📚 Subject-Wise Notes

Maurya Shasan

केंद्रीय प्रशासन एवं सप्तांग सिद्धांत

मौर्यकालीन शासन व्यवस्था का स्वरूप
उत्तर देखें
केन्द्रीकृत निरंकुश राजतंत्र
मौर्य प्रशासन में सर्वोच्च शक्ति का केंद्र
उत्तर देखें
सम्राट (राजा)
कौटिल्य के अनुसार राज्य का सप्तांग सिद्धांत किस ग्रंथ में वर्णित है?
उत्तर देखें
अर्थशास्त्र
सप्तांग सिद्धांत के अनुसार राज्य का प्रथम और मुख्य अंग (सिर)
उत्तर देखें
स्वामी (राजा)
सप्तांग सिद्धांत के अनुसार राज्य की आँखें किसे कहा गया है?
उत्तर देखें
अमात्य (मंत्री)
सप्तांग सिद्धांत में राज्य की भुजाएं किसे माना गया है?
उत्तर देखें
दुर्ग (किला)
सप्तांग सिद्धांत के अनुसार राज्य के कान
उत्तर देखें
मित्र
सप्तांग सिद्धांत में राज्य का मुख किसे कहा गया है?
उत्तर देखें
कोश (राजकोष)
सप्तांग सिद्धांत के अनुसार राज्य का मस्तिष्क/बल
उत्तर देखें
दंड या सेना
सप्तांग सिद्धांत में राज्य के पैर किसे माना गया है?
उत्तर देखें
जनपद (भूमि व प्रजा)
राजा को परामर्श देने वाली लघु सर्वोच्च संस्था
उत्तर देखें
मंत्रिणः (आंतरिक मंत्रिमंडल)
मंत्रिणः के सदस्यों का वार्षिक वेतन कितना था?
उत्तर देखें
48,000 पण
बृहद प्रशासनिक संस्था जो राजा को सलाह देती थी
उत्तर देखें
मंत्रिपरिषद
मंत्रिपरिषद के सदस्यों का सामान्य वार्षिक वेतन
उत्तर देखें
12,000 पण
मंत्रियों के चरित्र परीक्षण की प्रक्रिया क्या कहलाती थी?
उत्तर देखें
उपधा परीक्षण
उपधा परीक्षण में सफल अधिकारियों को नियुक्त किया जाता था
उत्तर देखें
अमात्य एवं उच्च पदों पर
अर्थशास्त्र में प्रशासनिक तंत्र के शीर्ष अधिकारियों की संज्ञा
उत्तर देखें
तीर्थ (महामात्र)
अर्थशास्त्र में कुल कितने 'तीर्थों' का उल्लेख मिलता है?
उत्तर देखें
18 तीर्थ
तीर्थों के पश्चात द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को क्या कहते थे?
उत्तर देखें
अध्यक्ष
अर्थशास्त्र में कुल कितने 'अध्यक्षों' का वर्णन है?
उत्तर देखें
26 या 27 अध्यक्ष
मौर्यकालीन केंद्रीय प्रशासनिक व्यवस्था किस पर आधारित थी?
उत्तर देखें
सुदृढ़ नौकरशाही पर
मंत्रिपरिषद का अध्यक्ष या प्रमुख अधिकारी कहलाता था
उत्तर देखें
मंत्रिपरिषदाध्यक्ष
अशोक के शिलालेखों में प्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रयुक्त शब्द
उत्तर देखें
पुरुष एवं महामात्र
राजा का अंगरक्षक दल का प्रमुख अधिकारी
उत्तर देखें
अंतर्वेशिक
राजप्रसाद (राजमहल) का मुख्य प्रबंधकर्ता अधिकारी
उत्तर देखें
दौवारिक
केंद्रीय अधिकारी
मौर्यकालीन प्रमुख अधिकारी (तीर्थ एवं अध्यक्ष) और उनके संबंधित विभाग/कार्य
मौर्य प्रशासनिक नौकरशाही के प्रमुख पदों का कार्यात्मक वर्गीकरण
अधिकारी / पद संबंधित विभाग / पद श्रेणी प्रमुख कार्य एवं जिम्मेदारी
समाहर्ता
उत्तर देखें
राजस्व विभाग (तीर्थ)
उत्तर देखें
राजस्व एकत्रित करना, बजट तैयार करना व आय-व्यय का ब्यौरा रखना
सन्निधाता
उत्तर देखें
कोषाध्यक्ष विभाग (तीर्थ)
उत्तर देखें
राजकीय कोष तथा भंडार गृहों का संरक्षक व मुख्य अधिकारी
व्यावहारिक
उत्तर देखें
दीवानी न्यायालय (तीर्थ)
उत्तर देखें
धर्मस्थीय (दीवानी) अदालत का मुख्य न्यायाधीश
प्रदेष्टा
उत्तर देखें
फौजदारी न्यायालय (तीर्थ)
उत्तर देखें
कंटकशोधन (फौजदारी) अदालत का न्यायाधीश व जांच अधिकारी
सेनापति
उत्तर देखें
सैन्य विभाग (तीर्थ)
उत्तर देखें
समस्त मौर्य सेना का प्रधान व युद्ध रणनीतिकार
युवराज
उत्तर देखें
राजवंश (तीर्थ)
उत्तर देखें
राजा का उत्तराधिकारी एवं प्रशासनिक सहयोगी
सीताध्यक्ष
उत्तर देखें
कृषि विभाग (अध्यक्ष)
उत्तर देखें
राजकीय कृषि भूमि तथा राजकीय कृषि उत्पादन का प्रबंध
अकराध्यक्ष
उत्तर देखें
खान विभाग (अध्यक्ष)
उत्तर देखें
खान एवं खनिज संसाधनों का नियंत्रण व दोहन
लक्षणाध्यक्ष
उत्तर देखें
मुद्रा विभाग (अध्यक्ष)
उत्तर देखें
सिक्कों (मुद्रा) की ढलाई का मुख्य अधिकारी
पौतवाध्यक्ष
उत्तर देखें
माप-तोल विभाग (अध्यक्ष)
उत्तर देखें
माप और तौल के मानकों का निरीक्षण व नियंत्रण
कुप्याध्यक्ष
उत्तर देखें
वन विभाग (अध्यक्ष)
उत्तर देखें
वनों तथा वन संपदा (लकड़ी, उत्पाद) की देखभाल
शुल्काध्यक्ष
उत्तर देखें
व्यापारिक कर (अध्यक्ष)
उत्तर देखें
चुंगी व व्यापारिक करों की वसूली का प्रमुख

तीर्थ, अध्यक्ष एवं प्रांतीय प्रशासन

राजस्व संग्रह का सर्वोच्च अधिकारी कौन था?
उत्तर देखें
समाहर्ता
राजकीय कोषाध्यक्ष और भंडार गृह का संरक्षक अधिकारी
उत्तर देखें
सन्निधाता
खान विभाग का प्रधान अधिकारी क्या कहलाता था?
उत्तर देखें
अकराध्यक्ष
मुद्रा जारी करने वाला प्रमुख अधिकारी
उत्तर देखें
लक्षणाध्यक्ष
सिक्कों की गुणवत्ता जांचने वाला अधिकारी
उत्तर देखें
रूपदर्शक
माप-तोल विभाग का अध्यक्ष क्या कहलाता था?
उत्तर देखें
पौतवाध्यक्ष
व्यापार-वाणिज्य का नियंत्रण करने वाला अध्यक्ष
उत्तर देखें
पण्याध्यक्ष
चरवाहों और चारागाहों का प्रमुख अधिकारी
उत्तर देखें
विवीताध्यक्ष
नावों एवं बंदरगाहों का प्रबंधक अधिकारी
उत्तर देखें
नवाध्यक्ष
पासपोर्ट (मुद्रा/अभय पत्र) जारी करने वाला अध्यक्ष
उत्तर देखें
मुद्राध्यक्ष
अशोक के समय मौर्य साम्राज्य कितने प्रांतों (चक्र) में बंटा था?
उत्तर देखें
5 प्रांत
चंद्रगुप्त मौर्य के समय साम्राज्य में प्रांतों की संख्या कितनी थी?
उत्तर देखें
4 प्रांत
अशोक द्वारा जीता गया 5वां प्रांत कौन सा था?
उत्तर देखें
कलिंग
प्रांतों के प्रमुख शासक को क्या कहा जाता था?
उत्तर देखें
कुमार या आर्यपुत्र
राजपरिवार से बाहर के व्यक्तियों को प्रांतीय शासक बनाने पर क्या कहते थे?
उत्तर देखें
राष्ट्रीय (उदा. पुष्यगुप्त)
प्रांत (चक्र) किस प्रशासनिक इकाई में विभाजित थे?
उत्तर देखें
आहार या विषय (ज़िला)
विषय (ज़िले) का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी
उत्तर देखें
विषयपति
अशोक के अभिलेखों में विषयपति के स्थान पर किस पद का उल्लेख है?
उत्तर देखें
रज्जुक
800 गांवों के समूह को क्या कहा जाता था?
उत्तर देखें
स्थानीय
400 गांवों के समूह की इकाई
उत्तर देखें
द्रोणमुख
200 गांवों के प्रशासनिक समूह को कहते थे
उत्तर देखें
खार्वटिक
100 गांवों के समूह का केंद्र
उत्तर देखें
संग्रहण
10 गांवों का प्रबंध करने वाला अधिकारी
उत्तर देखें
गोप
जनपद और ग्राम के बीच मध्यस्थ अधिकारी
उत्तर देखें
स्थानिक
ग्राम स्तर पर कर वसूलने और अभिलेख रखने वाला अधिकारी
उत्तर देखें
ग्रामिक (ग्रामणी)
प्रांतीय संरचना
मौर्यकालीन प्रमुख प्रांतीय केंद्र/राजधानियां और उनसे संबंधित स्रोत
मौर्य साम्राज्य के प्रांतीय प्रशासन एवं भौगोलिक केंद्रों का विवरण
प्रांत (चक्र) का नाम प्रांतीय राजधानी (केंद्र) प्राथमिक स्रोत एवं ऐतिहासिक संदर्भ
उत्तरापथ
उत्तर देखें
तक्षशिला
उत्तर देखें
अशोक के शिलालेख, दिव्यावदान (तक्षशिला विद्रोह का उल्लेख)
अवंती राष्ट्र (अवंतीपथ)
उत्तर देखें
उज्जयिनी (उज्जैन)
उत्तर देखें
अशोक के अभिलेख; अशोक का प्रांतीय शासक होना
दक्षिणापथ
उत्तर देखें
सुवर्णगिरि
उत्तर देखें
अशोक के लघु शिलालेख (इरागुडी, मास्की अभिलेख)
प्राच्य (प्राची/केन्द्रीय प्रांत)
उत्तर देखें
पाटलिपुत्र
उत्तर देखें
मेगस्थनीज की इंडिका व कौटिल्य का अर्थशास्त्र
कलिंग (अशोक द्वारा निर्मित)
उत्तर देखें
तोसली (तौसाली)
उत्तर देखें
अशोक का 13वां शिलालेख एवं पृथक कलिंग शिलालेख

नगर administration, न्याय एवं गुप्तचर प्रणाली

मेगस्थनीज के अनुसार पाटलिपुत्र नगर प्रशासन कितनी समितियों द्वारा होता था?
उत्तर देखें
6 समितियां (30 सदस्य)
पाटलिपुत्र नगर समिति के प्रत्येक बोर्ड में कितने सदस्य होते थे?
उत्तर देखें
5 सदस्य
नगर प्रशासन का मुख्य अधिकारी अर्थशास्त्र के अनुसार
उत्तर देखें
नागरक
मेगस्थनीज ने नगर के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को क्या नाम दिया?
उत्तर देखें
एस्ट्रोनोमोई (Astronomoi)
मेगस्थनीज के अनुसार सैन्य प्रशासन का संचालन कितनी समितियां करती थीं?
उत्तर देखें
6 समितियां (30 सदस्य)
मेगस्थनीज द्वारा सैन्य अधिकारियों के लिए प्रयुक्त शब्द
उत्तर देखें
एग्रोनोमोई (Agronomoi)
मौर्य न्याय व्यवस्था का सर्वोच्च न्यायाधीश कौन होता था?
उत्तर देखें
सम्राट (राजा)
मौर्य काल में दीवानी न्यायालय को क्या कहा जाता था?
उत्तर देखें
धर्मस्थीय न्यायालय
दीवानी न्यायालय (धर्मस्थीय) का मुख्य न्यायाधीश कहलाता था
उत्तर देखें
व्यावहारिक या धर्मस्थ
मौर्य काल में फौजदारी (आपराधिक) न्यायालय की संज्ञा
उत्तर देखें
कंटकशोधन न्यायालय
फौजदारी न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश कहलाता था
उत्तर देखें
प्रदेष्टा
मौर्य दंड विधान की सामान्य प्रकृति कैसी थी?
उत्तर देखें
अत्यंत कठोर (अंगच्छेदन, मृत्युदंड)
अशोक ने न्याय में समानता लाने हेतु कौन सी अवधारणा लागू की?
उत्तर देखें
व्यवहार समता व दंड समता
गुप्तचर विभाग के प्रधान अधिकारी को क्या कहते थे?
उत्तर देखें
महामात्यासर्प
अर्थशास्त्र में गुप्तचरों के लिए किस शब्द का प्रयोग हुआ है?
उत्तर देखें
गूढ़ पुरुष
एक ही स्थान पर रहकर गुप्तचरी करने वाले गुप्तचर कहलाते थे
उत्तर देखें
संस्था
विभिन्न स्थानों पर भ्रमण करके गुप्तचरी करने वाले गुप्तचर
उत्तर देखें
संचरा
वेश्यावृत्ति करने वाली गुप्तचर महिलाओं को क्या कहा जाता था?
उत्तर देखें
रूपाजीवा
स्थान-स्थान पर कार्य करने वाली विषकन्या/स्त्री गुप्तचर
उत्तर देखें
विषकन्या / विषकन्याएं व विषद
राजा के निजी अंगरक्षक और गुप्तचर दल के सदस्य
उत्तर देखें
अंतर्वेशिक एवं स्त्री अंगरक्षक
नगर में शांति व्यवस्था बनाए रखने वाला पुलिस अधिकारी
उत्तर देखें
रक्षी या दंडपाल
सीमावर्ती दुर्गों का रक्षक अधिकारी
उत्तर देखें
अंतपाल
आंतरिक सुरक्षा का प्रमुख अधिकारी
उत्तर देखें
नायक
कारागार (जेल) का मुख्य संरक्षक अधिकारी
उत्तर देखें
बंधनागाराध्यक्ष
बंदीगृहों (जेलों) को अर्थशास्त्र में क्या कहा गया है?
उत्तर देखें
बंधनागार एवं चरक
प्रशासनिक संरचना
मौर्यकालीन प्रशासन के प्रमुख अंग: केंद्रीय, प्रांतीय, स्थानीय, नगर और सैन्य प्रशासन
मौर्य शासन प्रणाली के पांच मुख्य प्रशासनिक स्तरों का तुलनात्मक स्वरूप
प्रशासनिक अंग / स्तर प्रमुख अधिकारी / शासी निकाय मुख्य विशेषताएं एवं व्यवस्था
केंद्रीय प्रशासन
उत्तर देखें
सम्राट, मंत्रिणः, 18 तीर्थ व 26 अध्यक्ष
उत्तर देखें
अत्यधिक केन्द्रीकृत, उपधा परीक्षण द्वारा नियुक्ति, राजा सर्वोच्च
प्रांतीय प्रशासन
उत्तर देखें
कुमार / आर्यपुत्र, विषयपति, रज्जुक
उत्तर देखें
5 प्रांत (चक्र), प्रांतीय स्वायत्तता सीमित, राजपरिवार का नियंत्रण
स्थानीय व ग्रामीण
उत्तर देखें
स्थानीय, द्रोणमुख, गोप, ग्रामिक
उत्तर देखें
800/400/100/10 गांवों का समूह, ग्राम सबसे छोटी स्वतंत्र इकाई
नगर प्रशासन
उत्तर देखें
नागरक, एस्ट्रोनोमोई (6 समितियां/30 सदस्य)
उत्तर देखें
उद्योग, विदेशी, जन्म-मरण, व्यापार व कर संग्रह हेतु 6 समितियां
सैन्य administration
उत्तर देखें
सेनापति, नायक, एग्रोनोमोई (6 समितियां)
उत्तर देखें
पैदल, अश्व, हस्ती, रथ, नौसेना व रसद हेतु पृथक सैन्य मंडल

अर्थव्यवस्था, श्रेणी व्यवस्था एवं कराधान

मौर्य अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार क्या था?
उत्तर देखें
कृषि, पशुपालन एवं व्यापार (वार्ता)
कृषि, पशुपालन और वाणिज्य को संयुक्त रूप से क्या कहा गया?
उत्तर देखें
वार्ता
राज्य की भूमि से प्राप्त होने वाली आय को क्या कहते थे?
उत्तर देखें
सीता
निजी भूमि के किसानों से लिया जाने वाला सामान्य भू-राजस्व
उत्तर देखें
भाग (1/6 भाग)
धार्मिक प्रकृति का कर जो स्वेच्छा या कर रूप में लिया जाता था
उत्तर देखें
बलि
नकद रूप में वसूला जाने वाला कर कहलाता था
उत्तर देखें
हिरण्य
आपत्काल में लिया जाने वाला अतिरिक्त कर
उत्तर देखें
प्रणय कर
सिंचाई पर लिया जाने वाला कर (सिंचाई कर)
उत्तर देखें
उदकभाग (1/5 से 1/3 भाग)
बिना वर्षा के अच्छी खेती होने वाली भूमि कहलाती थी
उत्तर देखें
अदेवमातृक
फल-फूल एवं बागों से लिया जाने वाला कर
उत्तर देखें
सेतुबंध
चारागाहों पर लिया जाने वाला कर
उत्तर देखें
विवीत
दुर्ग तथा नगर क्षेत्र से प्राप्त आय को क्या कहते थे?
उत्तर देखें
दुर्ग आय
व्यापारियों के संगठन या संघ को क्या कहा जाता था?
उत्तर देखें
श्रेणी (Guilds)
श्रेणी के प्रमुख अधिकारी को क्या कहते थे?
उत्तर देखें
महत्तक या ज्येष्ठक
काफिले (व्यापारिक कारवां) के प्रमुख को क्या कहा जाता था?
उत्तर देखें
सार्थवाह
शिल्पियों के संगठन को क्या कहा जाता था?
उत्तर देखें
संघ या पुग
मौर्य काल की मुख्य प्रमाणिक राजकीय मुद्रा
उत्तर देखें
पण (चांदी का सिक्का)
चांदी के सिक्के पण का वजन लगभग कितना था?
उत्तर देखें
3/4 तोले के बराबर (56 ग्रेन)
तांबे के छोटे सिक्के को क्या कहा जाता था?
उत्तर देखें
माषक या काकणी
सोने के सिक्के को अर्थशास्त्र में किस नाम से जाना गया?
उत्तर देखें
सुवर्ण या निष्क
मौर्यकालीन प्रमुख वस्त्र उद्योग केंद्र
उत्तर देखें
काशी, वंग, मथुराह व मधुरा
मलमल के उत्पादन हेतु प्रसिद्ध क्षेत्र
उत्तर देखें
बंगाल (ढाका)
पश्चिम भारत का प्रमुख व्यापारिक मार्ग
उत्तर देखें
उत्तरापथ (तक्षशिला से पाटलिपुत्र)
दक्षिण भारत का प्रमुख व्यापारिक मार्ग
उत्तर देखें
दक्षिणापथ (प्रतिष्ठान से कौशांबी)
मौर्य काल में आयातित वस्तुओं पर लगने वाला कर
उत्तर देखें
प्रवेश्य (लगभग 20%)
निष्कासित (निर्यातित) वस्तुओं पर लगने वाला कर
उत्तर देखें
निष्क्राम्य
बिक्री कर न देने या चोरी करने पर दंड की प्रकृति
उत्तर देखें
मृत्युदंड या अंगच्छेदन
व्यापारिक वस्तुओं पर चुंगी वसूलने वाला अधिकारी
उत्तर देखें
शुल्काध्यक्ष
राजस्व व्यवस्था
मौर्यकालीन प्रमुख कर/राजस्व व्यवस्थाएं — भाग, बलि, हिरण्य आदि — और उनका स्वरूप
मौर्यकालीन कर प्रणाली, कर प्रकार और साक्ष्य का विश्लेषणात्मक विवरण
कर / राजस्व का नाम आधार एवं प्रकृति (स्वरूप) साक्ष्य एवं ऐतिहासिक स्रोत
भाग
उत्तर देखें
मुख्य भू-राजस्व कर (उत्पादन का 1/6 से 1/4)
उत्तर देखें
अर्थशास्त्र, अशोक का रुम्मिनदेई अभिलेख
बलि
उत्तर देखें
धार्मिक/राजस्व कर (अशोक ने लुंबिनी में माफ किया)
उत्तर देखें
रुम्मिनदेई स्तंभलेख, अर्थशास्त्र
हिरण्य
उत्तर देखें
नकद रूप में लिया जाने वाला कर (अनाज के बदले)
उत्तर देखें
कौटिल्य का अर्थशास्त्र
उदकभाग
उत्तर देखें
सिंचाई कर (1/5 से 1/3 भाग, राजकीय नहरों हेतु)
उत्तर देखें
अर्थशास्त्र (क्षेत्राध्यक्ष एवं नहर संदर्भ)
प्रणय
उत्तर देखें
आपातकालीन स्वेच्छा कर (प्रजा पर विशेष कर)
उत्तर देखें
अर्थशास्त्र (संकटकाल में राजकोष पूर्ति हेतु)
विष्टि
उत्तर देखें
बेगार / बिना मजदूरी के कराया जाने वाला श्रम
उत्तर देखें
अर्थशास्त्र एवं जूनागढ़ अभिलेख
शुल्क
उत्तर देखें
व्यापारिक वस्तुओं व सीमा सुरक्षा पर चुंगी कर
उत्तर देखें
अर्थशास्त्र (शुल्काध्यक्ष विवरण)
वर्तनी
उत्तर देखें
मार्ग कर (सड़क व सुरक्षा हेतु लिया गया कर)
उत्तर देखें
अर्थशास्त्र (सार्थवाह व मार्ग प्रबंध)

मौर्यकालीन कला एवं वास्तुकला (स्तूप, स्तंभ, गुफाएं)

मौर्य कला को कितने भागों में विभाजित किया जा सकता है?
उत्तर देखें
2 भाग (राजकीय व लोक कला)
राजकीय कला का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण क्या है?
उत्तर देखें
अशोक के एकाश्मक स्तंभ
अशोक के स्तंभ किस पत्थर से निर्मित हैं?
उत्तर देखें
चुनार का बलुआ पत्थर
चुनार किस स्थान के समीप स्थित है?
उत्तर देखें
मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश)
मौर्यकालीन स्तंभों की सबसे प्रमुख विशेषता क्या है?
उत्तर देखें
अद्भुत चमक/पॉलिश (ओपदार पॉलिश)
भारत का राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह किस स्तंभ से लिया गया है?
उत्तर देखें
सारनाथ का सिंह स्तंभ
सारनाथ स्तंभ शीर्ष पर कितने सिंह एक-दूसरे से पीठ सटाकर बैठे हैं?
उत्तर देखें
4 सिंह
सारनाथ सिंह शीर्ष के फलक पर उकेरे गए 4 पशु
उत्तर देखें
सिंह, हाथी, बैल, घोड़ा
सांची (मध्य प्रदेश) का महान स्तूप मूलतः किसने बनवाया था?
उत्तर देखें
सम्राट अशोक
बौद्ध परंपरा के अनुसार अशोक ने कुल कितने स्तूप बनवाए?
उत्तर देखें
84,000 स्तूप (परंपरा अनुसार)
भरहुत स्तूप किस राज्य में स्थित है?
उत्तर देखें
मध्य प्रदेश (सतना)
धमेख स्तूप कहाँ स्थित है?
उत्तर देखें
सारनाथ (वाराणसी)
चौखंडी स्तूप किस स्थान पर स्थित है?
उत्तर देखें
सारनाथ
बराबर की पहाड़ियों में गुफाओं का निर्माण किसने करवाया?
उत्तर देखें
सम्राट अशोक
बराबर की पहाड़ियां किस ज़िले में स्थित हैं?
उत्तर देखें
गया (बिहार)
अशोक द्वारा आजीवकों हेतु निर्मित सबसे पुरानी गुफा
उत्तर देखें
कर्ण चौपार / सुदामा गुफा
नागार्जुनी पहाड़ियों में गुफाएं किसने बनवाईं?
उत्तर देखें
अशोक के पौत्र दशरथ ने
दशरथ द्वारा आजीवकों को दान दी गई प्रसिद्ध गुफा
उत्तर देखें
गोपिका गुफा
दीदारगंज (पटना) से प्राप्त प्रसिद्ध लोक कला मूर्ति
उत्तर देखें
दीदारगंज यक्षी की मूर्ति
परखम (मथुरा) से प्राप्त विशाल मूर्ति किसकी है?
उत्तर देखें
मणिभद्र यक्ष
बेसनगर (विदिशा) से प्राप्त लोक कला मूर्ति
उत्तर देखें
यक्षिणी की मूर्ति
पाटलिपुत्र (कुम्रहार) के मौर्य प्रासाद की मुख्य विशेषता
उत्तर देखें
80 पाषाण स्तंभों वाला विशाल मंडप
कुम्रहार के राजप्रासाद की तुलना परसीपोलिस से किसने की?
उत्तर देखें
डी.बी. स्पूनर
फ़ाहियान ने मौर्य राजप्रासाद को देखकर क्या कहा था?
उत्तर देखें
देवताओं द्वारा निर्मित (देवकृत)
लौरिया नंदनगढ़ स्तंभ कहाँ स्थित है?
उत्तर देखें
पश्चिम चंपारण (बिहार)
लौरिया नंदनगढ़ स्तंभ के शीर्ष पर कौन सा पशु है?
उत्तर देखें
सिंह
रामपूर्वा स्तंभ का वृषभ (बैल) शीर्ष वर्तमान में कहाँ सुरक्षित है?
उत्तर देखें
राष्ट्रपति भवन (नई दिल्ली)
संकिसा स्तंभ के शीर्ष पर कौन सा पशु उकेरा गया है?
उत्तर देखें
गज (हाथी)
कला एवं स्थापत्य
मौर्यकालीन कला-वास्तुकला: स्तूप, स्तंभ, गुफाएं और प्रमुख उदाहरण
मौर्यकालीन उत्कृष्ट राजकीय एवं लोक वास्तुकला के अवशेषों की सूची
स्थापत्य / स्मारक का प्रकार स्थान एवं निर्माता मुख्य विशेषता एवं कलात्मक महत्व
सारनाथ सिंह स्तंभ
उत्तर देखें
सारनाथ (वाराणसी) — अशोक
उत्तर देखें
4 पीठ सटे सिंह, धर्मचक्र, 4 पशु; भारत का राष्ट्रीय प्रतीक
सांची का महान स्तूप
उत्तर देखें
रायसेन (मप्र) — मूलतः अशोक
उत्तर देखें
ईंटों से निर्मित विशाल स्तूप, संघभेद अभिलेख, ओपदार चमक
सुदामा व विश्वझोपड़ी गुफा
उत्तर देखें
बराबर पहाड़ी (गया) — अशोक
उत्तर देखें
आजीवकों हेतु गुफा वास्तुकला की शुरुआत, पॉलिशयुक्त दीवारें
गोपिका व वधथिका गुफा
उत्तर देखें
नागार्जुनी पहाड़ी — दशरथ मौर्य
उत्तर देखें
आजीवक संप्रदाय हेतु दान; गुहा स्थापत्य का विकास
कुम्रहार राजप्रासाद
उत्तर देखें
पाटलिपुत्र (पटना) — चंद्रगुप्त/अशोक
उत्तर देखें
80 पाषाण स्तंभों का विशाल लकड़ी व पत्थर से बना राजमहल
दीदारगंज यक्षी मूर्ति
उत्तर देखें
दीदारगंज (पटना) — लोक कलाकार
उत्तर देखें
चमकदार ओपदार पॉलिश, त्रिभंग मुद्रा, मौर्य लोक कला का शिखर
रामपूर्वा स्तंभ (वृषभ शीर्ष)
उत्तर देखें
पश्चिम चंपारण (बिहार) — अशोक
उत्तर देखें
उत्कृष्ट पाषाण तराशी, बैल का सजीव अंकन (राष्ट्रपति भवन में)
कोई matching content नहीं मिला।