सातवाहन वंश का संस्थापक
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सिमुक
| शासक एवं कालक्रम | उपाधि व मातृनाम | प्रमुख ऐतिहासिक उपलब्धियां |
|---|---|---|
सिमुक (संस्थापक) |
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सिंधुक / शिशुका
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सातवाहन सत्ता की स्थापना तथा कण्व वंश का अंत किया।
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शातकर्णी प्रथम |
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दक्षिणापथपति, अप्रतिहतचक्र
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दो अश्वमेध यज्ञ किए, नानाघाट अभिलेख में उल्लेख मिलता है।
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राजा हाल (17वाँ शासक) |
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कविप्रिया / साहित्यकार
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प्राकृत ग्रंथ 'गाथासप्तशती' की रचना तथा विद्वानों को संरक्षण।
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गौतमीपुत्र शातकर्णी (23वाँ शासक) |
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त्रिसमुद्रतोयपीतवाहन, एकब्राह्मण
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क्षहरात वंश के शक नहपान का अंत, नासिक प्रशस्ति में वर्णन।
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वशिष्ठीपुत्र पुलुमावी (24वाँ शासक) |
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दक्षिणापथेश्वर, नवनगरस्वामी
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धान्यकटक राजधानी बनाई, अमरावती स्तूप का संवर्धन।
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यज्ञश्री शातकर्णी (27वाँ शासक) |
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समुद्रप्रिय / जहाजी राजा
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रोमन व्यापार का पुनरुद्धार, सिक्कों पर जहाज का चित्र।
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| अभिलेख व स्थल | शासक / जारीकर्ता | मुख्य विषय व ऐतिहासिक साक्ष्य |
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नानाघाट अभिलेख (पुणे) |
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नागनिका (शातकर्णी प्रथम की पत्नी)
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प्रथम भूमि दान का प्रमाण, शातकर्णी प्रथम के यज्ञों का वर्णन।
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नासिक गुफा अभिलेख I |
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कान्हा (कृष्ण)
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सातवाहन काल का प्राचीनतम गुफा अभिलेख साक्ष्य।
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नासिक प्रशस्ति (गुफा III) |
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गौतमी बलश्री (शातकर्णी की माता)
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गौतमीपुत्र की विजयें, क्षहरात नहपान के विनाश का वर्णन।
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कार्ले गुफा अभिलेख |
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गौतमीपुत्र व पुलुमावी
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बौद्ध भिक्षुओं को कर-मुक्त भूमि/गांव दान करने का प्रमाण।
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मा्यकाडोनी अभिलेख (बेलारी) |
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पुलुमावी चतुर्थ
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सामंतशाही व्यवस्था, महासेनापति का ग्रामीण प्रशासन।
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जूनागढ़ अभिलेख (गिरनार) |
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शक शासक रुद्रदामन प्रथम
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सातवाहन-शक संघर्ष व वैवाहिक संबंधों का उल्लेख।
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| बंदरगाह / व्यापारिक केंद्र | प्रमुख व्यापारिक वस्तुएं व उद्योग | रोमन व्यापार व ऐतिहासिक साक्ष्य |
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भड़ौच (भृगुकच्छ / Barygaza) |
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सूती वस्त्र, मलमल, मणियाँ, जड़ी-बूटियाँ
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पश्चिमी तट का सबसे प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह।
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सोपारा एवं कल्याण |
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रेशम, मसाले, लोहे के उपकरण, गोमेद
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कोंकण तट के प्रमुख बंदरगाह, रोमन जहाजों का आगमन।
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अरिकामेडु एवं घण्टशाल |
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मनके, मृद्भांड (एरेटाइन), मदिरा पात्र
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पूर्वी तट (कोरोमंडल/आंध्र) के प्रसिद्ध रोमन व्यापारिक केंद्र।
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प्रतिष्ठान एवं तगर |
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सूती कपड़ा, मलमल, तेल, चमड़े की वस्तुएँ
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आंतरिक व्यापारिक मण्डियाँ, जहाँ से माल भड़ौच जाता था।
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पेरिप्लस ऑफ द एरिथ्रियन सी |
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इतालवी शराब, ताँबा, सीसा, सोने के सिक्के
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रोमन सोने के भारत आगमन तथा सातवाहन व्यापार का वर्णन।
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प्लिनी की 'नेचुरल हिस्टोरिका' |
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रोमन साम्राज्य से सोने का निष्कासन
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भारत द्वारा प्रतिवर्ष 5 करोड़ सेस्टरसेस सोना खींचने पर चिंता।
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| कला केंद्र / स्थल | वास्तुकला / शैली का प्रकार | मुख्य विशेषताएं व ऐतिहासिक साक्ष्य |
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अमरावती स्तूप (आंध्र प्रदेश) |
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स्तूप कला एवं अमरावती शैली
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सफेद संगमरमर का प्रयोग, जातक कथाओं का उत्कृष्ट उकेरन।
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कार्ले का चैत्य (पुणे) |
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चैत्य वास्तुकला (शैलकृत)
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भारत का सबसे विशाल और सुंदर हीनयान शैलकृत चैत्य।
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भाजा एवं नासिक गुफाएं |
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विहार एवं चैत्य (गुफाएं)
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बौद्ध भिक्षुओं के निवास एवं पूजा हेतु चट्टानों को काटकर निर्माण।
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नागार्जुनकोंडा |
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स्तूप, चैत्य एवं महाविहार
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इक्ष्वाकु एवं सातवाहन काल में बौद्ध कला का महान केंद्र।
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अजंता गुफा सं. 9 एवं 10 |
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भित्ति चित्रकला (Fresco)
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सातवाहन काल के प्राचीनतम बौद्ध भित्ति चित्रों का साक्ष्य।
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कन्हेरी गुफाएं (मुंबई) |
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शैलकृत गुफा स्थापत्य
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109 गुफाओं का समूह, वशिष्ठीपुत्र का अभिलेख प्राप्त।
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