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राजकोषीय नीति Part 1
राजकोषीय नीति का अर्थ एवं उपकरण, सरकार की प्राप्तियां (राजस्व व पूंजीगत), प्राथमिक घाटा तथा राजकोषीय घाटे के अंतर्संबंधों का गहन समष्टिगत विश्लेषण
Quick Reference
महत्वपूर्ण तथ्य एवं योगदान
राजकोषीय नीति Part 1
| राजकोषीय अवधारणा | प्रमुख विशेषता | राजकोषीय प्रभाव |
|---|---|---|
राजकोषीय नीति (Fiscal Policy) | उत्तर देखें सरकार की कराधान (Taxation), सार्वजनिक व्यय (Public Expenditure) और सार्वजनिक ऋण (Public Debt) संबंधी समग्र समष्टिगत नीति। | उत्तर देखें अर्थव्यवस्था में समग्र मांग (Aggregate Demand) का नियमन, मुद्रास्फीति और मंदी का चक्रीय स्थिरीकरण तथा समावेशी आर्थिक संवृद्धि को दिशा देना। |
राजस्व प्राप्तियां (Revenue Receipts) | उत्तर देखें वे सरकारी प्राप्तियां जिनसे न तो सरकार की किसी देयता (Liability) का सृजन होता है और न ही किसी वित्तीय/भौतिक परिसंपत्ति (Asset) में कमी आती है। | उत्तर देखें सरकार के नियमित व दिन-प्रतिदिन के प्रशासनिक संचालन, वेतन, पेंशन और जनकल्याणकारी योजनाओं के गैर-ऋण वित्तपोषण का प्राथमिक आधार। |
पूंजीगत प्राप्तियां (Capital Receipts) | उत्तर देखें वे सरकारी प्राप्तियां जिनसे या तो सरकार की देनदारियों/ऋणों में वृद्धि होती है (जैसे बाजार उधारी) अथवा परिसंपत्तियों में कमी आती है (जैसे विनिवेश)। | उत्तर देखें दीर्घकालिक पूंजी निर्माण (सड़क, रेल, बंदरगाह) का वित्तपोषण; अत्यधिक ऋण-सृजक पूंजीगत प्राप्तियां भावी ब्याज और ऋण बोझ को बढ़ाती हैं। |
कर राजस्व (Tax Revenue) | उत्तर देखें नागरिकों और कॉरपोरेट्स द्वारा सरकार को दिया जाने वाला अनिवार्य वैधानिक अंशदान (प्रत्यक्ष कर जैसे आयकर/निगम कर, तथा अप्रत्यक्ष कर जैसे GST)। | उत्तर देखें सरकार का सबसे टिकाऊ और गैर-ऋण संसाधन; कर-जीडीपी अनुपात देश की राजकोषीय क्षमता और संसाधन जुटाने की शक्ति का प्रमुख बैरोमीटर। |
गैर-कर राजस्व (Non-Tax Revenue) | उत्तर देखें सार्वजनिक सेवाओं के शुल्क, जुर्माने, RBI व सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के लाभांश तथा राज्यों/विदेशी सरकारों से प्राप्त ब्याज। | उत्तर देखें कर व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना बजटीय संसाधनों का विस्तार करना तथा सार्वजनिक निवेशों पर उचित वित्तीय प्रतिफल सुनिश्चित करना। |
राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) | उत्तर देखें कुल सरकारी व्यय और गैर-ऋण प्राप्तियों का अंतर; सरकार की एक वित्तीय वर्ष की कुल शुद्ध उधारी आवश्यकता (Borrowing Requirement)। | उत्तर देखें संपूर्ण अर्थव्यवस्था की संप्रभु साख, ब्याज दरों के स्तर, निजी निवेश के क्राउडिंग-आउट तथा भविष्य के ऋण संधारणीयता (Debt Sustainability) का मुख्य सूचक। |
प्राथमिक घाटा (Primary Deficit) | उत्तर देखें राजकोषीय घाटे में से पुराने संचित ऋणों पर किए जाने वाले ब्याज भुगतान को घटाने पर प्राप्त शुद्ध घाटा (Primary Deficit = Fiscal Deficit - Interest Payments)। | उत्तर देखें चालू वित्तीय वर्ष में सरकार की नीतियों के कारण उत्पन्न वास्तविक बजटीय असंतुलन का सटीक मापक; अतीत के ऋण बोझ से मुक्त वर्तमान राजकोषीय रुख। |
शून्य प्राथमिक घाटा (Zero Primary Deficit) | उत्तर देखें वह राजकोषीय स्थिति जहां प्राथमिक घाटा शून्य होता है, अर्थात् राजकोषीय घाटा ठीक वार्षिक ब्याज भुगतान के बराबर होता है। | उत्तर देखें यह दर्शाता है कि सरकार चालू वित्तीय वर्ष के सभी प्राथमिक प्रशासनिक व विकासात्मक व्यय अपनी नियमित प्राप्तियों से पूरे कर रही है और ऋण केवल ब्याज चुकाने हेतु लिया जा रहा है। |
One-Liner Questions
समष्टि अर्थशास्त्र में 'राजकोषीय नीति' (Fiscal Policy) की मानक प्रामाणिक परिभाषा क्या है?
सरकार द्वारा अपने राजस्व (कराधान), सार्वजनिक व्यय और सार्वजनिक ऋण के प्रबंधन के माध्यम से अर्थव्यवस्था के समग्र आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने की नीति।
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राजकोषीय नीति का मुख्य संचालक और नीति-निर्माता कौन होता है?
भारत सरकार का वित्त मंत्रालय (केन्द्रीय कार्यपालिका)।
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राजकोषीय नीति और मौद्रिक नीति (Monetary Policy) में सबसे मौलिक संस्थागत अंतर क्या है?
राजकोषीय नीति सरकार द्वारा बजट, करों और व्यय के माध्यम से संचालित होती है, जबकि मौद्रिक नीति केंद्रीय बैंक (RBI) द्वारा ब्याज दरों, मुद्रा आपूर्ति और तरलता के माध्यम से संचालित होती है।
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आधुनिक अर्थशास्त्र में सक्रिय राजकोषीय नीति के सबसे बड़े प्रणेता किस अर्थशास्त्री को माना जाता है?
जॉन मेनार्ड कीन्स (John Maynard Keynes) को; जिन्होंने 1930 की महामंदी के बाद सरकारी व्यय और राजकोषीय हस्तक्षेप की अनिवार्यता स्थापित की।
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राजकोषीय नीति के तीन मुख्य पारंपरिक उपकरण (Instruments of Fiscal Policy) कौन-से हैं?
1. कराधान (Taxation), 2. सार्वजनिक व्यय (Public Expenditure), और 3. सार्वजनिक ऋण व घाटे का वित्तपोषण (Public Borrowing & Deficit Financing)।
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राजकोषीय नीति का सबसे प्राथमिक और प्रत्यक्ष आर्थिक संबंध किससे होता है?
अर्थव्यवस्था की 'समग्र मांग' (Aggregate Demand) और राष्ट्रीय आय के स्तर को प्रभावित करने से।
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'विस्तारवादी राजकोषीय नीति' (Expansionary Fiscal Policy) का सहारा सरकार कब और कैसे लेती है?
आर्थिक मंदी या सुस्ती के समय; सरकारी व्यय बढ़ाकर और करों में कटौती करके, ताकि अर्थव्यवस्था में मांग और रोजगार को बढ़ाया जा सके।
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'संकुचनकारी राजकोषीय नीति' (Contractionary Fiscal Policy) का उपयोग किन परिस्थितियों में किया जाता है?
अत्यधिक मुद्रास्फीति (ओवरहीटिंग) के समय; सरकारी व्यय घटाकर और कर बढ़ाकर, ताकि बाजार से अतिरिक्त मांग और तरलता को कम किया जा सके।
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'प्रति-चक्रीय राजकोषीय नीति' (Counter-Cyclical Fiscal Policy) की क्या अवधारणा है?
व्यापार चक्र के विपरीत चलना; अर्थात् तेजी/मुद्रास्फीति के दौर में खर्च घटाना तथा मंदी के दौर में घाटा बढ़ाकर सरकारी खर्च बढ़ाना।
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'अनुकूल-चक्रीय राजकोषीय नीति' (Pro-Cyclical Fiscal Policy) विकासशील देशों में क्यों हानिकारक मानी जाती है?
क्योंकि इसमें तेजी के समय सरकार अंधाधुंध खर्च बढ़ाती है और मंदी आने पर राजस्व घटने से खर्च में भारी कटौती कर देती है, जिससे मंदी और गहरी हो जाती है।
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राजकोषीय नीति का 'संसाधन आबंटन कार्य' (Allocation Function) क्या सुनिश्चित करता है?
निजी और सार्वजनिक वस्तुओं के बीच संसाधनों का संतुलित विभाजन करना तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, रक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे उपेक्षित क्षेत्रों में पूंजी लगाना।
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राजकोषीय नीति का 'पुनर्वितरण कार्य' (Distribution Function) किस संवैधानिक लक्ष्य को पूरा करता है?
प्रगतिशील कराधान (अमीरों पर अधिक कर) और गरीबों पर लक्षित कल्याणकारी व्यय (सब्सिडी, राशन) के माध्यम से आय और संपत्ति की असमानता घटाना।
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राजकोषीय नीति का 'स्थिरीकरण कार्य' (Stabilization Function) क्या करता है?
अर्थव्यवस्था को उच्च मुद्रास्फीति और बेरोजगारी के चरम झटकों से बचाकर मूल्य स्थिरता के साथ सतत विकास दर बनाए रखना।
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'स्वचालित स्थिरक' (Automatic Stabilizers) राजकोषीय नीति में किन्हें कहा जाता है?
प्रगतिशील आयकर और बेरोजगारी भत्ता/कल्याणकारी योजनाएं; जो बिना किसी नए सरकारी कानून के मंदी में स्वतः घाटा बढ़ाकर मांग बढ़ाती हैं और तेजी में कर राजस्व बढ़ाकर मांग को नियंत्रित करती हैं।
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राजकोषीय नीति में 'विवेकाधीन राजकोषीय नीति' (Discretionary Fiscal Policy) क्या होती है?
आर्थिक संकट से निपटने हेतु सरकार द्वारा संसद के माध्यम से जानबूझकर नए कर लगाना या विशेष प्रोत्साहन पैकेज (Stimulus Packages) घोषित करना।
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अर्थव्यवस्था में 'क्राउडिंग-आउट प्रभाव' (Crowding-Out Effect) कब उत्पन्न होता है?
जब सरकार अपने विशाल राजकोषीय घाटे को पाटने हेतु बाजार से भारी उधारी लेती है, जिससे बाजार में ब्याज दरें बढ़ जाती हैं और निजी उद्योगपतियों हेतु ऋण महंगा व दुर्लभ हो जाता है।
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'क्राउडिंग-इन प्रभाव' (Crowding-In Effect) क्या होता है?
जब सरकार द्वारा राजमार्गों, बंदरगाहों, रेलवे और बिजली जैसे कोर बुनियादी ढांचे में पूंजीगत व्यय करने से निजी निवेश को अधिक लाभप्रदता और प्रोत्साहन मिलता है।
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अर्थशास्त्र में 'राजकोषीय गतिहीनता' (Fiscal Drag) किसे कहते हैं?
मुद्रास्फीति के कारण जब नागरिकों की नाममात्र आय बढ़ने से वे स्वतः उच्च कर स्लैब में चले जाते हैं (Bracket Creep), जिससे उनकी वास्तविक प्रयोज्य आय घट जाती है और समग्र मांग सुस्त हो जाती है।
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'संतुलित बजट गुणक' (Balanced Budget Multiplier) का मान क्या होता है?
इकाई (1) के बराबर; अर्थात् यदि सरकार जितने रुपये का नया कर लगाती है, ठीक उतने ही रुपये का नया सार्वजनिक व्यय भी करती है, तो राष्ट्रीय आय में कर/व्यय की राशि के बराबर ही शुद्ध वृद्धि होती है।
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भारत में राजकोषीय नीति की संपूर्ण रूपरेखा प्रत्येक वर्ष किस संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से प्रस्तुत की जाती है?
संविधान के अनुच्छेद 112 के अंतर्गत संसद में प्रस्तुत किए जाने वाले 'वार्षिक वित्तीय विवरण' (Annual Financial Statement / Union Budget) के माध्यम से।
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सरकारी बजट के वित्तीय ढांचे में 'सरकार की कुल प्राप्तियों' (Government Receipts) को किन दो मुख्य भागों में बांटा जाता है?
1. राजस्व प्राप्तियां (Revenue Receipts) तथा 2. पूंजीगत प्राप्तियां (Capital Receipts)।
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'राजस्व प्राप्तियां' (Revenue Receipts) की सटीक कानूनी और आर्थिक परिभाषा क्या है?
वे सरकारी प्राप्तियां जो न तो भविष्य में सरकार की किसी वित्तीय देयता (Liability) का सृजन करती हैं और न ही सरकार की किसी परिसंपत्ति (Asset) में कोई कमी लाती हैं।
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राजस्व प्राप्तियों को गैर-प्रतिदेय (Non-Redeemable) क्यों कहा जाता है?
क्योंकि सरकार को यह राशि किसी को वापस लौटाने का कोई कानूनी दायित्व नहीं होता।
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राजस्व प्राप्तियों को किन दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया जाता है?
1. कर राजस्व (Tax Revenue) तथा 2. गैर-कर राजस्व (Non-Tax Revenue)।
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'कर' (Tax) की प्रामाणिक परिभाषा क्या है?
संसद या राज्य विधानमंडल के कानून के प्राधिकार द्वारा नागरिकों और उद्यमों पर लगाया गया अनिवार्य कानूनी अंशदान, जिसके बदले सरकार से किसी प्रत्यक्ष व्यक्तिगत प्रतिफल (Quid Pro Quo) का दावा नहीं किया जा सकता।
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संविधान का कौन-सा अनुच्छेद यह स्पष्ट करता है कि 'विधि के प्राधिकार के बिना कोई कर नहीं लगाया जाएगा या संगृहीत किया जाएगा'?
संविधान का अनुच्छेद 265 (Article 265)।
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करारोपण के आधार पर करों को किन दो मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है?
1. प्रत्यक्ष कर (Direct Taxes) तथा 2. अप्रत्यक्ष कर (Indirect Taxes)।
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'प्रत्यक्ष कर' (Direct Tax) किसे कहते हैं?
वह कर जिसका कराघात (Impact) और करापात (Incidence) एक ही व्यक्ति या संस्था पर पड़ता है; अर्थात् जिस पर कर कानूनी रूप से लगाया जाता है, वही उसका वास्तविक भुगतान करता है और कर का बोझ दूसरों पर टाला नहीं जा सकता।
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केंद्र सरकार के प्रमुख प्रत्यक्ष कर कौन-से हैं?
व्यक्तिगत आयकर (Personal Income Tax) तथा निगम कर (Corporation Tax / Corporate Tax)।
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प्रत्यक्ष करों के प्रशासन और संग्रहण हेतु भारत में कौन-सा शीर्ष सांविधिक निकाय कार्यरत है?
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT - Central Board of Direct Taxes), जो राजस्व विभाग के अधीन है।
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'निगम कर' (Corporate Tax) किस पर लगाया जाता है?
कंपनियों और निगमों द्वारा एक वित्तीय वर्ष में अर्जित शुद्ध लाभ (Net Profit) पर।
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'अप्रत्यक्ष कर' (Indirect Tax) की क्या पहचान है?
वह कर जिसका कराघात (Impact) विक्रेता या निर्माता पर पड़ता है किंतु वह इसका करापात (Incidence) कीमतों के माध्यम से अंतिम उपभोक्ता पर स्थानांतरित कर देता है।
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केंद्र सरकार द्वारा संगृहीत किए जाने वाले प्रमुख अप्रत्यक्ष कर कौन-से हैं?
केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST), एकीकृत जीएसटी (IGST), सीमा शुल्क (Customs Duty), तथा गैर-जीएसटी मदों (पेट्रोलियम, तंबाकू) पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क।
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अप्रत्यक्ष करों और सीमा शुल्क के प्रशासन हेतु कौन-सा शीर्ष निकाय कार्य करता है?
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC - Central Board of Indirect Taxes and Customs)।
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'प्रगतिशील कर' (Progressive Tax) और 'प्रतिगामी कर' (Regressive Tax) में क्या अंतर है?
प्रगतिशील कर में आय बढ़ने पर कर की दर बढ़ती है (जैसे आयकर - अमीरों पर अधिक बोझ), जबकि प्रतिगामी कर में गरीबों की आय का आनुपातिक रूप से बड़ा हिस्सा कर में जाता है (जैसे अधिकांश अप्रत्यक्ष कर)।
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'अधोगामी कर' (Degressive Tax) क्या होता है?
शुरुआत में आय बढ़ने के साथ कर की दर बढ़ती है, किंतु एक निश्चित सीमा के बाद कर की दर स्थिर (Flat) हो जाती है।
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'मूल्यानुसार कर' (Ad Valorem Tax) और 'विशिष्ट कर' (Specific Tax) में क्या अंतर है?
मूल्यानुसार कर वस्तु के मौद्रिक मूल्य के एक निश्चित प्रतिशत के रूप में लगता है (जैसे 18% GST), जबकि विशिष्ट कर वस्तु की भौतिक इकाई, वजन, लंबाई या आयतन पर लगता है (जैसे प्रति लीटर पेट्रोल पर ₹19.90)।
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'कर उछाल' (Tax Buoyancy) और 'कर लोच' (Tax Elasticity) में क्या तकनीकी अंतर है?
कर उछाल जीडीपी वृद्धि के साथ कर संग्रह में बिना कर दरों में बदलाव के होने वाले स्वतः संचयी परिवर्तन को मापता है, जबकि कर लोच कर दरों में नीतिगत परिवर्तनों के शुद्ध प्रभाव को अलग करके मापती है।
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'कर-जीडीपी अनुपात' (Tax-to-GDP Ratio) क्या दर्शाता है?
देश के सकल घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में कुल कर संग्रह; जो यह दिखाता है कि सरकार देश की कुल आर्थिक गतिविधि में से कितना हिस्सा कर के रूप में जुटाने में सक्षम है।
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वर्तमान में भारत का संयुक्त (केंद्र + राज्य) कर-जीडीपी अनुपात लगभग कितना है?
लगभग 17% से 18% (केंद्र का कर-जीडीपी अनुपात ~11.5% से 12%)।
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लाफर वक्र (Laffer Curve) कर की दर और कर राजस्व के बीच क्या संबंध प्रदर्शित करता है?
एक उल्टा U-आकार का संबंध; जो यह दर्शाता है कि एक सीमा (इष्टतम कर दर) के बाद यदि कर की दरें बहुत अधिक बढ़ाई जाएं, तो कर चोरी और हतोत्साहन के कारण कुल कर राजस्व घटने लगता है।
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'गैर-कर राजस्व' (Non-Tax Revenue) के अंतर्गत कौन-से प्रमुख सरकारी आय स्रोत शामिल होते हैं?
1. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और वित्तीय संस्थाओं से अधिशेष/लाभांश, 2. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) से लाभांश व लाभ, 3. राज्यों व अन्य को दिए गए ऋणों पर प्राप्त ब्याज, और 4. सरकारी सेवाओं की फीस, लाइसेंस शुल्क व दंड।
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केंद्रीय बजट में गैर-कर राजस्व का सबसे बड़ा एकल और अप्रत्याशित स्रोत सामान्यतः कौन-सा होता है?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा केंद्र सरकार को हस्तांतरित किया जाने वाला वार्षिक लाभांश या अधिशेष (Surplus Transfer)।
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RBI द्वारा सरकार को अधिशेष पूंजी हस्तांतरण के नियमों की समीक्षा हेतु 2018-19 में किस उच्चस्तरीय समिति का गठन हुआ था?
डॉ. बिमल जालान समिति (Economic Capital Framework Committee)।
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बिमल जालान समिति ने RBI के 'आकस्मिक जोखिम बफर' (Contingency Risk Buffer - CRB) को कुल परिसंपत्तियों के कितने प्रतिशत के दायरे में रखने की सिफारिश की थी?
5.5% से 6.5% के दायरे में।
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संचार और दूरसंचार क्षेत्र से केंद्र सरकार को प्राप्त होने वाला प्रमुख गैर-कर राजस्व क्या है?
स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (SUC), दूरसंचार कंपनियों से लाइसेंस फीस, और 5G स्पेक्ट्रम नीलामी की प्राप्तियां।
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'एस् cheat' (लावारिस संपत्ति) गैर-कर राजस्व में कैसे जुड़ती है?
जब किसी व्यक्ति की मृत्यु बिना कोई वसीयत छोड़े और बिना किसी विधिक उत्तराधिकारी के हो जाती है, तो उसकी संपूर्ण संपत्ति का कानूनी स्वामित्व स्वतः सरकार को मिल जाता है।
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'पूंजीगत प्राप्तियां' (Capital Receipts) की मानक परिभाषा क्या है?
वे सरकारी प्राप्तियां जो या तो सरकार की किसी वित्तीय देयता (Liability/Debt) का सृजन करती हैं अथवा सरकार की परिसंपत्तियों (Assets) में कमी लाती हैं।
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पूंजीगत प्राप्तियों को किन दो मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है?
1. ऋण-सृजक पूंजीगत प्राप्तियां (Debt-Creating Capital Receipts) तथा 2. गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां (Non-Debt Capital Receipts - NDCR)।
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'ऋण-सृजक पूंजीगत प्राप्तियों' (Debt Receipts) के प्रमुख घटक कौन-से हैं?
बाजार उधारी (दिनांकित सरकारी प्रतिभूतियां व T-Bills), राष्ट्रीय लघु बचत निधि (NSSF) से उधारी, बाह्य विदेशी ऋण, और अल्पकालिक उधारी।
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'गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियों' (Non-Debt Capital Receipts) के दो सबसे प्रमुख उदाहरण कौन-से हैं?
1. राज्य सरकारों और सार्वजनिक उपक्रमों को दिए गए पुराने ऋणों की वसूली (Recovery of Loans), तथा 2. सार्वजनिक उपक्रमों में सरकारी शेयरों का विनिवेश (Disinvestment Proceeds)।
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सार्वजनिक क्षेत्र में 'विनिवेश' (Disinvestment) गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्ति क्यों है?
क्योंकि शेयरों की बिक्री से सरकार पर कोई नया कर्ज नहीं चढ़ता (गैर-ऋण), किंतु सरकारी उद्यम में सरकार की वित्तीय परिसंपत्ति (शेयरधारिता) कम हो जाती है।
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बजट में सरकार की 'कुल आय' या 'कुल प्राप्तियों' (Total Receipts) का समीकरण क्या होता है?
कुल प्राप्तियां = राजस्व प्राप्तियां + पूंजीगत प्राप्तियां।
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सरकार की 'गैर-ऋण कुल प्राप्तियां' (Non-Debt Total Receipts) की गणना कैसे की जाती है?
गैर-ऋण प्राप्तियां = कुल राजस्व प्राप्तियां + गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां (ऋण वसूली + विनिवेश)।
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बजटीय विश्लेषण में गैर-ऋण प्राप्तियों का क्या विशेष महत्व है?
यह सरकार के वास्तविक अपने संसाधनों को दर्शाती है जिन्हें बिना कोई नया कर्ज लिए खर्च किया जा सकता है।
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समष्टि अर्थशास्त्र में 'प्राथमिक घाटा' (Primary Deficit) की मानक प्रामाणिक परिभाषा क्या है?
चालू वित्तीय वर्ष के राजकोषीय घाटे में से सरकार द्वारा पूर्व संचित ऋणों पर किए जाने वाले शुद्ध ब्याज भुगतान को घटाने पर प्राप्त अंतर।
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प्राथमिक घाटा (Primary Deficit) ज्ञात करने का मानक सूत्र क्या है?
Primary Deficit = Fiscal Deficit - Net Interest Payments (प्राथमिक घाटा = राजकोषीय घाटा - ब्याज अदायगियां)।
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प्राथमिक घाटे की अवधारणा बजट विश्लेषण में क्या प्रकट करती है?
यह चालू वित्तीय वर्ष में सरकार की वर्तमान राजकोषीय नीतियों और निर्णयों (वर्तमान खर्च व वर्तमान आय) के कारण उत्पन्न शुद्ध घाटे को दर्शाती है।
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राजकोषीय घाटे में से ब्याज भुगतान को घटाने की सांख्यिकीय और नीतिगत आवश्यकता क्यों पड़ती है?
क्योंकि ब्याज भुगतान अतीत की सरकारों द्वारा लिए गए संचित ऋणों की देनदारी है; यह चालू वर्ष की सरकार की बजटीय कार्यकुशलता या वर्तमान नीतिगत विफलता का प्रत्यक्ष परिणाम नहीं होता।
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'शून्य प्राथमिक घाटा' (Zero Primary Deficit) का वास्तविक आर्थिक अर्थ क्या होता है?
राजकोषीय घाटा पूरी तरह वार्षिक ब्याज भुगतान के बराबर है ($Fiscal Deficit = Interest Payments$); अर्थात् सरकार को चालू वर्ष के नियमित खर्च चलाने हेतु कोई कर्ज नहीं लेना पड़ रहा, सारा नया कर्ज केवल पुराने कर्जों का ब्याज भरने में जा रहा है।
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यदि किसी देश का प्राथमिक घाटा ऋणात्मक (Negative Primary Deficit) हो जाए, तो इसे क्या कहते हैं?
'प्राथमिक अधिशेष' (Primary Surplus); इसका अर्थ है कि सरकार का चालू गैर-ब्याज राजस्व उसके चालू गैर-ब्याज व्यय से अधिक है, और सरकार अपने ब्याज भुगतान का एक हिस्सा अपने चालू राजस्व से चुका रही है।
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एक उच्च प्राथमिक घाटा (High Primary Deficit) अर्थव्यवस्था के बारे में क्या नकारात्मक संकेत देता है?
सरकार वर्तमान में अपने संसाधनों से कहीं अधिक बेलगाम खर्च कर रही है, जिससे भविष्य में सार्वजनिक ऋण का संचय और तेजी से बढ़ेगा।
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क्या प्राथमिक घाटा कभी राजकोषीय घाटे से अधिक हो सकता है?
नहीं; सामान्य परिस्थितियों में चूंकि ब्याज भुगतान सदैव एक धनात्मक संख्या होती है, अतः प्राथमिक घाटा हमेशा राजकोषीय घाटे से कम ही होगा।
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यदि किसी वित्तीय वर्ष में भारत सरकार का राजकोषीय घाटा ₹16,00,000 करोड़ हो और ब्याज भुगतान ₹10,50,000 करोड़ हो, तो प्राथमिक घाटा कितना होगा?
₹5,50,000 करोड़ (16,00,000 - 10,50,000 = ₹5,50,000 करोड़)।
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जीडीपी के प्रतिशत के रूप में प्राथमिक घाटे का क्या महत्व है?
यह अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों (Moody's, S&P) और आईएमएफ को यह दिखाता है कि देश का वर्तमान राजकोषीय रुख टिकाऊ है या ऋण संकट की ओर बढ़ रहा है।
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ऋण संधारणीयता (Debt Sustainability) के मूल्यांकन में प्राथमिक घाटे की क्या केंद्रीय भूमिका है?
सार्वजनिक ऋण-जीडीपी अनुपात को स्थिर रखने या घटाने हेतु किसी भी देश को मध्यम अवधि में अपने प्राथमिक घाटे को शून्य या 'प्राथमिक अधिशेष' में बदलना अनिवार्य होता है।
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'दोमार ऋण संधारणीयता शर्त' (Domar Condition of Debt Sustainability) प्राथमिक घाटे से कैसे संबंधित है?
यदि अर्थव्यवस्था की वास्तविक विकास दर वास्तविक ब्याज दर से अधिक हो (g > r), तो सरकार एक मामूली प्राथमिक घाटा बनाए रखकर भी अपने ऋण-जीडीपी अनुपात को स्थिर रख सकती है।
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यदि वास्तविक ब्याज दर आर्थिक विकास दर से अधिक हो जाए (r > g) और देश में प्राथमिक घाटा भी बना रहे, तो क्या परिणाम होगा?
सार्वजनिक ऋण अनियंत्रित रूप से विस्फोटक गति से बढ़ेगा और देश अनिवार्य रूप से संप्रभु ऋण डिफ़ॉल्ट या ऋण जाल में फंस जाएगा।
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केंद्रीय बजट के संदर्भ में 'राजकोषीय घाटा' (Fiscal Deficit) की मानक परिभाषा क्या है?
सरकार के कुल व्यय (राजस्व व्यय + पूंजीगत व्यय) और कुल गैर-ऋण प्राप्तियों (राजस्व प्राप्तियां + गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां) के बीच का अंतर।
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राजकोषीय घाटा वास्तव में सरकार की किस वित्तीय आवश्यकता का पूर्ण परिचायक होता है?
सरकार की उस वित्तीय वर्ष की कुल शुद्ध उधारी आवश्यकता (Total Net Borrowing Requirement from all sources)।
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राजकोषीय घाटे को पाटने के दो मुख्य स्रोत कौन-से हैं?
1. घरेलू बाजार उधारी व लघु बचतें (Internal Debt & NSSF), तथा 2. बाह्य ऋण (External Borrowings)।
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राजकोषीय घाटे और प्राथमिक घाटे के बीच का गणितीय और संरचनात्मक सेतु क्या है?
'ब्याज भुगतान' (Interest Payments); Fiscal Deficit = Primary Deficit + Interest Payments।
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भारत के केंद्रीय बजट में राजकोषीय घाटे और प्राथमिक घाटे के बीच का भारी अंतर क्या दर्शाता है?
यह दर्शाता है कि भारत के वार्षिक राजकोषीय घाटे का एक बहुत बड़ा हिस्सा (अक्सर 60% से 70% से अधिक) केवल पुराने संचित ऋणों पर भारी ब्याज चुकाने में खप जाता है।
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जब कोई सरकार 'ऋण जाल' (Debt Trap) में फंस जाती है, तो प्राथमिक घाटे और राजकोषीय घाटे का व्यवहार कैसा होता है?
प्राथमिक घाटा कम या शून्य होने के बावजूद पुराना ब्याज भुगतान इतना विशाल हो जाता है कि कुल राजकोषीय घाटा लगातार बढ़ता रहता है, और सरकार को केवल पुराना ब्याज भरने हेतु नया कर्ज लेना पड़ता है।
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भारत सरकार के वार्षिक राजस्व व्यय में सबसे बड़ा एकल व्यय घटक पारंपरिक रूप से कौन-सा होता है?
'ब्याज भुगतान' (Interest Payments); जो कुल राजस्व प्राप्तियों का लगभग 35% से 40% और कुल बजटीय व्यय का लगभग 20% से 25% तक खा जाता है।
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प्राथमिक घाटे को नियंत्रित करने हेतु सरकार के पास कौन-से दो प्रत्यक्ष नीतिगत उपाय होते हैं?
1. गैर-ब्याज चालू व्यय (राजस्व व पूंजीगत) को तर्कसंगत बनाना, और 2. गैर-ऋण प्राप्तियों (कर अनुपालन, कर आधार विस्तार और विनिवेश) को बढ़ाना।
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क्या सरकार चालू वर्ष में अचानक अपने 'ब्याज भुगतान' को कम कर सकती है?
नहीं; ब्याज भुगतान एक 'प्रतिबद्ध और अनिवार्य संविदात्मक देनदारी' (Committed Expenditure) है, जिसे न तो टाला जा सकता है और न ही मनमाने ढंग से घटाया जा सकता है।
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यदि सरकार प्राथमिक घाटे को शून्य (Primary Deficit = 0) कर दे, तो राजकोषीय घाटे का क्या होगा?
राजकोषीय घाटा समाप्त नहीं होगा; राजकोषीय घाटा तब भी बना रहेगा और वह ठीक उस वर्ष देय कुल ब्याज भुगतान के बराबर होगा।
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राजकोषीय घाटे को पूरी तरह समाप्त (Fiscal Deficit = 0) करने हेतु सरकार को प्राथमिक खाते पर क्या हासिल करना होगा?
सरकार को ब्याज भुगतान के ठीक बराबर आकार का 'प्राथमिक अधिशेष' (Primary Surplus) उत्पन्न करना होगा।
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'राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम' (FRBM Act, 2003) का मूल वैधानिक लक्ष्य क्या था?
राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3% तक सीमित करना, राजस्व घाटे को पूरी तरह समाप्त करना और सार्वजनिक ऋण को संधारणीय बनाना।
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वर्ष 2016-17 में FRBM समीक्षा समिति (FRBM Review Committee) का गठन किसकी अध्यक्षता में किया गया था?
एन. के. सिंह (N. K. Singh) की अध्यक्षता में।
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एन. के. सिंह समिति ने राजकोषीय अनुशासन मापने हेतु प्राथमिक परिचालन लक्ष्य के रूप में किसे अपनाने की सिफारिश की थी?
केवल वार्षिक घाटे के स्थान पर 'ऋण-जीडीपी अनुपात' (Debt-to-GDP Ratio) को प्रमुख एंकर बनाना।
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एन. के. सिंह समिति द्वारा वर्ष 2023 तक सामान्य सरकारी ऋण (संयुक्त केंद्र + राज्य) का क्या लक्ष्य निर्धारित किया गया था?
जीडीपी का 60% (जिसमें केंद्र सरकार का ऋण 40% और सभी राज्यों का संयुक्त ऋण 20% होना अनुशंसित था)।
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एन. के. सिंह समिति ने केंद्र सरकार हेतु राजकोषीय घाटे और प्राथमिक घाटे के क्या विशिष्ट संख्यात्मक लक्ष्य सुझाए थे?
राजकोषीय घाटा जीडीपी के 2.5% पर लाना और प्राथमिक घाटे को घटाकर जीडीपी के 0.2% से 0.0% (शून्य) तक सीमित करना।
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FRBM अधिनियम में 'एस्केप क्लॉज' (Escape Clause / धारा 4(2)) क्या है?
राष्ट्रीय सुरक्षा, युद्ध, गंभीर प्राकृतिक आपदा, राष्ट्रीय स्तर पर कृषि संकट या संरचनात्मक सुधारों के समय सरकार को वार्षिक राजकोषीय घाटे के लक्ष्य से 0.5% तक विचलित होने की कानूनी छूट।
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कोविड-19 महामारी (वित्तीय वर्ष 2020-21) के दौरान भारत सरकार का राजकोषीय घाटा उछलकर जीडीपी के कितने प्रतिशत तक पहुंच गया था?
जीडीपी के 9.2% तक; जो स्वतंत्र भारत के आधुनिक इतिहास का सबसे ऊंचा स्तर था।
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केंद्रीय बजट 2021-22 में वित्त मंत्री ने राजकोषीय घाटे को किस वित्तीय वर्ष तक 4.5% से नीचे लाने का राजकोषीय समेकन पथ (Fiscal Consolidation Path) घोषित किया था?
वित्तीय वर्ष 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.5% से नीचे लाना।
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अर्थव्यवस्था में 'राजस्व घाटा' (Revenue Deficit) क्या दर्शाता है?
सरकार के नियमित राजस्व व्यय का उसकी नियमित राजस्व प्राप्तियों से अधिक होना (Revenue Expenditure > Revenue Receipts)।
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राजस्व घाटे का बने रहना अर्थव्यवस्था के लिए राजकोषीय घाटे से भी अधिक चिंताजनक क्यों माना जाता है?
क्योंकि इसका अर्थ है कि सरकार कोई परिसंपत्ति बनाए बिना अपने दैनिक उपभोग, वेतन और प्रशासनिक खर्चों को चलाने हेतु भी कर्ज ले रही है (घर का राशन खरीदने हेतु कर्ज लेना)।
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'प्रभावी राजस्व घाटा' (Effective Revenue Deficit - ERD) की अवधारणा केंद्रीय बजट में किस वर्ष से प्रारंभ की गई थी?
केंद्रीय बजट 2011-12 से (डॉ. प्रणब मुखर्जी के वित्त मंत्रित्व काल में)।
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प्रभावी राजस्व घाटा (ERD) की गणना कैसे की जाती है?
राजस्व घाटे में से उन अनुदानों को घटाना जो केंद्र द्वारा राज्यों को पूंजीगत परिसंपत्तियों (सड़क, अस्पताल, स्कूल भवन) के निर्माण हेतु दिए गए हैं।
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बजट में 'पूंजीगत व्यय' (Capital Expenditure / Capex) की उच्च वृद्धि को आर्थिक दृष्टि से स्वस्थ क्यों माना जाता है?
क्योंकि कैपेक्स का गुणक प्रभाव (Multiplier Effect ~ 2.5 से 3.0) बहुत अधिक होता है, जो निजी निवेश को आकर्षित करता है और दीर्घकालिक उत्पादक परिसंपत्तियों का निर्माण करता है।
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वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के केंद्रीय बजटों में भारत सरकार के पूंजीगत व्यय (Capex) का परिव्यय कितना बढ़ाया गया है?
₹11.11 लाख करोड़ (जीडीपी का लगभग 3.4%) के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर।
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सरकार के समग्र घाटे में 'मुद्रीकृत घाटा' (Monetized Deficit) क्या कहलाता था?
राजकोषीय घाटे का वह हिस्सा जिसे पूरा करने हेतु भारतीय रिजर्व बैंक से सीधे नए नोट छपवाए जाते थे (1997 में बंद)।
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घाटे के सीधे मुद्रीकरण (Direct Monetization of Deficit) को आधुनिक अर्थव्यवस्थाओं में क्यों प्रतिबंधित किया गया है?
क्योंकि इससे मुद्रा आपूर्ति (M3) में बेलगाम वृद्धि होती है और अनियंत्रित मुद्रास्फीति तथा मुद्रा के बाह्य मूल्य में तीव्र गिरावट आती है।
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'राजकोषीय समेकन' (Fiscal Consolidation) से क्या तात्पर्य है?
सरकार द्वारा ऐसी सुनियोजित नीतियां अपनाना जिनसे सार्वजनिक ऋण और राजकोषीय घाटे को एक संधारणीय व सुरक्षित स्तर तक धीरे-धीरे कम किया जा सके।
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राजकोषीय समेकन प्राप्त करने के दो संतुलित रास्ते कौन-से हैं?
1. राजस्व-आधारित समेकन (कर आधार बढ़ाकर राजस्व में वृद्धि करना), तथा 2. व्यय-आधारित समेकन (अनावश्यक अनुत्पादक सब्सिडियों और खर्चों को छांटना)।
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सरकारी खातों में 'सार्वजनिक खाता' (Public Account of India - अनुच्छेद 266(2)) क्या होता है?
वह खाता जिसमें सरकार एक बैंकर या ट्रस्टी के रूप में जनता का धन रखती है (जैसे भविष्य निधि - PF, अल्प बचतें, न्यायिक जमाएं); इसे निकालने हेतु संसद के विनियोग अधिनियम की आवश्यकता नहीं होती।
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भारत की 'आकस्मिकता निधि' (Contingency Fund of India - अनुच्छेद 267) का उपयोग किस प्रयोजन हेतु किया जाता है?
अप्रत्याशित और आपातकालीन व्यय (जैसे प्राकृतिक आपदाएं) को पूरा करने हेतु राष्ट्रपति की अनुमति से अग्रिम राशि निकालना (संसद से बाद में कार्योत्तर अनुमोदन लिया जाता है)।
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संसद ने वित्त अधिनियम 2021 के माध्यम से भारत की आकस्मिकता निधि की कुल संचित सीमा को ₹500 करोड़ से बढ़ाकर कितना कर दिया?
₹30,000 करोड़।
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भारत की 'संचित निधि' (Consolidated Fund of India - अनुच्छेद 266(1)) में कौन-सा धन जमा होता है?
सरकार को प्राप्त सभी राजस्व, सरकार द्वारा लिए गए सभी ऋण और ऋणों की वसूली से प्राप्त सभी धन।
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संचित निधि में से संसद के प्राधिकार के बिना कोई धन निकालने पर रोक लगाने वाला संवैधानिक अनुच्छेद कौन-सा है?
संविधान का अनुच्छेद 114(3) (विनियोग विधेयक पारित होने के बाद ही धन की निकासी)।
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संचित निधि पर 'भारित व्यय' (Expenditure Charged on the Consolidated Fund) की क्या विशेषता है?
संसद में इस पर चर्चा हो सकती है किंतु इस पर लोकसभा में कोई मतदान नहीं कराया जा सकता (जैसे राष्ट्रपति का वेतन, सुप्रीम कोर्ट के जजों का वेतन, और सरकारी ऋणों का ब्याज)।
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राजकोषीय नीति में 'ऑफ-बजट उधारी' (Off-Budget Borrowing) क्या होती है जिसे हाल के वर्षों में समाप्त किया गया?
सरकारी बजट से बाहर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (जैसे FCI) द्वारा सरकारी योजनाओं के खर्च हेतु NSSF या बैंकों से कर्ज लेना, ताकि बजट में राजकोषीय घाटा कम दिखे।
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सरकार ने ऑफ-बजट उधारी को समाप्त कर बजट में पूर्ण पारदर्शिता कैसे बहाल की?
FCI द्वारा लिए गए खाद्य सब्सिडी ऋणों को सीधे केंद्रीय बजट के आधिकारिक व्यय और राजकोषीय घाटे में शामिल करके।
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राजकोषीय नीति में 'गुणवत्तापूर्ण समायोजन' (Quality of Fiscal Adjustment) किसे माना जाता है?
घाटे को पूंजीगत व्यय काटकर नहीं, बल्कि अनुत्पादक राजस्व व्यय को नियंत्रित कर और कर राजस्व बढ़ाकर कम करना।
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प्राथमिक घाटे में निरंतर कमी आना अर्थव्यवस्था के किस सकारात्मक संरचनात्मक बदलाव का प्रमाण है?
यह कि सरकार की चालू आय उसके चालू परिचालनों हेतु आत्मनिर्भर हो रही है और भविष्य का ऋण बोझ कम होने की राह पर है।
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राजकोषीय नीति, सरकारी आय, प्राथमिक घाटे और राजकोषीय घाटे के संपूर्ण अध्ययन का अंतिम और सारगर्भित समष्टिगत निष्कर्ष क्या है?
राजकोषीय नीति आर्थिक संप्रभुता का दर्पण है; जहां कर व गैर-कर राजस्व राज्य की आत्मनिर्भरता तय करते हैं, वहीं राजकोषीय घाटे और प्राथमिक घाटे का वैज्ञानिक प्रबंधन यह सुनिश्चित करता है कि वर्तमान का विकास भविष्य की पीढ़ियों पर असहनीय ब्याज और ऋण संकट का बोझ न बने।
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