धात्विक बंध और अंतराआण्विक बल - इलेक्ट्रॉन सागर से हाइड्रोजन बंध तक - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़
⌄धात्विक बंध और अंतराआण्विक बल - इलेक्ट्रॉन सागर से हाइड्रोजन बंध तक - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़
आयनिक और सहसंयोजक के बाद तीसरा मुख्य बंध धात्विक बंध है। धात्विक बंध में मुक्त इलेक्ट्रॉन इलेक्ट्रॉन सागर बनाते हैं।
लोडिंग...
💡 व्याख्या
आयनिक और सहसंयोजक के बाद तीसरा मुख्य बंध धात्विक बंध है। धात्विक बंध में मुक्त इलेक्ट्रॉन इलेक्ट्रॉन सागर बनाते हैं। अंतराआण्विक बल अणुओं के बीच कमजोर बल हैं। रासायनिक बंधन तीन प्रकार के होते हैं - आयनिक, सहसंयोजक और उपसहसंयोजक। आयनिक बंधन धातु और अधातु के बीच इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण से बनता है जबकि सहसंयोजक बंधन दो अधातुओं के बीच इलेक्ट्रॉन साझेदारी से बनता है।
1. धात्विक बंध - परिभाषा
धातु परमाणु संयोजी इलेक्ट्रॉन त्याग कर धन आयन बनाते हैं, मुक्त इलेक्ट्रॉन जालक में घूमते हैं। आयन और इलेक्ट्रॉन सागर में आकर्षण ही धात्विक बंध। NaCl में सोडियम एक इलेक्ट्रॉन खोकर Na+ और क्लोरीन एक इलेक्ट्रॉन पाकर Cl- बनता है। जल में ऑक्सीजन और हाइड्रोजन सहसंयोजक बंधन बनाते हैं। धात्विक बंधन में इलेक्ट्रॉन स्वतंत्र रूप से गति करते हैं जिससे विद्युत चालकता आती है।
2. इलेक्ट्रॉन सागर मॉडल
धन आयन जालक इलेक्ट्रॉन सागर में डूबा। सागर गतिशील, समान फैला। आयन सागर आकर्षण धात्विक बंध। NaCl में सोडियम एक इलेक्ट्रॉन खोकर Na+ और क्लोरीन एक इलेक्ट्रॉन पाकर Cl- बनता है। जल में ऑक्सीजन और हाइड्रोजन सहसंयोजक बंधन बनाते हैं। धात्विक बंधन में इलेक्ट्रॉन स्वतंत्र रूप से गति करते हैं जिससे विद्युत चालकता आती है।
3. धातुओं के गुण
विद्युत चालकता - सागर बहना Ag Cu। ऊष्मा चालकता। आघातवर्धनीयता - पीट चादर। तन्यता - खींच तार। चमक। NaCl में सोडियम एक इलेक्ट्रॉन खोकर Na+ और क्लोरीन एक इलेक्ट्रॉन पाकर Cl- बनता है। जल में ऑक्सीजन और हाइड्रोजन सहसंयोजक बंधन बनाते हैं। धात्विक बंधन में इलेक्ट्रॉन स्वतंत्र रूप से गति करते हैं जिससे विद्युत चालकता आती है।
4. अंतराआण्विक बल
दो अणु बीच कमजोर बल 2-40 kJ। गैस द्रव ठोस का कारण। वांडर वाल्स, द्विध्रुव, हाइड्रोजन बंध। NaCl में सोडियम एक इलेक्ट्रॉन खोकर Na+ और क्लोरीन एक इलेक्ट्रॉन पाकर Cl- बनता है। जल में ऑक्सीजन और हाइड्रोजन सहसंयोजक बंधन बनाते हैं। धात्विक बंधन में इलेक्ट्रॉन स्वतंत्र रूप से गति करते हैं जिससे विद्युत चालकता आती है।
5. वांडर वाल्स बल
सबसे कमजोर। अस्थायी द्विध्रुव से प्रेरित द्विध्रुव। आकार बढ़ने पर बढ़ता। NaCl में सोडियम एक इलेक्ट्रॉन खोकर Na+ और क्लोरीन एक इलेक्ट्रॉन पाकर Cl- बनता है। जल में ऑक्सीजन और हाइड्रोजन सहसंयोजक बंधन बनाते हैं। धात्विक बंधन में इलेक्ट्रॉन स्वतंत्र रूप से गति करते हैं जिससे विद्युत चालकता आती है।
6. हाइड्रोजन बंध
H-F/O/N से जुड़ा H दूसरे F/O/N से। 10-40 kJ। जल 100°C, HF, DNA। NaCl में सोडियम एक इलेक्ट्रॉन खोकर Na+ और क्लोरीन एक इलेक्ट्रॉन पाकर Cl- बनता है। जल में ऑक्सीजन और हाइड्रोजन सहसंयोजक बंधन बनाते हैं। धात्विक बंधन में इलेक्ट्रॉन स्वतंत्र रूप से गति करते हैं जिससे विद्युत चालकता आती है।
7. तुलना
आयनिक - देना लेना। सहसंयोजक - साझा। धात्विक - सागर।
| गुण | आयनिक | सहसंयोजक | धात्विक |
|---|---|---|---|
| निर्माण | स्थानांतरण | साझा | सागर |
| चालकता | पिघलने पर | नहीं | ठोस में |
| आघातवर्धनीय | नहीं | नहीं | हाँ |
🔑 मुख्य तथ्य (Key Facts)
- ●धात्विक बंध धन आयन + इलेक्ट्रॉन सागर आकर्षण दिशा रहित।
- ●इलेक्ट्रॉन सागर आयन जालक सागर में डूबा गतिशील।
- ●गुण चालकता सागर आघातवर्धनीय तन्य परत फिसलन सोना 2km।
- ●अंतराआण्विक बल 2-40 kJ गैस द्रव ठोस।
- ●वांडर वाल्स अस्थायी द्विध्रुव लंदन आकार बढ़ने बढ़ता।
- ●हाइड्रोजन बंध H-FON 10-40 kJ जल HF DNA।
- ●तुलना आयनिक सहसंयोजक धात्विक।
📝 परीक्षा बिंदु (Exam Points)
- ✓धात्विक बंध परिभाषा इलेक्ट्रॉन सागर।
- ✓इलेक्ट्रॉन सागर मॉडल चित्र।
- ✓धातु गुण चालकता आघातवर्धनीयता तन्यता चमक।
- ✓अंतराआण्विक बल परिभाषा प्रकार मान।
- ✓वांडर वाल्स लंदन आकार प्रभाव।
- ✓हाइड्रोजन बंध जल HF DNA प्रोटीन।
- ✓तुलना तालिका।
⚡ त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
- ➤धात्विक बंध आयन + सागर आकर्षण।
- ➤सागर मॉडल गतिशील चालकता।
- ➤आघातवर्धनीय तन्य सोना 2km।
- ➤अंतराआण्विक 2-40 kJ।
- ➤वांडर वाल्स अस्थायी द्विध्रुव।
- ➤हाइड्रोजन बंध H-FON जल 100°C।