ताम्रपाषाण युग से क्या आशय है?
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वह सांस्कृतिक चरण जिसमें पत्थर के साथ तांबे के उपकरणों का भी प्रयोग हुआ
| संस्कृति, क्षेत्र और प्रमुख स्थल | नदी/भौगोलिक क्षेत्र | विशिष्ट साक्ष्य/विशेषता |
|---|---|---|
आहड़-बनास संस्कृति — राजस्थान; आहड़, गिलुंड |
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बनास और उसकी सहायक नदी प्रणालियाँ
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कृषि, पशुपालन, तांबे का उपयोग और विशिष्ट मृदभांड
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कायथा संस्कृति — मध्य प्रदेश; कायथा |
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चंबल क्षेत्र
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कृषि, तांबे के उपकरण और विशिष्ट मृदभांड परंपरा
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मालवा संस्कृति — मध्य प्रदेश; नवदाटोली, एरण, नागदा |
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मालवा क्षेत्र और नर्मदा घाटी
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कृषि-आधारित बस्तियाँ और विशिष्ट चित्रित मृदभांड
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जोरवे संस्कृति — महाराष्ट्र; जोरवे, इनामगाँव, दैमाबाद |
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गोदावरी-भीमा क्षेत्र
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कृषि, पशुपालन और विशिष्ट लाल-नारंगी मृदभांड परंपरा
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इनामगाँव परंपरा — महाराष्ट्र |
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घोड़ नदी क्षेत्र
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स्थायी बस्ती, कृषि, पशुपालन और विविध पुरातात्विक साक्ष्य
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गिलुंड — राजस्थान |
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बनास क्षेत्र
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बस्ती, शिल्प और ताम्रपाषाण आर्थिक गतिविधियों के साक्ष्य
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नवदाटोली — मध्य प्रदेश |
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नर्मदा नदी के निकट
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मालवा संस्कृति की महत्वपूर्ण बस्ती और कृषि-संबंधी साक्ष्य
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| संस्कृति और अनुमानित काल | क्षेत्र तथा मृदभांड | कृषि, धातु-प्रयोग और प्रमुख स्थल |
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आहड़-बनास — लगभग तृतीय-द्वितीय सहस्राब्दी ईसा पूर्व |
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दक्षिण-पूर्वी राजस्थान; काले-लाल मृदभांड की विशिष्ट परंपरा
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कृषि-पशुपालन, तांबे का उपयोग; आहड़, गिलुंड
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कायथा — लगभग तृतीय सहस्राब्दी ईसा पूर्व के उत्तरार्ध से द्वितीय सहस्राब्दी ईसा पूर्व |
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मध्य प्रदेश का चंबल क्षेत्र; विशिष्ट स्थानीय मृदभांड
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कृषि-पशुपालन और तांबे का प्रयोग; कायथा
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मालवा — लगभग द्वितीय सहस्राब्दी ईसा पूर्व |
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मध्य भारत; चित्रित लाल/नारंगी मृदभांड परंपरा
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कृषि-पशुपालन और तांबे का प्रयोग; नवदाटोली, नागदा, एरण
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जोरवे — लगभग द्वितीय सहस्राब्दी ईसा पूर्व |
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महाराष्ट्र का दक्कन; लाल-नारंगी मृदभांड पर काला चित्रांकन
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कृषि-पशुपालन, तांबे का प्रयोग; जोरवे, इनामगाँव, दैमाबाद
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ताम्रपाषाण दक्कन की क्षेत्रीय परंपराएँ — काल में क्षेत्रीय अंतर |
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गोदावरी-भीमा और संबंधित पठारी क्षेत्र
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कृषि, पशुपालन और शिल्प; विभिन्न स्थानीय बस्तियाँ
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| प्रमुख स्थल और क्षेत्र | संस्कृति/संदर्भ | महत्वपूर्ण पुरातात्विक साक्ष्य |
|---|---|---|
आहड़ — राजस्थान |
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आहड़-बनास
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कृषि, पशुपालन, तांबे के उपयोग और विशिष्ट मृदभांड
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गिलुंड — राजस्थान |
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आहड़-बनास
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बड़ी बस्ती, शिल्प और आर्थिक गतिविधियों के साक्ष्य
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कायथा — मध्य प्रदेश |
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कायथा
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मृदभांड, तांबे के उपकरण और कृषि-आधारित बस्ती
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नवदाटोली — मध्य प्रदेश |
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मालवा
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स्थायी बस्ती, कृषि और मालवा मृदभांड परंपरा
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नागदा — मध्य प्रदेश |
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मालवा
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ताम्रपाषाण बस्ती और विशिष्ट मृदभांड
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एरण — मध्य प्रदेश |
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मालवा सहित विभिन्न पुरातात्विक चरण
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प्राचीन बस्ती और विविध पुरातात्विक अवशेष
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जोरवे — महाराष्ट्र |
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जोरवे
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विशिष्ट चित्रित मृदभांड और कृषक बस्ती
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इनामगाँव — महाराष्ट्र |
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जोरवे
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कृषि, पशुपालन, आवास, दफन और शिल्प के साक्ष्य
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दैमाबाद — महाराष्ट्र |
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जोरवे/दक्कन ताम्रपाषाण
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बस्ती, धातु और अन्य पुरातात्विक अवशेष
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प्रकाश — महाराष्ट्र |
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दक्कन ताम्रपाषाण
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कृषि, मृदभांड और बस्ती संबंधी साक्ष्य
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सावलदा क्षेत्र — महाराष्ट्र |
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प्रारंभिक ताम्रपाषाण परंपरा
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स्थानीय मृदभांड और कृषक बस्ती के साक्ष्य
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चंदोली — महाराष्ट्र |
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जोरवे परंपरा
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मृदभांड, कृषि और बस्ती संबंधी साक्ष्य
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