न्यूटन का तृतीय नियम और संवेग संरक्षण - क्रिया-प्रतिक्रिया से रॉकेट तक - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़
⌄न्यूटन का तृतीय नियम और संवेग संरक्षण - क्रिया-प्रतिक्रिया से रॉकेट तक - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़
क्या आपने कभी सोचा है कि बंदूक चलाने पर पीछे धक्का क्यों लगता है? या रॉकेट बिना हवा के निर्वात में भी कैसे उड़ता है? इन सबका उत्तर न्यूटन के तृतीय नियम और संवेग संरक्षण के सिद्धांत में छिपा है।
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💡 व्याख्या
क्या आपने कभी सोचा है कि बंदूक चलाने पर पीछे धक्का क्यों लगता है? या रॉकेट बिना हवा के निर्वात में भी कैसे उड़ता है? इन सबका उत्तर न्यूटन के तृतीय नियम और संवेग संरक्षण के सिद्धांत में छिपा है। न्यूटन का तृतीय नियम कहता है कि प्रत्येक क्रिया के बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। यही कारण है कि हम चल पाते हैं, तैर पाते हैं और रॉकेट अंतरिक्ष में उड़ता है। इस लेख में हम तृतीय नियम, संवेग और संवेग संरक्षण को विस्तार से समझेंगे।
1. न्यूटन का तृतीय नियम
न्यूटन के तृतीय नियम के अनुसार, प्रत्येक क्रिया के बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है।
गणितीय रूप में: F_AB = -F_BA। यदि वस्तु A वस्तु B पर बल लगाती है, तो वस्तु B भी वस्तु A पर उतना ही बल विपरीत दिशा में लगाती है।
महत्वपूर्ण बातें: (1) क्रिया और प्रतिक्रिया दो अलग-अलग वस्तुओं पर लगते हैं, (2) दोनों बल हमेशा एक साथ उत्पन्न होते हैं, (3) दोनों बलों की प्रकृति समान होती है।
उदाहरण: दीवार पर हाथ से धक्का देने पर दीवार भी हाथ पर बराबर बल विपरीत दिशा में लगाती है। इसीलिए हाथ में दर्द होता है।
2. क्रिया-प्रतिक्रिया के दैनिक उदाहरण
दैनिक जीवन में क्रिया-प्रतिक्रिया के कई उदाहरण हैं:
(1) चलना: हमारे पैर जमीन को पीछे धकेलते हैं (क्रिया), जमीन हमें आगे धकेलती है (प्रतिक्रिया)।
(2) तैरना: तैराक पानी को पीछे धकेलता है (क्रिया), पानी तैराक को आगे धकेलता है (प्रतिक्रिया)।
(3) नाव से कूदना: नाव से किनारे पर कूदने पर नाव पीछे हट जाती है।
(4) दीवार पर धक्का: दीवार भी उतना ही बल विपरीत दिशा में लगाती है।
(5) गुब्बारा छोड़ना: हवा पीछे निकलती है, गुब्बारा आगे जाता है।
3. संवेग की परिभाषा और गुण
संवेग किसी गतिमान वस्तु के द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है।
सूत्र: p = m × v, जहाँ p संवेग, m द्रव्यमान और v वेग है।
संवेग एक सदिश राशि है - इसकी दिशा वेग की दिशा में होती है। SI मात्रक kg m/s है।
संवेग के गुण: (1) द्रव्यमान अधिक होने पर संवेग अधिक होता है, (2) वेग अधिक होने पर संवेग अधिक होता है, (3) भारी ट्रक और हल्की साइकिल में ट्रक का संवेग अधिक होता है यदि दोनों की गति समान हो।
उदाहरण: 1000 kg की कार 10 m/s से चल रही है, तो संवेग p = 1000 × 10 = 10,000 kg m/s।
4. संवेग संरक्षण का नियम
संवेग संरक्षण का नियम कहता है कि यदि किसी निकाय पर बाहरी बल शून्य है, तो उसका कुल संवेग स्थिर रहता है।
गणितीय रूप में: m₁v₁ + m₂v₂ = m₁u₁ + m₂u₂, जहाँ u प्रारंभिक वेग और v अंतिम वेग है।
यह नियम न्यूटन के द्वितीय और तृतीय नियम से निकलता है। यह टक्कर, विस्फोट और रॉकेट गति में लागू होता है।
उदाहरण: दो वस्तुओं की टक्कर में टक्कर से पहले और बाद में कुल संवेग समान रहता है। यही कारण है कि बंदूक चलाने पर गोली आगे और बंदूक पीछे जाती है - दोनों का कुल संवेग शून्य रहता है।
5. बंदूक प्रतिक्षेप (Recoil of Gun)
जब बंदूक से गोली चलाई जाती है, तो गोली आगे की ओर जाती है और बंदूक पीछे की ओर धक्का देती है - इसे प्रतिक्षेप कहते हैं।
संवेग संरक्षण से: कुल प्रारंभिक संवेग = कुल अंतिम संवेग
0 = m × v + M × V, जहाँ m गोली का द्रव्यमान, v गोली का वेग, M बंदूक का द्रव्यमान और V बंदूक का प्रतिक्षेप वेग है।
बंदूक का वेग: V = -mv/M। ऋण चिह्न दर्शाता है कि बंदूक की दिशा गोली के विपरीत है।
बंदूक का द्रव्यमान अधिक होने से उसका वेग कम होता है। यही कारण है कि भारी बंदूक का प्रतिक्षेप कम होता है।
6. रॉकेट का सिद्धांत
रॉकेट न्यूटन के तृतीय नियम और संवेग संरक्षण पर कार्य करता है।
रॉकेट में ईंधन जलने से गर्म गैसें नीचे की ओर बड़े वेग से निकलती हैं (क्रिया), इसके फलस्वरूप रॉकेट ऊपर की ओर जाता है (प्रतिक्रिया)।
रॉकेट निर्वात में भी उड़ सकता है क्योंकि उसे हवा की आवश्यकता नहीं होती - वह अपनी गैसों को पीछे धकेलकर आगे बढ़ता है।
रॉकेट का द्रव्यमान लगातार घटता रहता है क्योंकि ईंधन जलकर गैस बनकर निकलता रहता है। द्रव्यमान घटने से त्वरण बढ़ता जाता है।
7. टक्कर के प्रकार और तुलना सारणी
टक्कर दो प्रकार की होती है:
प्रत्यास्थ टक्कर: इसमें संवेग और गतिज ऊर्जा दोनों संरक्षित रहती हैं। आदर्श गैस अणुओं की टक्कर प्रत्यास्थ होती है।
अप्रत्यास्थ टक्कर: इसमें केवल संवेग संरक्षित रहता है, गतिज ऊर्जा नहीं। कारों की टक्कर अप्रत्यास्थ होती है।
| गुण | प्रथम नियम | तृतीय नियम |
|---|---|---|
| कथन | जड़त्व | क्रिया = प्रतिक्रिया |
| बल | एक वस्तु पर | दो वस्तुओं पर |
| उदाहरण | बस में आगे गिरना | चलना, तैरना |
🔑 मुख्य तथ्य (Key Facts)
- ●न्यूटन का तृतीय नियम: क्रिया और प्रतिक्रिया बराबर और विपरीत, F_AB = -F_BA, दो अलग वस्तुओं पर लगते हैं।
- ●चलना, तैरना, नाव से कूदना, गुब्बारा छोड़ना - सभी में क्रिया-प्रतिक्रिया का सिद्धांत।
- ●संवेग p = mv, सदिश राशि, SI मात्रक kg m/s, द्रव्यमान और वेग दोनों के समानुपाती।
- ●संवेग संरक्षण: बाहरी बल शून्य होने पर कुल संवेग स्थिर, m₁v₁ + m₂v₂ = m₁u₁ + m₂u₂।
- ●बंदूक प्रतिक्षेप: 0 = mv + MV, V = -mv/M, भारी बंदूक का प्रतिक्षेप कम।
- ●रॉकेट: गैस नीचे (क्रिया), रॉकेट ऊपर (प्रतिक्रिया), निर्वात में भी चलता है।
- ●टक्कर: प्रत्यास्थ में p + ऊर्जा दोनों संरक्षित, अप्रत्यास्थ में केवल p।
📝 परीक्षा बिंदु (Exam Points)
- ✓तृतीय नियम का कथन और गणितीय रूप - F_AB = -F_BA।
- ✓क्रिया-प्रतिक्रिया के चार दैनिक उदाहरण - चलना, तैरना, बंदूक, गुब्बारा।
- ✓संवेग की परिभाषा, सूत्र p = mv, सदिश राशि, SI मात्रक kg m/s।
- ✓संवेग संरक्षण का कथन और गणितीय रूप।
- ✓बंदूक प्रतिक्षेप का सूत्र V = -mv/M और दिशा का महत्व।
- ✓रॉकेट का सिद्धांत - क्रिया-प्रतिक्रिया, निर्वात में गति।
- ✓प्रत्यास्थ और अप्रत्यास्थ टक्कर में अंतर।
- ✓प्रथम और तृतीय नियम में अंतर - बल एक वस्तु पर बनाम दो वस्तुओं पर।
⚡ त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
- ➤तृतीय नियम: क्रिया = प्रतिक्रिया, F_AB = -F_BA।
- ➤उदाहरण: चलना, तैरना, बंदूक, रॉकेट।
- ➤संवेग: p = mv, kg m/s।
- ➤संरक्षण: कुल p स्थिर, m₁v₁ + m₂v₂ = m₁u₁ + m₂u₂।
- ➤बंदूक: V = -mv/M।
- ➤रॉकेट: गैस नीचे, रॉकेट ऊपर।
- ➤टक्कर: प्रत्यास्थ p+E, अप्रत्यास्थ केवल p।