अलैंगिक जनन - विखंडन, मुकुलन, खंडन से कायिक प्रवर्धन तक - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़
⌄अलैंगिक जनन - विखंडन, मुकुलन, खंडन से कायिक प्रवर्धन तक - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़
क्या आपने कभी सोचा है कि अमीबा जैसा एक कोशिकीय जीव अपनी संख्या कैसे बढ़ाता है? या आलू के एक टुकड़े से नया पौधा कैसे उग आता है? इन सबका उत्तर अलैंगिक जनन में छिपा है।
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💡 व्याख्या
क्या आपने कभी सोचा है कि अमीबा जैसा एक कोशिकीय जीव अपनी संख्या कैसे बढ़ाता है? या आलू के एक टुकड़े से नया पौधा कैसे उग आता है? इन सबका उत्तर अलैंगिक जनन में छिपा है। जनन वह जैविक प्रक्रिया है जिसमें जीव अपने समान नई संतति उत्पन्न करते हैं। अलैंगिक जनन में केवल एक ही जनक होता है और बिना युग्मक (gamete) के संतति बनती है। यह प्रक्रिया तेज होती है और संतति आनुवंशिक रूप से जनक के समान होती है। इस लेख में हम अलैंगिक जनन के विभिन्न प्रकारों - विखंडन, मुकुलन, खंडन, पुनरुद्भवन, कायिक प्रवर्धन और बीजाणु समासंघ को विस्तार से समझेंगे।
1. जनन की परिभाषा और आवश्यकता
जनन वह जैविक प्रक्रिया है जिसमें जीव अपने समान नई संतति उत्पन्न करता है। यह जीवन का एक मूलभूत लक्षण है।
जनन की आवश्यकता: (1) प्रजाति की निरंतरता - जनन से प्रजाति पीढ़ी दर पीढ़ी बनी रहती है, (2) जनसंख्या में वृद्धि, (3) आनुवंशिक सूचना का स्थानांतरण - DNA के माध्यम से, (4) जीवों का विकास।
जनन दो प्रकार का होता है: अलैंगिक जनन (एक जनक से) और लैंगिक जनन (दो जनकों से)। अलैंगिक जनन में संतति आनुवंशिक रूप से जनक के समान होती है, जबकि लैंगिक जनन में विविधता होती है।
2. अलैंगिक जनन की परिभाषा और विशेषताएं
अलैंगिक जनन वह प्रक्रिया है जिसमें केवल एक जनक से बिना युग्मक (gamete) के संतति उत्पन्न होती है। इसमें कोशिका विभाजन समसूत्री (mitosis) होता है।
विशेषताएं: (1) एक ही जनक होता है, (2) युग्मकों का निर्माण नहीं होता, (3) संतति आनुवंशिक रूप से जनक के समान होती है - इन्हें क्लोन (clone) कहते हैं, (4) प्रक्रिया तेज होती है, (5) कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
अलैंगिक जनन एककोशिकीय जीवों (अमीबा, पैरामीशियम) और कुछ बहुकोशिकीय जीवों (हाइड्रा, स्पाइरोगायरा) में होता है।
3. विखंडन (Fission) - द्विखंडन और बहुखंडन
विखंडन अलैंगिक जनन का सबसे सरल प्रकार है, जो मुख्यतः एककोशिकीय जीवों में होता है।
द्विखंडन (Binary Fission): इसमें एक जीव दो बराबर भागों में विभाजित होता है। अमीबा, पैरामीशियम, बैक्टीरिया में होता है। अमीबा में सबसे पहले केंद्रक विभाजित होता है, फिर कोशिका द्रव्य दो भागों में बंटता है और अंत में कोशिका झिल्ली बीच से सिकुड़कर दो संतति बना देती है।
बहुखंडन (Multiple Fission): इसमें एक जीव एक साथ कई संतति बनाता है। प्रतिकूल परिस्थितियों में प्लाज्मोडियम (मलेरिया परजीवी) बहुखंडन करता है। जीव के चारों ओर पुटी (cyst) बन जाती है, केंद्रक कई बार विभाजित होता है और 1000 से अधिक संतति बनती हैं। परिस्थिति अनुकूल होने पर पुटी फट जाती है और संततियां बाहर निकल आती हैं।
4. मुकुलन (Budding)
मुकुलन वह प्रक्रिया है जिसमें जनक के शरीर पर एक छोटा उभार (मुकुल) बनता है, जो बढ़कर नया जीव बन जाता है।
हाइड्रा में मुकुलन: हाइड्रा में शरीर पर मुकुल बनता है। मुकुल बढ़ता है और उस पर स्पर्शक (tentacles) बन जाते हैं। पूर्ण विकसित होने पर मुकुल जनक से अलग होकर नया हाइड्रा बन जाता है।
यीस्ट में मुकुलन: यीस्ट एककोशिकीय कवक है। कोशिका पर छोटा मुकुल बनता है, जो धीरे-धीरे बढ़ता है। कभी-कभी मुकुल पर और मुकुल बन जाते हैं, जिससे श्रृंखला बन जाती है। अंत में मुकुल अलग होकर नई यीस्ट कोशिका बन जाता है।
5. खंडन और पुनरुद्भवन
खंडन (Fragmentation): इसमें बहुकोशिकीय जीव का शरीर दो या अधिक टुकड़ों में टूट जाता है और प्रत्येक टुकड़ा पूर्ण जीव बन जाता है। स्पाइरोगायरा (हरा शैवाल) में खंडन होता है। परिपक्व तंतु कई टुकड़ों में टूट जाता है और प्रत्येक टुकड़ा नया तंतु बनाता है।
पुनरुद्भवन (Regeneration): इसमें कटा हुआ भाग पूरे जीव का निर्माण करता है। प्लेनेरिया (चपटा कृमि) में यदि शरीर कई टुकड़ों में काट दिया जाए, तो प्रत्येक टुकड़ा पूर्ण जीव बन जाता है। स्टारफिश भी कटी भुजा से नई भुजा बना लेती है।
खंडन और पुनरुद्भवन में अंतर: खंडन सामान्य जनन की प्रक्रिया है जबकि पुनरुद्भवन आकस्मिक क्षति की मरम्मत है।
6. कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation)
कायिक प्रवर्धन वह प्रक्रिया है जिसमें पौधे के कायिक भागों (जड़, तना, पत्ती) से नया पौधा बनता है।
प्राकृतिक कायिक प्रवर्धन: (1) आलू - तने के कंद की आंख से, (2) अदरक - प्रकंद से, (3) प्याज - शल्क कंद से, (4) ब्रायोफिलम - पत्ती के किनारे बनी कलिकाओं से, (5) केला - भूमिगत तने से।
कृत्रिम कायिक प्रवर्धन: (1) कलम (Cutting) - गुलाब, गन्ना, (2) गुटी (Layering) - नींबू, अंगूर, (3) कलम बांधना (Grafting) - आम, सेब, (4) ऊतक संवर्धन (Tissue Culture) - आर्किड, केला।
ऊतक संवर्धन: पौधे के ऊतक को पोषक माध्यम में उगाकर कई पौधे बनाए जाते हैं। इससे रोगमुक्त पौधे मिलते हैं और कम समय में अधिक पौधे बनते हैं।
7. बीजाणु समासंघ और अलैंगिक जनन के लाभ-हानि
बीजाणु समासंघ (Sporulation): इसमें जीव बीजाणु (spore) बनाते हैं, जिनसे नया जीव बनता है। कवक (जैसे राइजोपस - ब्रेड मोल्ड) और मॉस में होता है। बीजाणु हल्के होते हैं और हवा से दूर-दूर तक फैलते हैं। अनुकूल परिस्थिति मिलने पर बीजाणु अंकुरित होकर नया जीव बनाते हैं।
अलैंगिक जनन के लाभ: (1) तेज प्रक्रिया, (2) एक ही जनक पर्याप्त, (3) सफल गुणों का संरक्षण, (4) कम ऊर्जा की आवश्यकता।
अलैंगिक जनन की हानि: (1) आनुवंशिक विविधता नहीं होती, (2) सभी संततियां समान होती हैं, (3) प्रतिकूल परिस्थिति में सभी मर सकते हैं, (4) विकास की गति धीमी।
| गुण | अलैंगिक जनन | लैंगिक जनन |
|---|---|---|
| जनक | एक | दो |
| युग्मक | नहीं बनते | बनते हैं |
| संतति | क्लोन (समान) | विविधता युक्त |
| गति | तेज | धीमी |
| ऊर्जा | कम | अधिक |
| उदाहरण | अमीबा, हाइड्रा | मनुष्य, पौधे |
🔑 मुख्य तथ्य (Key Facts)
- ●जनन समान संतति उत्पन्न करने की प्रक्रिया है, DNA आनुवंशिक सूचना स्थानांतरित करता है, अलैंगिक में एक जनक, लैंगिक में दो।
- ●अलैंगिक जनन में क्लोन बनते हैं, समसूत्री विभाजन होता है, तेज और कम ऊर्जा वाली प्रक्रिया है।
- ●द्विखंडन अमीबा में - केंद्रक विभाजन फिर कोशिका द्रव्य, बहुखंडन प्लाज्मोडियम में - पुटी से 1000+ संतति।
- ●मुकुलन हाइड्रा में - शरीर पर मुकुल, यीस्ट में - कोशिका पर मुकुल की श्रृंखला।
- ●खंडन स्पाइरोगायरा में - तंतु टुकड़ों में, पुनरुद्भवन प्लेनेरिया में - कटा भाग पूर्ण जीव।
- ●कायिक प्रवर्धन: प्राकृतिक - आलू आंख, अदरक, ब्रायोफिलम पत्ती; कृत्रिम - कलम, गुटी, ऊतक संवर्धन।
- ●बीजाणु समासंघ कवक में - राइजोपस, हल्के बीजाणु हवा से फैलते हैं।
📝 परीक्षा बिंदु (Exam Points)
- ✓जनन की परिभाषा और दो प्रकार - अलैंगिक (एक जनक) और लैंगिक (दो जनक)।
- ✓अलैंगिक जनन की चार विशेषताएं - एक जनक, क्लोन, समसूत्री, तेज।
- ✓द्विखंडन और बहुखंडन में अंतर - संतति संख्या, पुटी, उदाहरण (अमीबा/प्लाज्मोडियम)।
- ✓मुकुलन - हाइड्रा और यीस्ट में प्रक्रिया, मुकुल का अलग होना।
- ✓खंडन और पुनरुद्भवन में अंतर - सामान्य प्रक्रिया बनाम क्षति मरम्मत।
- ✓कायिक प्रवर्धन - प्राकृतिक (आलू, अदरक) और कृत्रिम (कलम, गुटी, ऊतक संवर्धन)।
- ✓ऊतक संवर्धन क्या है - पोषक माध्यम में ऊतक से पौधे, रोगमुक्त पौधे।
- ✓अलैंगिक और लैंगिक जनन में अंतर - जनक, युग्मक, संतति, गति।
⚡ त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
- ➤जनन: समान संतति, अलैंगिक एक जनक, लैंगिक दो जनक।
- ➤अलैंगिक: क्लोन, समसूत्री, तेज, कम ऊर्जा।
- ➤विखंडन: द्विखंडन अमीबा, बहुखंडन प्लाज्मोडियम।
- ➤मुकुलन: हाइड्रा, यीस्ट।
- ➤खंडन: स्पाइरोगायरा, पुनरुद्भवन: प्लेनेरिया।
- ➤कायिक: आलू, अदरक, ब्रायोफिलम, कलम, ऊतक संवर्धन।
- ➤बीजाणु: कवक, मॉस।