आयनिक और सहसंयोजक बंध - रासायनिक बंधन की मूल समझ - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़
⌄आयनिक और सहसंयोजक बंध - रासायनिक बंधन की मूल समझ - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़
परमाणु अकेले स्थिर नहीं रहते। स्थिरता पाने के लिए परमाणु दूसरे परमाणु के साथ बंध बनाते हैं।
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💡 व्याख्या
परमाणु अकेले स्थिर नहीं रहते। स्थिरता पाने के लिए परमाणु दूसरे परमाणु के साथ बंध बनाते हैं। इसी बंध को रासायनिक बंध कहते हैं। रासायनिक बंध दो मुख्य प्रकार के होते हैं - आयनिक बंध और सहसंयोजक बंध। NaCl में आयनिक बंध और H2, O2, CH4 में सहसंयोजक बंध होता है।
1. रासायनिक बंध - परिभाषा और आवश्यकता
जब दो परमाणु आपस में जुड़ते हैं तो उनके बीच लगने वाले आकर्षण बल को रासायनिक बंध कहते हैं। परमाणु बंध इसलिए बनाते हैं ताकि बाहरी कोश में 8 इलेक्ट्रॉन पूरे हो जाएं। इसे अष्टक नियम कहते हैं।
उदाहरण - Sodium का विन्यास 2,8,1 है। 1 इलेक्ट्रॉन देकर यह 2,8 पाता है। Chlorine 2,8,7 है। 1 इलेक्ट्रॉन लेकर 2,8,8 पाता है। दोनों मिलकर NaCl बनाते हैं।
बंध बनने से ऊर्जा कम होती है और यौगिक स्थिर बनता है। बिना बंध के अक्रिय गैसों को छोड़कर कोई तत्व स्वतंत्र नहीं रह सकता। बंध ही अणु और यौगिक बनाता है।
2. आयनिक बंध - परिभाषा और निर्माण
आयनिक बंध या ionic bond वह बंध है जो इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण से बनता है। एक परमाणु इलेक्ट्रॉन देता है, दूसरा लेता है। देने वाला धन आयन cation और लेने वाला ऋण आयन anion बनता है। दोनों के बीच स्थिर वैद्युत आकर्षण ही आयनिक बंध है।
निर्माण - Sodium 2,8,1 से 1 इलेक्ट्रॉन देकर Na+ बनता है। Chlorine 2,8,7 से 1 इलेक्ट्रॉन लेकर Cl- बनता है। Na+ और Cl- के बीच आकर्षण से NaCl बनता है।
आयनिक बंध सामान्यतः धातु और अधातु के बीच बनता है। धातु इलेक्ट्रॉन देती है, अधातु लेती है। NaCl, MgCl2, KBr आयनिक यौगिक हैं। यह बंध बहुत मजबूत होता है।
3. आयनिक यौगिक के गुण
आयनिक यौगिक के गुण आयनिक बंध की प्रकृति से तय होते हैं। ये ठोस अवस्था में कठोर और भंगुर होते हैं। इनका गलनांक और क्वथनांक बहुत उच्च होता है। NaCl का गलनांक 801°C है।
आयनिक यौगिक जल में घुलनशील होते हैं क्योंकि जल ध्रुवीय विलायक है। ठोस अवस्था में विद्युत के कुचालक होते हैं क्योंकि आयन हिल नहीं सकते। पिघली अवस्था और जलीय विलयन में सुचालक होते हैं क्योंकि मुक्त ion बन जाते हैं।
ये यौगिक ध्रुवीय विलायक में घुलते हैं, अध्रुवीय में नहीं। इनकी अभिक्रिया तेज होती है। आयनिक यौगिक में अणु नहीं, बल्कि ion का जाल होता है।
4. सहसंयोजक बंध - परिभाषा और निर्माण
सहसंयोजक बंध या covalent bond वह बंध है जो इलेक्ट्रॉन की साझेदारी से बनता है। कोई भी परमाणु इलेक्ट्रॉन नहीं देता, दोनों साझा करते हैं। साझा किए गए इलेक्ट्रॉन दोनों परमाणुओं के अष्टक को पूरा करते हैं।
निर्माण - Hydrogen का विन्यास 1 है। 1 इलेक्ट्रॉन चाहिए। दो Hydrogen परमाणु 1-1 इलेक्ट्रॉन साझा करके H2 बनाते हैं। प्रत्येक Hydrogen के पास 2 इलेक्ट्रॉन हो जाते हैं।
सहसंयोजक बंध सामान्यतः दो अधातुओं के बीच बनता है। H2, O2, N2, H2O, CO2, CH4 सभी सहसंयोजक यौगिक हैं। यह बंध दिशात्मक होता है और अणु का निश्चित आकार देता है।
5. सहसंयोजक यौगिक के गुण
सहसंयोजक यौगिक के गुण सहसंयोजक बंध से तय होते हैं। ये सामान्यतः गैस, द्रव या कम गलनांक वाले ठोस होते हैं। इनका गलनांक और क्वथनांक कम होता है। H2O का क्वथनांक 100°C, CH4 का -162°C।
ये जल में कम घुलनशील होते हैं, पर कार्बनिक विलायक में घुलते हैं। H2O अपवाद है क्योंकि यह ध्रुवीय सहसंयोजक है। सामान्यतः विद्युत के कुचालक होते हैं क्योंकि मुक्त ion नहीं होते।
इनकी अभिक्रिया धीमी होती है। सहसंयोजक यौगिक में वास्तविक अणु molecule होते हैं। अणु के अंदर मजबूत बंध, पर अणुओं के बीच दुर्बल बल होता है।
6. एकल, द्वि और त्रि सहसंयोजक बंध
एकल बंध में 2 इलेक्ट्रॉन की साझेदारी होती है। इसे एक रेखा से दिखाते हैं। H-H में एकल बंध है। H2, Cl2, CH4 में केवल एकल बंध होते हैं। बंध ऊर्जा कम होती है।
द्वि बंध में 4 इलेक्ट्रॉन की साझेदारी होती है। इसे दो रेखाओं से दिखाते हैं। O=O में द्वि बंध है। O2 और CO2 में द्वि बंध होता है। द्वि बंध में 1 sigma और 1 pi बंध होता है।
त्रि बंध में 6 इलेक्ट्रॉन की साझेदारी होती है। इसे तीन रेखाओं से दिखाते हैं। N≡N में त्रि बंध है। N2 में त्रि बंध होता है। त्रि बंध सबसे मजबूत होता है। इसमें 1 sigma और 2 pi बंध होते हैं।
7. महत्वपूर्ण यौगिकों में बंध और तुलना सारणी
NaCl - Sodium 2,8,1 से 1 इलेक्ट्रॉन देकर Na+ और Chlorine 2,8,7 से 1 लेकर Cl-। Na+ और Cl- के बीच आयनिक बंध। NaCl में कोई अणु नहीं, ion का जाल।
H2 - दो Hydrogen प्रत्येक 1 इलेक्ट्रॉन साझा। H:H एकल सहसंयोजक बंध। O2 - प्रत्येक Oxygen 2,6 को 2 इलेक्ट्रॉन चाहिए। दो Oxygen 2-2 साझा करके O=O द्वि बंध। N2 - प्रत्येक Nitrogen 2,5 को 3 इलेक्ट्रॉन चाहिए। दो Nitrogen 3-3 साझा करके N≡N त्रि बंध।
H2O - Oxygen 2,6 को 2 इलेक्ट्रॉन चाहिए। दो Hydrogen से 1-1 साझा करके H-O-H दो एकल बंध। CO2 - Carbon 2,4 को 4 इलेक्ट्रॉन चाहिए। दो Oxygen से 2-2 साझा करके O=C=O दो द्वि बंध। CH4 - Carbon को 4 इलेक्ट्रॉन चाहिए। चार Hydrogen से 1-1 साझा करके चार एकल बंध।
| गुण | आयनिक बंध | सहसंयोजक बंध |
|---|---|---|
| निर्माण | इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण से | इलेक्ट्रॉन साझेदारी से |
| किसके बीच | धातु और अधातु | दो अधातु |
| उदाहरण | NaCl, MgCl2, KBr | H2, O2, N2, H2O, CO2, CH4 |
| गलनांक | बहुत उच्च 800°C+ | कम, सामान्यतः <300°C |
| विद्युत चालकता | पिघली अवस्था में सुचालक | सामान्यतः कुचालक |
| घुलनशीलता | जल में घुलनशील | कार्बनिक विलायक में घुलनशील |
| अणु | ion का जाल, कोई अणु नहीं | वास्तविक molecule होते हैं |
| बंध शक्ति | बहुत मजबूत | अपेक्षाकृत कमजोर अणुओं के बीच |
🔑 मुख्य तथ्य (Key Facts)
- ●आयनिक बंध में इलेक्ट्रॉन का स्थानांतरण होता है - Na 2,8,1 से 1 देकर Na+ और Cl 2,8,7 से 1 लेकर Cl- बनता है, दोनों के बीच स्थिर वैद्युत आकर्षण ही ionic बंध है, सामान्यतः धातु + अधातु में बनता है।
- ●सहसंयोजक बंध में इलेक्ट्रॉन की साझेदारी होती है - H2 में 2 इलेक्ट्रॉन साझा एकल बंध H-H, O2 में 4 इलेक्ट्रॉन साझा द्वि बंध O=O, N2 में 6 इलेक्ट्रॉन साझा त्रि बंध N≡N, दो अधातुओं के बीच बनता है।
- ●NaCl का गलनांक 801°C, जल में घुलनशील, पिघली अवस्था में विद्युत सुचालक क्योंकि मुक्त ion, ठोस में कुचालक, H2O ध्रुवीय सहसंयोजक है इसलिए जल में आयनिक यौगिक घुलते हैं।
- ●CH4 में Carbon 2,4 को 4 इलेक्ट्रॉन चाहिए, 4 Hydrogen से 1-1 साझा करके 4 एकल बंध, चतुष्फलकीय आकार 109.5 डिग्री, CO2 में O=C=O दो द्वि बंध रैखिक आकार 180 डिग्री, H2O में H-O-H कोणीय आकार 104.5 डिग्री।
- ●एकल बंध में 2 इलेक्ट्रॉन 1 sigma, द्वि बंध में 4 इलेक्ट्रॉन 1 sigma + 1 pi, त्रि बंध में 6 इलेक्ट्रॉन 1 sigma + 2 pi, बंध ऊर्जा एकल < द्वि < त्रि, पर अभिक्रियाशीलता द्वि और त्रि में अधिक क्योंकि pi बंध दुर्बल।
📝 परीक्षा बिंदु (Exam Points)
- ✓रासायनिक बंध परिभाषा - परमाणुओं के बीच आकर्षण बल जो अष्टक पूरा करने के लिए बनता है, बंध बनने से ऊर्जा कम और स्थिरता बढ़ती है।
- ✓आयनिक बंध - इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण से, धातु देकर cation, अधातु लेकर anion, NaCl उदाहरण - Na 2,8,1 → Na+ + 1e, Cl 2,8,7 +1e → Cl-, Na+ + Cl- → NaCl।
- ✓आयनिक यौगिक गुण - कठोर, उच्च गलनांक 800°C+, जल में घुलनशील, पिघली अवस्था में सुचालक, ठोस में कुचालक, तेज अभिक्रिया, ion का जाल।
- ✓सहसंयोजक बंध - इलेक्ट्रॉन साझेदारी से, दो अधातु, H2 में H-H एकल, O2 में O=O द्वि, N2 में N≡N त्रि, H2O में H-O-H दो एकल, CO2 में O=C=O दो द्वि, CH4 में 4 एकल।
- ✓सहसंयोजक गुण - कम गलनांक-क्वथनांक, सामान्यतः जल में अघुलनशील कार्बनिक में घुलनशील, विद्युत कुचालक, धीमी अभिक्रिया, वास्तविक molecule, अणुओं के बीच दुर्बल बल।
- ✓एकल बंध 2 इलेक्ट्रॉन, द्वि बंध 4 इलेक्ट्रॉन, त्रि बंध 6 इलेक्ट्रॉन, sigma मजबूत pi दुर्बल, बंध शक्ति त्रि > द्वि > एकल।
- ✓अंतर लिखें - निर्माण, धातु-अधातु, उदाहरण NaCl vs H2O, गलनांक, चालकता, घुलनशीलता - 5 अंतर अवश्य लिखें।
- ✓NaCl, MgCl2 आयनिक, H2, O2, N2, H2O, CO2, CH4 सहसंयोजक - प्रत्येक का इलेक्ट्रॉन डॉट संरचना बनाना आना चाहिए परीक्षा में।
⚡ त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
- ➤बंध - अष्टक पूरा करने के लिए, आयनिक बंध इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण धातु+अधातु NaCl 801°C, सहसंयोजक साझेदारी अधातु+अधातु H2, O2, CH4।
- ➤आयनिक गुण - कठोर उच्च गलनांक जल में घुलनशील पिघलने पर सुचालक ion जाल, सहसंयोजक गुण - कम गलनांक कार्बनिक में घुलनशील कुचालक molecule।
- ➤H2 - H-H एकल 2e, O2 - O=O द्वि 4e 1 sigma+1 pi, N2 - N≡N त्रि 6e 1 sigma+2 pi, H2O - H-O-H 2 एकल कोणीय, CO2 - O=C=O 2 द्वि रैखिक, CH4 - 4 एकल चतुष्फलकीय।
- ➤एकल 2e, द्वि 4e, त्रि 6e, शक्ति त्रि>द्वि>एकल, अभिक्रिया आयनिक तेज सहसंयोजक धीमी।
- ➤परीक्षा - NaCl आयनिक डॉट संरचना, H2O, CO2, CH4, O2, N2 सहसंयोजक डॉट संरचना और आयनिक vs सहसंयोजक 5 अंतर।