तुगलक वंश के संस्थापक सुल्तान
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गयासुद्दीन तुगलक (गाजी मलिक)
| सुल्तान व राजवंश | शासनकाल व उपाधि | प्रमुख नीतियां, कार्य एवं परिणाम |
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गयासुद्दीन तुगलक
(तुगलक वंश) |
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1320–1325 ई.
गाजी मलिक
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तुगलकाबाद नगर निर्माण; प्रथम नहर निर्माता; मध्यममार्गी भू-राजस्व नीति; वारंगल का विलय
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मुहम्मद बिन तुगलक
(तुगलक वंश) |
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1325–1351 ई.
उलूग खां
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पांच महत्वाकांक्षी योजनाएं (राजधानी परिवर्तन, सांकेतिक मुद्रा, दोआब कर); दीवान-ए-कोही; सर्वाधिक साम्राज्य विस्तार
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फिरोजशाह तुगलक
(तुगलक वंश) |
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1351–1388 ई.
नाइब-ए-अमीरुल मोमिनीन
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विशाल नहर व नगर निर्माण (हिसार, फिरोजाबाद); 24 कष्टप्रद कर समाप्त; 4 शरिया कर व हक-ए-शर्ब; दीवान-ए-खैरात
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खिज्र खां
(सैय्यद वंश) |
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1414–1421 ई.
रैयत-ए-आला
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सैय्यद वंश के संस्थापक; तैमूर के पुत्र शाहरुख के प्रतिनिधि के रूप में शासन; सुल्तान की उपाधि नहीं ली
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सिकंदर लोदी
(लोदी वंश) |
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1489–1517 ई.
निजाम खां
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1504 में आगरा की स्थापना; गज-ए-सिकंदरी भूमि पैमाइश; 'गुलरूखी' उपनाम से फारसी कविताएं; जौनपुर का पूर्ण विलय
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इब्राहिम लोदी
(लोदी वंश) |
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1517–1526 ई.
लोदी वंश का अंतिम
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अफगान सरदारों का दमन; ग्वालियर विजय; खतौली के युद्ध में राणा सांगा से पराजय; 1526 पानीपत में वीरगति
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| योजना / प्रयोग | उद्देश्य एवं क्रियान्वयन | परिणाम एवं ऐतिहासिक प्रभाव |
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दोआब में कर-वृद्धि
(1326 ई.) |
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उपजाऊ गंगा-यमुना दोआब से अतिरिक्त राजस्व प्राप्ति हेतु 10-20% कर वृद्धि
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उसी वर्ष भीषण अकाल; किसानों का व्यापक विद्रोह; योजना वापस लेनी पड़ी; भारी जनहानि
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राजधानी परिवर्तन
(1327 ई.) |
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दक्षिण भारत के समृद्ध राज्यों पर सीधा प्रशासनिक नियंत्रण; देवगिरि को 'दौलताबाद' बनाया
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दिल्लीवासियों को 1500 किमी पैदल यात्रा की विवशता; दक्षिण में असंतोष; 1335 में दिल्ली पुनः वापसी
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सांकेतिक मुद्रा
(1329–30 ई.) |
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वैश्विक चांदी की कमी से निपटना; कांसा/तांबे के सिक्के को चांदी के टंका के सममूल्य चलाना
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राजकीय नियंत्रण शून्य; बड़े पैमाने पर नकली सिक्कों की ढलाई; राजकोष से टंका देकर सिक्के वापस लिए
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खुरासान अभियान
(1332–33 ई.) |
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मंगोल अस्थिरता का लाभ उठाकर मध्य एशिया में खुरासान व इराक की विजय योजना
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3.7 लाख सैनिकों को 1 वर्ष का अग्रिम वेतन दिया; मध्य एशियाई संधि होने से अभियान रद्द; भारी वित्तीय क्षति
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कराचिल अभियान
(1333 ई.) |
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चीनी घुसपैठ रोकने व कुमाऊं सीमांत के विद्रोही पहाड़ी राजाओं को अधीन करना
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आरंभिक विजय के बाद विषम पर्वतीय वर्षा व प्लेग से सेना नष्ट; केवल कुछ ही सैनिक जीवित लौटे
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| निर्माण / संस्था / नहर | संबंधित सुल्तान | उद्देश्य एवं स्थापत्य/प्रशासनिक विशेषता |
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उलुगखानी व रजवाही नहरें |
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फिरोजशाह तुगलक
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यमुना व सतलज से हरियाणा-हिसार तक 5 प्रमुख नहरें; कृषि का अभूतपूर्व विस्तार; 1/10 हक-ए-शर्ब कर
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दीवान-ए-खैरात व विवाह ब्यूरो |
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फिरोजशाह तुगलक
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गरीब, अनाथ व विधवा मुस्लिम स्त्रियों तथा कन्याओं के विवाह हेतु प्रत्यक्ष वित्तीय अनुदान
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दार-उल-शफा (खैराती अस्पताल) |
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फिरोजशाह तुगलक
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योग्य हकीमों द्वारा आम जनता का पूर्णतः निःशुल्क उपचार एवं मुफ्त राजकीय दवा वितरण
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दीवान-ए-बंदगान (दास विभाग) |
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फिरोजशाह तुगलक
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1.8 लाख दासों का रख-रखाव; 12,000 दासों को विभिन्न हस्तशिल्पों व निर्माण कार्यों में कुशल प्रशिक्षण
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नवीन नगर निर्माण (300 नगर) |
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फिरोजशाह तुगलक
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फिरोजाबाद (राजधानी), फतेहाबाद, हिसार-फिरोजा, जौनपुर (जूना खां की स्मृति) व फिरोजपुर की स्थापना
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| सल्तनत कालीन नगर | संस्थापक सुल्तान / काल | स्थापना का उद्देश्य एवं ऐतिहासिक महत्व |
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सीरी (दिल्ली का द्वितीय नगर) |
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अलाउद्दीन खिलजी (1303 ई.)
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मंगोल आक्रमणों से राजधानी की रक्षा हेतु सामरिक सैन्य दुर्ग; हजार सितून महल
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तुगलकाबाद (तृतीय नगर) |
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गयासुद्दीन तुगलक (1321 ई.)
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पहाड़ी टीले पर रोमन शैली में विशाल प्राचीर युक्त अभेद्य राजप्रासाद व सुरक्षित नगर
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जहांपनाह (चतुर्थ नगर) |
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मुहम्मद बिन तुगलक (1326 ई.)
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किला राय पिथौरा व सीरी के बीच की बस्तियों को जोड़कर बनाई गई एकीकृत राजधानी
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फिरोजाबाद / कोटला फिरोजशाह |
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फिरोजशाह तुगलक (1354 ई.)
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यमुना तट पर पांचवां नगर; अशोक स्तंभ की पुनर्स्थापना; जामा मस्जिद व विशाल महल
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जौनपुर (उत्तर प्रदेश) |
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फिरोजशाह तुगलक (1359 ई.)
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चचेरे भाई जूना खां (एमबीटी) की स्मृति में; आगे चलकर 'शिराज-ए-हिंद' कहलाया
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आगरा |
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सिकंदर लोदी (1504 ई.)
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राजपूताना व दोआब व्यापार मार्गों पर नियंत्रण हेतु नवीन राजधानी की स्थापना
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| आक्रमण का चरण / घटना | तैमूर की कार्रवाई | सल्तनत पर विनाशकारी प्रभाव |
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सीमांत व पंजाब अभियान
(1398 ई.) |
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सिंधु पार कर मुल्तान, तलवंडी व भटनेर दुर्ग पर अधिकार; हजारों का संहार
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पंजाब में सल्तनत का प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह नष्ट; संचार व्यवस्था ठप
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दिल्ली का युद्ध
(दिसंबर 1398 ई.) |
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नासिरुद्दीन महमूद व वजीर मल्लू इकबाल पराजित; सुल्तान गुजरात भागा
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दिल्ली पर तैमूर का कब्जा; 15 दिनों तक भयंकर लूट, नरसंहार व आगजनी
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कला व संपदा का पलायन |
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भारतीय कारीगरों, राजमिस्त्रियों, सोने-चांदी व हाथियों को समरकंद ले गया
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सल्तनत का राजकोष रिक्त; समरकंद में बीबी खानम मस्जिद का निर्माण
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राजनीतिक विखंडन |
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खिज्र खां को मुल्तान व लाहौर का वायसराय नियुक्त कर वापस लौटा
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तुगलक वंश का अंत; जौनपुर, मालवा, गुजरात स्वतंत्र; सैय्यद वंश का उदय
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| लोदी शासक व काल | प्रमुख राजनीतिक घटनाक्रम | ऐतिहासिक परिणाम व सल्तनत का अंत |
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बहलोल लोदी
(1451–1489 ई.) |
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अफगान समानता का सिद्धांत ('मसनद-ए-आली'); जौनपुर के शर्की वंश पर विजय; बहलोली सिक्का
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प्रथम अफगान साम्राज्य की नींव; दिल्ली सल्तनत का खोया गौरव व क्षेत्रीय नियंत्रण आंशिक बहाल
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सिकंदर लोदी
(1489–1517 ई.) |
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1504 में आगरा की स्थापना (1506 में राजधानी); गज-ए-सिकंदरी; गुलरूखी कविताएं; धार्मिक कठोरता
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प्रशासनिक केंद्रीकरण; व्यापारिक चुंगी समाप्त कर आर्थिक समृद्धि; अफगान अमीरों पर नियंत्रण
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इब्राहिम लोदी
(1517–1526 ई.) |
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अफगान अमीरों का दमन; दौलत खां व आलम खां का षड्यंत्र; खतौली युद्ध में पराजय; बाबर को निमंत्रण
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आंतरिक कलह से सल्तनत जर्जर; अफगान सरदारों का विश्वासघात; उत्तर भारत पर आक्रमण का मार्ग खुला
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पानीपत का प्रथम युद्ध
(21 अप्रैल 1526) |
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बाबर बनाम इब्राहिम लोदी; तुलगुमा व्यूहरचना व बारूदी तोपों का प्रथम युगांतरकारी प्रयोग
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इब्राहिम लोदी रणभूमि में मारा गया; 320 वर्षीय दिल्ली सल्तनत समाप्त; भारत में मुगल साम्राज्य स्थापित
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