तंत्रिका तंत्र - न्यूरॉन, मस्तिष्क और प्रतिवर्ती क्रिया की संपूर्ण व्याख्या - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़
⌄तंत्रिका तंत्र - न्यूरॉन, मस्तिष्क और प्रतिवर्ती क्रिया की संपूर्ण व्याख्या - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़
मानव शरीर में सभी अंगों के कार्यों को नियंत्रित और समन्वित करने के लिए तंत्रिका तंत्र होता है। तंत्रिका तंत्र की मूल इकाई न्यूरॉन है जो विद्युत आवेग के रूप में संदेश ले जाती है।
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💡 व्याख्या
मानव शरीर में सभी अंगों के कार्यों को नियंत्रित और समन्वित करने के लिए तंत्रिका तंत्र होता है। तंत्रिका तंत्र की मूल इकाई न्यूरॉन है जो विद्युत आवेग के रूप में संदेश ले जाती है। मस्तिष्क इस तंत्र का मुख्य अंग है जो सोचने, समझने और निर्णय लेने का कार्य करता है। प्रतिवर्ती क्रिया मेरुरज्जु द्वारा नियंत्रित तीव्र प्रतिक्रिया है।
1. तंत्रिका तंत्र - परिचय और कार्य
तंत्रिका तंत्र वह तंत्र है जो शरीर के विभिन्न अंगों के बीच संचार और नियंत्रण स्थापित करता है। यह पर्यावरण से उद्दीपनों को ग्रहण कर शरीर को प्रतिक्रिया करने में मदद करता है। तंत्रिका तंत्र दो भागों में बंटा है - केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और परिधीय तंत्रिका तंत्र।
केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में मस्तिष्क और मेरुरज्जु आते हैं। परिधीय तंत्रिका तंत्र में सभी तंत्रिकाएं आती हैं जो मस्तिष्क और मेरुरज्जु से निकलकर पूरे शरीर में फैली हैं। तंत्रिका तंत्र का मुख्य कार्य संवेदना ग्रहण करना, विश्लेषण करना और प्रतिक्रिया देना है।
मनुष्य में तंत्रिका तंत्र बाह्य ऊतक से बनता है। तंत्रिका तंत्र तीव्र और अल्पकालिक नियंत्रण करता है। हार्मोन तंत्र के विपरीत इसका प्रभाव तुरंत होता है। यह ऐच्छिक और अनैच्छिक दोनों क्रियाओं को नियंत्रित करता है।
2. न्यूरॉन - संरचना और प्रकार
न्यूरॉन तंत्रिका तंत्र की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई है। यह सबसे लंबी कोशिका है। न्यूरॉन में तीन मुख्य भाग होते हैं - कोशिका काय, द्रुमिका और तंत्रिकाक्ष। कोशिका काय में केंद्रक और कोशिका द्रव्य होता है।
द्रुमिका छोटे प्रवर्ध होते हैं जो आवेग को कोशिका काय की ओर लाते हैं। तंत्रिकाक्ष लंबा प्रवर्ध है जो आवेग को कोशिका काय से दूर ले जाता है। तंत्रिकाक्ष के अंत में तंत्रिकाक्ष अंत्य बटन होते हैं। कई तंत्रिकाक्ष पर माइलिन आवरण होता है जो आवेग संचरण को तेज करता है।
प्रकार - 1. संवेदी न्यूरॉन - संवेदांग से मस्तिष्क की ओर संदेश ले जाता है। 2. प्रेरक न्यूरॉन - मस्तिष्क से कार्यकारी अंग की ओर संदेश ले जाता है। 3. सहबद्ध न्यूरॉन - मस्तिष्क और मेरुरज्जु में संवेदी और प्रेरक को जोड़ता है। मानव मस्तिष्क में लगभग 86 अरब न्यूरॉन होते हैं।
3. तंत्रिका आवेग का संचरण
पर्यावरण से कोई उद्दीपन मिलने पर संवेदांग में तंत्रिका आवेग उत्पन्न होता है। तंत्रिका आवेग एक विद्युत-रासायनिक संकेत है। विश्राम अवस्था में न्यूरॉन के बाहर सोडियम आयन अधिक और अंदर पोटैशियम आयन अधिक होते हैं।
उद्दीपन से कोशिका झिल्ली की पारगम्यता बदलती है। सोडियम आयन अंदर आते हैं और पोटैशियम आयन बाहर जाते हैं। इससे विद्युत विभव बदलता है और विध्रुवण होता है। यह आवेग द्रुमिका से कोशिका काय फिर तंत्रिकाक्ष की ओर जाता है।
आवेग की गति माइलिन वाले न्यूरॉन में 100 m/s तक और बिना माइलिन वाले में 1 m/s होती है। आवेग एक ही दिशा में जाता है। तंत्रिका आवेग में सोडियम और पोटैशियम का आदान-प्रदान ही मुख्य ऊर्जा का उपयोग है।
4. सिनेप्स - परिभाषा और कार्य
दो न्यूरॉन के बीच के सूक्ष्म अंतराल को सिनेप्स कहते हैं। एक न्यूरॉन का तंत्रिकाक्ष दूसरे न्यूरॉन की द्रुमिका से सीधे नहीं जुड़ा होता। बीच में 20 nm से 40 nm का खाली स्थान होता है जिसे सिनेप्टिक विदर कहते हैं।
सिनेप्स पर आवेग का संचरण रासायनिक पदार्थ द्वारा होता है। जब आवेग तंत्रिकाक्ष के अंत पर पहुंचता है तो कैल्शियम आयन अंदर आते हैं और तंत्रिका संचारी पदार्थ जैसे एसीटाइलकोलीन थैली से निकलकर विदर में आ जाते हैं।
ये पदार्थ अगले न्यूरॉन की झिल्ली पर स्थित ग्राही से जुड़ते हैं और नए आवेग को जन्म देते हैं। सिनेप्स एक ही दिशा में आवेग भेजता है और निर्णय बिंदु का कार्य करता है। मस्तिष्क में लगभग 100 ट्रिलियन सिनेप्स होते हैं।
5. मस्तिष्क - भाग और कार्य
मस्तिष्क केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का सबसे बड़ा और जटिल अंग है। वयस्क मानव मस्तिष्क का भार लगभग 1400 g होता है और इसमें 86 अरब न्यूरॉन होते हैं। मस्तिष्क खोपड़ी में सुरक्षित रहता है और तीन झिल्लियों से घिरा होता है।
मस्तिष्क के तीन मुख्य भाग हैं - अग्र मस्तिष्क, मध्य मस्तिष्क और पश्च मस्तिष्क। अग्र मस्तिष्क में प्रमस्तिष्क सबसे बड़ा भाग है जो सोचने, याद करने, तर्क करने का केंद्र है। अग्र मस्तिष्क का थैलेमस संदेश रिले करता है और हाइपोथैलेमस भूख, प्यास, तापमान नियंत्रित करता है।
पश्च मस्तिष्क में अनुमस्तिष्क शरीर का संतुलन और पेशीय समन्वय करता है। मेडुला ऑब्लांगेटा हृदय स्पंदन, श्वसन, लार स्राव जैसी अनैच्छिक क्रियाओं को नियंत्रित करता है। मध्य मस्तिष्क दृष्टि और श्रवण के प्रतिवर्ती को नियंत्रित करता है।
6. मेरुरज्जु और प्रतिवर्ती क्रिया
मेरुरज्जु या स्पाइनल कॉर्ड मेडुला से निकलकर रीढ़ की हड्डी के अंदर स्थित लंबी नली है। लंबाई लगभग 45 cm और व्यास 1 cm होता है। मेरुरज्जु के बीच में H आकार का धूसर द्रव्य और बाहर श्वेत द्रव्य होता है।
मेरुरज्जु के दो मुख्य कार्य हैं - 1. मस्तिष्क से आने-जाने वाले आवेगों के लिए मार्ग का कार्य। 2. प्रतिवर्ती क्रिया का केंद्र। मेरुरज्जु से 31 जोड़ी तंत्रिकाएं निकलती हैं जो शरीर के विभिन्न भागों में जाती हैं।
प्रतिवर्ती क्रिया वह तीव्र, स्वतः और अनैच्छिक प्रतिक्रिया है जो किसी उद्दीपन के प्रति बिना सोचे-समझे होती है। उदाहरण - गर्म वस्तु को छूने पर हाथ तुरंत हटाना, आंख में धूल पड़ने पर पलक झपकना। यह क्रिया मेरुरज्जु द्वारा नियंत्रित होती है, इसलिए मस्तिष्क को सोचने का समय नहीं लगता।
प्रतिवर्ती चाप वह मार्ग है जिस पर प्रतिवर्ती आवेग चलता है। इसमें 5 भाग - 1. ग्राही अंग जैसे त्वचा। 2. संवेदी न्यूरॉन जो आवेग को मेरुरज्जु ले जाता है। 3. सहबद्ध न्यूरॉन मेरुरज्जु में। 4. प्रेरक न्यूरॉन जो पेशी को आदेश देता है। 5. कार्यकारी अंग जैसे हाथ की पेशी। प्रतिवर्ती चाप सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
| मस्तिष्क का भाग | स्थिति | मुख्य कार्य |
|---|---|---|
| प्रमस्तिष्क | अग्र मस्तिष्क का सबसे बड़ा भाग | सोच, स्मृति, तर्क, चेतना, ऐच्छिक क्रिया, ज्ञानेंद्रिय का केंद्र |
| थैलेमस | प्रमस्तिष्क के नीचे | संवेदी संदेशों को प्रमस्तिष्क तक पहुंचाना, रिले स्टेशन |
| हाइपोथैलेमस | थैलेमस के नीचे | भूख, प्यास, नींद, तापमान, हार्मोन नियंत्रण |
| मध्य मस्तिष्क | अग्र और पश्च के बीच | दृष्टि, श्रवण प्रतिवर्ती, पेशी गति नियंत्रण |
| अनुमस्तिष्क | पश्च मस्तिष्क, प्रमस्तिष्क के पीछे | शरीर संतुलन, पेशीय समन्वय, चलना, दौड़ना |
| मेडुला ऑब्लांगेटा | मस्तिष्क का सबसे निचला भाग, मेरुरज्जु से जुड़ा | अनैच्छिक क्रिया - हृदय धड़कन, श्वसन, रक्त दाब, निगलना |
| पोंस | मेडुला के ऊपर | श्वसन नियमन, अनुमस्तिष्क को संदेश भेजना |
🔑 मुख्य तथ्य (Key Facts)
- ●मानव मस्तिष्क का भार लगभग 1400 g, 86 अरब न्यूरॉन और 100 ट्रिलियन सिनेप्स, मेरुरज्जु लंबाई 45 cm, व्यास 1 cm, 31 जोड़ी तंत्रिकाएं निकलती हैं, तंत्रिका आवेग गति माइलिन वाले में 100 m/s।
- ●न्यूरॉन की संरचना - कोशिका काय में केंद्रक, द्रुमिका आवेग को कोशिका काय की ओर लाती है, तंत्रिकाक्ष दूर ले जाता है, माइलिन आवरण गति बढ़ाता है, न्यूरॉन शरीर की सबसे लंबी कोशिका है जो विभाजित नहीं होती।
- ●तंत्रिका आवेग विश्राम में बाहर सोडियम आयन अधिक अंदर पोटैशियम आयन अधिक, उद्दीपन से सोडियम अंदर आता है विध्रुवण होता है, सिनेप्स पर कैल्शियम आयन से एसीटाइलकोलीन जैसे संचारी पदार्थ निकलते हैं और अगले न्यूरॉन में आवेग बनाते हैं।
- ●प्रमस्तिष्क सबसे बड़ा भाग सोचने-समझने का केंद्र, हाइपोथैलेमस भूख प्यास नींद तापमान नियंत्रण, अनुमस्तिष्क संतुलन, मेडुला हृदय श्वसन जैसी अनैच्छिक क्रिया नियंत्रित करता है, थैलेमस रिले स्टेशन है।
- ●प्रतिवर्ती क्रिया मेरुरज्जु द्वारा नियंत्रित तीव्र अनैच्छिक प्रतिक्रिया, उदाहरण गर्म वस्तु से हाथ हटाना, प्रतिवर्ती चाप के 5 भाग - ग्राही अंग, संवेदी न्यूरॉन, सहबद्ध न्यूरॉन, प्रेरक न्यूरॉन, कार्यकारी अंग।
📝 परीक्षा बिंदु (Exam Points)
- ✓तंत्रिका तंत्र परिभाषा - अंगों में समन्वय और नियंत्रण करने वाला तंत्र, भाग - केंद्रीय मस्तिष्क+मेरुरज्जु और परिधीय तंत्रिकाएं, कार्य - संवेदना ग्रहण विश्लेषण प्रतिक्रिया, तीव्र अल्पकालिक नियंत्रण।
- ✓न्यूरॉन संरचना - कोशिका काय केंद्रक और कोशिका द्रव्य, द्रुमिका छोटे प्रवर्ध आवेग को कोशिका काय की ओर, तंत्रिकाक्ष लंबा आवेग को दूर, अंत्य बटन सिनेप्स बनाते हैं, माइलिन गति बढ़ाता है।
- ✓न्यूरॉन प्रकार - संवेदी संवेदांग से मस्तिष्क, प्रेरक मस्तिष्क से कार्यकारी अंग, सहबद्ध मस्तिष्क मेरुरज्जु में दोनों को जोड़ता है, न्यूरॉन विभाजित नहीं होता।
- ✓तंत्रिका आवेग - विद्युत-रासायनिक संकेत, विश्राम में बाहर सोडियम आयन अधिक, उद्दीपन से सोडियम अंदर पोटैशियम बाहर विध्रुवण, दिशा द्रुमिका से तंत्रिकाक्ष की ओर, गति 1 m/s से 100 m/s।
- ✓सिनेप्स - दो न्यूरॉन के बीच 20 nm से 40 nm का विदर, रासायनिक संचरण एसीटाइलकोलीन द्वारा, कैल्शियम आयन से थैली फटती है, एक दिशा में आवेग, निर्णय बिंदु।
- ✓मस्तिष्क - भार 1400 g, तीन भाग अग्र मध्य पश्च, प्रमस्तिष्क सबसे बड़ा सोच स्मृति, हाइपोथैलेमस भूख प्यास तापमान, अनुमस्तिष्क संतुलन, मेडुला अनैच्छिक हृदय श्वसन।
- ✓मेरुरज्जु - मेडुला से निकलती 45 cm लंबी, H आकार धूसर द्रव्य अंदर श्वेत बाहर, 31 जोड़ी तंत्रिकाएं, कार्य मार्ग और प्रतिवर्ती केंद्र।
- ✓प्रतिवर्ती क्रिया - तीव्र स्वतः अनैच्छिक प्रतिक्रिया मेरुरज्जु द्वारा, उदाहरण गर्म वस्तु से हाथ हटाना, प्रतिवर्ती चाप - ग्राही, संवेदी न्यूरॉन, सहबद्ध, प्रेरक, कार्यकारी अंग।
⚡ त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
- ➤तंत्रिका तंत्र - नियंत्रण और समन्वय, केंद्रीय मस्तिष्क+मेरुरज्जु परिधीय तंत्रिकाएं, मूल इकाई न्यूरॉन सबसे लंबी कोशिका विभाजित नहीं होती।
- ➤न्यूरॉन - कोशिका काय केंद्रक, द्रुमिका आवेग अंदर, तंत्रिकाक्ष आवेग बाहर अंत्य बटन, माइलिन गति बढ़ाता है, संवेदी, प्रेरक, सहबद्ध प्रकार।
- ➤आवेग - सोडियम बाहर अधिक पोटैशियम अंदर अधिक, उद्दीपन से सोडियम अंदर विध्रुवण, दिशा द्रुमिका से तंत्रिकाक्ष, गति 1 से 100 m/s, सिनेप्स पर कैल्शियम से एसीटाइलकोलीन।
- ➤सिनेप्स - दो न्यूरॉन बीच 20 nm से 40 nm विदर, रासायनिक संचरण, एक दिशा, 100 ट्रिलियन सिनेप्स।
- ➤मस्तिष्क - 1400 g 86 अरब न्यूरॉन, प्रमस्तिष्क सोच स्मृति, थैलेमस रिले, हाइपोथैलेमस भूख प्यास नींद तापमान, मध्य दृष्टि श्रवण, अनुमस्तिष्क संतुलन, मेडुला हृदय श्वसन, पोंस श्वसन नियमन।
- ➤मेरुरज्जु - 45 cm 31 जोड़ी तंत्रिकाएं, H आकार धूसर द्रव्य, कार्य मार्ग और प्रतिवर्ती केंद्र, प्रतिवर्ती क्रिया तीव्र अनैच्छिक मेरुरज्जु द्वारा, चाप - ग्राही, संवेदी, सहबद्ध, प्रेरक, कार्यकारी।