उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति, सीमाएं और प्रशासनिक विभाजन

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उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति, सीमाएं और प्रशासनिक विभाजन - ऑनलाइन प्रैक्टिस क्विज़

उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति, क्षेत्रफल, अंतरराष्ट्रीय सीमाएं, नेपाल चीन सीमा, अक्षांश देशांतर, कुमाऊं गढ़वाल मंडल और 13 जिलों की सम्पूर्ण जानकारी।

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💡 व्याख्या

उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति और क्षेत्रफल

उत्तराखंड भारत के उत्तर में स्थित एक पर्वतीय राज्य है। इसका गठन 09 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग होकर हुआ था। यह भारत का 27वां राज्य बना था। उत्तराखंड का कुल क्षेत्रफल 53483 वर्ग किलोमीटर है जो भारत के कुल क्षेत्रफल का 1.69 प्रतिशत है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह भारत का 19वां सबसे बड़ा राज्य है। उत्तराखंड उत्तर में हिमालय की गोद में स्थित है और दक्षिण में गंगा के मैदानी क्षेत्रों तक फैला हुआ है। राज्य की भौगोलिक स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दो देशों के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है।

अक्षांश देशांतर स्थिति

उत्तराखंड 28 डिग्री 43 मिनट से 31 डिग्री 27 मिनट उत्तरी अक्षांश और 77 डिग्री 34 मिनट से 81 डिग्री 02 मिनट पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है। राज्य की उत्तर से दक्षिण लंबाई लगभग 310 किलोमीटर और पूर्व से पश्चिम चौड़ाई लगभग 320 किलोमीटर है। राज्य का अधिकांश भाग पर्वतीय है और यहां हिमालय की कई ऊंची चोटियां स्थित हैं। राज्य की औसत ऊंचाई समुद्र तल से 1500 मीटर से अधिक है।

अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय सीमाएं

उत्तराखंड की अंतरराष्ट्रीय सीमाएं उत्तर में चीन और तिब्बत तथा पूर्व में नेपाल के साथ लगती हैं। उत्तराखंड की नेपाल के साथ लगभग 275 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है जो पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिलों से लगती है। चीन और तिब्बत के साथ लगभग 350 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है जो उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों से लगती है। अंतरराज्यीय सीमाओं में पश्चिम में हिमाचल प्रदेश और दक्षिण में उत्तर प्रदेश के साथ सीमा लगती है। हिमाचल प्रदेश के साथ टोंस और यमुना नदियां प्राकृतिक सीमा बनाती हैं।

परीक्षोपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य:
• उत्तराखंड का क्षेत्रफल 53483 वर्ग किलोमीटर है और यह भारत का 27वां राज्य है।
• उत्तराखंड 28 डिग्री 43 मिनट से 31 डिग्री 27 मिनट उत्तरी अक्षांश के बीच स्थित है।
• नेपाल के साथ 275 किलोमीटर और चीन तिब्बत के साथ 350 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा है।
• उत्तराखंड में 02 मंडल और 13 जिले हैं।
• सीमावर्ती जिले पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी, चंपावत और ऊधमसिंह नगर हैं।
• हिमाचल प्रदेश के साथ टोंस नदी प्राकृतिक सीमा बनाती है।

कुमाऊं और गढ़वाल मंडल तथा 13 जिले

उत्तराखंड में प्रशासनिक सुविधा के लिए 02 मंडल बनाए गए हैं। कुमाऊं मंडल और गढ़वाल मंडल। कुमाऊं मंडल में 06 जिले हैं अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर। गढ़वाल मंडल में 07 जिले हैं चमोली, देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी। कुमाऊं मंडल का मुख्यालय नैनीताल में और गढ़वाल मंडल का मुख्यालय पौड़ी में स्थित है।

सीमावर्ती जिले और प्रशासनिक स्थिति

उत्तराखंड के सीमावर्ती जिलों में पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी चीन तिब्बत सीमा से लगे हैं। पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर नेपाल सीमा से लगे हैं। पिथौरागढ़ को सीमांत जिला कहा जाता है क्योंकि यह नेपाल और चीन दोनों देशों के साथ सीमा साझा करता है। राज्य की राजधानी देहरादून है और ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण है। उच्च न्यायालय नैनीताल में स्थित है। राज्य में लोकसभा की 05 और राज्यसभा की 03 सीटें हैं। विधानसभा में 70 सीटें हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य / विषयविवरण
कुल क्षेत्रफल53483 वर्ग किलोमीटर, भारत का 1.69 प्रतिशत
अक्षांश स्थिति28 डिग्री 43 मिनट से 31 डिग्री 27 मिनट उत्तरी अक्षांश
देशांतर स्थिति77 डिग्री 34 मिनट से 81 डिग्री 02 मिनट पूर्वी देशांतर
नेपाल सीमा275 किलोमीटर, पिथौरागढ़, चंपावत, ऊधमसिंह नगर
चीन तिब्बत सीमा350 किलोमीटर, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़
हिमाचल प्रदेश सीमापश्चिम में, टोंस नदी प्राकृतिक सीमा
उत्तर प्रदेश सीमादक्षिण में, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून
मंडल02 मंडल, कुमाऊं और गढ़वाल
कुल जिले13 जिले, गढ़वाल में 07 और कुमाऊं में 06
सीमांत जिलापिथौरागढ़, नेपाल और चीन दोनों से सीमा

उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति और सीमाएं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं। राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमाएं, अक्षांश देशांतर, क्षेत्रफल, मंडल और जिलों से संबंधित प्रश्न यूकेपीएससी, यूके ट्रिपलएससी और अन्य परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं। इसलिए इन तथ्यों का विस्तृत अध्ययन आवश्यक है।