भारतीय पुनर्जागरण का पिता किसे कहा जाता है
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राजा राममोहन राय
| संस्था / आंदोलन | संस्थापक / प्रमुख नेता | स्थापना वर्ष, स्थल एवं मूल उद्देश्य |
|---|---|---|
ब्रह्म समाज |
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राजा राममोहन राय
(बाद में देवेंद्रनाथ, केशवचंद्र)
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1828 ई., कलकत्ता (बंगाल);
एकेश्वरवाद की पुनर्स्थापना, मूर्तिपूजा व सती प्रथा का उन्मूलन
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यंग बंगाल आंदोलन |
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हेनरी विवियन डेरोजियो
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1826–1831 ई., हिंदू कॉलेज (कलकत्ता);
तार्किक चिंतन, प्रेस की स्वतंत्रता व सामाजिक रूढ़ियों का विरोध
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प्रार्थना समाज |
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आत्माराम पांडुरंग
(एम. जी. रानाडे, भंडारकर)
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1867 ई., मुंबई (महाराष्ट्र);
जाति प्रथा विरोध, विधवा पुनर्विवाह, स्त्री शिक्षा व अछूतोद्धार
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आर्य समाज |
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स्वामी दयानंद सरस्वती
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1875 ई., मुंबई (1877 में लाहौर);
'वेदों की ओर लौटो', शुद्धि आंदोलन, पाखंड खंडन व स्वदेशी
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रामकृष्ण मिशन |
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स्वामी विवेकानंद
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1897 ई., बेलूर मठ (कलकत्ता);
मानव सेवा ही ईश्वर सेवा, वेदांत दर्शन का वैश्विक प्रसार
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थियोसोफिकल सोसाइटी |
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मैडम ब्लावात्स्की व कर्नल अल्काट
(भारत में एनी बेसेंट)
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1875 ई. न्यूयॉर्क (1882 अड्यार, मद्रास);
प्राचीन हिंदू दर्शन का पुनरुत्थान, सार्वभौमिक बंधुत्व
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सत्यशोधक समाज |
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महात्मा ज्योतिबा फुले
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1873 ई., पुणे (महाराष्ट्र);
ब्राह्मणवादी वर्चस्व का विरोध, दलित व महिला शिक्षा का उत्थान
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रहनुमाई मजदयसनन सभा |
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दादाभाई नौरोजी, नौरोजी फर्दोनजी
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1851 ई., मुंबई (महाराष्ट्र);
पारसी समाज में धार्मिक-सामाजिक सुधार, पर्दा प्रथा का विरोध
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| आंदोलन / संस्था | प्रमुख वैचारिक एवं दार्शनिक आधार | प्रमुख सामाजिक सुधार कार्यक्रम |
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ब्रह्म समाज |
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उपनिषदों का अद्वैतवाद, तर्कवाद, मानवीय गरिमा, सभी धर्मों के नैतिक सत्यों का आदर
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सती प्रथा का वैधानिक अंत; बहुविवाह, बाल विवाह व जातिगत छुआछूत पर कड़ा प्रहार; विधवा विवाह समर्थन
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आर्य समाज |
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'वेदों की ओर लौटो'; वेद ही ईश्वरीय ज्ञान व अकाट्य सत्य हैं; पुराणों व मूर्तिपूजा का खंडन
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शुद्धि आंदोलन (धर्म वापसी); डीएवी स्कूल व गुरुकुल शिक्षा; अंतरजातीय विवाह; बाल विवाह का विरोध
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प्रार्थना समाज |
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मध्यकालीन मराठी भक्ति संतों (तुकाराम, नामदेव) की परंपरा, एकेश्वरवादी प्रार्थना व आत्मिक शुद्धि
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जाति प्रथा व अस्पृश्यता निवारण; विधवा पुनर्विवाह व अनाथालय संचालन; रात्रि पाठशालाओं द्वारा शिक्षा प्रसार
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रामकृष्ण मिशन |
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नव-वेदांत दर्शन; 'यतो मत ततो पथ' (जितने मत उतने पथ); 'जीव ही शिव है' (मानव सेवा ही ईश्वर पूजा)
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अकाल, महामारी व बाढ़ में निःशुल्क राहत कार्य; आधुनिक चिकित्सालय, पुस्तकालय व रामकृष्ण मिशन विद्यालयों की स्थापना
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सत्यशोधक समाज |
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ब्राह्मणवादी धर्मग्रंथों व पुरोहिती शोषण का खंडन; शूद्रों व अतिशूद्रों की मुक्ति व मानवीय समानता
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बिना पुरोहित के विवाह संस्कार; अछूतों व बालिकाओं हेतु भारत की प्रथम कन्या पाठशालाएं (पुणे); किसान अधिकार
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| अधिनियम का नाम व वर्ष | संबंधित गवर्नर-जनरल / वायसराय | प्रमुख कानूनी प्रावधान एवं सामाजिक सुधार |
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कन्या शिशु वध निषेध
(1795 व 1804 ई.) |
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सर जॉन शोर एवं
लॉर्ड वेलेजली
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बंगाल रेगुलेशन XXI (1795) व III (1804); कन्या शिशु की हत्या को साधारण हत्या के बराबर दंडनीय अपराध घोषित किया
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सती प्रथा निषेध अधिनियम
(1829 ई.) |
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लॉर्ड विलियम बेंटिंक
(नियम XVII)
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राजा राममोहन राय के प्रयासों से; सती प्रथा को गैर-कानूनी व सदोष मानव वध घोषित; पहले बंगाल में, 1830 में मद्रास-बंबई में लागू
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दास प्रथा उन्मूलन
(1843 ई.) |
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लॉर्ड एलेनबरो
(1833 चार्टर एक्ट आधार)
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अधिनियम V (1843) द्वारा भारत में दासता को गैर-कानूनी घोषित किया गया; दासों का क्रय-विक्रय व बंधुआ मजदूरी प्रतिबंधित
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धार्मिक अयोग्यता अधिनियम
(लेक्स लोकी एक्ट, 1850) |
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लॉर्ड डलहौजी
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धर्म परिवर्तन करने पर भी व्यक्ति को उसकी पैतृक संपत्ति के उत्तराधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता था
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हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम
(1856 ई.) |
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लॉर्ड कैनिंग
(अधिनियम XV)
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ईश्वरचंद्र विद्यासागर के अथक प्रयासों से; विधवा पुनर्विवाह को पूर्ण कानूनी मान्यता तथा पुनर्विवाह से उत्पन्न संतान को वैध माना
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सम्मति आयु अधिनियम
(Age of Consent Act, 1891) |
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लॉर्ड लैंसडाउन
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बी. एम. मालाबारी के प्रयासों से; 12 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के विवाह पर प्रतिबंध; बाल गंगाधर तिलक ने इसका कड़ा विरोध किया
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शारदा अधिनियम
(बाल विवाह निरोधक, 1929) |
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लॉर्ड इरविन
(लागू: 1 अप्रैल 1930)
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डॉ. हरविलास शारदा के प्रयासों से; बालिकाओं की न्यूनतम विवाह आयु 14 वर्ष तथा बालकों की 18 वर्ष कानूनी रूप से निर्धारित
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| सुधारक / व्यक्तित्व | संबद्ध संस्था / संगठन एवं पत्रिका | प्रमुख सामाजिक योगदान एवं कार्य |
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महात्मा ज्योतिबा फुले
(1827–1890) |
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सत्यशोधक समाज (1873);
पुस्तक: गुलामगिरी, इशारा
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पुणे में प्रथम बालिका विद्यालय; बाल हत्या प्रतिबंधक गृह; सत्यशोधक विवाह पद्धति; अछूतोद्धार
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सावित्रीबाई फुले
(1831–1897) |
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सत्यशोधक समाज महिला शाखा;
काव्य: काव्य फुले
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भारत की प्रथम महिला शिक्षिका; विधवाओं व अनाथों का संरक्षण; प्लेग पीड़ितों की सेवा करते हुए बलिदान
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डॉ. बी. आर. अंबेडकर
(1891–1956) |
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बहिष्कृत हितकारिणी सभा (1924);
पत्रिका: मूकनायक, जनता
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महाड़ सत्याग्रह; कालाराम मंदिर प्रवेश; संविधान निर्माण में समानता; तीनों गोलमेज सम्मेलनों में दलित प्रतिनिधित्व
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ई. वी. रामास्वामी नायकर
(पेरियार) |
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आत्मसम्मान आंदोलन (1925);
द्रविड़ कड़गम (DK); पत्रिका: कुडी अरासु
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गैर-ब्राह्मण आंदोलन; जाति-व्यवस्था व मूर्तिपूजा का खंडन; महिलाओं के संपत्ति व तलाक अधिकारों का समर्थन
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पंडिता रमाबाई
(1858–1922) |
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आर्य महिला समाज (1882);
शारदा सदन व मुक्ति मिशन
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उच्च जातीय विधवाओं को आश्रय व व्यावसायिक शिक्षा; 'द हाई कास्ट हिंदू वूमेन' पुस्तक की विदुषी लेखिका
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धोंडो केशव कर्वे
(महर्षि डी. के. कर्वे) |
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विधवा आश्रम (पुणे, 1899);
भारतीय महिला विश्वविद्यालय (1916)
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स्वयं एक विधवा से विवाह; भारत का प्रथम महिला विश्वविद्यालय (SNDT) स्थापित किया; 1958 में भारत रत्न
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