📚 Economy — Economy Notes
राजकोषीय नीति Part 2
FRBM अधिनियम 2003, राजकोषीय अनुशासन, घाटा वित्तपोषण की प्रणालियां, एन. के. सिंह समिति तथा बजटीय पारदर्शिता का संपूर्ण विश्लेषण
Quick Reference
महत्वपूर्ण तथ्य एवं योगदान
राजकोषीय नीति Part 2
| राजकोषीय व्यवस्था | प्रमुख प्रावधान | वित्तीय अनुशासन पर प्रभाव |
|---|---|---|
FRBM अधिनियम, 2003 (मूल ढांचा) | उत्तर देखें राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 3% तक सीमित करना तथा राजस्व घाटे को 31 मार्च 2008 (बाद में 2009) तक पूरी तरह समाप्त (0%) करना। | उत्तर देखें भारत में तदर्थ बजटीय खर्चों पर पहली बार वैधानिक अंकुश लगा; अंतर-पीढ़ीगत समता और मध्यम अवधि के वित्तीय नियोजन की अनिवार्य स्थापना। |
एन. के. सिंह समिति समीक्षा (2017) | उत्तर देखें ऋण-जीडीपी अनुपात को 60% (केंद्र 40%, राज्य 20%) पर लाना, राजकोषीय घाटा 2.5% करना तथा 'राजकोषीय परिषद' (Fiscal Council) का गठन। | उत्तर देखें घाटे के पारंपरिक संकीर्ण लक्ष्यों से आगे बढ़कर संप्रभु ऋण संधारणीयता (Debt Sustainability) को भारत की राजकोषीय नीति का मुख्य एंकर बनाया। |
घाटा वित्तपोषण: बाजार उधारी | उत्तर देखें सरकारी बॉन्ड्स (दिनांकित प्रतिभूतियां व T-Bills) की खुली नीलामी के माध्यम से वित्तीय संस्थानों, बैंकों व भविष्य निधियों से धन जुटाना। | उत्तर देखें मुद्रा छपाई पर रोक लगाकर मुद्रास्फीति पर नियंत्रण, वित्तीय बाजारों का गहरा होना, किंतु अत्यधिक उधारी से निजी क्षेत्र के क्राउडिंग-आउट का जोखिम। |
मुद्रीकृत घाटे की समाप्ति (1997) | उत्तर देखें RBI और केंद्र सरकार के बीच 1997 का ऐतिहासिक समझौता; बजट घाटे को पाटने हेतु तदर्थ ट्रेजरी बिलों (Ad-hoc T-Bills) द्वारा सीधे नोट छापने पर पूर्ण प्रतिबंध। | उत्तर देखें केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति को कार्यपालिका के सीधे वित्तीय दबाव से मुक्ति मिली तथा राजकोषीय घाटे के अनियंत्रित स्वतः मुद्रीकरण का स्थायी अंत हुआ। |
अर्थोपाय अग्रिम (WMA ढांचा) | उत्तर देखें सरकार के दैनिक कर राजस्व आने और खर्च होने के बीच उत्पन्न होने वाले अस्थायी नकदी बेमेल (Cash Mismatches) को पाटने हेतु RBI से 90-दिवसीय अल्पकालिक साख। | उत्तर देखें घाटे के स्थायी मुद्रीकरण के बिना सरकार को दिन-प्रतिदिन के खर्चों हेतु सुरक्षित तरलता मिली; समय सीमा व सीमा उल्लंघन पर दंडात्मक ब्याज दर का प्रावधान। |
चार अनिवार्य FRBM विवरण | उत्तर देखें बजट के साथ संसद में वृहद आर्थिक रूपरेखा विवरण, मध्यम अवधि राजकोषीय नीति विवरण, राजकोषीय नीति रणनीति विवरण और मध्यम अवधि व्यय ढांचा पेश करना। | उत्तर देखें कार्यपालिका की वित्तीय पारदर्शिता में ऐतिहासिक सुधार; तीन वर्षों के रोलिंग लक्ष्यों के माध्यम से बजट अनुमानों की विश्वसनीयता में वृद्धि। |
ऑफ-बजट उधारी का उन्मूलन | उत्तर देखें FCI जैसे सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा राष्ट्रीय लघु बचत निधि (NSSF) या बैंकों से सरकारी सब्सिडी हेतु लिए जाने वाले कर्ज को सीधे बजट में शामिल करना। | उत्तर देखें बजटीय खातों से 'छिपाए गए' राजकोषीय घाटे का अंत; अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों और संसद के समक्ष वास्तविक संप्रभु देनदारियों का प्रामाणिक प्रकटीकरण। |
एस्केप क्लॉज (धारा 4(2)) | उत्तर देखें युद्ध, राष्ट्रीय सुरक्षा, कृषि संकट, व्यापक संरचनात्मक सुधार या सकल मूल्य संवर्धन (GVA) में 1% से अधिक गिरावट पर घाटे के लक्ष्य से 0.5% विचलन की अनुमति। | उत्तर देखें अभूतपूर्व आर्थिक संकटों (जैसे कोविड-19 महामारी) के दौरान राजकोषीय कठोरता के स्थान पर जन-कल्याण और आर्थिक प्रोत्साहन हेतु आवश्यक नीतिगत लचीलापन। |
One-Liner Questions
FRBM अधिनियम का पूरा आधिकारिक नाम क्या है और यह संसद द्वारा किस वर्ष पारित किया गया था?
राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 (Fiscal Responsibility and Budget Management Act, 2003)।
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FRBM अधिनियम को भारत में औपचारिक रूप से किस तिथि से अधिसूचित और लागू किया गया था?
5 जुलाई 2004 से (FRBM नियम 2004 के साथ)।
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FRBM अधिनियम को संसद में सर्वप्रथम किस वित्त मंत्री के कार्यकाल में एक विधेयक के रूप में पेश किया गया था?
दिसंबर 2000 में, तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा द्वारा (अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में)।
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वर्ष 2000 में FRBM विधेयक का मसौदा तैयार करने हेतु गठित उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष कौन थे?
डॉ. ई. ए. एस. सरमा (E. A. S. Sarma - तत्कालीन आर्थिक कार्य सचिव)।
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FRBM अधिनियम 2003 का प्राथमिक और सबसे केंद्रीय विधायी उद्देश्य क्या था?
सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन में राजकोषीय अनुशासन स्थापित करना, राजकोषीय घाटे व राजस्व घाटे को समाप्त/सीमित करना और अंतर-पीढ़ीगत समता सुनिश्चित करना।
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FRBM अधिनियम की मूल रूपरेखा में 'अंतर-पीढ़ीगत समता' (Inter-Generational Equity) से क्या तात्पर्य है?
वर्तमान पीढ़ी के उपभोग और दैनिक प्रशासनिक खर्चों का बोझ भारी सार्वजनिक ऋण लेकर भविष्य की पीढ़ियों पर न डालना।
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मूल FRBM अधिनियम 2003 और इसके नियमों के अनुसार 'राजकोषीय घाटे' (Fiscal Deficit) को किस स्तर तक सीमित करने का लक्ष्य था?
31 मार्च 2008 (बाद में 2009 तक विस्तारित) तक राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 3% तक लाना।
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मूल FRBM कानून के तहत 'राजस्व घाटे' (Revenue Deficit) के संबंध में क्या अनिवार्य कानूनी लक्ष्य रखा गया था?
31 मार्च 2008 तक राजस्व घाटे को घटाकर शून्य (0%) करना, अर्थात् राजस्व खाते पर पूर्ण संतुलन या अधिशेष हासिल करना।
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FRBM नियमों के अनुसार राजकोषीय घाटे और राजस्व घाटे को प्रतिवर्ष न्यूनतम कितने प्रतिशत अंक घटाने का वार्षिक लक्ष्य था?
राजकोषीय घाटे को प्रतिवर्ष कम से कम GDP के 0.3% अंक तथा राजस्व घाटे को प्रतिवर्ष कम से कम 0.5% अंक घटाना।
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FRBM अधिनियम के तहत केंद्र सरकार की कुल देनदारियों (Total Liabilities) को प्रतिवर्ष कितना घटाने का लक्ष्य था?
वित्तीय वर्ष 2004-05 से प्रतिवर्ष कुल देनदारियों में GDP के 1% अंक की क्रमिक कमी लाना।
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FRBM कानून ने केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली संप्रभु ऋण गारंटियों (Guarantees) पर क्या सीमा तय की थी?
किसी भी वित्तीय वर्ष में दी जाने वाली नई गारंटियां उस वर्ष की अनुमानित GDP के 0.5% से अधिक नहीं हो सकतीं।
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वर्ष 2007-08 में भारत का राजकोषीय घाटा घटकर GDP के कितने प्रतिशत के ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गया था?
GDP के मात्र 2.54% पर (FRBM का 3% का लक्ष्य समय से पूर्व ही हासिल कर लिया गया था)।
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वर्ष 2008 में FRBM के लक्ष्यों के कार्यान्वयन को किस वैश्विक घटना के कारण अचानक निलंबित करना पड़ा?
2008 के वैश्विक वित्तीय संकट (Global Financial Crisis) के कारण; जिसके प्रभाव से निपटने हेतु सरकार ने भारी राजकोषीय प्रोत्साहन (Fiscal Stimulus) पैकेज दिए।
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2008 के संकट के बाद भारत का राजकोषीय घाटा 2008-09 और 2009-10 में उछलकर GDP के कितने प्रतिशत तक पहुंच गया था?
GDP के 6% से 6.5% से अधिक तक।
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वर्ष 2012 में वित्त अधिनियम के माध्यम से FRBM कानून में कौन-सा नया मध्यवर्ती घाटा संकेतक जोड़ा गया था?
'प्रभावी राजस्व घाटा' (Effective Revenue Deficit - ERD); जिसे शून्य करने का नया लक्ष्य रखा गया।
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मई 2016 में केंद्र सरकार द्वारा FRBM कानून की व्यापक समीक्षा हेतु किस समिति का गठन किया गया था?
एन. के. सिंह समिति (FRBM Review Committee)।
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एन. के. सिंह समिति में भारतीय रिजर्व बैंक के तत्कालीन किस गवर्नर को सदस्य के रूप में शामिल किया गया था?
डॉ. उर्जित पटेल (तथा मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. अरविंद सुब्रमण्यन और सुमित बोस भी सदस्य थे)।
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एन. के. सिंह समिति ने अपनी ऐतिहासिक रिपोर्ट सरकार को किस वर्ष प्रस्तुत की थी?
जनवरी 2017 में (रिपोर्ट का शीर्षक: 'रिस्पॉन्सिबल ग्रोथ: ए फिस्कल फ्रेमवर्क फॉर 21स्ट सेंचुरी इंडिया')।
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एन. के. सिंह समिति ने वार्षिक राजकोषीय घाटे के स्थान पर किस प्रमुख समष्टिगत चर को राजकोषीय नीति का मुख्य एंकर बनाने की सिफारिश की?
'ऋण-जीडीपी अनुपात' (Debt-to-GDP Ratio)।
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एन. के. सिंह समिति द्वारा वर्ष 2023 तक सामान्य सरकारी ऋण (संयुक्त केंद्र + राज्य) का क्या लक्ष्य अनुशंसित किया गया था?
सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 60% (जिसमें केंद्र सरकार का ऋण 40% और सभी राज्यों का संयुक्त ऋण 20% होना चाहिए)।
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एन. के. सिंह समिति ने केंद्र सरकार हेतु वित्तीय वर्ष 2022-23 तक राजकोषीय घाटे को किस स्तर पर लाने की सिफारिश की थी?
GDP के 2.5% तक (तथा 2017-18 से 2019-20 तक 3.0% बनाए रखने की सिफारिश)।
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एन. के. सिंह समिति ने 'राजस्व घाटे' के संबंध में क्या विशिष्ट संख्यात्मक सिफारिश की थी?
2022-23 तक राजस्व घाटे को घटाकर GDP के 0.8% पर लाना (तथा 'प्रभावी राजस्व घाटे' की भ्रामक अवधारणा को पूरी तरह समाप्त करने की सलाह दी)।
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एन. के. सिंह समिति ने स्वतंत्र बजटीय निगरानी हेतु किस नई संस्थागत संस्था के गठन का सुझाव दिया था?
एक स्वायत्त 'राजकोषीय परिषद' (Fiscal Council) के गठन का; जो बजट अनुमानों का स्वतंत्र मूल्यांकन करे।
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FRBM अधिनियम की धारा 4(2) के अंतर्गत 'एस्केप क्लॉज' (Escape Clause) से क्या अभिप्राय है?
असाधारण और विषम परिस्थितियों में केंद्र सरकार को वार्षिक राजकोषीय घाटे के निर्धारित लक्ष्य से 0.5% (50 आधार अंक) तक विचलित होने की कानूनी छूट।
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एन. के. सिंह समिति के अनुसार किन विशिष्ट आधारों पर सरकार 'एस्केप क्लॉज' का प्रयोग कर सकती है?
1. राष्ट्रीय सुरक्षा व युद्ध, 2. गंभीर प्राकृतिक आपदा, 3. कृषि क्षेत्र का गंभीर संकट, 4. दूरगामी संरचनात्मक सुधार (जैसे GST), और 5. वास्तविक GVA में लगातार 4 तिमाहियों में कम से कम 3% की गिरावट।
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FRBM कानून में एस्केप क्लॉज के विपरीत 'बाय-बैक या बफर क्लॉज' (Buoyancy Clause) क्या कहता है?
जब अर्थव्यवस्था अप्रत्याशित तीव्र संवृद्धि दर्ज करे और वास्तविक GVA सामान्य से 3% अधिक बढ़े, तो सरकार को घाटे के लक्ष्य को 0.5% और कम करना अनिवार्य होगा।
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वित्त अधिनियम 2018 के माध्यम से FRBM कानून में एन. के. सिंह समिति की किन प्रमुख सिफारिशों को शामिल किया गया?
2024-25 तक सामान्य सरकारी ऋण 60% व केंद्र का ऋण 40% लाने का लक्ष्य तथा धारा 4(2) के तहत नए एस्केप क्लॉज को वैधानिक रूप देना।
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कोविड-19 महामारी (2020-21) के दौरान भारत सरकार का राजकोषीय घाटा बढ़कर GDP के कितने प्रतिशत तक पहुंच गया था?
GDP के 9.2% तक (स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे उच्चतम घाटा)।
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केंद्रीय बजट 2021-22 में सरकार ने राजकोषीय समेकन का कौन-सा नया मध्यावधि लक्ष्य घोषित किया?
वित्तीय वर्ष 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को GDP के 4.5% से नीचे लाना।
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क्या भारत के सभी राज्यों के पास अपना स्वयं का FRBM कानून है?
हाँ; 12वें वित्त आयोग की सिफारिश पर भारत के सभी 28 राज्यों ने अपने-अपने राज्य FRBM अधिनियम पारित किए हैं, जिनके तहत राज्यों का सामान्य राजकोषीय घाटा GSDP के 3% तक सीमित है।
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अर्थशास्त्र में 'राजकोषीय अनुशासन' (Fiscal Discipline) की सही और व्यापक संकल्पना क्या है?
सरकार द्वारा अपने सार्वजनिक व्यय को अपने उपलब्ध राजस्व और गैर-मुद्रास्फीतिकारी संधारणीय उधारों के दायरे में सख्ती से सीमित रखना।
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राजकोषीय अनुशासनहीनता या फिजूलखर्ची (Fiscal Profligacy) का देश की समष्टिगत अर्थव्यवस्था पर क्या तात्कालिक असर होता है?
सार्वजनिक ऋण में विस्फोटक वृद्धि, घरेलू मुद्रास्फीति में भारी उछाल, और चालू खाता घाटे (CAD) का खतरनाक स्तर तक बढ़ जाना।
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राजकोषीय अनुशासन और 'मौद्रिक स्थिरता' (Monetary Stability) के बीच क्या सीधा संबंध है?
यदि सरकार अनियंत्रित राजकोषीय घाटा चलाती है, तो केंद्रीय बैंक (RBI) हेतु मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखना और ब्याज दरों को स्थिर रखना असंभव हो जाता है।
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अर्थशास्त्र में 'दोहरे घाटे की परिकल्पना' (Twin Deficit Hypothesis) क्या स्पष्ट करती है?
उच्च राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) और उच्च चालू खाता घाटे (Current Account Deficit - CAD) के बीच का प्रत्यक्ष धनात्मक सह-संबंध।
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राजकोषीय घाटे में वृद्धि चालू खाता घाटे (CAD) को कैसे बढ़ाती है?
सरकारी खर्च बढ़ने से राष्ट्रीय बचत घटती है और आयात की मांग बढ़ती है, जिससे व्यापार संतुलन बिगड़ता है और देश विदेशी उधारी पर निर्भर हो जाता है।
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सार्वजनिक ऋण के संदर्भ में 'ऋण संधारणीयता' (Debt Sustainability) की क्या परिभाषा है?
ऐसी वित्तीय स्थिति जहां सरकार अपने मौजूदा और भावी ऋण दायित्वों (मूलधन व ब्याज) को बिना किसी डिफ़ॉल्ट, बिना ऋण पुनर्गठन और बिना आर्थिक विकास को रोके चुकाने में सक्षम हो।
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'दोमार ऋण स्थिरता नियम' (Domar Debt Stability Condition) का गणितीय समीकरण क्या है?
g > r (अर्थव्यवस्था की नाममात्र संवृद्धि दर 'g' सरकार द्वारा चुकाई जाने वाली नाममात्र ब्याज दर 'r' से अधिक होनी चाहिए)।
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यदि किसी देश में अर्थव्यवस्था की संवृद्धि दर ब्याज दर से अधिक हो (g > r), तो सार्वजनिक ऋण पर क्या प्रभाव पड़ता है?
ऋण-जीडीपी अनुपात समय के साथ स्वाभाविक रूप से घटता है; सरकार को कर्ज चुकाने हेतु अत्यधिक कठोर तपस्या नहीं करनी पड़ती।
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यदि ब्याज दर संवृद्धि दर से अधिक हो जाए (r > g) और सरकार का प्राथमिक घाटा भी बना रहे, तो क्या स्थिति उत्पन्न होगी?
सार्वजनिक ऋण एक दुष्चक्र में फंसकर अनियंत्रित गति से बढ़ेगा और देश संप्रभु दिवालियापन की कगार पर पहुंच जाएगा।
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राजकोषीय अनुशासन का 'निजी कॉर्पोरेट निवेश' पर क्या सकारात्मक प्रभाव पड़ता है?
सरकारी उधारी सीमित रहने से बैंकों में तरलता बनी रहती है, ब्याज दरें कम रहती हैं और निजी उद्यमों को सस्ता ऋण सुलभ होता है (Crowding-in)।
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राजकोषीय अनुशासन का अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों (Moody's, S&P, Fitch) की दृष्टि में क्या महत्व है?
यह देश की संप्रभु क्रेडिट रेटिंग (Sovereign Rating) को सुदृढ़ करता है, जिससे भारतीय कंपनियों और सरकार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से बहुत सस्ती दरों पर विदेशी पूंजी मिलती है।
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'राजकोषीय समेकन' (Fiscal Consolidation) के दो प्रमुख रास्ते कौन-से हैं?
1. राजस्व-आधारित समेकन (कर आधार बढ़ाकर राजस्व में वृद्धि करना), तथा 2. व्यय-आधारित समेकन (अनुत्पादक व बेकार खर्चों को घटाना)।
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राजकोषीय अनुशासन प्राप्त करने हेतु 'गुणवत्तापूर्ण समायोजन' (Quality Fiscal Adjustment) किसे माना जाता है?
पूंजीगत व्यय (सड़क, रेल, स्कूल, अस्पताल) को बिना काटे केवल अनुत्पादक राजस्व व्यय और अवांछित कटौतियों द्वारा घाटे को कम करना।
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यदि सरकार राजकोषीय घाटे का लक्ष्य पूरा करने हेतु अपने 'पूंजीगत व्यय' (Capex) में भारी कटौती कर दे, तो इसे अर्थशास्त्री क्यों बुरा मानते हैं?
क्योंकि इससे देश की भावी उत्पादन क्षमता, बुनियादी ढांचा और दीर्घकालिक जीडीपी विकास दर गंभीर रूप से पंगु हो जाती है।
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राजकोषीय नीति में 'घाटा वित्तपोषण' (Deficit Financing) की मानक परिभाषा क्या है?
सरकार द्वारा अपने कुल व्यय और अपनी नियमित चालू आय के बीच के वित्तीय अंतर (राजकोषीय घाटे) को पाटने हेतु अपनाए जाने वाले विभिन्न वित्तीय तरीके।
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स्वतंत्र भारत के प्रारंभिक दशकों में 'घाटे के वित्तपोषण' (Deficit Financing) का मुख्य और पारंपरिक अर्थ क्या लिया जाता था?
केंद्रीय बैंक (RBI) द्वारा सीधे नए नोट छापकर सरकार के बजट घाटे की भरपाई करना (मुद्रीकृत घाटा)।
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आधुनिक समष्टि अर्थशास्त्र में घाटा वित्तपोषण के दो मुख्य और गैर-मुद्रास्फीतिकारी स्रोत कौन-से हैं?
1. घरेलू बाजार उधारी (Internal Market Borrowings), तथा 2. बाह्य ऋण (External Debt)।
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'तदर्थ ट्रेजरी बिल' (Ad-hoc Treasury Bills / 91-दिवसीय) क्या थे जिनका उपयोग घाटा वित्तपोषण में होता था?
सरकार द्वारा निश्चित 4.6% की नाममात्र रियायती दर पर जारी किए जाने वाले बिल, जिन्हें RBI सीधे नए नोट छापकर स्वतः खरीद लेता था।
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तदर्थ ट्रेजरी बिलों द्वारा घाटा वित्तपोषण करने की सबसे घातक आर्थिक विकृति क्या थी?
अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति (M3) का अनियंत्रित और अत्यधिक विस्तार, जिसके परिणामस्वरूप 1970 और 1980 के दशक में दोहरे अंकों की भीषण मुद्रास्फीति फैली।
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भारत में तदर्थ ट्रेजरी बिलों के माध्यम से घाटे के सीधे स्वचालित मुद्रीकरण को समाप्त करने हेतु ऐतिहासिक समझौता कब हुआ?
9 सितंबर 1994 को RBI गवर्नर डॉ. सी. रंगराजन और केंद्रीय वित्त मंत्रालय के बीच, जो 31 मार्च 1997 से पूर्णतः प्रभावी हुआ।
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1 अप्रैल 1997 से घाटे के सीधे स्वचालित मुद्रीकरण के स्थान पर किस नई प्रणाली की शुरुआत की गई?
'अर्थोपाय अग्रिम' (Ways and Means Advances - WMA) प्रणाली।
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अर्थोपाय अग्रिम (WMA) की मूल प्रकृति क्या है?
यह बजट घाटे को पाटने का स्थायी ऋण नहीं है, बल्कि कर राजस्व आने और दैनिक सरकारी खर्च के बीच उत्पन्न होने वाले अस्थायी नकदी बेमेल को दूर करने हेतु एक विशुद्ध अल्पकालिक साख सुविधा है।
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WMA के तहत केंद्र सरकार को दिए जाने वाले अल्पकालिक अग्रिम की अधिकतम समयावधि कितनी होती है?
अधिकतम 90 दिन (3 माह)।
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WMA की सीमा के अंतर्गत लिए गए ऋण पर RBI सरकार से किस दर पर ब्याज वसूलता है?
नीतिगत रेपो दर (Repo Rate) पर।
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यदि सरकार WMA की स्वीकृत सीमा से अधिक राशि निकालती है, तो उस स्थिति को क्या कहा जाता है?
'ओवरड्राफ्ट' (Overdraft - OD)।
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ओवरड्राफ्ट (OD) की स्थिति में RBI केंद्र सरकार से किस ब्याज दर पर दंडात्मक ब्याज लेता है?
रेपो दर + 2% की उच्च दंडात्मक दर पर।
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केंद्र सरकार एक समय में लगातार कितने कार्यदिवसों तक ओवरड्राफ्ट में रह सकती है?
अधिकतम लगातार 10 कार्यदिवसों तक (अवधि पार होने पर RBI भुगतान रोकने हेतु विधिक रूप से अधिकृत है)।
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क्या राज्य सरकारों को भी RBI से WMA की सुविधा प्राप्त होती है?
हाँ; राज्य सरकारों को दो प्रकार की WMA मिलती है: 1. विशेष WMA (SDF - राज्य की प्रतिभूतियों के बदले), और 2. सामान्य WMA (असुरक्षित साख)।
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राज्य सरकारों हेतु WMA और ओवरड्राफ्ट नियमों की समय-समय पर समीक्षा करने हेतु RBI द्वारा कौन-सी समिति गठित की गई थी?
सुधीर श्रीवास्तव समिति (2020-21)।
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FRBM अधिनियम 2003 की धारा 5 ने घाटा वित्तपोषण पर कौन-सा ऐतिहासिक संवैधानिक प्रतिबंध लगाया?
1 अप्रैल 2006 से RBI द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों के प्राथमिक निर्गमों (Primary Market) में सीधे भाग लेने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया।
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FRBM की धारा 5 के लागू होने के बाद सरकार को अपने राजकोषीय घाटे को पाटने हेतु ऋण कहाँ से लेना पड़ता है?
खुले वित्तीय बाजार (वाणिज्यिक बैंकों, बीमा कंपनियों, म्यूचुअल फंड्स और प्राथमिक डीलरों) से प्रतिस्पर्धी बाजार दरों पर।
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क्या वर्तमान में RBI सरकारी प्रतिभूतियों को द्वितीयक बाजार (Secondary Market) से खरीद सकता है?
हाँ; केवल तरलता प्रबंधन और मौद्रिक नीति संचालन हेतु 'खुले बाजार की क्रियाओं' (OMOs) के तहत द्वितीयक बाजार से खरीद सकता है, सरकार को सीधे कर्ज देने हेतु नहीं।
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वर्तमान में भारत सरकार के राजकोषीय घाटे को पाटने का सबसे बड़ा घरेलू स्रोत कौन-सा है?
दिनांकित सरकारी प्रतिभूतियों (Dated G-Secs) और ट्रेजरी बिलों (T-Bills) के माध्यम से बाजार उधारी (लगभग 70% से 75% हिस्सा)।
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बाजार उधारी के अलावा राजकोषीय घाटे को वित्तपोषित करने वाला दूसरा सबसे बड़ा घरेलू स्रोत कौन-सा है?
राष्ट्रीय लघु बचत निधि (NSSF - डाकघर बचत, PPF, सुकन्या समृद्धि आदि से प्राप्त शुद्ध जमाएं)।
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भारत सरकार के कुल राजकोषीय घाटे में 'विदेशी/बाह्य उधारी' (External Debt) का हिस्सा कितना होता है?
अत्यंत कम; कुल घाटा वित्तपोषण का मात्र लगभग 2% से 4% हिस्सा (भारत अपनी अधिकांश संप्रभु उधारी घरेलू मुद्रा रुपये में ही करता है)।
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संप्रभु उधारी का अधिकांश हिस्सा घरेलू मुद्रा (रुपये) में होने का भारतीय अर्थव्यवस्था को क्या सबसे बड़ा सुरक्षात्मक लाभ है?
भारत विदेशी मुद्रा के अवमूल्यन के जोखिम और 1997 के पूर्वी एशियाई शैली के बाह्य संप्रभु ऋण संकट से पूरी तरह सुरक्षित रहता है।
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घाटा वित्तपोषण के रूप में 'घाटे के मुद्रीकरण' (Monetization of Deficit) का आधुनिक अर्थ क्या है?
जब केंद्रीय बैंक सरकार के बॉन्ड्स को सीधे खरीदकर या द्वितीयक बाजार से भारी मात्रा में खरीदकर नए पैसे का सृजन करता है।
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कोविड-19 महामारी के समय क्या भारत सरकार ने घाटे के सीधे मुद्रीकरण (Direct Monetization) का विकल्प चुना?
नहीं; भारत सरकार और RBI ने सीधे नोट छापने के प्रलोभन से परहेज किया और बाजार उधारी तथा जीएसएपी (G-SAP) जैसे पारदर्शी द्वितीयक तरलता साधनों का सहारा लिया।
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विकासशील देशों में अनियंत्रित घाटा वित्तपोषण किस प्रकार 'मुद्रास्फीति कर' (Inflation Tax) का रूप ले लेता है?
अत्यधिक मुद्रा छपाई से मुद्रा की क्रय शक्ति घट जाती है, जिससे समाज के निर्धन और स्थिर आय वाले लोगों की वास्तविक संपत्ति का क्षरण होता है, जो एक अप्रत्यक्ष छिपे हुए कर की तरह कार्य करता है।
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घाटा वित्तपोषण कब आर्थिक संवृद्धि हेतु 'लाभप्रद' साबित होता है?
जब उधार ली गई पाई-पाई का उपयोग उच्च-गुणवत्ता वाली उत्पादक पूंजीगत परिसंपत्तियों (Capex) के निर्माण में किया जाए, जिसका आर्थिक रिटर्न उधार की ब्याज दर से अधिक हो।
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घाटा वित्तपोषण कब अर्थव्यवस्था हेतु 'विनाशकारी' बन जाता है?
जब घाटे का धन वेतन, अनुत्पादक सब्सिडियों, प्रशासनिक उपभोग और पुराने कर्जों का ब्याज चुकाने में पानी की तरह बहा दिया जाए।
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राजकोषीय नीति में 'राजकोषीय पारदर्शिता' (Fiscal Transparency) का क्या अर्थ है?
सरकार द्वारा अपने सभी राजस्वों, व्ययों, संपत्तियों, सार्वजनिक ऋणों और भावी आकस्मिक देनदारियों का संसद और जनता के समक्ष पूर्ण, सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष प्रकटीकरण।
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FRBM अधिनियम 2003 की धारा 3 के अंतर्गत संसद में बजट के साथ केंद्र सरकार को कौन-से अनिवार्य दस्तावेज पेश करने होते हैं?
चार विशिष्ट राजकोषीय नीति विवरण (Fiscal Policy Statements)।
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FRBM अधिनियम के तहत प्रस्तुत किए जाने वाले वे चार अनिवार्य बजटीय दस्तावेज कौन-से हैं?
1. वृहद आर्थिक रूपरेखा विवरण, 2. मध्यम अवधि राजकोषीय नीति विवरण, 3. राजकोषीय नीति रणनीति विवरण, और 4. मध्यम अवधि व्यय ढांचा विवरण।
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'वृहद आर्थिक रूपरेखा विवरण' (Macroeconomic Framework Statement) में क्या प्रस्तुत किया जाता है?
अर्थव्यवस्था के समग्र विकास की संभावनाएं, वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर, चालू खाता संतुलन, मुद्रास्फीति और बाह्य क्षेत्र के बुनियादी संकेतकों का व्यापक मूल्यांकन।
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'मध्यम अवधि राजकोषीय नीति विवरण' (Medium-Term Fiscal Policy Statement) का क्या कार्य है?
अगले तीन वर्षों के लिए राजकोषीय घाटे, राजस्व घाटे, प्राथमिक घाटे, कर राजस्व और कुल ऋण के विशिष्ट संख्यात्मक तीन-वर्षीय रोलिंग लक्ष्यों का निर्धारण करना।
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'राजकोषीय नीति रणनीति विवरण' (Fiscal Policy Strategy Statement) में क्या शामिल होता है?
चालू वर्ष हेतु सरकार की कराधान, सार्वजनिक व्यय, उधारी और गैर-कर राजस्व संबंधी समग्र रणनीतिक प्राथमिकताओं और नीतिगत औचित्य का विवरण।
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'मध्यम अवधि व्यय ढांचा विवरण' (Medium-Term Expenditure Framework Statement - MTEF) किस सत्र में पेश किया जाता है?
बजट सत्र के बाद संसद के मानसून सत्र में; जो विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के पूंजीगत और राजस्व व्यय के तीन-वर्षीय आवंटन का विस्तृत खाका देता है।
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FRBM अधिनियम के तहत सरकार के राजस्व और व्यय की 'तिमाही समीक्षा' (Quarterly Review) का क्या नियम है?
वित्त मंत्री को प्रत्येक वित्तीय वर्ष की प्रत्येक तिमाही के अंत में बजट के रुझानों और घाटे की प्रगति की समीक्षा रिपोर्ट संसद के दोनों सदनों में रखनी अनिवार्य होती है।
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राजकोषीय पारदर्शिता के संदर्भ में 'ऑफ-बजट उधारी' (Off-Budget Borrowings) क्या होती है?
सरकारी खर्चों (जैसे खाद्य सब्सिडी, उर्वरक सब्सिडी) के भुगतान हेतु सरकार द्वारा सीधे बजट से धन न देकर सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (FCI आदि) से कर्ज दिलवाना, ताकि बजट में आधिकारिक राजकोषीय घाटा कम दिखे।
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भारत में ऑफ-बजट उधारी का सबसे बड़ा और प्रमुख ऐतिहासिक माध्यम कौन-सा सार्वजनिक संस्थान था?
भारतीय खाद्य निगम (Food Corporation of India - FCI); जिसे खाद्य सब्सिडी के बकाये को पूरा करने हेतु राष्ट्रीय लघु बचत निधि (NSSF) से लाखों करोड़ रुपये का ऋण लेने पर मजबूर किया गया था।
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भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) ने अपनी 2019 की ऑडिट रिपोर्ट में ऑफ-बजट उधारी पर क्या तीखी टिप्पणी की थी?
कि ऑफ-बजट उधारी बजट की पारदर्शिता को गंभीर रूप से नष्ट करती है और सरकार का वास्तविक राजकोषीय घाटा बजट में दिखाए गए आंकड़े से कहीं अधिक है।
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केंद्रीय बजट 2021-22 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑफ-बजट उधारी को समाप्त करने हेतु क्या साहसिक कदम उठाया?
FCI द्वारा NSSF से लिए गए सभी पूर्व ऋणों को सीधे केंद्रीय बजट के आधिकारिक व्यय में समाहित कर लिया और भविष्य में खाद्य सब्सिडी का शत-प्रतिशत बजटीय भुगतान सुनिश्चित किया।
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ऑफ-बजट उधारी को पूरी तरह समाप्त कर बजट में शामिल करने का आधिकारिक राजकोषीय घाटे पर क्या तात्कालिक असर दिखा?
आधिकारिक राजकोषीय घाटे का आंकड़ा पारदर्शी होकर ऊपर बढ़ा, किंतु बजट की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता, प्रामाणिकता और पारदर्शिता में ऐतिहासिक सुधार हुआ।
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राजकोषीय पारदर्शिता हेतु बजट में 'गारंटी विमोचन निधि' (Guarantee Redemption Fund - GRF) की क्या भूमिका है?
RBI के पास संचित वह विशेष कोष जिसका उपयोग सरकार द्वारा सार्वजनिक उपक्रमों को दी गई ऋण गारंटियों के डिफ़ॉल्ट होने पर देनदारियों को चुकाने हेतु किया जाता है।
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बजट दस्तावेजों में 'प्राप्ति बजट' (Receipt Budget) के तहत किन छिपी देनदारियों का प्रकटीकरण अनिवार्य किया गया है?
सरकारी गारंटियों की कुल बकाया राशि, बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं की देनदारियां, और सरकार की आकस्मिक देनदारियां (Contingent Liabilities)।
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का 'राजकोषीय पारदर्शिता कोड' (Fiscal Transparency Code) किन चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है?
1. राजकोषीय रिपोर्टिंग, 2. राजकोषीय पूर्वानुमान व बजट निर्माण, 3. राजकोषीय जोखिम विश्लेषण व प्रबंधन, और 4. संसाधन राजस्व प्रबंधन।
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अंतरराष्ट्रीय ओपन बजट इंडेक्स (Open Budget Index - OBI) किसी देश के बजट में क्या मापता है?
बजट की सार्वजनिक पारदर्शिता, बजट प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी और विधायिका व ऑडिट संस्था (CAG) की स्वतंत्र निगरानी का स्तर।
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भारत में बजट की राजकोषीय पारदर्शिता को सुनिश्चित करने वाला सर्वोच्च संवैधानिक स्वतंत्र अंकेक्षक कौन है?
भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (Comptroller and Auditor General of India - CAG / अनुच्छेद 148-151)।
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CAG द्वारा तैयार किए जाने वाले केंद्र सरकार के वार्षिक वित्तीय खातों को संसद में कौन-सी संसदीय समिति गहराई से जांचती है?
लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee - PAC)।
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संसद में 'कटौती प्रस्ताव' (Cut Motions) विपक्ष द्वारा किस उद्देश्य से लाए जाते हैं?
सरकारी विभागों की अनुदान मांगों (Demands for Grants) में वित्तीय फिजूलखर्ची पर रोक लगाने और विशिष्ट नीतियों का विरोध करने हेतु।
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संसद में नीति कटौती (Policy Cut) का क्या अर्थ होता है?
मांग की राशि को घटाकर ₹1 कर देना; जो सरकार की संपूर्ण नीति की स्पष्ट अस्वीकृति का प्रतीक होता है।
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संसद में सांकेतिक कटौती (Token Cut) का क्या तात्पर्य है?
मांग की राशि में से ₹100 की सांकेतिक कमी करना; जो भारत सरकार के अधिकार क्षेत्र की किसी विशिष्ट शिकायत को व्यक्त करने हेतु लाया जाता है।
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अर्थ कटौती (Economy Cut) का क्या उद्देश्य होता है?
मांग की राशि में से एक विनिर्दिष्ट राशि कम करने का प्रस्ताव; जिससे बजट व्यय में मितव्ययिता लाई जा सके।
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संसद में 'गिलोटिन' (Guillotine) की प्रक्रिया कब लागू की जाती है?
बजट सत्र के अंतिम दिन जब समयाभाव के कारण बिना किसी बहस के बची हुई सभी मंत्रालयों की अनुदान मांगों को लोकसभा में एक साथ मतदान हेतु रख दिया जाता है।
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राजकोषीय नीति में 'परिणामोन्मुख बजट' (Outcome Budget) की क्या संकल्पना है जिसे 2005 में शुरू किया गया?
केवल यह न देखना कि कितना धन खर्च (Outlays) हुआ, बल्कि यह मापना कि उस खर्च से जमीन पर वास्तविक भौतिक परिणाम (Outcomes) क्या हासिल हुए।
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जेंडर बजटिंग (Gender Budgeting) को केंद्रीय बजट में किस वर्ष से औपचारिक रूप से पेश किया जा रहा है?
केंद्रीय बजट 2005-06 से; जिसके तहत महिलाओं के कल्याण और सशक्तीकरण हेतु बजट प्रावधानों को भाग A (100% महिला-केंद्रित) और भाग B (न्यूनतम 30% महिला-केंद्रित) में प्रदर्शित किया जाता है।
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सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS - Public Financial Management System) की क्या भूमिका है?
केंद्रीय मंत्रालयों से लेकर अंतिम लाभार्थी के बैंक खाते तक सरकारी धन के प्रवाह की वास्तविक समय (Real-Time) ऑनलाइन ट्रैकिंग और डिजिटल निगरानी करना।
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PFMS के तहत लागू की गई 'एकल नोडल एजेंसी' (Single Nodal Agency - SNA) प्रणाली का क्या लाभ हुआ है?
केंद्र प्रायोजित योजनाओं का बिना खर्च हुआ धन राज्यों के बैंक खातों में बेकार (Idle) पड़ा रहने से रुका और सरकार की उधारी लागत में भारी कमी आई।
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राजकोषीय नीति में 'कर व्यय' (Tax Expenditure) किसे कहा जाता है?
सरकार द्वारा करदाताओं को दी जाने वाली विभिन्न कर छूटों, कटौतियों, और विशेष रियायतों के कारण सरकार को होने वाला राजस्व नुकसान (Revenue Foregone)।
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बजट में 'राजस्व नुकसान का विवरण' (Statement of Revenue Foregone) प्रस्तुत करना राजकोषीय पारदर्शिता का अंग क्यों है?
क्योंकि यह संसद को यह स्पष्ट दिखाता है कि कॉरपोरेट्स और नागरिकों को दी गई कर रियायतों के कारण सरकार ने कितने लाख करोड़ रुपये के राजस्व का परित्याग किया।
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15वें वित्त आयोग ने केंद्र और राज्य सरकारों के समेकित ऋण और घाटे की निगरानी हेतु किस स्वतंत्र संस्था की सिफारिश दोहराई थी?
एक उच्चस्तरीय स्वतंत्र 'राजकोषीय परिषद' (Fiscal Council) के गठन की सिफारिश।
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राजकोषीय परिषद (Fiscal Council) का मुख्य कार्य क्या प्रस्तावित किया गया है?
बजट से पूर्व स्वतंत्र समष्टिगत और कर पूर्वानुमान जारी करना, FRBM लक्ष्यों के अनुपालन की निष्पक्ष निगरानी करना और एस्केप क्लॉज के उपयोग की सत्यता परखना।
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राजकोषीय संघवाद में 'सॉफ्ट बजट बाधा' (Soft Budget Constraint) क्या होती है जिससे बचना आवश्यक है?
ऐसी ढीली व्यवस्था जहां राज्य सरकारों को यह भरोसा होता है कि यदि वे अत्यधिक वित्तीय फिजूलखर्ची करेंगी, तो भी केंद्र सरकार उन्हें अंततः बेल-आउट (आपात वित्तीय मदद) देकर बचा लेगी।
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केंद्र सरकार ने राज्यों में सॉफ्ट बजट बाधा को रोकने हेतु संविधान के किस अनुच्छेद का कड़ाई से प्रयोग शुरू किया है?
संविधान के अनुच्छेद 293(3) का; जिसके तहत केंद्र का बकाया कर्जदार होने की स्थिति में राज्य सरकारें केंद्र की पूर्व अनुमति के बिना कोई नया बाजार ऋण नहीं ले सकतीं।
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अनुच्छेद 293(3) के तहत केंद्र सरकार द्वारा राज्यों की शुद्ध उधारी सीमा (Net Borrowing Ceiling - NBC) में किन देनदारियों को जोड़ा गया है?
राज्यों के सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा राज्य बजट से चुकाए जाने वाले सभी ऑफ-बजट कर्जों और बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) के घाटों को।
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विद्युत क्षेत्र की डिस्कॉम्स (DISCOMs) के वित्तीय संकट को दूर करने और राज्यों के बजट को पारदर्शी बनाने हेतु कौन-सी योजनाएं चलाई गईं?
उदय योजना (UDAY - 2015) तथा पुनरुत्थान वितरण क्षेत्र योजना (RDSS - 2021)।
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राजकोषीय घाटा, प्राथमिक घाटा और राजस्व घाटे में से किस घाटे का शून्य होना एक कल्याणकारी विकासशील देश में सबसे वांछनीय माना जाता है?
'राजस्व घाटा' (Revenue Deficit = 0); ताकि सरकार अपने सभी नियमित उपभोग व्यय अपने राजस्व से चलाए और सारा उधार केवल उत्पादक पूंजीगत परिसंपत्तियों (Capex) में लगे।
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क्या किसी विकासशील देश में 0% राजकोषीय घाटा होना आर्थिक दृष्टि से हमेशा सर्वोत्तम माना जाता है?
नहीं; विकासशील देश में बुनियादी ढांचे के तीव्र निर्माण हेतु GDP के 3% से 4% का विवेकपूर्ण व संधारणीय राजकोषीय घाटा आर्थिक संवृद्धि हेतु आवश्यक और लाभकारी माना जाता है।
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राजकोषीय नीति Part 2 के संपूर्ण अध्ययन का अंतिम और सारगर्भित समष्टिगत निष्कर्ष क्या है?
FRBM अधिनियम और 1997 का WMA सुधार भारत में आधुनिक राजकोषीय अनुशासन के दो सबसे मजबूत आधारस्तंभ हैं; यह व्यवस्था यह सिद्ध करती है कि नोट छापने के प्रलोभन से मुक्त बाजार-आधारित घाटा वित्तपोषण, सख्त बजटीय पारदर्शिता, ऑफ-बजट उधारी का पूर्ण उन्मूलन और विवेकपूर्ण पूंजीगत व्यय ही भारत की आर्थिक संप्रभुता और दीर्घकालिक संधारणीय संवृद्धि का मूल मंत्र है।
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