उत्तराखंड में खेलकूद: प्रमुख खिलाड़ी, पर्वतारोहण, शीतकालीन खेल एवं खेल संस्थान
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उत्तराखंड के प्रमुख खेल, अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय खिलाड़ी, बचेंद्री पाल का पर्वतारोहण, फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी, एथलेटिक्स, शीतकालीन खेल औली तथा प्रमुख स्टेडियमों का संपूर्ण अध्ययन।
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💡 व्याख्या
उत्तराखंड में खेलकूद: ऐतिहासिक स्वरूप एवं वर्तमान परिदृश्य
देवभूमि उत्तराखंड ने साहसिक खेलों, पारंपरिक विधाओं तथा आधुनिक खेल प्रतियोगिताओं में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। यहाँ की विषम भौगोलिक परिस्थितियों, उच्च पर्वतीय ढलानों, स्वच्छ नदियों और कठिन जलवायु ने यहाँ के युवाओं में स्वाभाविक सहनशक्ति, शारीरिक सौष्ठव और खेल प्रतिभा का संचार किया है। राज्य गठन के उपरांत उत्तराखंड में खेल संस्कृति को नया आयाम देने हेतु राज्य खेल नीति लागू की गई तथा विभिन्न खेलों हेतु आधुनिक स्टेडियमों, खेल अकादमियों और प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार किया गया। राज्य सरकार द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राजकीय सेवाओं में आरक्षण और देवभूमि खेल रत्न पुरस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया जाता है।
साहसिक खेल, पर्वतारोहण एवं शीतकालीन खेल प्रतियोगिताएँ
उत्तराखंड को भारत में साहसिक खेलों और पर्वतारोहण की राजधानी माना जाता है। उत्तरकाशी में स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान देश का प्रमुख संस्थान है, जिसने बचेंद्री पाल जैसी विश्वविख्यात पर्वतारोही तैयार कीं। वर्ष उन्नीस सौ चौरासी में बचेंद्री पाल ने माउंट एवरेस्ट के शिखर पर तिरंगा फहराकर भारत की पहली और विश्व की पांचवीं महिला पर्वतारोही बनने का इतिहास रचा था। इसके अतिरिक्त चमोली जनपद के औली में उच्च हिमालयी ढलानों पर शीतकालीन खेलों, स्कीइंग प्रतियोगिताओं और स्नोबोर्डिंग का आयोजन अंतरराष्ट्रीय मानकों पर किया जाता है। भागीरथी, अलकनंदा और गंगा की तेज धाराओं में रिवर राफ्टिंग तथा कयाकिंग जैसे जलक्रीड़ा खेल देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
उत्तराखंड खेल जगत के प्रमुख परीक्षोपयोगी तथ्य
उत्तराखंड का राज्य खेल फुटबॉल घोषित है। निशानेबाजी में जसपाल राणा ने एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदकों की झड़ी लगाकर गोल्डन बॉय का उपनाम अर्जित किया। बैडमिंटन में अल्मोड़ा के लक्ष्य सेन ने विश्व चैंपियनशिप और ऑल इंग्लैंड ओपन में देश का गौरव बढ़ाया। एथलेटिक्स में मनीष रावत और सूरज पंवार ने वॉक रेस में ओलंपिक तक का सफर तय किया। क्रिकेट में ऋषभ पंत, मनीष पांडे और एकता बिष्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का नाम रोशन किया।
क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी एवं खेल अवस्थापना ढांचा
फुटबॉल उत्तराखंड का अत्यधिक लोकप्रिय खेल है, जहाँ त्रिलोक सिंह बसेड़ा को आयरन वॉल ऑफ इंडिया कहा गया और भूपेंद्र सिंह रावत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया। हॉकी के क्षेत्र में वंदना कटारिया ने टोक्यो ओलंपिक में हैट्रिक लगाकर इतिहास रचा। राज्य में खेलों के विकास हेतु देहरादून में राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज तथा हल्द्वानी में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर स्थापित हैं जो उभरते खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं।
| खिलाड़ी / खेल संस्थान | खेल विधा / प्रमुख उपलब्धि एवं स्थान |
|---|---|
| बचेंद्री पाल | माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली प्रथम भारतीय महिला पर्वतारोही |
| जसपाल राणा | निशानेबाजी, एशियाई खेलों में बहुस्वर्ण पदक विजेता |
| लक्ष्य सेन | बैडमिंटन, राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण पदक एवं विश्व चैंपियनशिप पदक |
| वंदना कटारिया | महिला हॉकी, ओलंपिक में हैट्रिक गोल करने वाली पहली भारतीय |
| एकता बिष्ट | महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, हैट्रिक लेने वाली पहली भारतीय स्पिनर |
| त्रिलोक सिंह बसेड़ा | फुटबॉल, भारतीय रक्षा पंक्ति के आयरन वॉल उपनाम से प्रसिद्ध |
| नेहरू पर्वतारोहण संस्थान | उत्तरकाशी जनपद में स्थित देश का शीर्ष पर्वतारोहण प्रशिक्षण केंद्र |
| राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम | रायपुर देहरादून में स्थित अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम |
| औली स्कीइंग रिसॉर्ट | चमोली जनपद में स्थित प्रमुख राष्ट्रीय शीतकालीन खेल केंद्र |