगित/रद्द करने की विशेष व्यवस्था |
| चुनाव खर्च | उम्मीदवार व्यय की सीमा Rule 90 के तहत निर्धारित; राज्य/UT के अनुसार अलग limits हो सकती हैं |
| चुनाव चिह्न | Election Symbols (Reservation and Allotment) Order, 1968 महत्वपूर्ण वैधानिक/निर्वाचन व्यवस्था |
जन प्रतिनिधित्व अधिनियम का अध्ययन करते समय RPA 1950 और RPA 1951 के अलग-अलग क्षेत्रों, धारा 8 और 8A की अयोग्यता, धारा 29A के राजनीतिक दल पंजीकरण, धारा 33 के नामांकन, धारा 61A के voting machines, धारा 123 के corrupt practices, धारा 126 और 126A के चुनावी प्रतिबंध तथा चुनाव याचिका और चुनाव व्यय से संबंधित प्रावधानों को विशेष रूप से याद रखना उपयोगी है।