📚 Subject-Wise Notes

Uttar Bharat Teen Samrajya

पाल राजवंश — राजनीतिक इतिहास एवं प्रमुख शासक

पाल साम्राज्य के संस्थापक
उत्तर देखें
गोपाल
गोपाल का राज्यारोहण वर्ष (लगभग)
उत्तर देखें
750 ई.
गोपाल के निर्वाचन से पूर्व बंगाल में व्याप्त अराजकता
उत्तर देखें
मात्स्यन्याय
मात्स्यन्याय की समाप्ति हेतु गोपाल का चयन किसने किया
उत्तर देखें
प्रकृति (जनता व सामंतों) ने
ओदंतपुरी महाविहार (बिहार शरीफ) के संस्थापक शासक
उत्तर देखें
गोपाल
पाल वंश की प्रारंभिक राजधानी
उत्तर देखें
पाटलिपुत्र
मुद्गगिरि (मुंगेर) को राजधानी बनाने वाला पाल शासक
उत्तर देखें
देवपाल
गोपाल के उत्तराधिकारी एवं साम्राज्य के वास्तविक सुदृढ़ीकरणकर्ता
उत्तर देखें
धर्मपाल
धर्मपाल का शासनकाल (लगभग)
उत्तर देखें
770–810 ई.
धर्मपाल को 'उत्तरापथस्वामिन' की उपाधि देने वाले कवि
उत्तर देखें
सोड्ढल
गुजराती कवि सोड्ढल की प्रसिद्ध साहित्यिक कृति
उत्तर देखें
उदयसुंदरीकथा
कन्नौज में भव्य दरबार आयोजित कर चक्रायुध को गद्दी देने वाले शासक
उत्तर देखें
धर्मपाल
कन्नौज के दरबार में धर्मपाल ने किस शासक को पदच्युत किया
उत्तर देखें
इंद्रायुध
धर्मपाल की राजनीतिक उपलब्धियों का मुख्य ताम्रपत्र अभिलेख
उत्तर देखें
खालिमपुर ताम्रपत्र
खालिमपुर अभिलेख प्राप्ति स्थल का वर्तमान जिला
उत्तर देखें
मालदा (पश्चिम बंगाल)
धर्मपाल द्वारा धारण की गई सर्वोच्च शाही उपाधियां
उत्तर देखें
परमभट्टारक महाराजाधिराज परमेश्वर
प्रसिद्ध विक्रमशिला विश्वविद्यालय के संस्थापक शासक
उत्तर देखें
धर्मपाल
विक्रमशिला विश्वविद्यालय का वर्तमान भौगोलिक स्थल
उत्तर देखें
अंतीचक (भागलपुर, बिहार)
सोमपुर महाविहार (पहाड़पुर, बांग्लादेश) के निर्माता
उत्तर देखें
धर्मपाल
नालंदा विश्वविद्यालय के खर्च हेतु 200 गाँव दान देने वाले शासक
उत्तर देखें
धर्मपाल
पाल वंश का सर्वाधिक सैन्य विस्तारवादी शासक
उत्तर देखें
देवपाल
देवपाल का शासनकाल (लगभग)
उत्तर देखें
810–850 ई.
प्राग्ज्योतिषपुर (असम) और उत्कल (ओडिशा) को अधीन करने वाला पाल शासक
उत्तर देखें
देवपाल
हूणों और गुर्जर-प्रतिहारों पर विजय का दावा करने वाला पाल अभिलेख
उत्तर देखें
बादाल स्तंभ अभिलेख
देवपाल के प्रसिद्ध बौद्ध मंत्री एवं दरबारी
उत्तर देखें
दर्भपाणि
सुमात्रा के शैलेंद्रवंशीय शासक जिन्होंने नालंदा में विहार बनवाया
उत्तर देखें
बालपुत्रदेव
बालपुत्रदेव के अनुरोध पर नालंदा विहार को 5 गाँव देने वाले शासक
उत्तर देखें
देवपाल
पाल वंश का 'द्वितीय संस्थापक' किसे कहा जाता है
उत्तर देखें
महिपाल प्रथम
चोल सम्राट राजेंद्र प्रथम का बंगाल आक्रमण किसके काल में हुआ
उत्तर देखें
महिपाल प्रथम
पाल काल में उत्तरी बंगाल का प्रसिद्ध कैवर्त (धीवर) विद्रोह
उत्तर देखें
दिव्य (दिव्बोक) के नेतृत्व में
कैवर्त विद्रोह में मारे जाने वाले पाल शासक
उत्तर देखें
महीपाल द्वितीय
कैवर्त विद्रोह का दमन कर सत्ता पुनर्स्थापित करने वाले शासक
उत्तर देखें
रामपाल
'रामपालचरित' महाकाव्य के रचयिता
उत्तर देखें
संध्याकर नंदी
संध्याकर नंदी ने स्वयं को किस पदवी से विभूषित किया
उत्तर देखें
कलिकाल वाल्मीकि
तुलनात्मक अवलोकन
पाल, गुर्जर-प्रतिहार और राष्ट्रकूट राजवंश — प्रमुख आधार
संस्थापक, प्रमुख शासक, राजधानियां एवं ऐतिहासिक उपलब्धियां
राजवंश एवं संस्थापक प्रमुख शासक व राजधानी प्रमुख ऐतिहासिक उपलब्धियां
पाल वंश (गोपाल, 750 ई.)
उत्तर देखें
धर्मपाल, देवपाल, महिपाल प्रथम (पाटलिपुत्र / मुंगेर)
उत्तर देखें
मात्स्यन्याय का अंत, विक्रमशिला व सोमपुर की स्थापना, बौद्ध धर्म को संरक्षण, कन्नौज दरबार
गुर्जर-प्रतिहार (नागभट्ट प्रथम, 730 ई.)
उत्तर देखें
वत्सराज, नागभट्ट द्वितीय, मिहिरभोज (भीनमाल / कन्नौज)
उत्तर देखें
अरब आक्रमणों का सफल प्रतिरोध, कन्नौज पर स्थायी आधिपत्य, आदिवराह मुद्राएं, मारु-गुर्जर शैली
राष्ट्रकूट वंश (दंतिदुर्ग, 752 ई.)
उत्तर देखें
कृष्ण प्रथम, ध्रुव, अमोघवर्ष प्रथम (मान्यखेट / मालखेड)
उत्तर देखें
चालुक्यों का उन्मूलन, एलोरा कैलाश मंदिर निर्माण, त्रिपक्षीय संघर्ष में विजय, कविराजमार्ग रचना

पाल कालीन बौद्ध संरक्षण, कला एवं शिक्षा केंद्र

पाल शासकों का व्यक्तिगत धर्म
उत्तर देखें
महायान बौद्ध धर्म
पाल नरेशों द्वारा प्रयुक्त प्रमुख धार्मिक उपाधि
उत्तर देखें
परम सौगत
पाल काल में विकसित बौद्ध धर्म की तांत्रिक शाखा
उत्तर देखें
वज्रयान
विक्रमशिला विश्वविद्यालय का प्रमुख अध्ययन विषय
उत्तर देखें
वज्रयान एवं बौद्ध तंत्र
विक्रमशिला के प्रसिद्ध विद्वान जो तिब्बत धर्म प्रचार हेतु गए
उत्तर देखें
दीपंकर श्रीज्ञान (अतीश)
दीपंकर श्रीज्ञान को तिब्बत में किस आदरणीय नाम से जाना गया
उत्तर देखें
जोवो अतीश
पाल काल में तिब्बत जाकर बौद्ध विहार स्थापित करने वाले आचार्य
उत्तर देखें
शांतक्षित
पाल कालीन कांस्य मूर्तिकला के दो महान प्रवर्तक कलाकार
उत्तर देखें
धीमान और वीटपाल
धीमान और वीटपाल किस पाल नरेश के समकालीन थे
उत्तर देखें
धर्मपाल एवं देवपाल
पाल कालीन कांस्य मूर्तियों का प्रमुख निर्माण केंद्र
उत्तर देखें
कुक्रीहार (गया) व नालंदा
पाल काल की पांडुलिपि चित्रकला किस आधार पर बनाई जाती थी
उत्तर देखें
ताड़पत्र (पाम लीफ)
पाल चित्रकला की प्रसिद्ध सचित्र बौद्ध पांडुलिपि
उत्तर देखें
अष्टसाहस्रिका प्रज्ञापारमिता
पाल युगीन प्रसिद्ध तांत्रिक सचित्र बौद्ध ग्रंथ
उत्तर देखें
पंचरक्षा
पाल काल के प्रसिद्ध आयुर्वेदाचार्य एवं 'चिकित्सा संग्रह' के लेखक
उत्तर देखें
चक्रपाणि दत्त
चक्रपाणि दत्त किस पाल शासक के समकालीन थे
उत्तर देखें
नयपाल
पाल काल में विकसित विशिष्ट संस्कृत साहित्यिक शैली
उत्तर देखें
गौड़ी रीति
सोमपुर महाविहार को यूनेस्को विश्व धरोहर घोषित करने का वर्ष
उत्तर देखें
1985 ई.
पाल कालीन सिक्कों के लिए प्रयुक्त अभिलेखीय शब्द
उत्तर देखें
कपर्दक पुराण
देवपाल के समय नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति बने विद्वान
उत्तर देखें
वीरदेव (नगरहार निवासी)
सांस्कृतिक परिदृश्य
पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूटों का धार्मिक एवं सांस्कृतिक संरक्षण
बौद्ध, ब्राह्मणीय और वास्तुकला-साहित्यिक योगदान
राजवंश धार्मिक नीति एवं संरक्षण प्रमुख सांस्कृतिक एवं वास्तुकला योगदान
पाल राजवंश
उत्तर देखें
महायान व वज्रयान बौद्ध धर्म को पूर्ण राज्याश्रय; शैव-वैष्णव संप्रदायों के प्रति सहिष्णु
उत्तर देखें
विक्रमशिला, सोमपुर व ओदंतपुरी महाविहार; नालंदा का संरक्षण; धीमान-वीटपाल की कांस्य कला व ताड़पत्र चित्रकला
गुर्जर-प्रतिहार
उत्तर देखें
वैष्णव (आदिवराह), शैव और सौर (सूर्य) धर्म के कट्टर समर्थक एवं पोषक
उत्तर देखें
मारु-गुर्जर (प्रतिहार) मंदिर स्थापत्य; मिहिरभोज के आदिवराह सिक्के; राजशेखर की कर्पूरमंजरी व काव्यमीमांसा
राष्ट्रकूट राजवंश
उत्तर देखें
शैव व वैष्णव धर्म के साथ-साथ जैन धर्म को समान उदार संरक्षण
उत्तर देखें
एलोरा का एकाश्मक कैलाश मंदिर (गुफा 16); एलिफेंटा की त्रिमूर्ति; कविराजमार्ग, आदिपुराण व गणितसारसंग्रह

गुर्जर-प्रतिहार साम्राज्य — उत्पत्ति, राजनीतिक विजय एवं साहित्य

प्रतिहारों की उत्पत्ति संबंधी 'अग्निकुल सिद्धांत' का प्रमुख ग्रंथ
उत्तर देखें
पृथ्वीराजरासो (चंदबरदाई)
प्रतिहार स्वयं को किस महाकाव्य कालीन व्यक्तित्व का वंशज मानते थे
उत्तर देखें
लक्ष्मण (श्रीराम के अनुज)
गुर्जर-प्रतिहार साम्राज्य का वास्तविक राजनीतिक संस्थापक
उत्तर देखें
नागभट्ट प्रथम
नागभट्ट प्रथम का शासनकाल (लगभग)
उत्तर देखें
730–756 ई.
नागभट्ट प्रथम द्वारा अरब (म्लेच्छ) आक्रमणकारियों को पराजित करने का साक्ष्य
उत्तर देखें
ग्वालियर प्रशस्ति
ग्वालियर प्रशस्ति में नागभट्ट प्रथम को किस रूप में वर्णित किया गया
उत्तर देखें
म्लेच्छों का नाशक (नारायण)
गुर्जर-प्रतिहारों की आरंभिक शक्ति का प्रमुख केंद्र
उत्तर देखें
भीनमाल एवं अवंती (उज्जैन)
'रणहस्तिन' (युद्ध का हाथी) की उपाधि धारण करने वाला प्रतिहार राजा
उत्तर देखें
वत्सराज
वत्सराज के समय प्रसिद्ध प्राकृत ग्रंथ 'कुवलयमाला' के रचयिता
उत्तर देखें
उद्योतन सूरि (778 ई.)
वत्सराज के समकालीन 'हरिवंश पुराण' के रचयिता जैन आचार्य
उत्तर देखें
जिनसेन प्रथम
कन्नौज को जीतकर प्रतिहार साम्राज्य की स्थायी राजधानी बनाने वाले शासक
उत्तर देखें
नागभट्ट द्वितीय
नागभट्ट द्वितीय ने मुंगेर के युद्ध में किस पाल राजा को हराया
उत्तर देखें
धर्मपाल
833 ई. में गंगा नदी में जलसमाधि लेने वाले प्रतिहार सम्राट
उत्तर देखें
नागभट्ट द्वितीय
गुर्जर-प्रतिहार वंश का सबसे प्रतापी और महानतम शासक
उत्तर देखें
मिहिरभोज प्रथम
मिहिरभोज का शासनकाल (लगभग)
उत्तर देखें
836–885 ई.
मिहिरभोज द्वारा वैष्णव धर्म के प्रभाव में धारण की गई प्रसिद्ध उपाधि
उत्तर देखें
आदिवराह एवं प्रभास
मिहिरभोज द्वारा जारी किए गए विशेष चांदी के सिक्के
उत्तर देखें
आदिवराह द्रम्म
मिहिरभोज के शासनकाल की उपलब्धियों का मुख्य अभिलेखीय स्रोत
उत्तर देखें
ग्वालियर प्रशस्ति
मिहिरभोज के समय भारत की यात्रा करने वाला अरब व्यापारी
उत्तर देखें
सुलेमान (851 ई.)
अरब यात्री सुलेमान ने मिहिरभोज को किस नाम से पुकारा
उत्तर देखें
बौरा (आदिवराह का अपभ्रंश)
सुलेमान के अनुसार अरबों और इस्लाम का सबसे प्रबल शत्रु
उत्तर देखें
मिहिरभोज (प्रतिहार)
सुलेमान ने किस भारतीय साम्राज्य की घुड़सवार सेना को सर्वश्रेष्ठ बताया
उत्तर देखें
गुर्जर-प्रतिहार सेना
मिहिरभोज के उत्तराधिकारी महेंद्रपाल प्रथम के राजकवि व गुरु
उत्तर देखें
राजशेखर
राजशेखर द्वारा प्राकृत भाषा में रचित प्रसिद्ध नाटक
उत्तर देखें
कर्पूरमंजरी
राजशेखर की अन्य प्रसिद्ध संस्कृत कृतियां
उत्तर देखें
काव्यमीमांसा, बालरामायण, विद्धशालभंजिका
महेंद्रपाल प्रथम द्वारा धारण की गई प्रमुख राजकीय उपाधियां
उत्तर देखें
निर्भयनरेंद्र एवं रघुकुलतिलक
राजशेखर ने किस प्रतिहार शासक को 'आर्यावर्त का महाराजाधिराज' कहा
उत्तर देखें
महिपाल प्रथम
बगदाद का प्रसिद्ध यात्री अल-मसूदी किसके काल में कन्नौज आया
उत्तर देखें
महिपाल प्रथम (915-16 ई.)
अल-मसूदी ने प्रतिहार राज्य को क्या नाम दिया
उत्तर देखें
अल-जुज्र (गुर्जर)
916 ई. में कन्नौज पर भीषण आक्रमण कर लूटने वाला राष्ट्रकूट राजा
उत्तर देखें
इंद्र तृतीय
1018 ई. में महमूद गजनवी के आक्रमण समय कन्नौज का प्रतिहार शासक
उत्तर देखें
राज्यपाल
गजनवी के भय से भागने के कारण राज्यपाल का वध करने वाले शासक
उत्तर देखें
चंदेल शासक विद्याधर
गुर्जर-प्रतिहार वंश का अंतिम ज्ञात शासक
उत्तर देखें
यशपाल (1036 ई.)

कन्नौज के लिए त्रिपक्षीय संघर्ष — कारण, चरण एवं परिणाम

8वीं से 10वीं सदी में उत्तर भारत का केंद्रीय राजनीतिक सत्ता स्थल
उत्तर देखें
कन्नौज (महोदय नगर)
हर्षवर्धन के बाद उत्तर भारतीय संप्रभुता का मुख्य प्रतीक नगर
उत्तर देखें
कन्नौज
कन्नौज किस अत्यंत समृद्ध एवं उपजाऊ भू-भाग में स्थित था
उत्तर देखें
गंगा-यमुना दोआब
त्रिपक्षीय संघर्ष में भाग लेने वाले तीन प्रमुख राजवंश
उत्तर देखें
पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट
त्रिपक्षीय संघर्ष का सूत्रपात करने वाला प्रतिहार शासक
उत्तर देखें
वत्सराज
संघर्ष के आरंभ में कन्नौज पर शासन करने वाला दुर्बल वंश
उत्तर देखें
आयुध वंश
आयुध वंश के दो परस्पर संघर्षरत शासक
उत्तर देखें
इंद्रायुध और चक्रायुध
त्रिपक्षीय संघर्ष में हस्तक्षेप करने वाला प्रथम दक्षिण भारतीय राजवंश
उत्तर देखें
राष्ट्रकूट वंश
उत्तर भारत पर आक्रमण कर वत्सराज और धर्मपाल दोनों को हराने वाला शासक
उत्तर देखें
ध्रुव (राष्ट्रकूट)
ध्रुव द्वारा उत्तर भारत से दक्षिण वापस लौटने का मुख्य कारण
उत्तर देखें
दक्कन की आंतरिक राजनीति
राष्ट्रकूटों के लौटते ही धर्मपाल ने कन्नौज की गद्दी पर किसे बैठाया
उत्तर देखें
चक्रायुध
संघर्ष के द्वितीय चरण में चक्रायुध और धर्मपाल को हराने वाला प्रतिहार राजा
उत्तर देखें
नागभट्ट द्वितीय
नागभट्ट द्वितीय को पराजित करने वाला राष्ट्रकूट नरेश
उत्तर देखें
गोविंद तृतीय
राष्ट्रकूट उत्तर भारत पर स्थायी नियंत्रण क्यों नहीं कर सके
उत्तर देखें
अत्यधिक भौगोलिक दूरी
लगभग दो शताब्दियों तक चले त्रिपक्षीय संघर्ष का अंतिम विजेता राजवंश
उत्तर देखें
गुर्जर-प्रतिहार
त्रिपक्षीय संघर्ष का तीनों प्रमुख साम्राज्यों पर पड़ा अंतिम प्रभाव
उत्तर देखें
पारस्परिक दुर्बलता एवं पतन
ऐतिहासिक संघर्ष
त्रिपक्षीय संघर्ष — प्रमुख चरण, शामिल शासक एवं परिणाम
कन्नौज पर आधिपत्य के लिए दो शताब्दियों का घटनाक्रम
संघर्ष का चरण व काल शामिल पक्ष एवं शासक प्रमुख घटना एवं निर्णायक परिणाम
प्रथम चरण (8वीं सदी का अंत)
उत्तर देखें
वत्सराज (प्रतिहार), धर्मपाल (पाल), ध्रुव (राष्ट्रकूट)
उत्तर देखें
वत्सराज ने धर्मपाल को हराया; ध्रुव ने दोनों को पराजित किया; राष्ट्रकूटों की दक्षिण वापसी से धर्मपाल का कन्नौज पर अस्थायी प्रभाव
द्वितीय चरण (9वीं सदी का आरंभ)
उत्तर देखें
नागभट्ट द्वितीय (प्रतिहार), धर्मपाल (पाल), गोविंद तृतीय (राष्ट्रकूट)
उत्तर देखें
नागभट्ट द्वितीय ने चक्रायुध व धर्मपाल को पराजित कर कन्नौज पर कब्जा किया; गोविंद तृतीय का उत्तरी अभियान; प्रतिहारों को अस्थायी आघात
तृतीय चरण (9वीं सदी का मध्य)
उत्तर देखें
मिहिरभोज (प्रतिहार), देवपाल (पाल), अमोघवर्ष (राष्ट्रकूट)
उत्तर देखें
देवपाल के समय कड़ा संतुलन; देवपाल के बाद मिहिरभोज द्वारा कन्नौज पर स्थायी व निर्विवाद प्रतिहार प्रभुत्व स्थापित
चतुर्थ चरण व अंत (10वीं सदी)
उत्तर देखें
महिपाल प्रथम (प्रतिहार), इंद्र तृतीय व कृष्ण तृतीय (राष्ट्रकूट)
उत्तर देखें
इंद्र तृतीय द्वारा कन्नौज पर विनाशकारी आक्रमण; तीनों महाशक्तियों का पतन; उत्तर भारत में नए राजपूत सामंतों का स्वतंत्र उदय

राष्ट्रकूट साम्राज्य — उत्कर्ष, शासक, एलोरा एवं साहित्य

राष्ट्रकूट साम्राज्य का संस्थापक शासक
उत्तर देखें
दंतिदुर्ग (752 ई.)
दंतिदुर्ग ने किस बादामी चालुक्य शासक को हराकर स्वतंत्रता स्थापित की
उत्तर देखें
कीर्तिवर्मन द्वितीय
दंतिदुर्ग द्वारा उज्जयिनी में संपादित प्रसिद्ध धार्मिक महादान
उत्तर देखें
हिरण्यगर्भ यज्ञ
हिरण्यगर्भ यज्ञ में 'प्रतिहार' (द्वारपाल) की भूमिका निभाने वाले राजा
उत्तर देखें
गुर्जर-प्रतिहार शासक
राष्ट्रकूटों की स्थायी राजधानी 'मान्यखेट' (मालखेड) के संस्थापक
उत्तर देखें
अमोघवर्ष प्रथम
एलोरा के विश्वप्रसिद्ध एकाश्मक (मोनोलिथिक) 'कैलाश मंदिर' के निर्माता
उत्तर देखें
कृष्ण प्रथम
एलोरा का कैलाश मंदिर किस गुफा संख्या में स्थित है
उत्तर देखें
गुफा संख्या 16
एलोरा का कैलाश मंदिर किस स्थापत्य शैली में निर्मित है
उत्तर देखें
द्रविड़ शैली
कैलाश मंदिर निर्माण की सबसे विशिष्ट तकनीकी विशेषता
उत्तर देखें
पहाड़ को ऊपर से नीचे काटना
'धारावर्ष' और 'श्रीवल्लभ' की उपाधि धारण करने वाले राष्ट्रकूट सम्राट
उत्तर देखें
ध्रुव
उत्तर भारत के त्रिपक्षीय संघर्ष में विजय प्राप्त करने वाला पहला राष्ट्रकूट राजा
उत्तर देखें
ध्रुव
गोविंद तृतीय ने दक्षिण में किन शक्तियों के संघ को पराजित किया
उत्तर देखें
चोल, पांड्य, चेर और पल्लव
राष्ट्रकूट वंश का सबसे दीर्घजीवी, शांतिप्रिय एवं विद्वान सम्राट
उत्तर देखें
अमोघवर्ष प्रथम
अमोघवर्ष प्रथम का शासनकाल (लगभग)
उत्तर देखें
814–878 ई. (64 वर्ष)
अमोघवर्ष प्रथम किस धर्म के प्रबल अनुयायी एवं संरक्षक बने
उत्तर देखें
जैन धर्म (दिगंबर)
अमोघवर्ष प्रथम के प्रसिद्ध जैन गुरु
उत्तर देखें
आचार्य जिनसेन
कन्नड़ भाषा के प्रथम उपलब्ध काव्य ग्रंथ 'कविराजमार्ग' के रचयिता
उत्तर देखें
अमोघवर्ष प्रथम (या दरबारी श्रीविजय)
अमोघवर्ष द्वारा संस्कृत में रचित प्रसिद्ध दार्शनिक रचना
उत्तर देखें
प्रश्नोत्तर रत्नमालिका
अरब यात्री सुलेमान ने अमोघवर्ष (बल्हरा) को विश्व के किन चार महान शासकों में गिना
उत्तर देखें
रोम, चीन और बगदाद के खलीफा
अरब लेखकों द्वारा राष्ट्रकूट राजाओं के लिए प्रयुक्त सामान्य पदवी
उत्तर देखें
बल्हरा (वल्लभराज)
'आदिपुराण' के रचयिता प्रसिद्ध जैन आचार्य
उत्तर देखें
जिनसेन
'उत्तरपुराण' के रचयिता प्रसिद्ध विद्वान
उत्तर देखें
गुणभद्र
प्रसिद्ध गणितीय ग्रंथ 'गणितसारसंग्रह' के रचयिता
उत्तर देखें
महावीराचार्य
महावीराचार्य किस राष्ट्रकूट शासक के राजदरबार में थे
उत्तर देखें
अमोघवर्ष प्रथम
949 ई. के ऐतिहासिक 'तक्कोलम् के युद्ध' में चोल राजा परांतक प्रथम को किसने हराया
उत्तर देखें
कृष्ण तृतीय
रामेश्वरम में विजय स्तंभ एवं भव्य मंदिर बनवाने वाला राष्ट्रकूट शासक
उत्तर देखें
कृष्ण तृतीय
'शांतिपुराण' के रचयिता प्रसिद्ध कन्नड़ कवि पोन्न किसके दरबारी थे
उत्तर देखें
कृष्ण तृतीय
कृष्ण तृतीय ने कवि पोन्न को कौन सी उपाधि दी
उत्तर देखें
उभयकवि चक्रवर्ती
कन्नड़ के आदि कवि 'पम्प' किसके समकालीन थे
उत्तर देखें
अरीकेसरी द्वितीय (राष्ट्रकूट सामंत)
राष्ट्रकूट वंश को 973 ई. में समाप्त कर कल्याणी चालुक्य वंश की स्थापना करने वाले
उत्तर देखें
तैलप द्वितीय
पुरातात्विक स्रोत
प्रमुख अभिलेख, शासक और उनसे प्राप्त ऐतिहासिक जानकारी
पाल, प्रतिहार एवं राष्ट्रकूट काल के प्रमुख अभिलेखीय साक्ष्य
अभिलेख व प्राप्ति स्थल संबंधित शासक / राजवंश मुख्य विषय एवं ऐतिहासिक महत्व
खालिमपुर ताम्रपत्र (मालदा, बंगाल)
उत्तर देखें
धर्मपाल (पाल वंश)
उत्तर देखें
मात्स्यन्याय का अंत, गोपाल का निर्वाचन, धर्मपाल का कन्नौज दरबार तथा बौद्ध मंदिर को भूमि अनुदान
मुंगेर ताम्रपत्र (मुंगेर, बिहार)
उत्तर देखें
देवपाल (पाल वंश)
उत्तर देखें
देवपाल की सैन्य विजयें (उत्कल, कामरूप, हूण) तथा मुंगेर को राजधानी बनाने का स्पष्ट प्रमाण
नालंदा ताम्रपत्र (नालंदा, बिहार)
उत्तर देखें
देवपाल / बालपुत्रदेव
उत्तर देखें
सुमात्रा के शैलेंद्र राजा द्वारा नालंदा में विहार निर्माण व उसके खर्च हेतु देवपाल द्वारा 5 गाँवों का दान
ग्वालियर प्रशस्ति (ग्वालियर, म.प्र.)
उत्तर देखें
मिहिरभोज (गुर्जर-प्रतिहार)
उत्तर देखें
प्रतिहारों की विस्तृत वंशावली, नागभट्ट प्रथम द्वारा अरबों का दमन तथा मिहिरभोज की सैन्य उपलब्धियां
संजन ताम्रपत्र (संजन, महाराष्ट्र)
उत्तर देखें
अमोघवर्ष प्रथम (राष्ट्रकूट)
उत्तर देखें
दंतिदुर्ग द्वारा उज्जैन में हिरण्यगर्भ यज्ञ का संपादन एवं राष्ट्रकूटों के उत्तरी सैन्य अभियानों का ब्यौरा
एलोरा गुहा अभिलेख (एलोरा, महाराष्ट्र)
उत्तर देखें
दंतिदुर्ग व कृष्ण प्रथम
उत्तर देखें
राष्ट्रकूटों की चालुक्यों पर विजय, स्वतंत्र सत्ता की स्थापना तथा गुहा मंदिरों के निर्माण का उल्लेख

साम्राज्यीय प्रशासन, सामंतवाद, सैन्य संगठन एवं शब्दावली

पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूटों की शासन प्रणाली का मूल स्वरूप
उत्तर देखें
वंशानुगत राजतंत्रात्मक
मध्यकालीन राजतंत्र में राजा की शक्ति पर मुख्य व्यावहारिक अंकुश
उत्तर देखें
धर्मशास्त्र एवं शक्तिशाली सामंत
पाल एवं प्रतिहार साम्राज्य में प्रांत को क्या कहा जाता था
उत्तर देखें
भुक्ति
भुक्ति (प्रांत) के प्रमुख प्रशासक की पदवी
उत्तर देखें
उपरिक
भुक्ति का उप-विभाजन किस प्रशासनिक इकाई में किया गया था
उत्तर देखें
विषय (जिला)
विषय (जिले) के प्रधान प्रशासनिक अधिकारी की संज्ञा
उत्तर देखें
विषयपति
पाल साम्राज्य में विषय के नीचे की प्रशासनिक उप-इकाइयां
उत्तर देखें
वीथी और मंडल
पाल साम्राज्य में ग्रामीण प्रशासन के प्रमुख अधिकारी
उत्तर देखें
ग्रामपति (ग्रामिक)
राष्ट्रकूट साम्राज्य में सबसे बड़ी प्रांतीय प्रशासनिक इकाई
उत्तर देखें
राष्ट्र (प्रांत)
राष्ट्रकूट प्रशासन में 'राष्ट्र' के सर्वोच्च अधिकारी
उत्तर देखें
राष्ट्रपति
राष्ट्रकूट प्रशासन में 'विषय' के नीचे स्थित 50 से 70 गाँवों का समूह
उत्तर देखें
भुक्ति
राष्ट्रकूट कालीन भुक्ति के प्रमुख प्रशासक
उत्तर देखें
भोगपति
राष्ट्रकूट साम्राज्य में गाँव के प्रधान या मुखिया की संज्ञा
उत्तर देखें
ग्रामकूट एवं गावुंड
राष्ट्रकूट प्रशासन में गाँव के लेखाकार (पटवारी) को क्या कहा जाता था
उत्तर देखें
युक्तक (करणीक)
तीनों साम्राज्यों के पतन का सबसे प्रमुख आंतरिक संरचनात्मक कारण
उत्तर देखें
सामंतवाद का अत्यधिक विस्तार
सामंती अधिकारियों द्वारा धारण की जाने वाली प्रमुख उच्च पदवियां
उत्तर देखें
महासामंत एवं महामंडलेश्वर
पाल साम्राज्य की सेना का सबसे विशिष्ट एवं प्रसिद्ध अंग
उत्तर देखें
विशाल नौसेना एवं हस्ती सेना
गुर्जर-प्रतिहारों की सैन्य शक्ति की प्रमुख रीढ़
उत्तर देखें
मध्य एशियाई अश्वसेना
पूर्व मध्यकाल में भू-राजस्व की सामान्य वैधानिक दर
उत्तर देखें
उपज का 1/6 भाग (षड्भाग)
पाल अभिलेखों में नियमित भू-राजस्व के लिए प्रयुक्त पारिभाषिक शब्द
उत्तर देखें
भाग और भोग
अभिलेखों में आपातकालीन या अतिरिक्त कर के लिए प्रयुक्त शब्द
उत्तर देखें
उपरिकर
व्यापारिक कारवां का नेतृत्व करने वाले प्रमुख व्यापारी
उत्तर देखें
सार्थवाह
नगरों में व्यापारिक श्रेणियों या गिल्डों के प्रमुख को क्या कहा जाता था
उत्तर देखें
श्रेष्ठिन
राष्ट्रकूट साम्राज्य में कानून-व्यवस्था व पुलिस का प्रधान अधिकारी
उत्तर देखें
दंडाधिपति (दंडनायक)
पाल काल में युद्ध एवं शांति के प्रभारी मंत्री की पदवी
उत्तर देखें
संधिविग्रहिक
पाल अभिलेखों में राजकीय दानपत्रों के मुख्य लेखक
उत्तर देखें
करणिक
प्रशासनिक तुलना
पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट प्रशासनिक संरचना की तुलनात्मक सारणी
प्रशासनिक इकाइयां, प्रमुख पद, सैन्य आधार एवं पतन के कारक
प्रशासनिक तत्व / स्तर पाल एवं गुर्जर-प्रतिहार व्यवस्था राष्ट्रकूट साम्राज्य व्यवस्था
क्षेत्रीय प्रशासनिक विभाजन
उत्तर देखें
भुक्ति (प्रांत) -> विषय (जिला) -> मंडल/वीथी -> ग्राम
उत्तर देखें
राष्ट्र (प्रांत) -> विषय (जिला) -> भुक्ति (गांव समूह) -> ग्राम
प्रांतीय व स्थानीय अधिकारी
उत्तर देखें
उपरिक (प्रांत प्रमुख), विषयपति (जिला प्रमुख), ग्रामपति (ग्राम प्रमुख)
उत्तर देखें
राष्ट्रपति (राष्ट्र प्रमुख), विषयपति (विषय प्रमुख), ग्रामकूट/गावुंड (ग्राम प्रमुख)
विशिष्ट सैन्य संगठन
उत्तर देखें
पाल: नौसेना व विशाल गजसेना; प्रतिहार: उच्च कोटि की मध्य एशियाई अश्वसेना
उत्तर देखें
पहाड़ी दुर्ग व्यवस्था, अनुशासित अश्वसेना एवं शक्तिशाली पदाति वाहिनी
राज्याश्रय एवं धार्मिक नीति
उत्तर देखें
पाल: महायान-वज्रयान बौद्ध धर्म; प्रतिहार: कट्टर ब्राह्मणीय (वैष्णव/शैव) धर्म
उत्तर देखें
उदार सर्वधर्म समभाव (शैव, वैष्णव एवं दिगंबर जैन धर्म को समान संरक्षण)
सामंती प्रभाव एवं पतन
उत्तर देखें
अत्यधिक सामंती विकेंद्रीकरण; कैवर्त विद्रोह व गजनवी के आक्रमण से पतन
उत्तर देखें
महामंडलेश्वरों की बढ़ती शक्ति, चोलों से निरंतर संघर्ष व कल्याणी चालुक्यों द्वारा उन्मूलन
कोई matching content नहीं मिला।