असहयोग आंदोलन की अचानक वापसी के बाद क्रांतिकारी आंदोलन का कौन सा चरण प्रारंभ हुआ
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द्वितीय चरण (1920 का दशक)
| क्रांतिकारी संस्था व गठन वर्ष | स्थापना स्थल व प्रमुख नेता | वैचारिक आधार एवं मुख्य उद्देश्य |
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हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन
(HRA, अक्टूबर 1924) |
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कानपुर (उत्तर प्रदेश)
शचींद्रनाथ सान्याल, रामप्रसाद बिस्मिल, योगेश चटर्जी
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सशस्त्र क्रांति द्वारा औपनिवेशिक सत्ता का अंत; 'संयुक्त राज्य भारत' (Federal Republic) की स्थापना; काकोरी एक्शन
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नौजवान भारत सभा
(मार्च 1926) |
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लाहौर (पंजाब)
भगत सिंह, छबील दास, यशपाल
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युवाओं में धर्मनिरपेक्ष व समाजवादी चेतना का प्रसार; किसान-मजदूर एकता; सामाजिक कुरीतियों व अस्पृश्यता का विरोध
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हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन...
(HSRA, सितंबर 1928) |
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फिरोजशाह कोटला (दिल्ली)
चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, सुखदेव, भगवती चरण
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मार्क्सवादी समाजवाद का अंगीकार; मानव द्वारा मानव के शोषण का अंत; सांडर्स वध व केंद्रीय असेंबली बम कांड
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इंडियन रिपब्लिकन आर्मी
(IRA - चटगांव शाखा, 1930) |
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चटगांव (अविभाजित बंगाल)
सूर्य सेन ('मास्टर दा'), अनंत सिंह, गणेश घोष
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आयरिश रिपब्लिकन आर्मी से प्रेरित; सशस्त्र विद्रोह द्वारा शस्त्रागारों पर कब्जा व स्वतंत्र प्रांतीय सरकार की घोषणा
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| ऐतिहासिक घटना व तिथि | स्थान एवं प्रमुख क्रांतिकारी | घटनाक्रम, उद्देश्य एवं तात्कालिक परिणाम |
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काकोरी ट्रेन एक्शन
(9 अगस्त 1925) |
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काकोरी, लखनऊ (उ.प्र.)
बिस्मिल, अशफाक, आजाद, लाहिड़ी, रोशन सिंह
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8-डाउन ट्रेन से सरकारी खजाने की जब्ती; 4 को फांसी (बिस्मिल, अशफाक, लाहिड़ी, रोशन); आजाद फरार; HRA को आघात
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सांडर्स वध (लाहौर)
(17 दिसंबर 1928) |
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लाहौर पुलिस मुख्यालय
भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, आजाद
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लाला लाजपत राय की लाठीचार्ज से मृत्यु का प्रतिशोध; पुलिस उपाधीक्षक सांडर्स की गोली मारकर हत्या; राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा
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केंद्रीय असेंबली बम कांड
(8 अप्रैल 1929) |
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केंद्रीय विधानसभा, नई दिल्ली
भगत सिंह एवं बटुकेश्वर दत्त
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पब्लिक सेफ्टी व ट्रेड डिस्प्यूट्स बिल के विरोध में खाली बेंचों पर कम तीव्रता के बम फेंके; 'इंकलाब जिंदाबाद' के पर्चे बांटे; गिरफ्तारी दी
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चटगांव शस्त्रागार छापा
(18 अप्रैल 1930) |
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चटगांव (अविभाजित बंगाल)
सूर्य सेन ('मास्टर दा'), अनंत सिंह, गणेश घोष
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ब्रिटिश शस्त्रागार व टेलीग्राफ लाइन पर कब्जा; स्वतंत्र प्रांतीय क्रांतिकारी सरकार की घोषणा; जलालाबाद पहाड़ी पर भीषण संग्राम
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| मुकदमा / केस व वर्ष | संबंधित प्रमुख क्रांतिकारी अभियुक्त | अदालत का निर्णय एवं ऐतिहासिक परिणाम |
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काकोरी षड्यंत्र केस
(1925–1927 ई.) |
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रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला, राजेंद्र लाहिड़ी, रोशन सिंह, सान्याल
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चार को फांसी (1927); सान्याल व बख्शी को आजीवन कालापानी; मन्मथनाथ को 14 वर्ष कैद; आजाद फरार रहे
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दिल्ली असेंबली बम केस
(मई–जून 1929 ई.) |
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भगत सिंह एवं बटुकेश्वर दत्त
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धारा 307 व विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तहत दोनों को आजीवन कारावास (कालापानी) की सजा सुनाई गई
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लाहौर षड्यंत्र केस
(1929–1930 ई.) |
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भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, जतिन दास, अजय घोष, गया प्रसाद
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जतिन दास की 64वें दिन भूख हड़ताल में शहादत; 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु को फांसी
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चटगांव शस्त्रागार केस
(1930–1934 ई.) |
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सूर्य सेन ('मास्टर दा'), तारकेश्वर दस्तीदार, कल्पना दत्त, अंबिका चक्रवर्ती
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12 जनवरी 1934 को सूर्य सेन व तारकेश्वर को फांसी; कल्पना दत्त व अंबिका चक्रवर्ती को आजीवन निर्वासन
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