हड़प्पा सभ्यता को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
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सिंधु सभ्यता
| स्थल और वर्तमान क्षेत्र | नदी/क्षेत्र तथा उत्खनन से संबंधित व्यक्ति | वर्ष/काल और प्रमुख पहचान |
|---|---|---|
हड़प्पा — पंजाब, पाकिस्तान |
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रावी; दयाराम साहनी
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1921; हड़प्पा सभ्यता के नामकरण का आधार
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मोहनजोदड़ो — सिंध, पाकिस्तान |
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सिंधु; राखालदास बनर्जी
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1922; विकसित नगरीय अवशेष
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चन्हूदड़ो — सिंध, पाकिस्तान |
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सिंधु क्षेत्र; एन. जी. मजूमदार आदि
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परिपक्व हड़प्पा; शिल्प-केंद्र के रूप में प्रसिद्ध
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लोथल — गुजरात |
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भोगावा; एस. आर. राव
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उत्खनन 1950 के दशक; समुद्री व्यापार से संबंधित पुरातात्विक साक्ष्य
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कालीबंगा — राजस्थान |
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घग्घर क्षेत्र; बी. बी. लाल और बी. के. थापर
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उत्खनन 1960 के दशक; जुते हुए खेत और अग्निकुंड
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धोलावीरा — गुजरात |
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खादिर बेट; आर. एस. बिष्ट
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उत्खनन 1980 के दशक से; जल प्रबंधन और नगर योजना
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राखीगढ़ी — हरियाणा |
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दृशद्वती-घग्घर क्षेत्र; विभिन्न पुरातत्वविद
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विशाल हड़प्पाई नगरों में से एक
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बनावली — हरियाणा |
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घग्घर क्षेत्र
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पूर्व-हड़प्पा और हड़प्पा चरणों के साक्ष्य
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सुत्कागेंडोर — बलूचिस्तान, पाकिस्तान |
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मकरान तटीय क्षेत्र
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हड़प्पा सभ्यता का पश्चिमी सीमा-स्थल माना जाता है
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आलमगीरपुर — उत्तर प्रदेश |
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हिंडन क्षेत्र
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हड़प्पा संस्कृति का पूर्वी विस्तार
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| स्थल और क्षेत्र | प्रमुख पुरातात्विक साक्ष्य | ऐतिहासिक महत्व |
|---|---|---|
मोहनजोदड़ो — सिंध |
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महान स्नानागार, जल निकासी, मुहरें, आवासीय संरचनाएँ
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विकसित नगरीय योजना और सार्वजनिक वास्तुकला
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हड़प्पा — पंजाब |
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कब्रिस्तान, नगर अवशेष, मुहरें, मृदभांड और ईंट संरचनाएँ
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सभ्यता के नामकरण का आधार और प्रमुख नगर
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धोलावीरा — गुजरात |
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जलाशय, जल प्रबंधन, नगर विभाजन, शिलालेख-सदृश संकेत-पट्ट
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शुष्क क्षेत्र में उन्नत जल प्रबंधन और विशिष्ट नगर योजना
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लोथल — गुजरात |
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जल-संपर्क संरचना, मनके निर्माण, मुहरें और गोदाम-संबंधी अवशेष
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समुद्री तथा अंतर-क्षेत्रीय व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र
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कालीबंगा — राजस्थान |
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जुता हुआ खेत, अग्निकुंड, नगर योजना
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कृषि और अनुष्ठानिक गतिविधियों के अध्ययन में महत्वपूर्ण
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राखीगढ़ी — हरियाणा |
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विशाल बस्ती, आवासीय और कब्रिस्तान संबंधी अवशेष
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बड़े हड़प्पा नगरों में महत्वपूर्ण
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चन्हूदड़ो — सिंध |
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मनके, शिल्प और अन्य उत्पादन अवशेष
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विशिष्ट शिल्प-केंद्र के रूप में महत्वपूर्ण
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बनावली — हरियाणा |
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पूर्व-हड़प्पा और हड़प्पा स्तर, आवासीय अवशेष
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क्षेत्रीय सांस्कृतिक संक्रमण और निरंतरता का अध्ययन
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सुरकोटड़ा — गुजरात |
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किलेबंदी और पशु-अवशेष
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हड़प्पा संस्कृति के पश्चिमी भारत में प्रसार का महत्वपूर्ण स्थल
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रोपड़ — पंजाब |
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हड़प्पा स्तर और बाद की सांस्कृतिक परतें
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सांस्कृतिक क्रम और उत्तरवर्ती विकास के अध्ययन में महत्वपूर्ण
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आलमगीरपुर — उत्तर प्रदेश |
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हड़प्पाई मृदभांड और बस्ती अवशेष
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पूर्वी विस्तार का महत्वपूर्ण स्थल
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| नगर/स्थल | विशिष्ट विशेषता | ऐतिहासिक महत्व |
|---|---|---|
मोहनजोदड़ो |
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महान स्नानागार और विकसित जल निकासी
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परिपक्व हड़प्पा नगरीकरण का प्रमुख उदाहरण
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हड़प्पा |
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नगर अवशेष, कब्रिस्तान और मानकीकृत सामग्री
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सभ्यता के नामकरण का आधार
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धोलावीरा |
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जलाशय और उन्नत जल-संग्रह प्रणाली
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शुष्क क्षेत्र में अनुकूलित नगर नियोजन
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लोथल |
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जल-संपर्क संरचना और मनका-निर्माण
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समुद्री व्यापार और शिल्प का प्रमुख केंद्र
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कालीबंगा |
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जुता हुआ खेत और अग्निकुंड
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कृषि तथा अनुष्ठानिक गतिविधियों का प्रमाण
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चन्हूदड़ो |
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विशेषीकृत शिल्प उत्पादन
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शिल्प-केंद्रित नगरीय गतिविधियों का उदाहरण
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राखीगढ़ी |
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विशाल बस्ती और कब्रिस्तान
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बड़े हड़प्पा नगरों में महत्वपूर्ण
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बनावली |
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पूर्व-हड़प्पा से हड़प्पा स्तर
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क्षेत्रीय सांस्कृतिक निरंतरता का उदाहरण
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सुरकोटड़ा |
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किलेबंदी और पशु-अवशेष
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पश्चिमी भारत में हड़प्पाई विस्तार का उदाहरण
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रोपड़ |
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हड़प्पा और उत्तरवर्ती सांस्कृतिक स्तर
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सांस्कृतिक क्रम के अध्ययन में महत्वपूर्ण
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| चरण और अनुमानित काल | मुख्य क्षेत्रीय विशेषता | प्रमुख विशेषताएँ |
|---|---|---|
प्रारंभिक हड़प्पा — लगभग 3300–2600 ईसा पूर्व |
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क्षेत्रीय कृषक-बस्तियाँ और प्रारंभिक नगर
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स्थायी बस्तियों का विस्तार, मृदभांड परंपराएँ और प्रारंभिक नगरीय संगठन
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परिपक्व हड़प्पा — लगभग 2600–1900 ईसा पूर्व |
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विस्तृत हड़प्पा सांस्कृतिक क्षेत्र
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नियोजित नगर, मानकीकृत ईंटें, मुहरें, भार-माप, शिल्प और लंबी दूरी का व्यापार
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उत्तर/उत्तरवर्ती हड़प्पा — लगभग 1900 ईसा पूर्व के बाद |
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क्षेत्रीय सांस्कृतिक परंपराएँ
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नगरीय व्यवस्था में परिवर्तन, क्षेत्रीयकरण और नई स्थानीय संस्कृतियों का विकास
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| आर्थिक गतिविधि/शिल्प | प्रमुख साक्ष्य या केंद्र | ऐतिहासिक महत्व |
|---|---|---|
कृषि |
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कालीबंगा का जुता खेत; अनाज के अवशेष
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नगरीय अर्थव्यवस्था का खाद्य आधार
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पशुपालन |
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पशु अस्थियाँ और पशु-चित्रण
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कृषि के साथ पूरक आर्थिक गतिविधि
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मनका निर्माण |
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लोथल, चन्हूदड़ो; कार्नेलियन मनके
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विशेषीकृत शिल्प और लंबी दूरी के व्यापार से संबंध
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धातु-कार्य |
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तांबा, कांसा, सोना और चाँदी की वस्तुएँ
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उन्नत शिल्प तकनीक और संसाधन नेटवर्क
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मृदभांड निर्माण |
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मानकीकृत और चित्रित मृदभांड
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दैनिक उपयोग तथा सांस्कृतिक पहचान
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शंख-शिल्प |
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गुजरात और तटीय केंद्र
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समुद्री संसाधनों के उपयोग और व्यापार का प्रमाण
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व्यापार |
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मानकीकृत भार, मुहरें और दूरस्थ वस्तुएँ
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क्षेत्रीय तथा लंबी दूरी के विनिमय नेटवर्क
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समुद्री संपर्क |
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लोथल और गुजरात के तटीय क्षेत्र
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अरब सागर तथा फारस की खाड़ी से संपर्क
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कपास |
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कपास के अवशेष और वस्त्र-संबंधी प्रमाण
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प्रारंभिक कपड़ा उत्पादन की जानकारी
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कृषि-पशुपालन मिश्रित अर्थव्यवस्था |
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अनाज और पशु-अवशेष
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स्थायी नगरीय जीवन का आर्थिक आधार
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