आवर्त गुणों में प्रवृत्तियाँ - त्रिज्या से विद्युत ऋणात्मकता तक - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़
⌄आवर्त गुणों में प्रवृत्तियाँ - त्रिज्या से विद्युत ऋणात्मकता तक - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़
क्या आपने कभी सोचा है कि सोडियम क्यों बहुत अभिक्रियाशील है जबकि नियॉन क्यों नहीं? या फ्लोरीन सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक क्यों है? इन सबका उत्तर आवर्त प्रवृत्तियों में छिपा है।
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💡 व्याख्या
क्या आपने कभी सोचा है कि सोडियम क्यों बहुत अभिक्रियाशील है जबकि नियॉन क्यों नहीं? या फ्लोरीन सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक क्यों है? इन सबका उत्तर आवर्त प्रवृत्तियों में छिपा है। आवर्त सारणी में तत्वों के गुण नियमित रूप से बदलते हैं। परमाणु त्रिज्या, आयनन ऊर्जा, इलेक्ट्रॉन बंधुता, विद्युत ऋणात्मकता और धात्विक गुण - ये सब आवर्त में बाएं से दाएं और समूह में ऊपर से नीचे क्रमशः बदलते हैं। इस लेख में हम इन प्रवृत्तियों को विस्तार से समझेंगे।
1. आवर्त प्रवृत्ति
आवर्त प्रवृत्ति तत्वों के गुणों में नियमित परिवर्तन है।
कारण: केंद्रक में प्रोटॉन की संख्या और इलेक्ट्रॉन कोशों की संख्या।
5 मुख्य प्रवृत्तियां: परमाणु त्रिज्या, आयनन ऊर्जा, इलेक्ट्रॉन बंधुता, विद्युत ऋणात्मकता, धात्विक गुण।
आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर प्रोटॉन बढ़ते हैं और प्रभावी नाभिकीय आवेश बढ़ता है।
2. परमाणु त्रिज्या
परमाणु त्रिज्या नाभिक से सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन तक की दूरी है।
आवर्त में बाएं से दाएं घटती है: Na 186 pm से Cl 99 pm तक। कारण: नाभिकीय आवेश बढ़ता है, इलेक्ट्रॉन पास खिंचते हैं।
समूह में ऊपर से नीचे बढ़ती है: Li 134 pm से Cs 225 pm तक। कारण: नए कोश जुड़ते हैं।
3. आयनन ऊर्जा
आयनन ऊर्जा सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन को निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा है।
आवर्त में बढ़ती है: Be > B और N > O अपवाद हैं।
समूह में घटती है: Li 520 kJ/mol से Cs 376 kJ/mol।
अपवाद: Be का B से अधिक - क्योंकि Be का 2s² पूर्ण भरा है। N का O से अधिक - क्योंकि N का 2p³ अर्ध-पूरित है।
4. इलेक्ट्रॉन बंधुता
इलेक्ट्रॉन बंधुता इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर निकलने वाली ऊर्जा है।
आवर्त में अधिक ऋणात्मक होती है: Cl की -349 kJ/mol सबसे अधिक।
समूह में कम ऋणात्मक होती जाती है - क्योंकि नए कोश जुड़ने से इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की क्षमता घटती है।
क्लोरीन की इलेक्ट्रॉन बंधुता सबसे अधिक है - यही कारण है कि Cl बहुत अभिक्रियाशील है।
5. विद्युत ऋणात्मकता
विद्युत ऋणात्मकता परमाणु की बंध बनाते समय इलेक्ट्रॉन खींचने की क्षमता है।
फ्लोरीन (F) की विद्युत ऋणात्मकता सबसे अधिक 4.0 है।
आवर्त में बढ़ती है: Na 0.9 से Cl 3.0 तक। समूह में घटती है: Li 1.0 से Cs 0.7।
विद्युत ऋणात्मकता से बंध की प्रकृति ज्ञात होती है - आयनिक या सहसंयोजक।
6. धात्विक गुण
धात्विक गुण इलेक्ट्रॉन देने की क्षमता है।
आवर्त में बाएं से दाएं घटता है और अधात्विक गुण बढ़ता है।
समूह में ऊपर से नीचे बढ़ता है: C, Si, Sn, Pb - कार्बन अधातु है पर लेड धातु।
सबसे अधिक धात्विक गुण Cs और सबसे अधिक अधात्विक F में होता है।
7. उपयोग और तुलना
आवर्त प्रवृत्तियों के उपयोग:
(1) बंध की प्रकृति की भविष्यवाणी - आयनिक या सहसंयोजक।
(2) ऑक्साइड की प्रकृति - क्षारीय या अम्लीय।
(3) अभिक्रियाशीलता की भविष्यवाणी।
| गुण | आवर्त बाएं→दाएं | समूह ऊपर→नीचे |
|---|---|---|
| त्रिज्या | घटती | बढ़ती |
| आयनन ऊर्जा | बढ़ती | घटती |
| धात्विक गुण | घटता | बढ़ता |
🔑 मुख्य तथ्य (Key Facts)
- ●प्रवृत्ति नियमित केंद्रक प्रोटॉन इलेक्ट्रॉन 5 मुख्य।
- ●त्रिज्या आवर्त घट Na186 Cl99 समूह बढ़ Li134 Cs225।
- ●आयनन आवर्त बढ़ Be>B N>O समूह घट Li520 Cs376।
- ●बंधुता आवर्त अधिक ऋण Cl-349 समूह घट।
- ●ऋणात्मकता F4.0 आवर्त बढ़ Na0.9 Cl3.0 समूह घट Li1.0 Cs0.7।
- ●धात्विक आवर्त घट समूह बढ़ C Si Sn Pb।
- ●उपयोग बंध ऑक्साइड अभिक्रियाशीलता भविष्यवाणी।
📝 परीक्षा बिंदु (Exam Points)
- ✓प्रवृत्ति परिभाषा 5 मुख्य।
- ✓त्रिज्या आवर्त घट समूह बढ़।
- ✓आयनन बढ़ घट अपवाद।
- ✓बंधुता ऋणात्मक अक्रिय धन।
- ✓ऋणात्मकता F4.0 बंध प्रकार।
- ✓धात्विक अधात्विक परिवर्तन।
- ✓उपयोग तुलना तालिका।
⚡ त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
- ➤5 प्रवृत्ति त्रिज्या आयनन बंधुता ऋणात्मकता धात्विक।
- ➤आवर्त त्रिज्या घट आयनन बढ़ ऋणात्मकता बढ़ धात्विक घट।
- ➤समूह त्रिज्या बढ़ आयनन घट ऋणात्मकता घट धात्विक बढ़।
- ➤F4.0 सर्वाधिक Cl-349।
- ➤Na186 Cl99 Li134 Cs225।