जहांगीर का बचपन का नाम
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सलीम (शेखू बाबा)
| प्रशासनिक / नीतिगत क्षेत्र | जहांगीर की प्रशासनिक नीति (1605–1627) | शाहजहाँ की प्रशासनिक नीति (1628–1658) |
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मनसबदारी व्यवस्था |
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'दो-अस्पा एवं सीह-अस्पा' पद्धति का आरंभ; बिना जात पद बढ़ाए मनसबदार के सवार पद व भत्ते को दोगुना/तिगुना करना
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'माहाना अनुपात' (मंथ-स्केल: 8 माह, 6 माह वेतन) प्रणाली की शुरुआत; वास्तविक सैन्य संधारण को व्यावहारिक बनाया
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धार्मिक दृष्टिकोण |
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उदार सहिष्णुता; अकबर की सुलह-ए-कुल का अनुकरण; यद्यपि रक्षाबंधन व शिवरात्रि मनाना, किंतु कांगड़ा में गाय कटवाई
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आरंभिक रूढ़िवादिता; सिजदा व पाबोस प्रथा समाप्त कर 'चहार तस्लीम' लागू की; नए हिंदू मंदिरों के निर्माण पर रोक
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दक्कन एवं क्षेत्रीय नीति |
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मलिक अंबर के गुरिल्ला युद्ध के कारण आंशिक सफलता; 1615 में मेवाड़ से ऐतिहासिक सम्मानजनक संधि संपन्न
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दक्कन का आक्रामक एकीकरण; 1636 में अहमदनगर का पूर्ण विलय; बीजापुर व गोलकुंडा को करदाता बनाया; औरंगजेब दक्कन वायसराय
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न्याय एवं दरबार |
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'जंजीर-ए-अदल' द्वारा व्यक्तिगत न्याय सुलभता; न्याय में निष्पक्षता; फारसी दरबारी परंपराओं का संधारण
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न्याय में कठोरता; बुधवार को स्वयं न्याय करना; मयूर सिंहासन व शाहजहानाबाद दरबार का चरम ऐश्वर्य प्रदर्शन
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कला व स्थापत्य रुझान |
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ललित कलाओं में चित्रकला को सर्वोच्च प्राथमिकता; प्राकृतिक सौंदर्य, पक्षी व व्यक्ति-चित्रों का चरमोत्कर्ष
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भव्य वास्तुकला (सफेद संगमरमर) को सर्वोच्च प्राथमिकता; विशाल मस्जिदों, महलों व ताजमहल का निर्माण
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| चित्रकार एवं विशेषज्ञता | प्रमुख कृतियां एवं चित्रांकन विषय | जहांगीर द्वारा प्रदत्त उपाधि व सम्मान |
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उस्ताद मंसूर
(पशु, पक्षी व वनस्पति विशेषज्ञ) |
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साइबेरियाई सारस, बंगाल का अनोखा पुष्प, डोडो पक्षी, कश्मीर घाटी के 100 से अधिक दुर्लभ फूल
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'नादिर-उल-असर' (युग का आश्चर्य); प्रकृति व जीव-जंतुओं के सूक्ष्म व वैज्ञानिक चित्रांकन का शीर्ष उस्ताद
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अबुल हसन
(व्यक्ति-चित्र व दरबारी दृश्य) |
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'तुजुक-ए-जहांगीरी' के मुख्य पृष्ठ का चित्र, जहांगीर का सिंहासनारोहण दृश्य, सेंट जॉन का यूरोपीय प्रभाव चित्र
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'नादिर-उज-जमां' (युग का शिरोमणि); जहांगीर का सर्वाधिक प्रिय व दरबारी शैली का सर्वश्रेष्ठ चित्रकार
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बिशनदास
(यथार्थवादी रूप-चित्र / पोर्ट्रेट) |
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फारस के शाह अब्बास प्रथम, उसके दरबारियों व राजपरिवार का हूबहू यथार्थवादी व्यक्ति-चित्रण
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फारस के दूतावास में भेजा गया; व्यक्ति-चित्रण (छबी निर्माण) में संपूर्ण मुगल साम्राज्य में अद्वितीय सिद्धहस्त
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मनोहर एवं दौलत
(दरबारी दृश्य व सामूहिक चित्र) |
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काला हिरण, शाही शिकार के दृश्य, सम्राट जहांगीर की दैनिक सभाएं एवं साथी चित्रकारों के सामूहिक पोर्ट्रेट
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शाही दरबारी चित्रकार; परिप्रेक्ष्य (Perspective) एवं छाया-प्रकाश (Chiaroscuro) के प्रयोग में दक्ष
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फारुख बेग एवं अकारिजा
(मध्य एशियाई व ईरानी प्रभाव) |
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बीजापुर के सुल्तान इब्राहिम आदिलशाह द्वितीय का चित्र; आगरा चित्रशाला का संचालन
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अकारिजा जहांगीर की आगरा चित्रशाला का प्रधान था; फारुख बेग ने दक्षिण भारतीय शैली का समन्वय किया
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| विदेशी यात्री व देश | आगमन काल व तत्कालीन शासक | प्रमुख यात्रा विवरण व प्राप्त व्यापारिक रियायतें |
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कैप्टन विलियम हॉकिन्स
(इंग्लैंड / ब्रिटेन) |
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1608–1611 ई.
जहांगीर का दरबार (आगरा)
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हेक्टर जहाज से सूरत आगमन; तुर्की में वार्ता; 'इंग्लिश खां' व 400 मनसब प्राप्त; पुर्तगाली षड्यंत्र से स्थायी अनुमति न मिली
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सर थॉमस रो
(इंग्लैंड / ब्रिटेन) |
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1615–1619 ई.
जहांगीर का दरबार (अजमेर)
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जेम्स प्रथम का अधिकृत राजदूत; अजमेर में भेंट; मुगलों से सूरत व अन्य स्थानों पर व्यापारिक कोठियों का शाही फरमान प्राप्त किया
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फ्रांसिस्को पेलसार्ट
(हॉलैंड / डच) |
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1620–1627 ई.
जहांगीर का काल (आगरा)
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ग्रंथ: 'रेमोंस्ट्रेंटी'; नील व्यापार, आम जनता की घोर निर्धनता एवं जहांगीर के विलासितापूर्ण दरबार का यथार्थ चित्रण
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पीटर मुंडी
(इटली / इंग्लैंड) |
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1630–1634 ई.
शाहजहाँ का काल (आगरा)
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1630-32 के दक्कन व गुजरात के भीषण अकाल, भुखमरी, सड़कों पर बिखरी लाशों व राहत कार्यों का मार्मिक विवरण
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जीन बैप्टिस्ट ट्रेवर्नियर
(फ्रांस) |
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1638–1668 ई. (6 यात्राएं)
शाहजहाँ व औरंगजेब का काल
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पेशे से जौहरी; गोलकुंडा की हीरा खदानों, कोहिनूर हीरे के वजन (268 कैरेट) व तख्त-ए-ताऊस का विस्तृत तकनीकी विवरण
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फ्रांस्वा बर्नियर
(फ्रांस) |
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1656–1668 ई.
शाहजहाँ व औरंगजेब का काल
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चिकित्सक; ग्रंथ: 'ट्रेवल्स इन द मुगल एम्पायर'; दारा शिकोह का चिकित्सक; उत्तराधिकार युद्ध का प्रत्यक्षदर्शी ब्यौरा
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निकोलो मनुची
(इटली / वेनिस) |
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1653–1708 ई.
शाहजहाँ व औरंगजेब का काल
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ग्रंथ: 'स्टोरियो दो मोगोर'; दारा शिकोह का तोपची; भारत में ही स्थायी निवास; 17वीं सदी का दरबारी इतिहास
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| स्मारक व स्थान | निर्माण काल व मुख्य वास्तुकार | प्रमुख स्थापत्य व कलात्मक विशेषताएं |
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ताजमहल
(आगरा, यमुना तट) |
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1631–1648 ई. (22 वर्ष)
प्रधान वास्तुकार: उस्ताद अहमद लाहौरी
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मकराना के विशुद्ध सफेद संगमरमर से निर्मित; विशाल कंदूराकार दोहरा गुंबद; चार कोनों पर मीनारें; पित्रा-दूरा का महीन काम; यूनेस्को धरोहर
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लाल किला
(दिल्ली, यमुना तट) |
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1638–1648 ई. (10 वर्ष)
निर्माता: शाहजहाँ; वास्तुकार: हमीद व अहमद
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लाल बलुआ पत्थर से निर्मित अष्टकोणीय दुर्ग; दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, रंगमहल; लाहौरी व दिल्ली गेट; भारत की संप्रभुता का प्रतीक
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जामा मस्जिद
(दिल्ली, लाल किले के सामने) |
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1650–1656 ई. (6 वर्ष)
निर्माता: शाहजहाँ
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भारत की तत्कालीन सबसे विशाल मस्जिद; ऊंचे चबूतरे पर 3 विशाल संगमरमरी गुंबद, 2 ऊंची मीनारें व लाल पत्थर की भव्य सीढ़ियां
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मयूर सिंहासन
(तख्त-ए-ताऊस, दिल्ली) |
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1628–1635 ई. (7 वर्ष)
कलाकार: बेबादल खां
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दीवान-ए-खास में स्थापित; शुद्ध सोने व हीरों-जवाहरात से जड़ा तख्त; छत्र पर नाचते दो मोर; विश्वविख्यात कोहिनूर हीरा जड़ा था
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मोती मस्जिद
(आगरा किला) |
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1648–1654 ई. (6 वर्ष)
निर्माता: शाहजहाँ
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आगरा किले के भीतर पूर्णतः दूधिया सफेद संगमरमर से निर्मित अत्यंत शांत, पवित्र व सुरुचिपूर्ण मस्जिद; 3 मेहराबदार गुंबद
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शाहजहानाबाद नगर
(दिल्ली का 7वां नगर) |
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1638–1648 ई.
निर्माता: शाहजहाँ
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आगरा से दिल्ली राजधानी स्थानांतरण हेतु बसाया गया सुनियोजित चारदीवारी युक्त नगर; चांदनी चौक बाजार (डिजाइन: जहांआरा बेगम)
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| युद्ध व तिथि | प्रतिद्वंद्वी पक्ष व नेतृत्व | रणनीतिक परिणाम एवं ऐतिहासिक प्रभाव |
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बहादुरपुर का युद्ध
(14 फरवरी 1658) |
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शाही सेना (सुलेमान शिकोह व जयसिंह)
बनाम
शाह शुजा (बंगाल का सूबेदार)
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सुलेमान शिकोह की शानदार विजय; शुजा पराजित होकर वापस बंगाल भागा; दारा का पूर्वी मोर्चा सुरक्षित
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धरमत का युद्ध
(15 अप्रैल 1658) |
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शाही सेना (जसवंत सिंह व कासिम खां)
बनाम
औरंगजेब व मुराद बख्श की संयुक्त सेना
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कासिम खां के विश्वासघात से जसवंत सिंह पराजित; जोधपुर की हाड़ी रानी ने दुर्ग द्वार बंद किए; औरंगजेब आगरा की ओर बढ़ा
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सामूगढ़ का युद्ध
(29 मई 1658) |
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दारा शिकोह (शाही सेना)
बनाम
औरंगजेब व मुराद बख्श
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निर्णायक युद्ध; दारा हाथी से उतरकर भागा; औरंगजेब की पूर्ण विजय; आगरा दुर्ग पर अधिकार व शाहजहाँ बंदी बनाया गया
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खजुआ का युद्ध
(5 जनवरी 1659) |
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औरंगजेब की सेना
बनाम
शाह शुजा (इलाहाबाद के पास)
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जसवंत सिंह द्वारा शिविर लूटने के बावजूद औरंगजेब विजयी; शुजा अराकान (म्यांमार) भागा जहाँ मारा गया
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देवराई की घाटी का युद्ध
(12–14 अप्रैल 1659) |
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दारा शिकोह
बनाम
औरंगजेब (अजमेर के निकट)
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उत्तराधिकार का अंतिम युद्ध; दारा निर्णायक रूप से पराजित; मलिक जीवन द्वारा विश्वासघात; दारा को दिल्ली में मृत्युदंड
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