📚 Economy — Economy Notes
भारत में आर्थिक नियोजन Part 1
स्वतंत्रता-पूर्व नियोजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, गांधीवादी योजना, विकेंद्रीकरण, ग्राम-स्वराज तथा सर्वोदय योजना का विस्तृत विश्लेषण
Quick Reference
महत्वपूर्ण तथ्य एवं योगदान
भारत में आर्थिक नियोजन Part 1
| योजना/विचार | प्रमुख विशेषता | नियोजन में महत्व |
|---|---|---|
सर एम. विश्वेश्वरैया योजना (1934) | उत्तर देखें 10-वर्षीय पूंजीवादी औद्योगिक नियोजन; कृषि से कार्यबल को विनिर्माण में स्थानांतरित कर राष्ट्रीय आय को दोगुना करने का लक्ष्य। | उत्तर देखें भारत में आर्थिक नियोजन की सर्वप्रथम सुविचारित व प्रकाशित रूपरेखा; राष्ट्रीय स्तर पर नियोजित विकास की आवश्यकता पर पहली बहस शुरू की। |
राष्ट्रीय योजना समिति - NPC (1938) | उत्तर देखें सुभाष चंद्र बोस की पहल पर गठित, जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता; बुनियादी उद्योगों पर राज्य नियंत्रण और मिश्रित अर्थव्यवस्था का खाका। | उत्तर देखें स्वतंत्र भारत के राज्य-निर्देशित योजना मॉडल, सार्वजनिक क्षेत्र की अग्रणी भूमिका तथा योजना आयोग की संस्थागत पूर्वपीठिका तैयार की। |
बॉम्बे प्लान (1944) | उत्तर देखें 8 प्रमुख उद्योगपतियों (टाटा, बिड़ला आदि) द्वारा 15 वर्षों में ₹10,000 करोड़ का प्रस्ताव; बुनियादी उद्योगों में राज्य के भारी निवेश की वकालत। | उत्तर देखें निजी पूंजीपतियों द्वारा स्वयं राज्य-निर्देशित नियोजन और भारी सार्वजनिक पूंजीगत व्यय की अनिवार्यता को स्वीकार करने का ऐतिहासिक दस्तावेज। |
गांधीवादी योजना (1944) | उत्तर देखें श्रीमन नारायण अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत; सादगी, कृषि प्रधानता, कुटीर व खादी ग्रामोद्योग, आत्मनिर्भर ग्राम-स्वराज और विकेंद्रीकरण। | उत्तर देखें पश्चिमी पूंजी-सघन औद्योगीकरण के बरक्स श्रम-सघन, अहिंसक और पारिस्थितिक रूप से संधारणीय भारतीय विकास मॉडल का प्रथम खाका। |
जन योजना / People's Plan (1945) | उत्तर देखें एम. एन. रॉय द्वारा भारतीय श्रम संघ के माध्यम से प्रस्तुत; 10 वर्ष में ₹15,000 करोड़, भूमि का राष्ट्रीयकरण और उपभोक्ता उद्योगों का विस्तार। | उत्तर देखें मार्क्सवादी सिद्धांतों पर आधारित नियोजन; कृषि विकास, राज्य स्वामित्व और जनता की प्राथमिक आवश्यकताओं की पूर्ति पर विशेष बल। |
सर्वोदय योजना (1950) | उत्तर देखें जयप्रकाश नारायण (JP) द्वारा गांधीवादी व समाजवादी विचारों के समन्वय से तैयार; विनोबा भावे के भूदान आंदोलन और ग्रामदान से प्रेरित। | उत्तर देखें भूमि पुनर्वितरण ('भूमि जोतने वाले की'), दलीय राजनीति से मुक्त स्वशासन, सहकारी खेती और अत्यधिक मशीनीकरण के विरोध का दर्शन। |
जे. सी. कुमारप्पा का स्थायी अर्थव्यवस्था मॉडल | उत्तर देखें 'इकोनॉमी ऑफ परमानेंस' (स्थायी अर्थव्यवस्था); प्रकृति के चक्रीय नियमों पर आधारित उत्पादन, शोषण-मुक्त श्रम और स्थानीय आत्मनिर्भरता। | उत्तर देखें आधुनिक हरित अर्थशास्त्र, सतत विकास (Sustainable Development) और विकेंद्रीकृत ग्रामोद्योग आंदोलन की वैचारिक आधारशिला। |
73वां व 74वां संविधान संशोधन (1992) | उत्तर देखें पंचायती राज व नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा; 11वीं अनुसूची (29 विषय) तथा जिला योजना समितियों (DPC - 243ZD) का अनिवार्य गठन। | उत्तर देखें टॉप-डाउन (शीर्ष-से-नीचे) नियोजन से बॉटम-अप (नीचे-से-शीर्ष) जनभागीदारी वाले सहभागी लोकतांत्रिक विकेंद्रीकृत नियोजन की संवैधानिक स्थापना। |
One-Liner Questions
भारत में स्वतंत्रता से पूर्व आर्थिक नियोजन की प्रथम सैद्धांतिक व व्यावहारिक रूपरेखा प्रस्तुत करने का श्रेय किसे दिया जाता है?
भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया (M. Visvesvaraya) को।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
सर एम. विश्वेश्वरैया ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'प्लांड इकोनॉमी फॉर इंडिया' (Planned Economy for India) किस वर्ष प्रकाशित की थी?
वर्ष 1934 में।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
विश्वेश्वरैया योजना में भारत के आर्थिक विकास हेतु कितने वर्षों का नियोजन प्रस्तावित किया गया था?
10 वर्षों का नियोजन (दस-वर्षीय योजना)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
विश्वेश्वरैया योजना का मुख्य लक्ष्य क्या निर्धारित किया गया था?
देश की राष्ट्रीय आय को 10 वर्षों में दोगुना करना और कृषि पर जनसंख्या की अत्यधिक निर्भरता को घटाकर औद्योगीकरण को गति देना।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
विश्वेश्वरैया ने कृषि से कार्यबल को किस क्षेत्र में स्थानांतरित करने की वकालत की थी?
विनिर्माण और आधुनिक उद्योग क्षेत्र में, ताकि श्रम की उत्पादकता और प्रति व्यक्ति आय बढ़ सके।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
विश्वेश्वरैया योजना का वैचारिक और संरचनात्मक स्वरूप कैसा था?
पूंजीवादी लोकतांत्रिक मॉडल पर आधारित; जो सोवियत संघ के कम्युनिस्ट मॉडल के बजाय पश्चिमी लोकतांत्रिक देशों के मुक्त उद्यम और राज्य सहयोग पर केंद्रित था।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
विश्वेश्वरैया ने औद्योगिक विकास के वित्तपोषण हेतु किस संस्था की स्थापना का सुझाव दिया था?
एक समर्पित औद्योगिक वित्त निगम और केंद्रीय आर्थिक परिषद की स्थापना का।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
विश्वेश्वरैया योजना के अनुसार देश के आर्थिक प्रशासन हेतु कौन-सी सर्वोच्च संस्था प्रस्तावित थी?
ऑल इंडिया इकोनॉमिक काउंसिल (अखिल भारतीय आर्थिक परिषद)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
1934 में भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (FICCI) ने नियोजन के संबंध में क्या आधिकारिक प्रस्ताव पारित किया था?
अर्थव्यवस्था को मंदी से उबारने हेतु राज्य द्वारा केंद्रीय आर्थिक योजना बनाने और निजी उद्योगों को संरक्षण व समर्थन देने की मांग की थी।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
1934 में फिक्की के किस प्रमुख उद्योगपति ने औद्योगीकरण और योजना के पक्ष में सशक्त विचार रखे थे?
एन. आर. सरकार (N. R. Sarker)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा गठित 'राष्ट्रीय योजना समिति' (National Planning Committee - NPC) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
अक्टूबर 1938 में।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
1938 में कांग्रेस के किस ऐतिहासिक अधिवेशन के दौरान राष्ट्रीय योजना समिति (NPC) के गठन की घोषणा की गई थी?
हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन (गुजरात) के दौरान।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
1938 में हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन के अध्यक्ष कौन थे जिन्होंने राष्ट्रीय योजना समिति के गठन की ऐतिहासिक पहल की थी?
नेताजी सुभाष चंद्र बोस।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
सुभाष चंद्र बोस को राष्ट्रीय योजना समिति गठित करने हेतु किस प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक ने प्रेरित किया था?
प्रोफेसर मेघनाद साहा (Meghnad Saha) ने।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
राष्ट्रीय योजना समिति (NPC - 1938) का अध्यक्ष किसे नियुक्त किया गया था?
पंडित जवाहरलाल नेहरू को।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
राष्ट्रीय योजना समिति (NPC) के मानद सचिव (Honorary General Secretary) कौन थे जिन्होंने विस्तृत रिपोर्टें तैयार कीं?
प्रोफेसर के. टी. शाह (K. T. Shah)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
राष्ट्रीय योजना समिति ने अपने कार्यकलापों को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु कितने उप-समितियों (Sub-Committees) का गठन किया था?
कुल 29 उप-समितियों का (कृषि, उद्योग, वित्त, व्यापार, श्रम आदि विभिन्न क्षेत्रों हेतु)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
राष्ट्रीय योजना समिति (NPC) के अनुसार प्रमुख और बुनियादी उद्योगों (Key and Basic Industries) का स्वामित्व किसके पास होना चाहिए था?
राज्य (सरकार) के स्वामित्व और प्रत्यक्ष नियंत्रण में।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945) और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का राष्ट्रीय योजना समिति के कार्यों पर क्या प्रभाव पड़ा?
नेहरू सहित सभी प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी के कारण समिति का कार्य बाधित हो गया, और इसकी अंतिम रिपोर्टें स्वतंत्रता के बाद 1948-49 में प्रकाशित हो सकीं।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
राष्ट्रीय योजना समिति (NPC) ने भूमि सुधारों के संबंध में क्या प्रारंभिक सिफारिश की थी?
जमींदारी और मध्यवर्ती बिचौलियों का उन्मूलन तथा काश्तकारों को सुरक्षा व सहकारी खेती को प्रोत्साहन।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
राष्ट्रीय योजना समिति में कुटीर उद्योगों और भारी उद्योगों के बीच संतुलन को लेकर किन दो धाराओं में वैचारिक मतभेद उभरा?
गांधीवादी विचारकों (जो चरखा व ग्रामोद्योग चाहते थे) और नेहरू-साहा समूह (जो आधुनिक भारी उद्योग चाहते थे) के बीच।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
1944 में बंबई के 8 प्रमुख उद्योगपतियों द्वारा प्रस्तुत प्रसिद्ध निजी योजना का आधिकारिक शीर्षक क्या था?
'ए ब्रीफ मेमोरेंडम आउटलाइनिंग अ प्लान ऑफ इकोनॉमिक डेवलपमेंट फॉर इंडिया' (A Brief Memorandum Outlining a Plan of Economic Development for India), जिसे सामान्यतः 'बॉम्बे प्लान' कहा जाता है।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
बॉम्बे प्लान (1944) के मसौदे पर हस्ताक्षर करने वाले 8 प्रमुख उद्योगपति कौन थे?
जे. आर. डी. टाटा, जी. डी. बिड़ला, पुरुषोत्तमदास ठाकुरदास, कस्तूरभाई लालभाई, ए. डी. श्रॉफ, जॉन मथाई, सर अर्देशिर दलाल, और लाला श्रीराम।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
बॉम्बे प्लान की प्रस्तावित समयावधि और कुल बजटीय वित्तीय परिव्यय कितना था?
15 वर्षों की अवधि हेतु कुल ₹10,000 करोड़ का वित्तीय परिव्यय।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
बॉम्बे प्लान का प्राथमिक उत्पादन लक्ष्य क्या था?
15 वर्षों में राष्ट्रीय आय को तिगुना करना तथा प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
बॉम्बे प्लान में उद्योग और कृषि के बीच निवेश आबंटन का क्या अनुपात प्रस्तावित था?
औद्योगिक उत्पादन में 500% (पाँच गुना) वृद्धि का लक्ष्य और कृषि उत्पादन में 130% वृद्धि का लक्ष्य रखा गया था।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
निजी पूंजीपतियों द्वारा प्रस्तुत किए जाने के बावजूद बॉम्बे प्लान की सबसे क्रांतिकारी सिफारिश क्या थी?
बुनियादी ढांचा, भारी उद्योगों और जनोपयोगी सेवाओं में राज्य (सार्वजनिक क्षेत्र) के व्यापक निवेश और सक्रिय आर्थिक हस्तक्षेप की वकालत।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
बॉम्बे प्लान में भारी घाटे को पाटने हेतु किस वित्तीय साधन का सुझाव दिया गया था?
घाटे के वित्तपोषण (Deficit Financing / नोट छपाई) का उपयोग, जिसे लगभग ₹3,400 करोड़ प्रस्तावित किया गया था।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
बॉम्बे प्लान कितने भागों में प्रकाशित हुआ था?
दो भागों में; भाग-1 जनवरी 1944 में (लक्ष्य व वित्त) और भाग-2 दिसंबर 1944 में (वितरण व्यवस्था व राज्य की भूमिका)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
1944 में ब्रिटिश भारत सरकार ने युद्धोपरांत आर्थिक पुनर्निर्माण हेतु किस नए विभाग का गठन किया था?
योजना एवं विकास विभाग (Planning and Development Department), जिसके प्रभारी सदस्य बॉम्बे प्लान के हस्ताक्षरकर्ता सर अर्देशिर दलाल बनाए गए।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
1945 में प्रस्तुत 'जन योजना' (People's Plan) के मुख्य सूत्रधार कौन थे?
प्रख्यात मार्क्सवादी विचारक और रेडिकल डेमोक्रेटिक पार्टी के संस्थापक एम. एन. रॉय (M. N. Roy)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
जन योजना (People's Plan) किस संस्था की युद्धोपरांत पुनर्निर्माण समिति की ओर से तैयार की गई थी?
इंडियन फेडरेशन ऑफ लेबर (Indian Federation of Labour - IFL)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
एम. एन. रॉय की 'जन योजना' (1945) की समयावधि और कुल अनुमानित लागत कितनी थी?
10 वर्ष की समयावधि हेतु ₹15,000 करोड़ का परिव्यय।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
जन योजना (1945) की सबसे प्रमुख वैचारिक प्राथमिकता क्या थी?
कृषि क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देना, उपभोक्ता वस्तु उद्योगों का प्रसार करना और भूमि व उत्पादन के साधनों का राष्ट्रीयकरण करना।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
जन योजना बॉम्बे प्लान से किस प्रकार मूलभूत रूप से भिन्न थी?
बॉम्बे प्लान भारी पूंजीगत उद्योगों पर केंद्रित था, जबकि जन योजना ने कृषि और जनसाधारण की उपभोग आवश्यकताओं (भोजन, कपड़ा, स्वास्थ्य) को प्राथमिकता दी।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
1946 में अंतरिम सरकार द्वारा गठित 'सलाहकार योजना बोर्ड' (Advisory Planning Board) के अध्यक्ष कौन थे?
के. सी. नियोगी (K. C. Neogy); जिनकी सिफारिश पर आगे चलकर योजना आयोग का गठन हुआ।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
के. सी. नियोगी की अध्यक्षता वाले सलाहकार योजना बोर्ड (1946) की सबसे महत्वपूर्ण सिफारिश क्या थी?
स्वतंत्र भारत में आर्थिक नियोजन हेतु एक समर्पित, गैर-राजनीतिक 'योजना आयोग' (Planning Commission) के गठन की सिफारिश।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
1943 के भीषण बंगाल अकाल ने स्वतंत्रता-पूर्व योजनाकारों को क्या सबसे बड़ा सबक सिखाया था?
खाद्यान्न उत्पादन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पूर्ण आत्मनिर्भरता की अनिवार्यता।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
स्वतंत्रता से पूर्व प्रस्तुत इन सभी योजनाओं का भारत के आर्थिक चिंतन पर क्या संयुक्त प्रभाव पड़ा?
इस बात पर राष्ट्रीय सर्वसम्मति बन गई कि स्वतंत्रता के बाद भारत का आर्थिक विकास केवल राज्य-निर्देशित केंद्रीय नियोजन से ही संभव है।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
'गांधीवादी योजना' (Gandhian Plan) का प्रतिपादन किस वर्ष और किसके द्वारा किया गया था?
वर्ष 1944 में, वर्धा स्थित सेकसरिया कॉलेज ऑफ कॉमर्स के प्राचार्य श्रीमन नारायण अग्रवाल द्वारा।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
क्या गांधीवादी योजना (1944) को महात्मा गांधी का व्यक्तिगत अनुमोदन प्राप्त था?
हाँ, महात्मा गांधी ने स्वयं इस योजना की प्रस्तावना (Foreword) लिखी थी और इसके मूल सिद्धांतों को अपनी सहमति दी थी।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
श्रीमन नारायण अग्रवाल द्वारा 1944 में प्रस्तावित गांधीवादी योजना का प्रारंभिक वित्तीय परिव्यय कितना था?
₹3,500 करोड़ (जिसे 1946 में संशोधित कर ₹5,600 करोड़ किया गया)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीवादी योजना का सबसे मौलिक और दार्शनिक आधार क्या था?
सादगी, अहिंसा, नैतिक मूल्य, मानव-केंद्रित विकास और इच्छाओं का परिसीमन (Limitation of Wants)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीवादी आर्थिक दर्शन में पश्चिमी पूंजीवादी 'विशाल पैमाने के उत्पादन' (Mass Production) का विकल्प क्या सुझाया गया?
'जनता द्वारा उत्पादन' (Production by the Masses)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीवादी योजना में कुल बजटीय संसाधनों का सबसे बड़ा हिस्सा किस क्षेत्र को आवंटित करने का प्रस्ताव था?
कृषि और संबद्ध गतिविधियों को (कुल परिव्यय का लगभग 70% से 80%)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीवादी योजना के अनुसार औद्योगिक विकास का मुख्य माध्यम क्या होना चाहिए?
कुटीर, ग्रामीण और लघु उद्योग (Cottage and Village Industries); जैसे खादी कताई-बुनाई, तेल घानी, गुड़ निर्माण और चर्मशिल्प।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीवादी योजना भारी और बड़े पैमाने के उद्योगों (Heavy Machinery) के प्रति क्या दृष्टिकोण रखती थी?
श्रम-विस्थापक मशीनों का विरोध; बड़े उद्योगों को केवल रक्षा, बिजली और बुनियादी ढांचे जैसे अपरिहार्य सार्वजनिक क्षेत्रों तक सीमित रखने की वकालत।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
महात्मा गांधी के अनुसार आधुनिक पूंजी-सघन मशीनरी की सबसे बड़ी सामाजिक विकृति क्या थी?
यह बहुसंख्यक श्रमिकों को बेरोजगार बनाती है, मानव श्रम को गुलाम बनाती है और धन का संकेंद्रण कुछ पूंजीपतियों के हाथों में करती है।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीजी का प्रसिद्ध 'चरखा' (Charkha) आर्थिक दृष्टि से किसका प्रतीक था?
आर्थिक स्वावलंबन, श्रम की गरिमा, विकेंद्रीकृत उत्पादन और शोषण-मुक्त समाज का प्रतीक।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीवादी आर्थिक चिंतन में 'न्यासधारिता का सिद्धांत' (Theory of Trusteeship) क्या प्रतिपादित करता है?
धनवान व्यक्ति अपनी अतिरिक्त संपत्ति का स्वामी नहीं, बल्कि समाज का 'ट्रस्टी' (न्यासी) है, जिसे अपनी वैध आवश्यकताओं के बाद शेष धन का उपयोग समाज कल्याण हेतु करना चाहिए।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीवादी योजना में बुनियादी जरूरतों (Basic Needs) की आपूर्ति के संबंध में क्या लक्ष्य रखा गया था?
प्रत्येक नागरिक को पर्याप्त संतुलित आहार, 20 गज कपड़ा, पक्का आवास, निःशुल्क प्राथमिक शिक्षा और बुनियादी स्वास्थ्य की गारंटी।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीवादी योजना का विदेशी व्यापार और बाह्य ऋणों के प्रति क्या कड़ा रुख था?
विदेशी सहायता और विदेशी ऋणों पर पूर्ण निर्भरता का त्याग; विदेशी विलासिता आयातों का कड़ा बहिष्कार और स्थानीय उत्पादों (स्वदेशी) का प्रयोग।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीवादी योजना में कृषि विकास हेतु किन संस्थागत सुधारों पर विशेष बल दिया गया?
जमींदारी का पूर्ण उन्मूलन, काश्तकारों को जमीन का मालिकाना हक, जैविक/गोबर खाद का प्रयोग और चकबंदी।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीवादी योजना में ग्रामीण ऋणग्रस्तता समाप्त करने हेतु क्या विकल्प सुझाया गया था?
सहकारी साख समितियों का विस्तार और साहूकारी प्रथा पर कड़ा विनियामक नियंत्रण।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीवादी योजना ने नेहरू के औद्योगीकरण मॉडल से किस प्रकार का सीधा सैद्धांतिक टकराव प्रस्तुत किया?
नेहरू का मॉडल शहरीकृत, भारी उद्योग-आधारित और केंद्रीकृत था, जबकि गांधीवादी योजना पूर्णतः ग्रामीण, कृषि-आधारित और विकेंद्रीकृत थी।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीवादी योजना का भारतीय संविधान के राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) पर क्या प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ा?
अनुच्छेद 40 (ग्राम पंचायतों का गठन), अनुच्छेद 43 (कुटीर उद्योगों को बढ़ावा), और अनुच्छेद 47 (मादक द्रव्यों पर प्रतिबंध) का समावेश।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
भारत सरकार द्वारा 1956 में गांधीवादी ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने हेतु किस सांविधिक निकाय की स्थापना की गई?
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (Khadi and Village Industries Commission - KVIC)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीवादी योजना को वर्तमान समय में सतत विकास (Sustainable Development) के लिए प्रासंगिक क्यों माना जाता है?
क्योंकि यह पर्यावरण-अनुकूल, कार्बन-तटस्थ, स्थानीय संसाधनों पर आधारित और अत्यधिक उपभोक्तावाद के विरुद्ध प्रकृति-संतुलित मॉडल प्रस्तुत करती है।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीवादी अर्थशास्त्र में 'ब्रेड लेबर' (Bread Labour / रोटी के लिए श्रम) की क्या संकल्पना है?
प्रत्येक मनुष्य को अपनी आजीविका और भोजन प्राप्त करने हेतु कुछ न कुछ शारीरिक श्रम अनिवार्य रूप से करना चाहिए।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
महात्मा गांधी के अनुसार 'स्वदेशी' का आर्थिक सिद्धांत क्या था?
दूरदराज के निर्मित सामानों के स्थान पर अपने निकटतम पड़ोस और स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाई गई वस्तुओं को प्राथमिकता देना।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
महात्मा गांधी के 'ग्राम स्वराज' (Gram Swaraj) की मूलभूत राजनीतिक और आर्थिक संकल्पना क्या है?
प्रत्येक गांव अपनी अनिवार्य आवश्यकताओं (भोजन, वस्त्र, आश्रय) के लिए पूर्णतः आत्मनिर्भर और स्वायत्त 'गणराज्य' (Village Republic) हो।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीजी ने सत्ता और अर्थव्यवस्था के विकेंद्रीकरण को किस ज्यामितीय रूपक (Metaphor) से स्पष्ट किया था?
'महासागरीय वृत्त' (Oceanic Circles); जहां व्यक्ति केंद्र में होता है और बाहर की ओर कभी न खत्म होने वाले सहयोगी वृत्तों का विस्तार होता है, न कि पदानुक्रमिक पिरामिड।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
प्रसिद्ध गांधीवादी अर्थशास्त्री जे. सी. कुमारप्पा (J. C. Kumarappa) का मूल नाम क्या था?
जोसेफ चेल्लदुरई कॉर्नेलियस कुमारप्पा (J. C. Cornelius Kumarappa)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
जे. सी. कुमारप्पा की उस विश्वविख्यात पुस्तक का नाम क्या है जिसे हरित अर्थशास्त्र (Green Economics) की आधारशिला माना जाता है?
'इकोनॉमी ऑफ परमानेंस' (Economy of Permanence - स्थायी अर्थव्यवस्था, 1945)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
जे. सी. कुमारप्पा ने अपनी पुस्तक में मानवीय आर्थिक गतिविधियों को किन पाँच प्रकार की अर्थव्यवस्थाओं में वर्गीकृत किया था?
1. परजीवी (Parasitic), 2. हिंसक/शिकारी (Predatory), 3. उद्यम (Enterprise), 4. परस्पर सहायता (Mutual Aid), और 5. सेवा (Service) अर्थव्यवस्था।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
कुमारप्पा के अनुसार 'स्थायी अर्थव्यवस्था' (Economy of Permanence) का मूल सिद्धांत क्या है?
प्रकृति के चक्रीय नियमों का सम्मान करना; प्रकृति से उतना ही लेना जितना उसे वापस लौटाया जा सके (पुनर्चक्रण और अहिंसा पर आधारित)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
जे. सी. कुमारप्पा ने 1934 में वर्धा में स्थापित किस ऐतिहासिक संस्था का आयोजन और संचालन किया?
अखिल भारतीय ग्रामोद्योग संघ (All India Village Industries Association - AIVIA)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
1948 में कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा गठित 'कृषि सुधार समिति' (Agrarian Reforms Committee) के अध्यक्ष कौन थे?
जे. सी. कुमारप्पा (Kumarappa Committee)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
कुमारप्पा कृषि सुधार समिति (1949) की सबसे क्रांतिकारी और दूरगामी सिफारिश क्या थी?
'भूमि जोतने वाले की' (Land to the Tiller) का सिद्धांत, काश्तकारी की पूर्ण समाप्ति, और पारिवारिक आकार से अधिक भूमि की बेदखली कर भूमिहीनों में वितरण।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
कुमारप्पा समिति ने कृषि के पुनर्गठन हेतु किन तीन प्रकार के कृषि मॉडलों का सुझाव दिया था?
1. पारिवारिक जोत (Family Holdings), 2. संयुक्त सहकारी खेती (Cooperative Farming), और 3. बंजर भूमियों पर सामूहिक खेती (Collective Farming)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
स्वतंत्र भारत में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण (Democratic Decentralization) की सिफारिश सर्वप्रथम किस उच्चस्तरीय समिति ने की थी?
बलवंत राय मेहता समिति (Balwant Rai Mehta Committee - 1957)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
बलवंत राय मेहता समिति ने पंचायती राज व्यवस्था के कितने स्तरों (Three-tier Model) की सिफारिश की थी?
त्रिस्तरीय ढांचा: 1. ग्राम पंचायत (ग्राम स्तर), 2. पंचायत समिति (प्रखंड/ब्लॉक स्तर), और 3. जिला परिषद (जिला स्तर)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
भारत में आधुनिक त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था का औपचारिक उद्घाटन सर्वप्रथम कहाँ और कब हुआ था?
2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर जिले में (तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
पंचायती राज संस्थाओं के पुनरुद्धार हेतु 1977 में गठित किस समिति ने द्वि-स्तरीय (Two-tier) ढांचे की सिफारिश की थी?
अशोक मेहता समिति (Ashok Mehta Committee - 1977-78)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
अशोक मेहता समिति ने किन दो स्तरों पर पंचायती राज संस्थाओं के गठन का सुझाव दिया था?
जिला परिषद (जिला स्तर पर) और मंडल पंचायत (15,000 से 20,000 आबादी वाले गांवों के समूह पर)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
1985 में गठित जी. वी. के. राव समिति (G. V. K. Rao Committee) ने नौकरशाही-नियंत्रित विकास प्रशासन को क्या तीखी उपमा दी थी?
'बिना जड़ की घास' (Grass without Roots)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक मान्यता प्रदान करने की स्पष्ट सिफारिश किस समिति ने 1986 में की थी?
डॉ. एल. एम. सिंघवी समिति (L. M. Singhvi Committee - 1986)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
भारत में ग्रामीण स्थानीय स्वशासन को संवैधानिक दर्जा किस ऐतिहासिक संविधान संशोधन द्वारा प्रदान किया गया?
73वां संविधान संशोधन अधिनियम 1992 (जो 24 अप्रैल 1993 से प्रभावी हुआ)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
73वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान में कौन-सा नया भाग और अनुसूची जोड़ी गई?
भाग IX (अनुच्छेद 243 से 243-O) तथा 11वीं अनुसूची (29 कार्यात्मक विषय)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
74वें संविधान संशोधन अधिनियम 1992 के तहत शहरी स्थानीय निकायों हेतु कौन-सी अनुसूची जोड़ी गई?
12वीं अनुसूची (कुल 18 कार्यात्मक विषय)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243ZD के तहत गठित 'जिला योजना समिति' (District Planning Committee - DPC) का क्या मुख्य कार्य है?
जिले में पंचायतों और नगरपालिकाओं द्वारा तैयार की गई स्थानीय विकास योजनाओं को समेकित कर संपूर्ण जिले हेतु एक एकीकृत विकास योजना का प्रारूप तैयार करना।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
जिला योजना समिति (DPC) के कुल सदस्यों में से कितने सदस्य निर्वाचित प्रतिनिधियों में से चुने जाने अनिवार्य हैं?
कम से कम 4/5 (80%) सदस्य, जो जिला परिषद और नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपने में से चुने जाते हैं।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
संविधान के अनुच्छेद 243ZE के तहत गठित 'महानगर योजना समिति' (Metropolitan Planning Committee - MPC) का क्या कार्य है?
10 लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले महानगरीय क्षेत्रों हेतु समग्र विकास योजना का प्रारूप तैयार करना।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
पंचायती राज व्यवस्था में 'ग्राम सभा' (Gram Sabha) को प्रत्यक्ष लोकतंत्र का मूर्त रूप क्यों माना जाता है?
क्योंकि गांव के वे सभी नागरिक जो मतदाता सूची में पंजीकृत हैं, इसके स्वतः सदस्य होते हैं और वे विकास योजनाओं व लाभार्थियों के चयन का सीधा अनुमोदन करते हैं।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
अनुसूचित क्षेत्रों (5वीं अनुसूची) में ग्राम सभाओं को स्वशासन और प्राकृतिक संसाधनों पर परंपरागत अधिकार देने वाला कानून कौन-सा है?
पेसा अधिनियम 1996 (PESA - Panchayats Extension to Scheduled Areas Act, 1996)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
पेसा अधिनियम (PESA 1996) किस समिति की सिफारिशों के आधार पर पारित किया गया था?
दिलीप सिंह भूरिया समिति (Bhuria Committee)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
टॉप-डाउन (Top-Down) नियोजन और बॉटम-अप (Bottom-Up) नियोजन में क्या बुनियादी अंतर है?
टॉप-डाउन नियोजन में नीतियां और बजट ऊपर केंद्र से नीचे थोपे जाते हैं, जबकि बॉटम-अप नियोजन में आवश्यकताएं और योजनाएं ग्राम सभा से शुरू होकर ऊपर जाती हैं।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
भारत में विकेंद्रीकृत योजना निर्माण का सर्वाधिक सफल राज्य-स्तरीय मॉडल कौन-सा माना जाता है?
केरल का 'जन योजना अभियान' (People's Plan Campaign - 1996); जिसके तहत राज्य के कुल योजना बजट का 35-40% सीधे स्थानीय पंचायतों को सौंपा गया।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराकर पलायन रोकने हेतु डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने किस मॉडल की वकालत की थी?
पुरा मॉडल (PURA - Provision of Urban Amenities to Rural Areas)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
पुरा (PURA) मॉडल के चार प्रकार के कनेक्टिविटी घटक कौन-से थे?
1. भौतिक कनेक्टिविटी (सड़कें), 2. इलेक्ट्रॉनिक कनेक्टिविटी (इंटरनेट), 3. ज्ञान कनेक्टिविटी (शिक्षा-कौशल), और 4. आर्थिक कनेक्टिविटी (उद्यम)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
पुरा (PURA) मॉडल की तर्ज पर केंद्र सरकार ने 2016 में कौन-सा महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय मिशन शुरू किया?
श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन (SPMRM - Shyama Prasad Mukherji Rurban Mission)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
रूर्बन मिशन (SPMRM) के तहत 'रूर्बन क्लस्टर' (Rurban Cluster) की क्या अवधारणा है?
भौगोलिक रूप से निकटवर्ती 15 से 20 गांवों का ऐसा समूह (30,000 से 50,000 आबादी) जहां ग्रामीण जीवन शैली को बनाए रखते हुए शहरी स्तर का आर्थिक व भौतिक ढांचा विकसित किया जाए।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
ग्राम पंचायतों द्वारा स्थानीय प्राथमिकताओं के आधार पर तैयार की जाने वाली वार्षिक योजना को क्या कहा जाता है?
ग्राम पंचायत विकास योजना (Gram Panchayat Development Plan - GPDP / 'सबकी योजना सबका विकास')।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा हेतु प्रत्येक पाँच वर्ष पर राज्य वित्त आयोग (SFC) का गठन किस अनुच्छेद के तहत होता है?
संविधान के अनुच्छेद 243-I के तहत।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीवादी ग्राम-स्वराज को साकार करने हेतु 2020 में ग्रामीण भूमि के ड्रोन सर्वेक्षण हेतु कौन-सी योजना शुरू हुई?
स्वामित्व योजना (SVAMITVA Scheme); जिसके तहत संपत्ति कार्ड जारी कर ग्रामीण परिवारों को वित्तीय तरलता प्रदान की जा रही है।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
'सर्वोदय' (Sarvodaya) शब्द की ऐतिहासिक उत्पत्ति कहाँ से हुई और इसका शाब्दिक अर्थ क्या है?
महात्मा गांधी द्वारा जॉन रस्किन की पुस्तक 'अनटू दिस लास्ट' (Unto This Last) के गुजराती अनुवाद हेतु गढ़ा गया शब्द; जिसका अर्थ है 'सबका कल्याण/सबका उदय' (Universal Uplift of All)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीजी का 'सर्वोदय' दर्शन उपयोगितावाद (Utilitarianism) के बेंथम सिद्धांत से किस प्रकार भिन्न था?
उपयोगितावाद 'अधिकतम व्यक्तियों के अधिकतम सुख' (Greatest good of greatest number) पर बल देता है, जबकि सर्वोदय समाज के अंतिम और सबसे कमजोर व्यक्ति के पूर्ण उत्थान (Welfare of All, especially the Last Man) की मांग करता है।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
'सर्वोदय योजना' (Sarvodaya Plan) का आधिकारिक प्रारूप जनवरी 1950 में किसने प्रकाशित किया था?
लोकनायक जयप्रकाश नारायण (Jayaprakash Narayan - JP) ने।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
जयप्रकाश नारायण की सर्वोदय योजना (1950) मुख्य रूप से किन दो महान व्यक्तित्वों के दर्शन पर आधारित थी?
महात्मा गांधी और आचार्य विनोबा भावे के दर्शन पर।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
सर्वोदय योजना (1950) का सबसे प्रमुख आर्थिक लक्ष्य क्या था?
शोषण-मुक्त, वर्ग-रहित और राज्य के अत्यधिक नियंत्रण से मुक्त एक विकेंद्रीकृत, समतामूलक सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था का निर्माण।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
सर्वोदय योजना में कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन हेतु किस सिद्धांत पर बल दिया गया?
भूमि का पूर्ण पुनर्वितरण और 'भूमि पर वास्तविक जोतने वाले का अधिकार'; भूमि पर निजी स्वामित्व के स्थान पर ग्राम समुदाय के सामूहिक स्वामित्व की वकालत।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
सर्वोदय योजना में औद्योगिक विकास हेतु किस प्रकार के उत्पादन संगठन का समर्थन किया गया?
ग्रामोद्योग, लघु कुटीर उद्योग तथा श्रमिकों द्वारा प्रबंधित सहकारी उद्यम (Cooperative Enterprises)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
सर्वोदय योजना का विदेशी पूंजी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रति क्या दृष्टिकोण था?
विदेशी पूंजी और विदेशी सहायता पर पूर्ण निर्भरता का कड़ा विरोध; क्योंकि यह नव-औपनिवेशिक आर्थिक पराधीनता को जन्म देती है।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
सर्वोदय योजना ने भारी और बड़े उद्योगों के स्वामित्व के संदर्भ में क्या सुझाव दिया था?
यदि बड़े उद्योग अपरिहार्य हों, तो उनका पूर्ण सामाजिक स्वामित्व (Social Ownership) होना चाहिए, न कि निजी मुनाफाखोरों का अधिकार।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
सर्वोदय योजना में केंद्रीय नियोजन के स्थान पर किस प्रकार की योजना प्रक्रिया का समर्थन किया गया?
गांव स्तर से शुरू होने वाला पूर्णतः विकेंद्रीकृत और सहभागी नियोजन।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
आचार्य विनोबा भावे ने सर्वोदय के आदर्शों को धरातल पर उतारने हेतु 1951 में किस ऐतिहासिक आंदोलन की शुरुआत की?
भूदान आंदोलन (Bhoodan Movement)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
भूदान आंदोलन की शुरुआत 18 अप्रैल 1951 को किस गांव से हुई थी?
पोचमपल्ली गांव (तत्कालीन नलगोंडा जिला, आंध्र प्रदेश; वर्तमान तेलंगाना) से।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
पोचमपल्ली में विनोबा भावे को अपनी 100 एकड़ पुश्तैनी जमीन दान देने वाले पहले भूस्वामी कौन थे?
रामचंद्र रेड्डी (Vedre Ramachandra Reddy)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
भूदान आंदोलन का अगला चरण क्या था जो 1952 में उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मंगरोठ गांव से शुरू हुआ?
ग्रामदान आंदोलन (Gramdan Movement); जिसमें पूरे गांव की निजी भूमि को ग्राम समुदाय की सामूहिक संपत्ति घोषित कर दिया गया।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
विनोबा भावे के अनुसार भूदान और ग्रामदान आंदोलन का मूल दर्शन क्या था?
'सबै भूमि गोपाल की'; अर्थात् हवा और पानी की तरह भूमि भी प्रकृति का उपहार है, अतः उस पर किसी व्यक्ति का निजी स्वामित्व नहीं हो सकता।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
भूदान आंदोलन के तहत विनोबा भावे ने देश भर के भूस्वामियों से उनकी कुल भूमि का कितना हिस्सा दान में मांगा था?
अपनी कुल कृषि भूमि का 1/6 (छठा) हिस्सा।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
जयप्रकाश नारायण ने 1950 के दशक के मध्य में सक्रिय दलीय राजनीति छोड़कर किस आंदोलन को अपना जीवन समर्पित किया?
भूदान और सर्वोदय आंदोलन को (1954 में जीवनदान की घोषणा)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
सर्वोदय दर्शन में 'लोकनीति' (Lokniti) और 'राजनीति' (Rajniti) में क्या अंतर बताया गया?
राजनीति सत्ता और दलीय स्वार्थों पर आधारित होती है, जबकि लोकनीति जनता की आत्म-निर्भरता, जनसहमति और नैतिक शक्ति पर आधारित होती है।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
जयप्रकाश नारायण ने राजनीतिक और आर्थिक सत्ता के विकेंद्रीकरण हेतु किस प्रकार के लोकतंत्र का प्रस्ताव रखा था?
'दलविहीन लोकतंत्र' (Partyless Democracy) तथा सहभागी लोकतंत्र।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
1974 में जयप्रकाश नारायण ने सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक विकेंद्रीकरण हेतु किस ऐतिहासिक आंदोलन का आह्वान किया?
'संपूर्ण क्रांति' (Total Revolution) आंदोलन।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
जेपी की संपूर्ण क्रांति (Total Revolution) के सात आयाम कौन-से थे?
सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, वैचारिक/बौद्धिक, शैक्षणिक और आध्यात्मिक क्रांति।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
सर्वोदय योजना ने नेहरू के सोवियत-शैली के पंचवर्षीय नियोजन की क्या मुख्य आलोचना की थी?
नेहरू का मॉडल अत्यधिक नौकरशाही-निर्देशित, पूंजी-सघन और शहरी-पक्षपाती था, जिसने गांवों को उजाड़ा, भारी बेरोजगारी बढ़ाई और किसानों को हाशिए पर धकेल दिया।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
योजना आयोग ने 1950 में प्रथम पंचवर्षीय योजना बनाते समय सर्वोदय योजना के किन तत्वों को आंशिक रूप से ग्रहण किया?
भूमि सुधार कार्यक्रम, सामुदायिक विकास कार्यक्रम (CDP) और खादी व ग्रामोद्योग बोर्ड की स्थापना।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
सर्वोदय और भूदान आंदोलन की सबसे बड़ी व्यावहारिक सीमा क्या सिद्ध हुई?
दान में मिली अधिकांश भूमि बंजर, अनुपजाऊ या कानूनी विवादों में फंसी थी, और भूस्वामियों ने उपजाऊ भूमि अपने पास ही रख ली।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
आधुनिक भारतीय अर्थशास्त्र में 'सर्वोदय' की अवधारणा को किस नए रूप में पुनर्जीवित किया गया है?
'अंत्योदय' (Antyodaya - समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान) और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास'।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
पंडित दीनदयाल उपाध्याय का 'एकात्म मानववाद' (Integral Humanism) सर्वोदय और गांधीवादी योजना के किस विचार से मेल खाता है?
मनुष्य को केवल एक आर्थिक प्राणी न मानकर संपूर्णता में देखना, प्रकृति के साथ समन्वय और विकेंद्रीकृत स्वदेशी अर्थव्यवस्था की वकालत।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
दिसंबर 2000 में शुरू की गई 'अंत्योदय अन्न योजना' (AAY) किस दर्शन का प्रत्यक्ष विस्तार है?
सर्वोदय और अंत्योदय दर्शन का; जिसके तहत देश के सबसे गरीब परिवारों को अत्यधिक रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
अमर्त्य सेन का 'क्षमता दृष्टिकोण' (Capability Approach) गांधीवादी व सर्वोदय दर्शन से कैसे जुड़ा है?
विकास का पैमाना केवल जीडीपी वृद्धि नहीं, बल्कि व्यक्ति की वास्तविक स्वतंत्रताओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका की क्षमताओं का विस्तार होना चाहिए।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
ग्राम-केंद्रित विकास को गति देने हेतु 2014 में जयप्रकाश नारायण की जयंती पर शुरू की गई योजना कौन-सी है?
सांसद आदर्श ग्राम योजना (SAGY - 11 अक्टूबर 2014 को प्रारंभ)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
ग्रामीण आजीविका में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण हेतु विश्व का सबसे बड़ा विकेंद्रीकृत कार्यक्रम कौन-सा है?
दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM / स्वयं सहायता समूह आंदोलन)।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
स्वयं सहायता समूह (SHG) आंदोलन गांधीवादी और सर्वोदय दर्शन को कैसे साकार करता है?
सामूहिक बचत, आंतरिक ऋण, स्थानीय सूक्ष्म उद्यम और महिलाओं के सामूहिक स्वावलंबन के माध्यम से।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
कृषि में रासायनिक खादों के स्थान पर 'प्राकृतिक खेती' (Natural Farming / ZBNF) का बढ़ता प्रसार किस आर्थिक विचार की वापसी है?
जे. सी. कुमारप्पा और गांधीजी के 'स्थायी कृषि एवं पर्यावरण-अनुकूल ग्राम अर्थव्यवस्था' के विचार की।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
गांधीवादी योजना और सर्वोदय योजना की सबसे स्थायी प्रासंगिकता 21वीं सदी के भारत के लिए क्या है?
यह चेतावनी कि अनियंत्रित औद्योगीकरण और अंधाधुंध उपभोक्तावाद पर्यावरण विनाश और सामाजिक विषमता को जन्म देगा, अतः वास्तविक विकास का केंद्र गांव, मानवीय श्रम और प्रकृति का संतुलन ही होना चाहिए।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
सर्वोदय दर्शन में 'शांति सेना' (Shanti Sena) की क्या अवधारणा थी?
अहिंसक जनसेवकों का एक ऐसा स्वयंसेवी दस्ता जो सामाजिक दंगों, संघर्षों और आपदाओं में पुलिस-सेना के स्थान पर शांति स्थापित करे।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
भूदान आंदोलन के दौरान दान की गई कुल भूमि का अनुमानित आंकड़ा कितना था?
लगभग 40 से 45 लाख एकड़ भूमि दान में प्राप्त हुई, जिसमें से लगभग 25 लाख एकड़ भूमि भूमिहीन परिवारों में वितरित की जा सकी।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
सर्वोदय आंदोलन द्वारा समर्थित 'संपत्तिदान' (Sampattidan) और 'श्रमदान' (Shramdan) का क्या उद्देश्य था?
भूमिहीनों और शहरी श्रमिकों को भी आंदोलन से जोड़ना; जहां व्यापारी आय का हिस्सा और नागरिक सप्ताह में कुछ घंटे सामुदायिक निर्माण हेतु श्रम दान करते थे।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
भारत में स्वतंत्रता-पूर्व आर्थिक चिंतन का समग्र निष्कर्ष क्या है?
विश्वेश्वरैया और बॉम्बे प्लान ने आधुनिक भारी औद्योगीकरण का मार्ग प्रशस्त किया, जबकि गांधीवादी और सर्वोदय विचारों ने समता, विकेंद्रीकरण, ग्रामीण पुनरुद्धार और मानवीय गरिमा की शाश्वत नींव रखी।
उत्तर देखने के लिए टैप करें
कोई matching content नहीं मिला।