गुप्त शासन प्रणाली का स्वरूप
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राजतंत्रात्मक व वंशानुगत
| पद / अधिकारी | संबंधित विभाग | प्रमुख कार्य व दायित्व |
|---|---|---|
महासंधिविग्रहिक |
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वैदेशिक विभाग
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युद्ध एवं शांति के मामले; विदेशी राज्यों से कूटनीतिक संबंध।
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महादंडनायक |
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न्याय एवं दंड विभाग
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साम्राज्य का मुख्य न्यायाधीश; कानून-व्यवस्था का संचालन।
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महाप्रतिहार |
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राजप्रसाद सुरक्षा
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राजमहल के प्रवेश एवं सम्राट की निजी सुरक्षा का प्रबंध।
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महाबलधिकृत |
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सैन्य विभाग
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समस्त थल सेना का सर्वोच्च सेनापति व नियंत्रण।
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महाअक्षपटलिक |
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अभिलेख एवं राजस्व लेखा
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राजकीय दस्तावेजों, भूमि अभिलेखों एवं कर-लेखा का रख-रखाव।
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सर्वाध्यक्ष |
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केंद्रीय निरीक्षण
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साम्राज्य के सभी केंद्रीय विभागों के कार्यों का पर्यवेक्षण।
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उपरिक |
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प्रांतीय प्रशासन
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भुक्ति (प्रांत) का प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी व शासक।
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| अभिलेख एवं स्थान | संबंधित शासक | प्राप्त सामाजिक व प्रशासनिक जानकारी |
|---|---|---|
प्रयाग प्रशस्ति (प्रयागराज) |
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समुद्रगुप्त
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साम्राज्य विस्तार, प्रशासनिक पद (महासंधिविग्रहिक) व प्रांतीय नीतियाँ।
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महरौली लौह स्तंभ (दिल्ली) |
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चंद्रगुप्त द्वितीय
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प्राचीन भारतीय धातुकर्म की पराकाष्ठा व पश्चिमोत्तर विजय।
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मंदसोर अभिलेख (मध्य प्रदेश) |
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कुमारगुप्त प्रथम
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रेशम बुनकर श्रेणी (तंतुवाय) का सामाजिक व आर्थिक योगदान।
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भीतरी स्तंभ लेख (यूपी) |
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स्कंदगुप्त
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हूणों व पुष्यमित्रों के साथ युद्ध एवं प्रशासनिक संकट।
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जूनागढ़ अभिलेख (गुजरात) |
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स्कंदगुप्त
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सुदर्शन झील की मरम्मत, सिंचाई व्यवस्था एवं चक्रपालित का प्रशासन।
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एरण अभिलेख (म.प्र., 510 ई.) |
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भानुगुप्त
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सती प्रथा का प्रथम स्पष्ट अभिलेखीय साक्ष्य व सेनापति गोपराज।
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| साहित्यकार / विद्वान | प्रमुख रचनाएँ | क्षेत्र व ऐतिहासिक योगदान |
|---|---|---|
कालिदास |
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अभिज्ञानशाकुंतलम्, मेघदूतम्, रघुवंशम्
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संस्कृत नाटक व काव्य; नवरत्नों में सर्वोपरि।
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विशाखदत्त |
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मुद्राराक्षस, देवीचंद्रगुप्तम्
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ऐतिहासिक व राजनीतिक नाटक परंपरा।
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शूद्रक |
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मृच्छकटिकम्
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जनसामान्य, नगर जीवन व यथार्थवादी नाटक।
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विष्णुशर्मा |
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पंचतंत्र
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नीतिशास्त्र, व्यावहारिक शिक्षा व पशु-कथाएँ।
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भारवि |
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किरातार्जुनीयम्
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महाकाव्य परंपरा व अर्थगौरव हेतु प्रसिद्ध।
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अमरसिंह |
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अमरकोश
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संस्कृत भाषा का प्रामाणिक शब्दकोश (कोषशास्त्र)।
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कामंदक |
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नीतिसार
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राज्यशास्त्र, अर्थशास्त्र व प्रशासनिक सिद्धांत।
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| विद्वान / वैज्ञानिक | प्रमुख खोज / रचना | क्षेत्र व वैज्ञानिक योगदान |
|---|---|---|
आर्यभट्ट |
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आर्यभटीयम, सूर्यसिद्धांत
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शून्य व दशमलव प्रणाली; पृथ्वी का घूर्णन व ग्रहण का वैज्ञानिक कारण।
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वराहमिहिर |
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पंचसिद्धान्तिका, बृहत्संहिता
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खगोलशास्त्र, त्रिकोणमिति, नक्षत्र विज्ञान व भूगर्भ जल ज्ञान।
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ब्रह्मगुप्त |
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ब्रह्मस्फुटसिद्धान्त
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गुरुत्वाकर्षण नियम का सर्वप्रथम प्रतिपादन (भारत का न्यूटन)।
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वाग्भट |
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अष्टांगहृदय
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आयुर्वेद चिकित्सा, निदान एवं औषधि शास्त्र।
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पालकाप्य |
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हस्त्यायुर्वेद
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गज-चिकित्सा (हाथियों के रोगों का निदान व उपचार)।
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नागार्जुन |
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रसरत्नाकर
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रसायन शास्त्र, पारा/धातु भस्म निर्माण व नागार्जुन दर्शन।
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| मंदिर का नाम | स्थान | स्थापत्य विशेषता व महत्व |
|---|---|---|
दशावतार मंदिर |
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देवगढ़, ललितपुर (यूपी)
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भारत का प्रथम शिखरयुक्त मंदिर; पंचायतन शैली व अनंतशयन विष्णु।
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भीतरगांव मंदिर |
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कानपुर (यूपी)
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पूर्णतः ईंटों से निर्मित मेहराबयुक्त प्राचीन मंदिर।
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तिगवा का विष्णु मंदिर |
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जबलपुर (म.प्र.)
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सपाट छत, अलंकृत स्तंभ एवं गर्भगृह के बाहर गंगा-यमुना की आकृतियाँ।
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भूमरा का शिव मंदिर |
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सतना (म.प्र.)
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एकमुखी शिवलिंग की स्थापना व अलंकृत द्वार।
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नचना कुठार का पार्वती मंदिर |
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पन्ना (म.प्र.)
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रामायण के दृश्यों का प्रथम बार मंदिरों में अंकन।
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सिरपुर का लक्ष्मण मंदिर |
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महासमुंद (छत्तीसगढ़)
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लाल ईंटों से बना उत्कृष्ट नागर शैली का मंदिर।
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| कला का क्षेत्र | प्रमुख केंद्र / उदाहरण | मुख्य शैलीगत विशेषताएं व योगदान |
|---|---|---|
मूर्तिकला |
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सारनाथ, मथुरा, पाटलिपुत्र
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नग्नता का लोप, आध्यात्मिक भाव, पारदर्शी वस्त्र व अलंकृत प्रभावली।
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भित्ति चित्रकला |
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अजंता (गुफा 16, 17) व बाघ (म.प्र.)
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फ्रेस्को-टेम्परा विधि; बुद्ध जीवन (अजंता) व लौकिक जनजीवन (बाघ)।
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मंदिर वास्तुकला |
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देवगढ़, भीतरगांव, तिगवा
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नागर शैली का बीजारोपण; गर्भगृह, मण्डप व शिखर निर्माण का प्रारंभ।
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गुफा स्थापत्य |
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उदयगिरि (म.प्र.), अजंता
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ब्राह्मण धर्म हेतु उदयगिरि की वराह गुफा व बौद्ध संघ हेतु अजंता-बाघ।
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धातुकला |
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महरौली स्तंभ, सुल्तानगंज बुद्ध
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जंग-रोधी लौह तकनीक व विशाल धातु ढलाई कला का शिखर।
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