महात्मा गांधी का पूरा नाम
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मोहनदास करमचंद गांधी
| आश्रम / संस्था | स्थापना वर्ष व स्थान | मुख्य उद्देश्य एवं ऐतिहासिक गतिविधियां |
|---|---|---|
फीनिक्स आश्रम
(Phoenix Settlement) |
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1904 ई.
डरबन (नटाल, दक्षिण अफ्रीका)
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जॉन रस्किन के 'अनटू दिस लास्ट' से प्रेरित; शारीरिक श्रम, सामुदायिक जीवन व इंडियन ओपिनियन का मुद्रण
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टॉल्स्टॉय फार्म
(Tolstoy Farm) |
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1910 ई.
जोहान्सबर्ग (दक्षिण अफ्रीका)
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कालेनबाख के सहयोग से; सत्याग्रहियों व उनके परिवारों के भरण-पोषण, आत्मनिर्भरता व नैतिक शिक्षा का केंद्र
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कोचरब आश्रम
(सत्याग्रह आश्रम) |
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25 मई 1915
अहमदाबाद (गुजरात)
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भारत वापसी पर प्रथम आश्रम; जीवनलाल बैरिस्टर के मकान में; सत्य, अहिंसा व अस्पृश्यता निवारण की प्रतिज्ञा
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साबरमती आश्रम
(हरिजन आश्रम) |
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17 जून 1917
साबरमती तट, अहमदाबाद
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कोचरब में प्लेग फैलने पर स्थानांतरण; राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम, खादी निर्माण व 1930 दांडी मार्च का केंद्र
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सेवाग्राम आश्रम
(वर्धा आश्रम) |
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1936 ई.
वर्धा (महाराष्ट्र)
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साबरमती त्यागने के बाद स्थायी निवास; ग्रामोद्योग, बुनियादी शिक्षा (वर्धा योजना) व 1942 भारत छोड़ो की रूपरेखा
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| समाचार पत्र / पत्रिका | प्रकाशन वर्ष व प्रमुख भाषाएं | मुख्य उद्देश्य एवं वैचारिक विषयवस्तु |
|---|---|---|
इंडियन ओपिनियन
(Indian Opinion) |
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1903 ई.
गुजराती, हिंदी, तमिल व अंग्रेजी
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दक्षिण अफ्रीका में भारतीयों के अधिकारों की रक्षा, रंगभेद का विरोध व सत्याग्रह का प्रचार
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नवजीवन
(Navajivan) |
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1919 ई.
गुजराती एवं हिंदी
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जनसाधारण में राष्ट्रीय चेतना, ग्रामोद्योग, खादी, स्वच्छता व सामाजिक कुरीतियों का निवारण
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यंग इंडिया
(Young India) |
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1919 ई.
अंग्रेजी साप्ताहिक
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बुद्धिजीवियों व अंग्रेजों तक सत्याग्रह, असहयोग, अहिंसा व स्वराज के दर्शन की तार्किक प्रस्तुति
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हरिजन
(Harijan) |
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1933 ई.
अंग्रेजी, हिंदी (हरिजन सेवक), गुजराती
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अस्पृश्यता निवारण, दलित उत्थान, मंदिर प्रवेश अभियान व ग्रामीण स्वावलंबन का राष्ट्रीय शंखनाद
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| आंदोलन, वर्ष व क्षेत्र | मुख्य समस्या एवं नेतृत्व | तरीका एवं अंतिम परिणाम |
|---|---|---|
चंपारण सत्याग्रह
(अप्रैल 1917 ई.)
उत्तरी बिहार |
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यूरोपीय बगान मालिकों की तिनकठिया प्रथा (3/20 भाग पर नील);
नेतृत्व: गांधीजी, राजकुमार शुक्ल, राजेंद्र प्रसाद, कृपलानी
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भारत में प्रथम सविनय अवज्ञा; जांच समिति में गांधीजी सदस्य बने; तिनकठिया समाप्त व 25% अवैध धन वापस; 'महात्मा' उपाधि
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अहमदाबाद मिल हड़ताल
(फरवरी–मार्च 1918 ई.)
गुजरात |
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प्लेग बोनस समाप्ति पर विवाद; मजदूर 50% मांग रहे थे, मालिक 20% दे रहे थे;
नेतृत्व: गांधीजी व अनसूया बेन साराभाई
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भारत में प्रथम भूख हड़ताल (3 दिन); ट्रस्टीशिप सिद्धांत; ट्रिब्यूनल द्वारा मजदूरों को 35% वेतन वृद्धि स्वीकृत
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खेड़ा सत्याग्रह
(मार्च–जून 1918 ई.)
गुजरात |
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सूखे से फसल नष्ट होने पर भी राजस्व संहिता (1/4 से कम फसल) के विरुद्ध जबरन लगान वसूली;
नेतृत्व: गांधीजी, वल्लभभाई पटेल, इंदुलाल याग्निक
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भारत में प्रथम वास्तविक असहयोग आंदोलन; किसानों का कर-रोको संघर्ष; सरकार का गुप्त आदेश: 'केवल सक्षम किसानों से ही लगान लें'
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| वर्ष / तिथि व घटना | स्थान व संबद्ध सहयोगी | ऐतिहासिक परिणाम व प्रभाव |
|---|---|---|
9 जनवरी 1915
(भारत वापसी) |
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बंबई (अपोलो बंदर);
कस्तूरबा गांधी व सी. एफ. एंड्रयूज
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21 वर्ष बाद भारत वापसी; प्रवासी भारतीय दिवस; ब्रिटिश सरकार द्वारा कैसर-ए-हिंद पदक प्रदत्त
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25 मई 1915
(सत्याग्रह आश्रम स्थापना) |
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कोचरब (अहमदाबाद);
जीवनलाल बैरिस्टर व मगनलाल
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सत्याग्रह, अस्पृश्यता निवारण व खादी हेतु आश्रम स्थापित; 1917 में साबरमती तट पर स्थानांतरित
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फरवरी 1916
(बीएचयू उद्घाटन भाषण) |
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वाराणसी (BHU परिसर);
मालवीयजी, एनी बेसेंट, राजा-महाराजा
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गांधीजी का प्रथम सार्वजनिक भाषण; सामंतों के ठाठ-बाट की कटु निंदा; जनोन्मुख राजनीति का शंखनाद
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दिसंबर 1916
(लखनऊ कांग्रेस अधिवेशन) |
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लखनऊ (उत्तर प्रदेश);
राजकुमार शुक्ल से ऐतिहासिक भेंट
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चंपारण के नील किसानों की व्यथा सुनी; चंपारण आने का राजकुमार शुक्ल का आग्रह स्वीकार किया
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अप्रैल 1917
(चंपारण सत्याग्रह) |
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मोतिहारी व बेतिया (बिहार);
राजेंद्र प्रसाद, कृपलानी, अनुग्रह नारायण
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भारत में प्रथम सविनय अवज्ञा; तिनकठिया प्रथा समाप्त; 25% अवैध वसूली वापस; 'महात्मा' उपाधि
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फरवरी–मार्च 1918
(अहमदाबाद मिल हड़ताल) |
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अहमदाबाद (गुजरात);
अनसूया बेन साराभाई व अंबालाल
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भारत में प्रथम भूख हड़ताल; ट्रस्टीशिप का सिद्धांत; 35% बोनस दिलाकर मजदूरों को न्याय दिलाया
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मार्च–जून 1918
(खेड़ा सत्याग्रह) |
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खेड़ा (गुजरात);
वल्लभभाई पटेल, इंदुलाल याग्निक
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प्रथम वास्तविक असहयोग; फसल बर्बादी पर लगान देने से इनकार; सक्षम किसानों से ही वसूली पर सहमति
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फरवरी–अप्रैल 1919
(रॉलेट सत्याग्रह) |
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बंबई व संपूर्ण भारत;
सत्याग्रह सभा (गांधीजी अध्यक्ष)
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6 अप्रैल को प्रथम अखिल भारतीय देशव्यापी हड़ताल; जलियांवाला बाग की पृष्ठभूमि निर्मित हुई
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