📚 Economy — Economy Notes

आर्थिक नियोजन Part 1

आर्थिक नियोजन का अर्थ, स्वतंत्रता के बाद आवश्यकता, नियोजित विकास के उद्देश्य एवं सीमित संसाधनों के आबंटन का समग्र विश्लेषण

Quick Reference
महत्वपूर्ण तथ्य एवं योगदान
आर्थिक नियोजन Part 1
नियोजन पहलूप्रमुख उद्देश्य/विशेषताआर्थिक महत्व
आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth)
उत्तर देखें
राष्ट्रीय आय और प्रति व्यक्ति वास्तविक आय में सतत व तीव्र वृद्धि सुनिश्चित करना (सकल घरेलू उत्पाद में निरंतर विस्तार)।
उत्तर देखें
अर्थव्यवस्था की उत्पादन क्षमता का विस्तार करना, उपभोग स्तर में सुधार लाना तथा विकासशील देश को निम्न आय जाल से बाहर निकालना।
आत्मनिर्भरता (Self-Reliance)
उत्तर देखें
खाद्यान्न, भारी पूंजीगत वस्तुओं और बुनियादी प्रौद्योगिकी में विदेशी निर्भरता को समाप्त कर घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता देना।
उत्तर देखें
विदेशी भू-राजनीतिक दबावों से संप्रभुता की रक्षा, चालू खाता घाटे (CAD) पर नियंत्रण और बाह्य आर्थिक आघातों से घरेलू सुरक्षा।
सामाजिक न्याय एवं समता (Social Justice & Equity)
उत्तर देखें
आय, धन और आर्थिक शक्ति के संकेंद्रण को घटाना; समाज के वंचित, गरीब और सीमांत वर्गों को राष्ट्रीय विकास के लाभों में समान भागीदारी देना।
उत्तर देखें
संवैधानिक नीति निदेशक तत्वों (अनुच्छेद 38 व 39) का क्रियान्वयन, सामाजिक असमानता में कमी और समावेशी आर्थिक कल्याण की स्थापना।
आधुनिकीकरण (Modernization)
उत्तर देखें
पारंपरिक उत्पादन तकनीकों के स्थान पर आधुनिक विज्ञान, उन्नत मशीनरी और प्रगतिशील संस्थागत सुधारों (जैसे भूमि सुधार) को अपनाना।
उत्तर देखें
कृषि व औद्योगिक उत्पादकता में गुणात्मक छलांग, अर्थव्यवस्था की प्रतिस्पर्धी क्षमता में सुधार और सामाजिक दृष्टिकोण का आधुनिकीकरण।
पूर्ण रोजगार (Full Employment)
उत्तर देखें
श्रम-सघन तकनीकों, ग्रामीण औद्योगीकरण और सार्वजनिक निर्माण कार्यों के माध्यम से कार्यशील आबादी हेतु उत्पादक रोजगार सृजित करना।
उत्तर देखें
जनसांख्यिकीय लाभांश का इष्टतम उपयोग, प्रच्छन्न व खुली बेरोजगारी में कमी तथा ग्रामीण निर्धनता का प्रत्यक्ष उन्मूलन।
संतुलित क्षेत्रीय विकास (Balanced Regional Development)
उत्तर देखें
औद्योगिक रूप से पिछड़े राज्यों व क्षेत्रों में सार्वजनिक उपक्रमों, इस्पात संयंत्रों और बुनियादी ढांचे की स्थापना कर क्षेत्रीय विषमता घटाना।
उत्तर देखें
आंतरिक प्रवास के दबाव में कमी, राष्ट्रीय आर्थिक एकीकरण और भौगोलिक विषमताओं के कारण उत्पन्न सामाजिक-राजनीतिक असंतोष की रोकथाम।
सीमित संसाधनों का अनुकूलतम आबंटन
उत्तर देखें
बाजार की अराजक शक्तियों के स्थान पर राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुसार दुर्लभ भौतिक व वित्तीय संसाधनों का योजनाबद्ध आवंटन।
उत्तर देखें
अपव्यय की रोकथाम, अवसर लागत का विवेकपूर्ण प्रबंधन और बुनियादी भारी उद्योगों (Core Sectors) में पूंजी का सघन निवेश।
मिश्रित अर्थव्यवस्था ढांचा (Mixed Economy Framework)
उत्तर देखें
सार्वजनिक क्षेत्र को 'कमांडिंग हाइट्स' (रणनीतिक नियंत्रण) सौंपते हुए निजी उद्यमों को एक विनियमित दायरे में पूरक भूमिका देना।
उत्तर देखें
पूंजीवादी अकुशलताओं व शोषण से बचाव करते हुए समाजवादी कल्याणकारी लक्ष्यों और निजी नवाचार का व्यावहारिक संतुलन।

One-Liner Questions

अर्थशास्त्र में 'आर्थिक नियोजन' (Economic Planning) की मानक प्रामाणिक परिभाषा क्या है?
एक केंद्रीय प्राधिकारी द्वारा पूर्व-निर्धारित सामाजिक-आर्थिक लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु देश के सीमित भौतिक, मानवीय और वित्तीय संसाधनों का सुविचारित, सुव्यवस्थित और समयबद्ध आवंटन।
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प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एच. डी. डिकिंसन (H. D. Dickinson) ने आर्थिक नियोजन को किस रूप में परिभाषित किया है?
संपूर्ण आर्थिक प्रणाली के एक सुविचारित सर्वेक्षण के आधार पर 'क्या, कितना, कब और किसके लिए उत्पादन करना है' इसका एक केंद्रीय प्राधिकरण द्वारा सचेत निर्णय।
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भारतीय योजना आयोग (Planning Commission) के अनुसार आर्थिक नियोजन का मूल उद्देश्य क्या था?
मानवीय और भौतिक संसाधनों का अधिकतम सामाजिक हित में उपयोग करना, जिससे जीवन स्तर में सुधार, उत्पादन में वृद्धि और रोजगार के अवसरों का विस्तार हो सके।
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विश्व में आर्थिक नियोजन को राष्ट्रीय नीति के रूप में सर्वप्रथम किस देश ने और कब लागू किया था?
सोवियत संघ (USSR) ने वर्ष 1928 में (जोसेफ स्टालिन द्वारा प्रथम पंचवर्षीय योजना 'गोसप्लान' के तहत)।
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सोवियत संघ के नियोजन मॉडल की सबसे प्रमुख तकनीकी और संस्थागत विशेषता क्या थी?
उत्पादन के सभी साधनों का पूर्ण राज्य स्वामित्व, बाजार शक्तियों की पूर्ण अनुपस्थिति और कड़े आदेशात्मक लक्ष्य (Imperative Planning)।
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'आदेशात्मक नियोजन' (Imperative / Directive Planning) से क्या अभिप्राय है?
ऐसा नियोजन जिसमें केंद्रीय योजना प्राधिकरण के निर्देश कानूनी रूप से बाध्यकारी होते हैं, और निजी क्षेत्र के स्थान पर संपूर्ण आर्थिक क्रियाओं का संचालन राज्य द्वारा आदेशों से होता है।
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'सांकेतिक नियोजन' (Indicative Planning) की मुख्य कार्यप्रणाली क्या है?
राज्य केवल व्यापक आर्थिक लक्ष्य और अनुकूल वातावरण तय करता है तथा वित्तीय व राजकोषीय प्रोत्साहनों के माध्यम से निजी क्षेत्र को उन लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु प्रेरित करता है (जैसे फ्रांस का मॉडल)।
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भारत ने 1991 के आर्थिक सुधारों और आठवीं पंचवर्षीय योजना (1992-97) से किस प्रकार के नियोजन की ओर रुख किया?
आदेशात्मक नियोजन से सांकेतिक नियोजन (Indicative Planning) की ओर।
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'केंद्रीकृत नियोजन' (Centralized Planning / Planning from Above) का क्या अर्थ है?
योजनाओं का निर्माण, संसाधन आवंटन और प्राथमिकताओं का निर्धारण केवल शीर्ष स्तर पर केंद्र सरकार द्वारा किया जाना (टॉप-डाउन अप्रोच)।
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'विकेंद्रीकृत नियोजन' (Decentralized Planning / Planning from Below) की संकल्पना क्या है?
ग्राम सभा, ब्लॉक और जिला स्तर पर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार योजनाएं तैयार करना और फिर उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर समेकित करना (बॉटम-अप अप्रोच)।
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भारतीय संविधान के 73वें और 74वें संशोधन (1992) ने विकेंद्रीकृत नियोजन हेतु किस संस्थागत तंत्र का गठन अनिवार्य किया?
जिला योजना समितियों (District Planning Committees - DPC, अनुच्छेद 243ZD) तथा महानगर योजना समितियों का।
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'दीर्घकालिक या परिप्रेक्ष्य नियोजन' (Perspective Planning) की सामान्य समयावधि कितनी होती है?
15 से 20 या 25 वर्ष की दीर्घकालिक अवधि; जिसके तहत देश के दीर्घकालिक संरचनात्मक लक्ष्यों का रोडमैप तैयार किया जाता है।
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'पंचवर्षीय योजना' (Five Year Plan) परिप्रेक्ष्य नियोजन से किस प्रकार संबंधित होती है?
पंचवर्षीय योजना दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य योजना का एक मध्यम अवधि (5 वर्ष) का व्यावहारिक कार्यान्वयन खंड होती है।
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'अल्पकालिक नियोजन' (Short-term / Annual Planning) की क्या भूमिका होती है?
वार्षिक बजट और एक वर्ष की अवधि के विशिष्ट लक्ष्यों का निर्धारण करना, ताकि पंचवर्षीय योजना के लक्ष्यों को चरणबद्ध रूप में प्राप्त किया जा सके।
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'अनवरत योजना' या 'रोलिंग प्लान' (Rolling Plan) की अवधारणा किसने प्रतिपादित की थी?
स्वीडिश अर्थशास्त्री गुन्नार मिर्डल (Gunnar Myrdal) ने अपनी पुस्तक 'एशियन ड्रामा' में।
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भारत में रोलिंग प्लान (अनवरत योजना) को किस सरकार द्वारा और किस अवधि हेतु लागू किया गया था?
जनता पार्टी सरकार द्वारा मोरारजी देसाई के नेतृत्व में 1978 से 1980 के दौरान (डी. टी. लकड़ावाला के मार्गदर्शन में)।
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रोलिंग प्लान (Rolling Plan) की कार्यप्रणाली की सबसे अनूठी विशेषता क्या होती है?
योजना का प्रत्येक वर्ष मूल्यांकन किया जाता है और पिछले वर्ष के प्रदर्शन के आधार पर अगले वर्ष एक नई 5-वर्षीय योजना आगे जोड़ दी जाती है (लचीलापन)।
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संविधान की 7वीं अनुसूची में 'आर्थिक और सामाजिक नियोजन' (Economic and Social Planning) को किस सूची में रखा गया है?
समवर्ती सूची (Concurrent List - प्रविष्टि 20) में, जिस पर केंद्र और राज्य दोनों को नीतियां बनाने का अधिकार है।
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भारत में स्वतंत्रता पूर्व आर्थिक नियोजन की पहली सुविचारित रूपरेखा 1934 में किस दूरदर्शी इंजीनियर-राजनेता ने प्रस्तुत की थी?
सर एम. विश्वेश्वरैया (M. Visvesvaraya) ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'प्लांड इकोनॉमी फॉर इंडिया' (Planned Economy for India) में।
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सर एम. विश्वेश्वरैया द्वारा 1934 में प्रस्तावित योजना की अवधि और मुख्य जोर किस पर था?
10-वर्षीय योजना, जिसका मुख्य लक्ष्य कृषि से श्रम को उद्योगों में स्थानांतरित कर राष्ट्रीय आय को दोगुना करना था।
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1938 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के हरिपुरा अधिवेशन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पहल पर किस ऐतिहासिक समिति का गठन हुआ?
राष्ट्रीय योजना समिति (National Planning Committee - NPC)।
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1938 की राष्ट्रीय योजना समिति (NPC) का अध्यक्ष किसे नियुक्त किया गया था?
पंडित जवाहरलाल नेहरू को।
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1944 में बंबई के 8 प्रमुख उद्योगपतियों (जे.आर.डी. टाटा, जी.डी. बिड़ला आदि) द्वारा प्रस्तुत योजना को किस नाम से जाना जाता है?
'बॉम्बे प्लान' (Bombay Plan / ए ब्रीफ मेमोरेंडम आउटलाइनिंग अ प्लान ऑफ इकोनॉमिक डेवलपमेंट फॉर इंडिया)।
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बॉम्बे प्लान (1944) की सबसे उल्लेखनीय बात क्या थी जिसे निजी पूंजीपतियों ने स्वयं स्वीकार किया था?
बुनियादी और भारी उद्योगों में राज्य के भारी निवेश, सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी भूमिका और व्यापक केंद्रीय नियोजन की आवश्यकता।
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1944 में श्रीमन नारायण अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत 'गांधीवादी योजना' (Gandhian Plan) का मुख्य केंद्र बिंदु क्या था?
कृषि, कुटीर व ग्रामोद्योग, आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आर्थिक सत्ता का पूर्ण विकेंद्रीकरण।
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1945 में प्रख्यात कम्युनिस्ट नेता एम. एन. रॉय (M. N. Roy) द्वारा प्रस्तुत योजना का क्या नाम था?
'जन योजना' (People's Plan), जो कृषि के राष्ट्रीयकरण और उपभोक्ता वस्तुओं के तीव्र उत्पादन पर केंद्रित थी।
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जनवरी 1950 में जयप्रकाश नारायण (JP) द्वारा प्रस्तुत की गई प्रसिद्ध योजना कौन-सी थी?
'सर्वोदय योजना' (Sarvodaya Plan), जो गांधीवादी दर्शन, विनोबा भावे के भूदान आंदोलन और लघु कुटीर उद्योगों पर आधारित थी।
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1946 में अंतरिम सरकार द्वारा गठित 'सलाहकार योजना बोर्ड' (Advisory Planning Board) के अध्यक्ष कौन थे?
के. सी. नियोगी (K. C. Neogy); जिनकी सिफारिश पर आगे चलकर योजना आयोग का गठन हुआ।
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भारत में योजना आयोग (Planning Commission) की स्थापना किस तिथि को और किस माध्यम से की गई थी?
15 मार्च 1950 को, केंद्रीय मंत्रिमंडल के एक कार्यकारी प्रस्ताव (Executive Resolution) द्वारा।
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योजना आयोग की संवैधानिक और विधिक प्रकृति क्या थी?
यह एक गैर-संवैधानिक (Non-Constitutional) और गैर-सांविधिक (Extra-Statutory) परामर्शदात्री संस्था थी।
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योजना आयोग के पदेन अध्यक्ष (Ex-officio Chairman) सदैव कौन होते थे?
भारत के प्रधानमंत्री।
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योजना आयोग के प्रथम अध्यक्ष और प्रथम उपाध्यक्ष कौन थे?
प्रथम अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू तथा प्रथम उपाध्यक्ष गुलजारीलाल नंदा थे।
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राष्ट्रीय विकास परिषद (National Development Council - NDC) की स्थापना किस तिथि को की गई थी?
6 अगस्त 1952 को (मंत्रिमंडल के प्रस्ताव द्वारा)।
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राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) के गठन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
पंचवर्षीय योजनाओं के निर्माण में राज्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और तैयार योजनाओं को अंतिम संप्रभु स्वीकृति देना।
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प्रसिद्ध संविधान विशेषज्ञ के. संथानम ने राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) की विशाल शक्तियों को देखते हुए उसे क्या उपाधि दी थी?
'सुपर कैबिनेट' (Super Cabinet)।
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योजना आयोग को 1 जनवरी 2015 को समाप्त कर उसके स्थान पर किस नई संस्था का गठन किया गया?
नीति आयोग (NITI Aayog - National Institution for Transforming India)।
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लोकतांत्रिक नियोजन (Democratic Planning) और अधिनायकवादी नियोजन (Totalitarian Planning) में क्या अंतर है?
लोकतांत्रिक नियोजन में योजनाओं का निर्माण व क्रियान्वयन लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनसहमति से होता है, जबकि अधिनायकवादी नियोजन में राज्य बलपूर्वक योजनाओं को लागू करता है।
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संरचनात्मक नियोजन (Structural Planning) से क्या तात्पर्य है?
अर्थव्यवस्था के बुनियादी सामाजिक-आर्थिक ढांचे, संस्थागत संबंधों और उत्पादन प्रणाली में मूलभूत परिवर्तन लाना।
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सुधारात्मक नियोजन (Functional / Corrective Planning) क्या होता है?
मौजूदा सामाजिक-आर्थिक ढांचे को बिना बदले केवल आर्थिक विषमताओं और बाजार की तात्कालिक कमियों को ठीक करना।
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1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रकृति को अर्थशास्त्र में क्या कहा जाता है?
औपनिवेशिक, गतिहीन (Stagnant), अर्ध-सामंती और पराश्रित अर्थव्यवस्था।
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औपनिवेशिक शासन के अंतिम 50 वर्षों (1900-1947) में भारत की औसत वार्षिक विकास दर क्या थी?
जीडीपी की विकास दर 1% से भी कम (लगभग 0.5% से 0.9%) और प्रति व्यक्ति आय की वृद्धि दर लगभग शून्य (0.1%) थी।
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स्वतंत्रता के समय भारतीय कार्यबल की व्यावसायिक संरचना (Occupational Structure) में क्या भारी असंतुलन था?
कार्यशील आबादी का लगभग 72% से 75% हिस्सा केवल कृषि पर निर्भर था, जबकि विनिर्माण क्षेत्र में मात्र 9-10% श्रम लगा हुआ था।
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1947 में देश के विभाजन (Partition) ने भारत के किस प्रमुख औद्योगिक और कृषि कच्चे माल क्षेत्र को पंगु बना दिया था?
जूट और कपास उद्योग को; क्योंकि सर्वोत्तम उपजाऊ जूट क्षेत्र पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) में और उत्तम कपास क्षेत्र पश्चिमी पाकिस्तान में चले गए।
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स्वतंत्रता के तुरंत बाद भारत में नियोजित विकास अपनाने का सबसे बड़ा सामाजिक कारण क्या था?
व्यापक गरीबी, भुखमरी, 1943 के बंगाल अकाल की भयावह स्मृति और शरणार्थी पुनर्वास की विशाल चुनौती।
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स्वतंत्रता के समय भारत में निजी क्षेत्र (Private Sector) बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स क्यों नहीं लगा सकता था?
क्योंकि निजी उद्योगपतियों के पास विशाल पूंजी का अभाव था, जोखिम वहन क्षमता सीमित थी और बुनियादी उद्योगों में गर्भावधि (Gestation Period) बहुत लंबी थी।
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अर्थशास्त्र में 'लंबी गर्भावधि' (Long Gestation Period) का क्या अर्थ है?
परियोजना में भारी पूंजी निवेश करने और उससे वास्तविक उत्पादन/मुनाफा शुरू होने के बीच कई वर्षों का लंबा समय अंतराल होना।
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स्वतंत्रता के समय भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की सबसे गंभीर संरचनात्मक कमजोरी क्या थी?
पूंजीगत वस्तु उद्योग (Capital Goods Industry जैसे भारी मशीनरी, लोहा-इस्पात) की अनुपस्थिति; देश सुई से लेकर रेल इंजन तक के लिए ब्रिटेन पर निर्भर था।
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नेहरूवादी नेतृत्व ने शुद्ध पूंजीवादी बाजार मॉडल (Laissez-faire) को क्यों अस्वीकार कर दिया?
क्योंकि अनियंत्रित बाजार अर्थव्यवस्था लाभ-केंद्रित होती है, जो सामाजिक कल्याण, समता और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को पूरी तरह नजरअंदाज कर देती।
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भारत ने शुद्ध सोवियत साम्यवादी मॉडल के स्थान पर 'मिश्रित अर्थव्यवस्था' (Mixed Economy) को क्यों चुना?
लोकतांत्रिक स्वतंत्रता, मौलिक अधिकारों और निजी संपत्ति को बनाए रखते हुए सामाजिक न्याय और राज्य-निर्देशित तीव्र विकास का समन्वय करने हेतु।
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प्रख्यात अर्थशास्त्री रागनर नर्क्से (Ragnar Nurkse) के अनुसार अविकसित देश किस दुष्चक्र में फंसे होते हैं जिसे तोड़ने हेतु नियोजन आवश्यक था?
'निर्धनता का दुष्चक्र' (Vicious Circle of Poverty): कम आय → कम बचत → कम निवेश → कम उत्पादकता → पुनः कम आय।
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पॉल रोसेनस्टीन-रोडान (Paul Rosenstein-Rodan) का 'बड़ा धक्का सिद्धांत' (Big Push Theory) स्वतंत्रता के बाद नियोजन को कैसे न्यायोचित ठहराता है?
यह प्रतिपादित करता है कि गतिहीन अर्थव्यवस्था को जड़ता से बाहर निकालने हेतु एक साथ कई बुनियादी क्षेत्रों में भारी न्यूनतम निवेश (Big Push) अनिवार्य है, जो केवल राज्य ही कर सकता है।
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आर्थर लुईस (W. Arthur Lewis) का 'असीमित श्रम आपूर्ति मॉडल' भारतीय नियोजन के संदर्भ में क्या सुझाव देता है?
कृषि से शून्य सीमांत उत्पादकता वाले अतिरिक्त प्रच्छन्न श्रम को आधुनिक पूंजीवादी/औद्योगिक क्षेत्र में नियोजित करना।
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स्वतंत्रता के समय भारत की जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy) और साक्षरता दर (Literacy Rate) किस दयनीय स्तर पर थी?
जीवन प्रत्याशा मात्र 32 वर्ष और साक्षरता दर लगभग 16% से 18% थी, जिससे मानव पूंजी का नियोजित विकास अत्यंत आवश्यक हो गया।
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1948 की औद्योगिक नीति संकल्प (IPR 1948) ने भारतीय विकास मॉडल को किस दिशा में मोड़ा?
मिश्रित अर्थव्यवस्था की औपचारिक शुरुआत की और सामरिक उद्योगों में राज्य के अनन्य एकाधिकार को स्थापित किया।
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1956 की औद्योगिक नीति संकल्प (IPR 1956) को किस उपाधि से जाना जाता है जिसने नियोजित औद्योगीकरण को गति दी?
'भारत का आर्थिक संविधान' (Economic Constitution of India)।
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दिसंबर 1954 में भारतीय संसद ने भारत के आर्थिक और सामाजिक विकास का अंतिम लक्ष्य क्या घोषित किया था?
'समाज का समाजवादी प्रतिरूप' (Socialistic Pattern of Society)।
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1955 के किस ऐतिहासिक अधिवेशन में 'समाजवादी समाज की स्थापना' का औपचारिक संकल्प पारित हुआ?
अवाडी अधिवेशन (Avadi Session, तमिलनाडु) में।
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स्वतंत्रता के बाद नियोजित विकास में सार्वजनिक क्षेत्र को 'कमांडिंग हाइट्स' (Commanding Heights) सौंपने का क्या आशय था?
अर्थव्यवस्था के सभी रणनीतिक, कोर और भारी उद्योगों (इस्पात, कोयला, बिजली, भारी मशीनरी) का पूर्ण नियंत्रण और स्वामित्व सरकार के हाथ में होना।
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भारतीय नियोजन में 'आयात प्रतिस्थापन' (Import Substitution Industrialization) की रणनीति क्यों अपनाई गई?
दुर्लभ विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और घरेलू विनिर्माण उद्योगों को विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियों की गलाकाट प्रतिस्पर्धा से संरक्षण देने हेतु।
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स्वतंत्रता के समय भारतीय वित्तीय बाजारों (बैंकिंग व शेयर बाजार) की क्या स्थिति थी जिसने सरकारी नियोजन को अनिवार्य बनाया?
पूंजी बाजार अत्यंत संकीर्ण था, वाणिज्यिक बैंक केवल शहरों में बड़े व्यापारियों को अल्पकालिक व्यापारिक ऋण देते थे, दीर्घकालिक औद्योगिक वित्त का पूर्ण अभाव था।
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दीर्घकालिक औद्योगिक वित्त की कमी को दूर करने हेतु स्वतंत्रता के तुरंत बाद 1948 में किस शीर्ष विकास वित्तीय संस्थान की स्थापना हुई?
भारतीय औद्योगिक वित्त निगम (IFCI - Industrial Finance Corporation of India)।
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स्वतंत्र भारत में राज्यों के बीच मौजूद भारी आर्थिक खाई को पाटने हेतु नियोजन को क्यों आवश्यक साधन माना गया?
क्योंकि निजी पूंजी केवल समृद्ध व तटीय क्षेत्रों में जाती; पिछड़े राज्यों (बिहार, उड़ीसा, मध्य प्रदेश) में भारी उद्योग लगाने हेतु केंद्रीय योजनागत हस्तक्षेप अनिवार्य था।
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स्वतंत्रता के बाद भारत द्वारा अपनाए गए नियोजित विकास मॉडल को अर्थशास्त्र में किस नाम से जाना जाता है?
नेहरू-महालनोबिस विकास मॉडल (Nehru-Mahalanobis Strategy)।
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नेहरू-महालनोबिस मॉडल का केंद्रीय सैद्धांतिक तर्क क्या था?
'मशीनें बनाने वाली मशीनों' (Heavy Capital Goods) के उत्पादन में निवेश करना, ताकि भविष्य में उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन की आधारशिला स्थायी रूप से रखी जा सके।
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1950 के दशक में भारतीय योजनाकारों को खाद्यान्न सुरक्षा के मोर्चे पर किस संकट से मुक्ति पाना सर्वोच्च प्राथमिकता लगा?
अमेरिकी PL-480 खाद्य सहायता की अपमानजनक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील 'जहाज से मुंह तक' (Ship-to-Mouth) निर्भरता से।
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स्वतंत्रता के समय कृषि भूमि संबंधों में कौन-सी शोषक व्यवस्था विद्यमान थी जिसे नियोजन द्वारा समाप्त किया जाना था?
जमींदारी, महालवाड़ी और रैयतवाड़ी जैसी बिचौलिया भू-स्वामित्व व्यवस्थाएं, जिन्होंने किसानों को भूमिहीन बंधुआ बना रखा था।
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भारतीय नियोजन में 'आत्मनिर्भरता' (Self-Reliance) और 'स्वदेशी' के विचार की दार्शनिक जड़ें कहाँ से जुड़ी थीं?
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के स्वदेशी आंदोलन और महात्मा गांधी के स्वावलंबन दर्शन से।
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स्वतंत्रता के समय भारत में ऊर्जा और परिवहन ढांचे की क्या स्थिति थी?
विद्युत उत्पादन क्षमता मात्र 1,362 मेगावाट थी और सड़कें कच्ची व टूटी-फूटी थीं, जिसका निर्माण केवल राज्य ही कर सकता था।
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औपनिवेशिक काल में भारतीय उद्योगों के 'वि-औद्योगीकरण' (De-industrialization) ने नियोजन की आवश्यकता कैसे पैदा की?
ब्रिटिश नीतियों ने पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प और हथकरघा को नष्ट कर दिया था, जिसे पुनर्जीवित करने हेतु राज्य का संरक्षण अनिवार्य था।
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स्वतंत्रता के बाद वैज्ञानिक और तकनीकी जनशक्ति तैयार करने हेतु नियोजन में क्या कदम उठाए गए?
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs), परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC) और CSIR प्रयोगशालाओं का योजनाबद्ध विस्तार।
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बाजार विफलता (Market Failure) की अवधारणा स्वतंत्रता के बाद नियोजन को कैसे उचित ठहराती है?
निजी बाजार स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छ पेयजल जैसी सामाजिक वस्तुओं का पर्याप्त उत्पादन करने में पूरी तरह असमर्थ था।
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स्वतंत्रता के समय राष्ट्रीय बचत दर की क्या स्थिति थी?
सकल घरेलू उत्पाद का मात्र लगभग 8% से 9%, जिसे बढ़ाकर कम से कम 20% तक ले जाना नियोजित विकास का मुख्य लक्ष्य था।
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भारतीय नियोजन के चार बुनियादी दीर्घकालिक उद्देश्य (Four Core Long-term Objectives) कौन-से हैं?
1. संवृद्धि (Growth), 2. आधुनिकीकरण (Modernization), 3. आत्मनिर्भरता (Self-Reliance), और 4. समानता/सामाजिक न्याय (Equity)।
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नियोजन के संदर्भ में 'आर्थिक संवृद्धि' (Economic Growth) का वास्तविक तकनीकी पैमाना क्या है?
सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और प्रति व्यक्ति वास्तविक आय में निरंतर और संधारणीय वृद्धि दर।
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1950 से 1980 के दौरान भारत की औसत 3.5% की निम्न विकास दर को अर्थशास्त्री प्रो. राज कृष्णा ने क्या नाम दिया था?
'हिन्दू वृद्धि दर' (Hindu Rate of Growth)।
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'आत्मनिर्भरता' (Self-Reliance) का भारतीय नियोजन में क्या सटीक अर्थ था?
विदेशी सहायता और खाद्यान्न आयातों पर निर्भरता समाप्त करना, तथा उन वस्तुओं का घरेलू उत्पादन करना जिनका देश में आयात किया जा सकता है।
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'आत्मनिर्भरता' (Self-Reliance) और 'आत्म-संतुष्टि / एकाकीपन' (Autarky) में क्या अंतर है?
आत्मनिर्भरता का अर्थ विदेशी व्यापार से पूरी तरह कटना नहीं है, बल्कि अनिवार्य आयातों का भुगतान अपने स्वयं के निर्यात अर्जन से करने की क्षमता प्राप्त करना है।
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भारतीय नियोजन में किस पंचवर्षीय योजना में 'आत्मनिर्भरता' को सर्वप्रथम एक स्पष्ट और प्रमुख उद्देश्य के रूप में घोषित किया गया?
तीसरी पंचवर्षीय योजना (1961-66) में (तथा चौथी योजना में 'स्थिरता के साथ विकास और आत्मनिर्भरता की क्रमिक प्राप्ति')।
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नियोजन के उद्देश्य के रूप में 'आधुनिकीकरण' (Modernization) केवल नई तकनीक अपनाने तक ही सीमित क्यों नहीं है?
क्योंकि इसमें सामाजिक दृष्टिकोण में प्रगतिशील परिवर्तन (जैसे महिलाओं को समान अधिकार, अंधविश्वासों की समाप्ति और वैज्ञानिक चेतना का प्रसार) भी शामिल होता है।
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नियोजन में 'समानता और सामाजिक न्याय' (Equity and Social Justice) को विकास दर से अधिक महत्वपूर्ण क्यों माना गया?
क्योंकि यदि संवृद्धि के लाभ केवल मुट्ठी भर धनी वर्गों तक सीमित रहें, तो आम जनता की गरीबी, भुखमरी और सामाजिक अशांति और गहरी हो जाएगी।
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भारतीय नियोजन में 'गरीबी हटाओ' (Poverty Eradication) का सीधा नारा किस पंचवर्षीय योजना का मुख्य केंद्र बना?
पाँचवीं पंचवर्षीय योजना (1974-79) में (श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व में)।
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योजनाकारों का प्रारंभिक विश्वास 'ट्रिकल-डाउन सिद्धांत' (Trickle-Down Theory) क्या था?
यह धारणा कि यदि अर्थव्यवस्था में उच्च जीडीपी वृद्धि दर हासिल कर ली जाए, तो उसके लाभ स्वतः रिस-रिसकर समाज के सबसे निचले पायदान तक पहुंच जाएंगे।
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1970 के दशक में योजनाकारों ने 'ट्रिकल-डाउन सिद्धांत' को क्यों त्याग दिया?
क्योंकि अनुभव ने सिद्ध किया कि उच्च संवृद्धि के बावजूद गरीबी और गैर-बराबरी कम नहीं हुई, जिससे गरीबों हेतु सीधे लक्षित रोजगार व पोषण कार्यक्रमों की आवश्यकता पड़ी।
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नियोजन में 'पूर्ण रोजगार' (Full Employment) के उद्देश्य का क्या अर्थ है?
ऐसी सामाजिक स्थिति जहां वे सभी व्यक्ति जो प्रचलित मजदूरी दर पर कार्य करने के इच्छुक और सक्षम हैं, उन्हें उत्पादक रोजगार प्राप्त हो सके।
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भारत में नियोजन के दौरान 'पूंजी-गहन' (Capital-Intensive) औद्योगीकरण ने रोजगार के मोर्चे पर किस विफलता को जन्म दिया?
'रोजगार-विहीन संवृद्धि' (Jobless Growth); जहां उत्पादन तो बढ़ा किंतु संगठित क्षेत्र में पर्याप्त नए रोजगार सृजित नहीं हो सके।
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नियोजन के उद्देश्य के रूप में 'संतुलित क्षेत्रीय विकास' (Balanced Regional Development) को प्राप्त करने हेतु क्या कदम उठाए गए?
भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर और बोकारो जैसे विशाल इस्पात कारखानों को जानबूझकर पिछड़े और जनजातीय बहुल क्षेत्रों में स्थापित किया गया।
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'माल भाड़ा समानीकरण नीति' (Freight Equalization Policy, 1952) का उद्देश्य क्या था और इसका क्या विपरीत प्रभाव पड़ा?
उद्देश्य पूरे देश में कोयले और लोहे की एक समान कीमत रखना था, किंतु इसने खनिज-समृद्ध पूर्वी राज्यों (बिहार, झारखंड, उड़ीसा) के औद्योगिक लाभ को छीनकर पश्चिमी/दक्षिणी राज्यों को लाभ पहुंचाया।
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नियोजन में 'आर्थिक शक्ति के संकेंद्रण पर रोक' लगाने हेतु किस वैधानिक कानून का निर्माण किया गया था?
एकाधिकार एवं प्रतिबंधात्मक व्यापार व्यवहार अधिनियम 1969 (MRTP Act, 1969)।
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भारतीय नियोजन में 'संस्थागत सुधार' (Institutional Reforms) का सबसे प्रमुख उदाहरण क्या था?
भूमि सुधार (Land Reforms); जिसमें बिचौलियों का उन्मूलन, काश्तकारी सुधार, जोतों की हदबंदी (Land Ceiling) और चकबंदी शामिल थे।
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गाडगिल फॉर्मूला (Gadgil Formula - 1969) का भारतीय नियोजन में क्या महत्व था?
राज्यों को केंद्रीय योजना सहायता (Central Plan Assistance) के वस्तुनिष्ठ और पारदर्शी वित्तीय आबंटन का सूत्र निर्धारित करना।
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गाडगिल-मुखर्जी फॉर्मूले में केंद्रीय सहायता आवंटन हेतु किन प्रमुख मापदंडों को आधार बनाया गया?
जनसंख्या (60%), प्रति व्यक्ति आय/दूरी (25%), राजकोषीय प्रदर्शन (7.5%), और विशेष समस्याएं (7.5%)।
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नियोजन के लक्ष्यों में 'पर्यावरणीय संधारणीयता' (Environmental Sustainability) को किस योजना से औपचारिक रूप से प्रमुखता दी गई?
आठवीं और नौवीं पंचवर्षीय योजना से (और 12वीं योजना में 'तीव्र, अधिक समावेशी और सतत विकास')।
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नियोजन में 'न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम' (Minimum Needs Programme - MNP) किस योजना में शुरू किया गया था?
पाँचवीं पंचवर्षीय योजना (1974-79) में, प्राथमिक शिक्षा, ग्रामीण स्वास्थ्य, पेयजल और पोषण की बुनियादी आपूर्ति हेतु।
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भारतीय नियोजन में 'समावेशी विकास' (Inclusive Growth) की अवधारणा को किस पंचवर्षीय योजना का केंद्रीय विषय बनाया गया?
11वीं पंचवर्षीय योजना (2007-12: 'तीव्र एवं अधिक समावेशी विकास की ओर')।
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12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-17) का आधिकारिक मार्गदर्शक ध्येय वाक्य क्या था?
'तीव्र, संधारणीय और अधिक समावेशी संवृद्धि' (Faster, Sustainable and More Inclusive Growth)।
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नियोजन में मूल्य स्थिरता (Price Stability) का क्या उद्देश्य था?
गरीबों की क्रय शक्ति की रक्षा करना और मुद्रास्फीति के कारण होने वाले आय पुनर्वितरण के नुकसान को रोकना।
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नियोजन के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का विस्तार क्यों किया गया?
कमजोर वर्गों को रियायती दर पर खाद्यान्न की सुनिश्चित भौतिक आपूर्ति देकर खाद्य सुरक्षा की गारंटी देना।
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नियोजन में 20-सूत्रीय कार्यक्रम (Twenty Point Programme - TPP) कब प्रारंभ किया गया था?
वर्ष 1975 में (श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा), जिसका उद्देश्य ग्रामीण निर्धनता और असमानता पर सीधा प्रहार करना था।
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अर्थशास्त्र की केंद्रीय समस्या 'सीमित संसाधन और असीमित आवश्यकताएं' (Scarcity of Resources) का नियोजन से क्या संबंध है?
नियोजन यह सुनिश्चित करता है कि दुर्लभ संसाधनों का उपयोग विलासितापूर्ण उपभोग के बजाय सर्वोच्च राष्ट्रीय सामाजिक प्राथमिकताओं में किया जाए।
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संसाधनों के संदर्भ में 'अवसर लागत' (Opportunity Cost) की क्या संकल्पना है?
किसी संसाधन को एक कार्य में लगाने पर उसके दूसरे सर्वोत्तम वैकल्पिक उपयोग का परित्याग करना (अगले सर्वश्रेष्ठ विकल्प का त्याग)।
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यदि सरकार ₹10,000 करोड़ का निवेश रक्षा हथियारों के आयात में करती है, तो इसकी अवसर लागत क्या होगी?
वे सभी स्कूल, अस्पताल, सिंचाई नहरें और ग्रामीण सड़कें जो उस धन से बनाई जा सकती थीं।
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नियोजन में 'पूंजी-उत्पाद अनुपात' (Capital-Output Ratio - COR) क्या दर्शाता है?
उत्पादन की एक इकाई प्राप्त करने के लिए कितनी पूंजीगत इकाइयों के निवेश की आवश्यकता होती है (COR = Capital / Output)।
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'वृद्धिशील पूंजी-उत्पाद अनुपात' (Incremental Capital-Output Ratio - ICOR) क्या मापता है?
उत्पादन में एक अतिरिक्त इकाई की वृद्धि करने हेतु आवश्यक अतिरिक्त पूंजी की मात्रा (पूंजी निवेश की दक्षता का सूचक)।
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यदि किसी देश का ICOR 4 है और देश 8% की आर्थिक विकास दर हासिल करना चाहता है, तो उसे अपनी जीडीपी का कितना प्रतिशत निवेश करना होगा?
जीडीपी का 32% (निवेश दर = लक्षित विकास दर × ICOR = 8 × 4 = 32%)।
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उच्च ICOR (High ICOR) अर्थव्यवस्था के बारे में क्या नकारात्मक संकेत देता है?
पूंजी उपयोग में भारी अकुशलता, संसाधनों की बर्बादी और परियोजनाओं में समय व लागत का अत्यधिक बढ़ना।
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हैरॉड-डोमर विकास मॉडल (Harrod-Domar Model) किस प्रमुख समीकरण पर आधारित था जिसे प्रथम योजना में अपनाया गया?
g = s / c (विकास दर = बचत दर / पूंजी-उत्पाद अनुपात)।
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हैरॉड-डोमर मॉडल के अनुसार किसी विकासशील देश में तीव्र आर्थिक संवृद्धि की प्राथमिक पूर्व-शर्त क्या है?
घरेलू बचत दर (Savings Rate) को अधिकतम करना और पूंजी-उत्पाद अनुपात को न्यूनतम रखना।
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पंचवर्षीय योजनाओं के वित्तपोषण हेतु योजना आयोग किन चार प्रमुख घरेलू वित्तीय संसाधनों पर निर्भर रहता था?
1. चालू राजस्व से बचत (Balancing Current Revenue), 2. सार्वजनिक उपक्रमों का आंतरिक अधिशेष, 3. बाजार उधारी व अल्पकालिक बचतें, और 4. घाटे का वित्तपोषण (Deficit Financing)।
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'घाटे का वित्तपोषण' (Deficit Financing) से क्या आशय है और नियोजन में इसका क्या जोखिम था?
सरकारी बजट घाटे को पाटने हेतु केंद्रीय बैंक से सीधे नए नोट छपवाना; इसका अत्यधिक उपयोग करने से अर्थव्यवस्था में अनियंत्रित मुद्रास्फीति फैलने का गंभीर जोखिम था।
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प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-56) में संसाधनों का सर्वोच्च आबंटन किस क्षेत्र को किया गया था?
कृषि, सिंचाई और विद्युत परियोजनाओं को (कुल योजना व्यय का लगभग 31%)।
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प्रथम योजना में कृषि और वृहद सिंचाई (भाखड़ा नांगल, दामोदर घाटी, हीराकुंड) को सर्वोच्च प्राथमिकता क्यों दी गई?
क्योंकि विभाजन और द्वितीय विश्व युद्ध के कारण देश में खाद्यान्न का भीषण अकाल था और मुद्रास्फीति चरम पर थी।
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द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956-61) में संसाधनों का मुख्य प्रवाह किस दिशा में मोड़ा गया?
भारी और बुनियादी उद्योगों तथा खनिजों के विकास की ओर (कुल व्यय का लगभग 20-24%)।
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द्वितीय योजना में भारी उद्योगों पर अत्यधिक संसाधन केंद्रित करने का कृषि क्षेत्र पर क्या विपरीत प्रभाव पड़ा?
कृषि की उपेक्षा हुई, जिससे 1960 के दशक के मध्य में देश में गंभीर खाद्यान्न संकट और मूल्य वृद्धि की स्थिति उत्पन्न हो गई।
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तीसरी पंचवर्षीय योजना (1961-66) के संसाधनों के आबंटन को किन दो आकस्मिक बाह्य आघातों ने पूरी तरह पटरी से उतार दिया?
1962 का भारत-चीन युद्ध और 1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध, जिसने विकास संसाधनों को अनिवार्य रूप से रक्षा व्यय की ओर मोड़ दिया।
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1966 से 1969 के बीच पंचवर्षीय योजनाओं के निलंबन को भारतीय आर्थिक इतिहास में क्या कहा जाता है?
'योजना अवकाश' (Plan Holiday / तीन वार्षिक योजनाएं)।
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योजना अवकाश (1966-69) के दौरान संसाधनों का आवंटन किस नई तकनीकी क्रांति की ओर केंद्रित किया गया?
हरित क्रांति (Green Revolution); उच्च उपज वाले बीजों (HYV), उर्वरकों और नलकूप सिंचाई का पैकेज।
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योजनागत व्यय (Plan Expenditure) और गैर-योजनागत व्यय (Non-Plan Expenditure) में क्या बुनियादी अंतर था?
योजनागत व्यय नई परिसंपत्तियों और विकास कार्यक्रमों के निर्माण हेतु होता था, जबकि गैर-योजनागत व्यय पूर्व निर्मित संपत्तियों के रखरखाव, वेतन, पेंशन, रक्षा और ऋणों के ब्याज भुगतान हेतु होता था।
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बजट में 'योजनागत' और 'गैर-योजनागत' व्यय के पारंपरिक वर्गीकरण को किस वित्तीय वर्ष से पूरी तरह समाप्त कर दिया गया?
वित्तीय वर्ष 2017-18 के केंद्रीय बजट से (सी. रंगराजन समिति की सिफारिशों पर इसे 'पूंजीगत और राजस्व व्यय' में समेकित किया गया)।
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संसाधनों के नियोजन में 'सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों' (PSUs) की मूल विफलता क्या रही?
वे भावी योजनाओं हेतु आवश्यक आंतरिक वित्तीय अधिशेष (Profits) उत्पन्न करने में विफल रहे और अपने घाटे हेतु बजटीय समर्थन पर बोझ बन गए।
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नियोजन के दौरान 'लाइसेंस-परमिट राज' ने निजी क्षेत्र के संसाधनों के आबंटन को कैसे विकृत किया?
दक्षता और नवाचार के बजाय लाइसेंस हथियाने और लॉबिंग में कॉर्पोरेट संसाधनों का अपव्यय हुआ (Rent-seeking Behavior)।
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संसाधनों के आबंटन में 'भौतिक नियोजन' (Physical Planning) और 'वित्तीय नियोजन' (Financial Planning) का क्या संबंध है?
भौतिक नियोजन आवश्यक इस्पात, सीमेंट, कोयला और श्रम की वास्तविक मात्रा तय करता है, जबकि वित्तीय नियोजन उस उत्पादन को सुगम बनाने हेतु मुद्रा और साख की आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
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प्रो. पी. सी. महालनोबिस के चार-क्षेत्रीय मॉडल (Four-Sector Model) में रोजगार सृजन हेतु संसाधनों का आवंटन किस क्षेत्र को सौंपा गया था?
कुटीर एवं लघु उपभोक्ता वस्तु उद्योग (Sector C2) को, क्योंकि भारी उद्योग पूंजी-सघन थे और उनमें रोजगार क्षमता कम थी।
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1991 के आर्थिक संकट ने संसाधन आबंटन के नियोजन मॉडल पर क्या अंतिम मुहर लगाई?
यह सिद्ध किया कि राज्य द्वारा सभी क्षेत्रों का विस्तृत सूक्ष्म-प्रबंधन अक्षम है, और संसाधनों के कुशल आवंटन हेतु बाजार तंत्र व मूल्य प्रणाली अधिक प्रभावी हैं।
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नीति आयोग और पुराने योजना आयोग के संसाधन आवंटन के दृष्टिकोण में सबसे बड़ा अंतर क्या है?
योजना आयोग केंद्रीय मंत्रालयों व राज्यों को सीधे वित्तीय कोष आवंटित करता था, जबकि नीति आयोग केवल एक थिंक-टैंक है जो नीतिगत दिशा और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देता है (वित्तीय आवंटन वित्त मंत्रालय करता है)।
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नीति आयोग द्वारा 5-वर्षीय योजनाओं के स्थान पर विकास योजना हेतु कौन-सा त्रिस्तरीय ढांचा अपनाया गया है?
1. 15-वर्षीय 'दृष्टि पत्र' (Vision Document), 2. 7-वर्षीय 'रणनीति' (Strategy), और 3. 3-वर्षीय 'कार्य एजेंडा' (Action Agenda)।
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नीति आयोग की 'आकांक्षी जिला कार्यक्रम' (Aspirational Districts Programme) पहल सीमित संसाधनों के उपयोग का क्या उत्कृष्ट उदाहरण है?
देश के सबसे पिछड़े 112 जिलों में अतिरिक्त धन झोंकने के बजाय मौजूदा योजनाओं के अभिसरण (Convergence), जनभागीदारी और डेटा-आधारित प्रतिस्पर्धा द्वारा तीव्र सुधार।
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शून्य-आधारित बजट (Zero-Based Budgeting - ZBB) की संकल्पना नियोजन में क्या सुनिश्चित करती है?
प्रत्येक वित्तीय वर्ष में सभी कार्यक्रमों का नए सिरे से शून्य से औचित्य सिद्ध करना, ताकि पुरानी बेकार योजनाओं में संसाधनों का अपव्यय रुके।
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परिणामोन्मुख बजट (Outcome Budgeting) का नियोजन में क्या महत्व है?
केवल धन खर्च करने (Outlays) के बजाय उससे सृजित वास्तविक भौतिक परिणामों (Outcomes) की सख्त निगरानी करना।
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संसाधनों के नियोजित उपयोग का अंतिम और स्थायी आर्थिक सबक क्या है?
संसाधनों की मात्रा से अधिक महत्वपूर्ण उनके उपयोग की दक्षता और उत्पादकता है; केवल भारी पूंजी निवेश से विकास नहीं होता, बल्कि बेहतर शासन, संस्थागत सुधार और तकनीक से होता है।
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