IUPAC नामकरण और महत्वपूर्ण कार्बन यौगिक - एथेनॉल, एथेनोइक अम्ल, एस्टर, साबुन - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़

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IUPAC नामकरण और महत्वपूर्ण कार्बन यौगिक - एथेनॉल, एथेनोइक अम्ल, एस्टर, साबुन - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़

कार्बन यौगिकों की पहचान IUPAC नामकरण से होती है। सही नाम से संरचना स्पष्ट होती है।

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💡 व्याख्या

कार्बन यौगिकों की पहचान IUPAC नामकरण से होती है। सही नाम से संरचना स्पष्ट होती है। इस भाग में एल्केन, एल्कीन, एल्काइन और क्रियात्मक समूह वाले यौगिकों के नामकरण के नियम, एथेनॉल C₂H₅OH, एथेनोइक अम्ल CH₃COOH, एथिल एथेनोएट CH₃COOC₂H₅ के गुण-उपयोग और साबुन-अपमार्जक की सफाई क्रिया को तथ्यपरक रूप में समझेंगे।

IUPAC नामकरण के नियम

मुख्य श्रृंखला - सबसे लंबी सतत कार्बन श्रृंखला को मुख्य श्रृंखला मानते हैं। अंकन - उस छोर से शुरू करते हैं जहाँ प्रतिस्थापी, द्वि-बंध, त्रि-बंध या क्रियात्मक समूह निकट हो। प्राथमिकता क्रम -COOH > -CHO > >C=O > -OH > द्वि-बंध > त्रि-बंध > प्रतिस्थापी। प्रतिस्थापी क्रम - वर्णानुक्रम में लिखते हैं, जैसे मेथिल से पहले एथिल। अनुलग्न -ऑल, -अल, -ओन, -ओइक अम्ल से वर्ग पता चलता है।

एल्केन, एल्कीन, एल्काइन का नामकरण

एल्केन - सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂, अनुलग्न -एन। CH₄ मेथेन, C₂H₆ एथेन, CH₃-CH(CH₃)-CH₃ 2-मेथिलप्रोपेन। एल्कीन - CₙH₂ₙ, अनुलग्न -ईन, द्वि-बंध की स्थिति अंक से। CH₂=CH₂ एथीन, CH₂=CH-CH₃ प्रोप-1-ईन। एल्काइन - CₙH₂ₙ₋₂, अनुलग्न -आइन, CH≡CH एथाइन, CH≡C-CH₃ प्रोप-1-आइन। अंकन द्वि-बंध या त्रि-बंध के निकट छोर से होता है।

क्रियात्मक समूह वाले यौगिकों का नामकरण

एल्कोहल - -OH को -ऑल, CH₃OH मेथेनॉल, CH₃CH₂OH एथेनॉल, CH₃CH₂CH₂OH प्रोपेन-1-ऑल। एल्डिहाइड - -CHO अंत में, -अल, HCHO मेथेनल, CH₃CHO एथेनल। कीटोन - >C=O बीच में, -ओन, CH₃COCH₃ प्रोपेन-2-ओन। अम्ल - -COOH, -ओइक अम्ल, HCOOH मेथेनोइक अम्ल, CH₃COOH एथेनोइक अम्ल। प्राथमिकता में अम्ल सबसे उच्च, इसलिए नाम के अंत में अम्ल का प्रत्यय रहता है।

एथेनॉल - गुण और उपयोग

भौतिक गुण - C₂H₅OH रंगहीन, ज्वलनशील द्रव, क्वथनांक 78°C, जल में पूर्ण विलेय, हाइड्रोजन बंध के कारण उच्च क्वथनांक। रासायनिक गुण - Na से H₂: 2C₂H₅OH + 2Na - → 2C₂H₅ONa + H₂। अम्लीय K₂Cr₂O₇ से ऑक्सीकरण: पहले CH₃CHO फिर CH₃COOH। सान्द्र H₂SO₄ से 170°C पर निर्जलीकरण: C₂H₅OH - → C₂H₄ + H₂O। उपयोग - विलायक, 70% विलयन जीवाणुनाशक, ईंधन, टिंचर, पेय में। निर्माण: C₆H₁₂O₆ --यीस्ट- → 2C₂H₅OH + 2CO₂ किण्वन से।

एथेनोइक अम्ल - गुण और उपयोग

भौतिक गुण - CH₃COOH रंगहीन, तीखी गंध, क्वथनांक 118°C, 5-8% जलीय विलयन सिरका। रासायनिक गुण - दुर्बल अम्ल, नीले लिटमस को लाल। NaOH से CH₃COONa लवण। NaHCO₃ से CO₂: CH₃COOH + NaHCO₃ - → CH₃COONa + CO₂ + H₂O बुदबुदाहट। धातु से H₂। उपयोग - सिरका परिरक्षक, एस्टर निर्माण, रेयॉन, रबर जमाने, विलायक। H-बंध से द्वितय बनाता है इसलिए क्वथनांक अधिक।

एथिल एथेनोएट (एस्टर) - गुण और उपयोग

निर्माण - एस्टरीकरण: CH₃COOH + C₂H₅OH --सान्द्र H₂SO₄- → CH₃COOC₂H₅ + H₂O। भौतिक गुण - CH₃COOC₂H₅ रंगहीन, मीठी फलों जैसी गंध, क्वथनांक 77°C, जल में अल्प विलेय, कार्बनिक विलायकों में विलेय। रासायनिक गुण - जल-अपघटन से पुनः अम्ल और एल्कोहल: CH₃COOC₂H₅ + H₂O - → CH₃COOH + C₂H₅OH। उपयोग - इत्र, स्वाद, विलायक, नेल पॉलिश हटाने, औषधि में। मीठी गंध से एस्टर की पहचान होती है।

साबुन और अपमार्जक - संरचना, मिसेल निर्माण, सफाई क्रियाविधि

संरचना - साबुन लंबी वसीय अम्ल जैसे C₁₇H₃₅COOH का सोडियम लवण C₁₇H₃₅COONa। दो भाग: लंबी हाइड्रोकार्बन पूंछ जलविरागी, -COONa सिरा जलरागी। अपमार्जक सल्फोनिक अम्ल का सोडियम लवण, जैसे C₁₂H₂₅SO₃Na। मिसेल निर्माण - जल में साबुन अणु गोला बनाते हैं, पूंछ अंदर तेल की ओर, सिरा बाहर जल की ओर। सफाई क्रियाविधि - तेल मिसेल केंद्र में घिरकर निलंबन बनता है, रगड़ने पर जल के साथ बह जाता है। कठोर जल में Ca²⁺, Mg²⁺ साबुन से अवक्षेप बनाते हैं, अपमार्जक अवक्षेप नहीं बनाते।

साबुन और अपमार्जक की तुलना - सारणी

तुलना: | गुण | साबुन | अपमार्जक | | रासायनिक प्रकृति | वसीय अम्ल का सोडियम लवण C₁₇H₃₅COONa | सल्फोनिक अम्ल का सोडियम लवण C₁₂H₂₅SO₃Na | | कठोर जल में | Ca²⁺, Mg²⁺ से अवक्षेप, झाग कम | कोई अवक्षेप नहीं, झाग अधिक | | जैव अपघटन | आसानी से जैव अपघटित | कम जैव अपघटित | | सफाई क्षमता | मृदु जल में अच्छी | मृदु और कठोर दोनों में अच्छी |

🔑 मुख्य तथ्य (Key Facts)

  • ●IUPAC में सबसे लंबी श्रृंखला मुख्य, क्रियात्मक समूह को सबसे कम अंक, प्राथमिकता क्रम -COOH > -CHO > >C=O > -OH > द्वि-बंध > त्रि-बंध।
  • ●एल्केन CₙH₂ₙ₊₂ -एन, एल्कीन CₙH₂ₙ -ईन, एल्काइन CₙH₂ₙ₋₂ -आइन, शाखा पर 2-मेथिलप्रोपेन जैसे नाम।
  • ●एथेनॉल C₂H₅OH क्वथनांक 78°C, Na से H₂, K₂Cr₂O₇ से CH₃CHO फिर CH₃COOH, 170°C H₂SO₄ से C₂H₄।
  • ●एथेनोइक अम्ल CH₃COOH 5-8% सिरका, NaHCO₃ से CO₂ बुदबुदाहट, क्वथनांक 118°C, H-बंध से द्वितय।
  • ●एथिल एथेनोएट CH₃COOC₂H₅ एस्टरीकरण CH₃COOH + C₂H₅OH --H₂SO₄- → से, मीठी गंध, क्वथनांक 77°C, जल-अपघटन से पुनः अम्ल-एल्कोहल।
  • ●साबुन C₁₇H₃₅COONa, पूंछ जलविरागी अंदर, सिरा जलरागी बाहर, मिसेल में तेल घेरकर सफाई, कठोर जल में अवक्षेप, अपमार्जक में नहीं।

📝 परीक्षा बिंदु (Exam Points)

  • ✓नामकरण में अंकन क्रियात्मक समूह या द्वि-बंध/त्रि-बंध के निकट छोर से शुरू करो।
  • ✓प्रोप-1-ईन CH₂=CH-CH₃ और प्रोप-1-आइन CH≡C-CH₃ में अंक 1 अनिवार्य।
  • ✓2-मेथिलप्रोपेन CH₃-CH(CH₃)-CH₃ में मुख्य श्रृंखला 3 कार्बन, शाखा पर मेथिल।
  • ✓एथेनॉल निर्माण: C₆H₁₂O₆ --यीस्ट- → 2C₂H₅OH + 2CO₂, 70% जीवाणुनाशक।
  • ✓एथेनोइक अम्ल परीक्षण: NaHCO₃ से CO₂ बुदबुदाहट, एस्टर की मीठी गंध।
  • ✓एस्टरीकरण में सान्द्र H₂SO₄ उत्प्रेरक, जल निकलता है, विपरीत जल-अपघटन।
  • ✓साबुन = वसीय अम्ल का Na लवण, अपमार्जक = सल्फोनिक अम्ल का Na लवण, कठोर जल में अंतर याद रखो।
  • ✓मिसेल: पूंछ अंदर तेल में, सिरा बाहर जल में, यही सफाई का आधार।

⚡ त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)

  • ➤IUPAC: लंबी श्रृंखला, कम अंक, प्राथमिकता -COOH > -CHO > >C=O > -OH > C=C > C≡C।
  • ➤एल्केन CₙH₂ₙ₊₂ -एन, एल्कीन CₙH₂ₙ -ईन, एल्काइन CₙH₂ₙ₋₂ -आइन, उदाहरण CH₄, C₂H₄, C₂H₂।
  • ➤क्रियात्मक नाम: CH₃CH₂OH एथेनॉल -ऑल, CH₃CHO एथेनल -अल, CH₃COCH₃ प्रोपेन-2-ओन -ओन, CH₃COOH एथेनोइक अम्ल -ओइक।
  • ➤एथेनॉल: C₂H₅OH, 78°C, Na से H₂, ऑक्सीकरण से अम्ल, 70% सेनिटाइजर, किण्वन से।
  • ➤एथेनोइक अम्ल: CH₃COOH, 118°C, सिरका 5-8%, NaHCO₃ से CO₂, द्वितय H-बंध।
  • ➤एस्टर: CH₃COOH + C₂H₅OH - → CH₃COOC₂H₅ + H₂O, मीठी गंध, 77°C, इत्र-विलायक।
  • ➤साबुन C₁₇H₃₅COONa, अपमार्जक C₁₂H₂₅SO₃Na, मिसेल पूंछ अंदर सिरा बाहर, कठोर जल में साबुन अवक्षेप, अपमार्जक नहीं।