छठी शताब्दी ई.पू. में नए धार्मिक विचारों के उदय का मुख्य केंद्र
उत्तर देखें
मध्य गंगा घाटी
| तीर्थंकर एवं क्रम | प्रतीक चिह्न | ऐतिहासिक तथ्य व महत्व |
|---|---|---|
1. ऋषभदेव (आदिनाथ) |
उत्तर देखें
वृषभ (बैल)
|
उत्तर देखें
जैन धर्म के संस्थापक, ऋग्वेद में उल्लेख
|
2. अजितनाथ |
उत्तर देखें
गज (हाथी)
|
उत्तर देखें
यजुर्वेद में उल्लेख मिलता है
|
7. सुपार्श्वनाथ |
उत्तर देखें
स्वास्तिक
|
उत्तर देखें
वाराणसी में जन्म
|
19. मल्लिनाथ |
उत्तर देखें
कलश
|
उत्तर देखें
श्वेतांबर परंपरा में स्त्री माना गया
|
22. अरिष्टनेमी (नेमिनाथ) |
उत्तर देखें
शंख
|
उत्तर देखें
कृष्ण के समकालीन माने गए
|
23. पार्श्वनाथ |
उत्तर देखें
सर्प फण
|
उत्तर देखें
चतुर्याम सिद्धांत के प्रवर्तक
|
24. महावीर स्वामी |
उत्तर देखें
सिंह
|
उत्तर देखें
जैन धर्म के वास्तविक संस्थापक
|
| परिषद् एवं स्थल | काल व अध्यक्ष | मुख्य परिणाम व कार्य |
|---|---|---|
प्रथम जैन संगीति (पाटलिपुत्र) |
उत्तर देखें
300 ई.पू., स्थूलभद्र
|
उत्तर देखें
12 अंगों का संपादन, श्वेतांबर-दिगंबर विभाजन की शुरुआत
|
द्वितीय जैन संगीति (वल्लभी) |
उत्तर देखें
512 ई. (6ठी सदी), देवर्धि क्षमाश्रमण
|
उत्तर देखें
जैन ग्रंथों को अंतिम रूप से लिपिबद्ध किया गया
|
| घटना | प्रतीक / स्थल | दार्शनिक / ऐतिहासिक महत्व |
|---|---|---|
गर्भ / जन्म |
उत्तर देखें
कमल एवं सांड / लुम्बिनी
|
उत्तर देखें
शाक्य कुल में सिद्धार्थ का जन्म
|
गृहत्याग (महाभिनिष्क्रमण) |
उत्तर देखें
अश्व (घोड़ा) / कपिलवस्तु
|
उत्तर देखें
सत्य की खोज हेतु संन्यास प्रस्थान
|
ज्ञान प्राप्ति (सम्बोधि) |
उत्तर देखें
बोधि वृक्ष / बोधगया
|
उत्तर देखें
अविद्या का नाश व परम ज्ञान की प्राप्ति
|
प्रथम उपदेश (धर्मचक्रप्रवर्तन) |
उत्तर देखें
धर्मचक्र / सारनाथ
|
उत्तर देखें
पांच संन्यासियों को आर्य सत्य का उपदेश
|
महापरिनिर्वाण (मृत्यु) |
उत्तर देखें
स्तूप / कुशीनगर
|
उत्तर देखें
80 वर्ष की आयु में जन्म-मरण चक्र से मुक्ति
|
| संगीति एवं स्थल | काल व शासक | अध्यक्ष व मुख्य परिणाम |
|---|---|---|
प्रथम बौद्ध संगीति (राजगृह) |
उत्तर देखें
483 ई.पू., अजातशत्रु
|
उत्तर देखें
महाकश्यप; सुत्त पिटक एवं विनय पिटक का संकलन
|
द्वितीय बौद्ध संगीति (वैशाली) |
उत्तर देखें
383 ई.पू., कालाशोक
|
उत्तर देखें
सबकामी; संघ का स्थाविर व महासांघिक में विभाजन
|
तृतीय बौद्ध संगीति (पाटलिपुत्र) |
उत्तर देखें
250 ई.पू., अशोक
|
उत्तर देखें
मोगलिपुत्त तिस्स; अभिधम्म पिटक का संकलन
|
चतुर्थ बौद्ध संगीति (कुंडलवन, कश्मीर) |
उत्तर देखें
72 ई., कनिष्क
|
उत्तर देखें
वसुमित्र; हीनयान व महायान में स्पष्ट विभाजन
|
| शाखा / परंपरा | भाषा व भौगोलिक क्षेत्र | प्रमुख मान्यता एवं विशेषताएं |
|---|---|---|
हीनयान (स्थविरवाद) |
उत्तर देखें
पाली भाषा; श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड
|
उत्तर देखें
बुद्ध को महापुरुष माना, परिवर्तन विरोधी, अर्हत लक्ष्य
|
महायान (महासांघिक) |
उत्तर देखें
संस्कृत भाषा; चीन, जापान, तिब्बत
|
उत्तर देखें
बुद्ध को ईश्वर माना, मूर्तिपूजा, बोधिसत्व आदर्श
|
वज्रयान |
उत्तर देखें
संस्कृत/क्षेत्रीय भाषा; बंगाल, बिहार
|
उत्तर देखें
तांत्रिकता, मंत्र-साधना, तारा देवी की पूजा
|
| विषय / सिद्धांत | जैन धर्म | बौद्ध धर्म |
|---|---|---|
आत्मा का विचार |
उत्तर देखें
शाश्वत व बहुलवादी आत्मा स्वीकार्य
|
उत्तर देखें
अनात्मवादी (आत्मा का खंडन)
|
तपस्या व मोक्ष मार्ग |
उत्तर देखें
कठोर तप व कायाक्लेश (सल्लेखना)
|
उत्तर देखें
मध्यम मार्ग (अतिवादी तप का निषेध)
|
जाति व वर्ण व्यवस्था |
उत्तर देखें
वर्ण व्यवस्था का आंशिक विरोध
|
उत्तर देखें
जाति व वर्ण व्यवस्था का पूर्ण खंडन
|
अहिंसा की तीव्रता |
उत्तर देखें
अत्यंत कठोर अहिंसा (कृषि भी वर्जित)
|
उत्तर देखें
व्यावहारिक अहिंसा
|
प्रचार की जनभाषा |
उत्तर देखें
प्राकृत / अर्धमागधी
|
उत्तर देखें
पाली भाषा
|