उत्तराखंड के वन और वन्यजीव

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उत्तराखंड के वन और वन्यजीव - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़

उत्तराखंड के वन, वनों के प्रकार, देवदार चीड़ बुरांश बांज भोजपत्र वन, वन क्षेत्र वितरण, वन्यजीव हिम तेंदुआ कस्तूरी मृग मोनाल हाथी बाघ, वन संरक्षण प्रशासन की जानकारी।

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💡 व्याख्या

उत्तराखंड के वन का परिचय

उत्तराखंड में 45 प्रतिशत क्षेत्र वनों से ढका है और 37999 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र है। ऊंचाई के अनुसार वन बदलते हैं। 300 से 1000 मीटर तक साल के वन मिलते हैं और भाबर तराई में साल के घने वन हैं। 1000 से 2000 मीटर तक चीड़ के वन मिलते हैं और अल्मोड़ा पिथौरागढ़ में चीड़ अधिक है। 1500 से 2500 मीटर तक बांज और बुरांश के वन मिलते हैं और नैनीताल में बांज अधिक है। 2500 से 3500 मीटर तक देवदार के वन मिलते हैं और उत्तरकाशी चमोली में देवदार अधिक है। 3000 से 4000 मीटर तक भोजपत्र के वन मिलते हैं।

वनों के प्रकार और देवदार चीड़ वन

उत्तराखंड में उष्णकटिबंधीय, समशीतोष्ण और अल्पाइन वन मिलते हैं। उष्णकटिबंधीय वन 300 से 1000 मीटर तक साल, सागौन, खैर, शीशम के हैं। समशीतोष्ण वन 1000 से 3000 मीटर तक चीड़, बांज, बुरांश, देवदार के हैं। अल्पाइन वन 3000 मीटर से ऊपर भोजपत्र और घास के हैं। देवदार 2500 से 3500 मीटर तक मिलता है और उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ में अधिक है। देवदार की लकड़ी सुगंधित और मजबूत होती है। चीड़ 1000 से 2000 मीटर तक मिलता है और राल के लिए प्रसिद्ध है। चीड़ की लकड़ी से फर्नीचर बनता है।

बुरांश, बांज, भोजपत्र और वन वितरण

बुरांश 2000 से 3000 मीटर तक मिलता है और उत्तराखंड का राज्य वृक्ष है। बुरांश का फूल लाल होता है और चटनी बनती है। बांज 1500 से 2500 मीटर तक मिलता है और ओक भी कहा जाता है। बांज की लकड़ी जलाने के काम आती है। भोजपत्र 3000 से 4000 मीटर तक मिलता है और गंगोत्री में अधिक है। भोजपत्र पर प्राचीन ग्रंथ लिखे जाते थे। वन क्षेत्र सबसे अधिक उत्तरकाशी और चमोली में है। सबसे कम वन हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में है। वन विभाग 01 नवंबर 2000 को बना।

परीक्षोपयोगी तथ्य: कुल वन 45 प्रतिशत 37999 वर्ग किमी, साल 300 से 1000 मी भाबर तराई, चीड़ 1000 से 2000 मी राल, बांज 1500 से 2500 मी ओक, बुरांश 2000 से 3000 मी राज्य वृक्ष लाल फूल, देवदार 2500 से 3500 मी उत्तरकाशी चमोली सुगंधित लकड़ी, भोजपत्र 3000 से 4000 मी गंगोत्री ग्रंथ, अधिक वन उत्तरकाशी चमोली, कम वन हरिद्वार ऊधमसिंह नगर, वन्यजीव हिम तेंदुआ राज्य पशु, कस्तूरी मृग कस्तूरी, मोनाल राज्य पक्षी, हाथी राजाजी कॉर्बेट, बाघ कॉर्बेट, संरक्षण चिपको 1973 गौरा देवी सुंदरलाल बहुगुणा।

वन्यजीव संपदा और संरक्षण

उत्तराखंड में वन्यजीव संपदा समृद्ध है। हिम तेंदुआ 3000 मीटर से ऊपर मिलता है और राज्य पशु है। हिम तेंदुआ उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ में मिलता है। कस्तूरी मृग 2500 से 4000 मीटर तक मिलता है और कस्तूरी के लिए प्रसिद्ध है। कस्तूरी मृग केदारनाथ और गंगोत्री में मिलता है। हिमालयी मोनाल 2000 से 4000 मीटर तक मिलता है और राज्य पक्षी है। मोनाल का रंग नीला हरा होता है। एशियाई हाथी तराई और दून में मिलता है और राजाजी और कॉर्बेट में अधिक है। बाघ कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान में मिलता है और 1936 में बना पहला राष्ट्रीय उद्यान है।

वन संरक्षण और वन प्रशासन

वन संरक्षण के लिए चिपको आंदोलन 1973 में हुआ था और गौरा देवी और सुंदरलाल बहुगुणा ने नेतृत्व किया था। चिपको आंदोलन चमोली के रैणी गांव से शुरू हुआ था। वन संरक्षण के लिए 6 राष्ट्रीय उद्यान, 7 वन्यजीव विहार और 1 बायोस्फीयर रिजर्व है। नंदा देवी बायोस्फीयर 1988 में बना। वन प्रशासन के लिए वन विभाग है और प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रमुख है। वन पंचायत 1921 में बनी और उत्तराखंड में 12000 से अधिक वन पंचायत हैं। वन पंचायत वनों की रक्षा करती है।

विषयविवरण
कुल वन क्षेत्र45 प्रतिशत 37999 वर्ग किमी अधिक उत्तरकाशी चमोली कम हरिद्वार ऊधमसिंह नगर
साल वन300 से 1000 मी भाबर तराई उष्णकटिबंधीय मजबूत लकड़ी दरवाजे फर्नीचर
चीड़ वन1000 से 2000 मी समशीतोष्ण राल फर्नीचर अल्मोड़ा पिथौरागढ़ अधिक
बांज वन1500 से 2500 मी ओक जलाऊ लकड़ी चारा नैनीताल अधिक बांज बुरांश साथ
बुरांश2000 से 3000 मी राज्य वृक्ष लाल फूल चटनी जूस औषधि चमोली नैनीताल
देवदार2500 से 3500 मी सुगंधित मजबूत लकड़ी मंदिर फर्नीचर उत्तरकाशी चमोली पिथौरागढ़
भोजपत्र3000 से 4000 मी गंगोत्री यमुनोत्री प्राचीन ग्रंथ लिखे जाते थे सफेद छाल
हिम तेंदुआ3000 मी ऊपर राज्य पशु उत्तरकाशी चमोली पिथौरागढ़ हिमालयी क्षेत्र संरक्षित
कस्तूरी मृग2500 से 4000 मी कस्तूरी केदारनाथ गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान संरक्षित औषधि
हिमालयी मोनाल2000 से 4000 मी राज्य पक्षी नीला हरा रंग केदारनाथ फूलों की घाटी
एशियाई हाथीतराई दून राजाजी कॉर्बेट 300 से 1000 मी घास वन हाथी गलियारा
बाघकॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान 1936 पहला उद्यान 520 वर्ग किमी बाघ परियोजना 1973
वन संरक्षणचिपको 1973 रैणी चमोली गौरा देवी सुंदरलाल बहुगुणा 6 उद्यान 7 विहार 1 बायोस्फीयर
वन प्रशासनवन विभाग 01 नवंबर 2000 प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन पंचायत 1921 12000 से अधिक पंचायत